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उसके मुँह से सिसकी निकल जाती है।सरला: अरुन हो गया बस।
अरुण: अभी नहीं माँ और उसे मसल२ कर धोता रहता है।ऐसा करने से सरला गरम होने लगती है।
वैसे भी २ बार अरुन का पानी निकलने के बाद और पिछले ४ दिन से अरुन का लंड बार बार देखने से वो पहले ही गरम हो रखी थी।
सरला: अरुन प्लीस ऐसे मत करो मैं बरदास्त नहीं कर पाऊँगी।
अरुण: कोई बात नहीं बरदास्त नहीं कर पाओगी तो मैं हु ना।
सरला: मुझे पता है पर मैं वो सब ट्रैन में नहीं अपने हनीमून पे अपने आप को तुम्हे सौपना चाहती हू।
अरुण: अरे माँ आप को ठण्डा करने के और भी तरीके है जैस मास्टरबैशन यानि हस्तमैथुन और सकिंग यानि चुसने।
सरला: : मतलब।

अरुण: मतलब जैसे आप ने मेरी दो बार दो तरीके से प्यास बुझाई उस्सी तरह मैं आप को दोनों तरीके से झरा सकता हुँ।
सरला: मतलब तू मेरी चुत में ऊँगली करेगा नहीं तो चुसेगा।
अरुण: जिस तरह से आप कहें।
सरला: नहीं नहीं वो गन्दी जगह है वहाँ से पिसाब आता है मेरे पीरियड्स का गन्दा खून निकलता है।
अरुण; मेरे में से भी पेसाब निकलता है और आप ने मुह में लिया।
चलो अब ज्यादा ड्रामा मत करो और बताओ कैसे ठण्डा करूँ अपनी जान को।
सरला: और सरला शरमा जाती है ।
धीरे से जैसे तेरी मर्ज़ि।
इतना बोलते ही अरुन सरला को अपनी बाँहों में उठाता है।
सरला: छोड़ गिर जाऊँगी।
अरुण: जान अपने पति की बाँहों में हो।
और उसे ले जाकर सीट पर बिठा देता है।
और खुद निचे फर्श पर बैठ जाता है।
और गौर से सरला के चुत को एकटक देखने लगता है।
सरला: सरला शरमाते हुए अपनी दोनों टांगो को भीचने की कोशिश करती है।पर अरुन दोनों टाँगो को पकड़ कर अपने काँधे पर रख लेता है अब सरला के चुत अरुन के मुह से मुस्किल से ६ इंच की दूरी पे थी।
और घूरता रहता है।
सरला: ऐसे मत देख न मुझे ।
अरुण: मैं आप को नहीं आप की चुत को देख रहा हू।
सरला: वो भी मेरी ही है
अरुण: अब से मेरी है और सिर्फ मेरी।
सरला: अच्छा बाबा तेरी है पर ऐसे क्या देख रहा है।
अरुण: माँ मैं ये सोच रहा हूँ की जब बच्चा पैदा होता है तो कम से कम उसकी लम्बाई १० से १२ इंच होती है और चौड़ी ६ इंच फिर इस छोटी सी जगह से कैसे निकलता है।
सरला: अरुन देखते हुए।
कई बार मैं भी सोचती हूँ ।
पर शायद इसे ही क़ुदरत का करिश्मा कहते है।
अरुण: हाँ पर माँ एक बात बोलू ।
सरला: हाँ
अरुण:कितनी प्यारी है एक किस ले लु।
सरला: मुझे नहीं पता।
अरुण: एक बात और पुछु।
सरला: अब क्या हुआ।
अरुण: माँ आप यहाँ पर ये बाल इतने बड़े ही रखती हो।
सरला; कभी ध्यान ही नहीं दिया।
अरुण: क्यों ।
सरला: तेरे पापा को इससे मतलब नहीं न इसलिए जब मन करता है साफ़ कर लेती हूँ नहीं तो छोड़ देति हू।
तूझे कैसे पसंद है।
अरुण: त्रिम (कटा हुआ)
सरला: मतलब ।
अरुण:ये बात बाद में अब मुझ से बरदास्त नहीं हो रहा
और सरला की चुत पे एक किस कर देता है।
सरला के मुह से सिसकी निकल जाती है।
अरुण: कैसे लगा माँ।
सरला: बहुत अच्छा।
अरुण: आगे आगे देखो होता है क्या
और उस की पूरी चुत पर निचे से उपर तक जीभ फेर देता है।

सरला सिसक पड़ती है और अरुन अपने दोनों हाथ से सरला की चुत की फांकों को खोलता है और सरला के बुर की पत्तियो को जीभ से छेडता है।
और फिर उसको दाँतो से दबा कर काटने लगता है।
सरला पागल हो जाती है और अपने दोनों हाथों से अरुन का सर पकड़ कर अपनी चुत में भीच लेती है।
और सिसकियां लेती रहती है ।
और अरुन उसके बुर की पुतियो को चुसता रहता है
फिर थोड़ी देर बाद उसके चुत में जीभ घुसा देता हे
सरला पागल जो जाती है।
और अचानक सरल बोलती है।
चोद अपनी माँ की चुत अपनी जीभ से मुझे तो पता ही नहीं था की जीभ से भी इतना मजा आता है।
और अपने हाथों से अपने बूब्स मसलने लगती है।
और अरुन उसकी चुत को अपनी जीभ से और तेज तेज चोदने लगता है।
सरला -आ आआ ह्ह्हह्ह्ह्ह अरुन और अचानक मेरे राजा
मेरा आने वाला है।
और सरला का शरीर ऐठने लगता है और वो अरुन के मुह में झर जाती है।
अरून सरला का सारा पानी पी जाता है और सरला निढाल हो कर पड़ जाती है।अरून उसके बगल में आ कर बैठ जाता है और उसे बाँहों में भर लेता है।
अरुण: कैसे लगा माँ।
सरला: बहुत अच्छा मुझे तो पता ही नहीं था की बिना चूदे भी ऐसा मजा आता है।
और दोनों एक दूसरे को बाँहों में लेकर लेट जाते है।

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