माँ की अधूरी इच्छा – Update 6 | Incest Sex Story

माँ की अधूरी इच्छा - Seductive Incest Sex Story
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ऐसे ही दिन गुज़रने लगे कभी अरुन से बात हो जाती कभी नही।
पर इन 5 दिनों में उसे ये एहसास हो गया की उसके मन में अरुन के लिए कुछ फ़ीलिंग चेंज तो हुए है पर वो क्या है उसे समझ नहीं आ रहा था।
और रमेश को उसकी उदासी से कोई मतलब नहीं था और उसे ये लगा भी नहीं की उसकी वाइफ के मन में क्या चल रहा है।
पर इन 5 दिनों मैं अरुन ने भी अपनी तरफ से एक भी कॉल नहीं किया सरला को।
जीस की बजह से सरला का मन भी ज्यादा उदास था की उसे ही फिकर या याद आ रही है अरुन की
पर अरुन को मेरी याद नहीं आ रही।
इसी उधेड़बुन में अरुन के आने का दिन भी आ गया

उस दिन सरला सुबह से उठ कर जल्दी २ घर का सारा काम किया और अरुन की सब फेवरेट डिशेस बनाई और उसके आने का इंतज़ार करने लगी जैसे किसी से कितने सालो बाद मिलेगी।
दरवाजा पे डोरबेल बजी सरला भाग कर गई गेट खोलने के लिये
दरवाजा खोला सामने अरुन खड़ा था।
दरवाजा से साइड हटकर अरुन को अंदर आने का रास्ता दिया अरुन अंदर आया।
सरला ने भी दरवाजा बंद किया और उसके पिछे २ वो आ गई।
और उस को देख कर रोने लगी।
सरला को भी समझ नहीं आया की वो रो क्यों रही है पर रोये जा रही थी
अरुण: माँ क्या हुआ आप रो क्यों रही हो।
सरला: सुबकते हुए कुछ नहीं बोळी

बोले भी तो क्या की मैंने तुझे मिस किया इस लिए रो रही हू।
अरुण; माँ बोलो भी क्या हुआ डैड ने कुछ कहा
सरला: एक दम से भाग कर अरुन के गले लग जाती है
अरुण: क्या हुआ माँ बताओ न डर लग रहा है।
माँ प्लीज बोलो।
सरला: अपने ऑंसू पोछते हुए और उससे अलग होती है और एक गाल पर तमाचा मारती है अरुन को।

अरुन शॉकड ये क्या था।माँ

सरला: ५ दिन हो गये तुझे गये हुए एक भी कॉल नहीं की ।
कॉल कर के ये भी नहीं पूछा की माँ कैसी हो मैं पहुच गया हूँ ।पर क्यों पूछेगा दोस्त साथ थे एन्जॉयमेंट हो रहा था ।माँ कौन है उसकी याद क्यों आयेगि।
सब मरद एक से होते है मन किया तो ये करो वो करो
और जब मन नहीं है तो कोई मतलब नाहि।

करुन समझ नहीं प् रहा था की ये क्या है
ओर सायद सरला का भी की उससे ये क्या ही रहा है
मैन अरुन की तुलना अपने पति से क्यों क्र रही हूण

ओ तो मेरा बेटा है
ओर चुप चाप अपने रूम मैं चलि जाती है

ईधार कुछ देर शॉकेड रहता है फिर उससे अपनी गलती का एहसास होता है उससे भी सुच मैं एक भी कॉल नहीं की

ओर सरला के रूम मैं जाता है

जहां सरला अब भी रो रही थी

अरुन सरला के पास उसके पैरों मैं बैठ जाता है और अपने सर को उसकी गोद में रख देता है।

आई ऍम सॉरी मोम
सरला कुछ नहीं बोलति क्यों की उसे भी समझ नहीं आ रहा था की उसने ऐसे रियेक्ट क्यों किया।
अरुण: आगे से कभी ऐसा नहीं होगा
प्रोमिस
सरला कुछ नहीं बोलती।

सरला को रोते हुए देख कर अरुन भी रोने लगता है

जब सरला अरुन को रोते हुए देखति है तो उस के सर पे प्यार से हाथ फेरती है और चुप कराती है।

अरुण: माँ सॉरी आगे से जब भी कहीं जाऊँगा आप को कॉल जरुर करूँगा।

सरला: मतलब मुस्कुराते हुए अब भी मुझे अकेला छोड़ कर जाएगा।

अरुण: कान पकड़ कर सॉरी नहीं जाऊंगा।
सरला: ओके चलो फ्रेश हो जाओ और नास्ता कर लो
अरुण: ओके मोम।
और थोड़ी देर बाद दोनों ब्रेकफास्ट फ़ास्ट टेबल पर
सरला: तो टूर कैसे था।
अरण: फ़स्ट क्लास माँ खूबसूरत मस्त था।
सरला: हां माँ नहीं थी ना।
अरुण: माँ ऐसा नहीं है।
सरला: चल कोई बात नहीं अब रोना सुरु मत करना।
अरुण: पहले आप रोये थे मैं नही।
सरला: खामोश हो जाती है।
उसे भी समझ नहीं आ रहा था की उसने ऐसे रियेक्ट क्यों किया।
और ब्रेकफास्ट करने के बाद अरुन सरला को अपने टूर की बातें बताने लगा।
और इसी तरह टाइम पास होने लगा ।
सरला और अरुन और क्लोज होने लगे कही भी जाना बाहर तो साथ जाना अकेले जाना तो एक दूसरे को कॉल करना ।
उन्दोनो में कुछ तो नया था जो सायद वो समझ नहीं पा रहे थे ।

कल से इतना पास आ गये की अरुन क्या पहन कर बाहर जायेगा ये सरला डीसाइड करती थी और जब दोनों साथ जाते थे तो सरला की साड़ी का कलर और डिज़ाइन अरुन सेलेक्ट करता था जिसे सरला बड़े मन से पहनती थी ।
कुछ दिनो बाद
अरून घर पर था और सरला के साथ टीवी देख रहा था।

तभी सरला बोली :अभी आई और बाथरूम चली गई।।

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