सरला: तो आप मुझे हनीमून पे जीन्स पहनायेंगे।
अरुण: सरला के कान में वैसे तो अधिकतर नंगी ही रहोगी पर जब बाहर जायेंगे तो पहन लेना।
सरला: शरमा कर अरुन के बाजु पे मुक्का मारती है
और दोनों मिल कर
सरला के लिए जिंस,शॉर्ट स्कर्ट,टी शर्ट , खरीदते है और शॉप से बहार आ जाते है।
सरला: और कुछ लेना है।
अरुण:नहीं अभी के लिए काफी है।
और वहां जा कर
सरला: वैसे हम जा कहाँ रहे है।
अरुण: वो सरप्राइज है।
सरला: पहले अपने पापा से बात की कीजिये।
अरुण: वो भी कर लेंगे
और दोनों घर आ जाते है।
सरला घर आ कर रमेश के लिए खाना बनाने लगती है और दोनों रमेश का वेट करते है।
रमेश के आने के बाद
दोनों डायनिंग टेबल पे।
रमेश: तुम्हारा दोस्त कैसे है ।
अरुण: कौन सा दोस्त।
रमेष : वही जिस का एक्सीडेंट हुआ था।
अरुण: हाँ वो अब ठीक है।
रमेश: ओके
अरुण; पापा मुझे आप से कुछ बात करनी है।
रमेश: हाँ बोलो।
अरुण: वो सरला की ओर देखते है
तभी सरला अरुन को कुछ नहीं बोल्ने का इशारा करती है और उठ कर किचन में चलि जाती है और वहां से अरुन को आवाज़ देती है।
सरला: अरुन जरा किचन में आना।
अरुण: आया माँ और उठ कर किचन में जाता है।
क्या हुआ क्यों बुलाई।
सरला: उनसे कुछ मत पुछो ।
अरुण; क्या नहीं पुछु।
सरला: शादी की
अरुण: क्यु
सरला:अभी नहीं बाद में बात करेंगे।
रात में
अरुण: पर क्या
सरल: रात को बताऊँगी।
अभी बाहर चलो
और बाहर आ जाती है
डिनर करने के बाद।
रमेश: मैं काफी थक गया हु सोने जा रहा हू।।
सरला: हाँ आप जाओ ।
रमेश के जाने के बाद।
अरुण: क्यों रोका मुझे
सरला: कुछ सोच कर
आज जब तुम कॉलेज गये थे ।
और मैं अकेली थी तो उस टाइम मैंने अपने और तुम्हारे रिश्ते के बारे में सोचा और डीसाइड किया की हमें शादी नहीं करनी चहिये।
अरुण: क्यों माँ क्या हुआ मुझ से कोई गलती हो गई है मैंने कॉलेज से आप को कॉल नहीं किया इसलिए नाराज़ हो
सरला: ऐसा कुछ नहीं है अरुण।
दरअसल शायद मैं अपनी ख़ुशी के लिए तुम्हारी ख़ुशी से खिलवाड़ कर रही हू।
अरुण: ऐसा नहीं है।
सरला: मेरी बात पूरी होने दो।
अगर हम शादी करते है तो क्या तुम दूसरी शादी कर सकते हो और तुम्हारी उम्र क्या है।
मै अपने सपने और इच्छा पूरी करने के लिए तुम्हारी ज़िन्दगी से नहीं खेल सकती ।
अरुण: पर माँ मुझे कोई प्रॉब्लम नहीं है।
सरला; मुझे पता है तुम्हे कोई प्रॉब्लम नहीं है पर मुझे है
मै अभी से तुम्हे बंधन में नहीं बाँध सकती।
अरुण: मोम।

