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१ २ ३ ४ ५। पिचकारी एक साथ जो सीधे सरला के गले में टकरातीं हैं। और सरला उसे अपने गले में लेकर पी जाती है।
और अरुन पानी निकलने के बाद एकदम निढाल हो जाता है।

सरला अपनी जीभ से अरुन के लंड को चाट कर साफ़ करती है। और उठ कर अरुन को अपने सिने से लगा लेती है ।

सरला: अरुन क्या हुआ बेटे आराम मिला।
अरुण: हाँ माँ बहुत
सरला: मैंने ठीक से चूसा न या कोई कमी रह गई।
अगर कोई कमी हो तो बता देना अगली बार वो कमी भी पूरी कर दुँगी।
अरुण: कोई कमी नहीं थी माँ आप ने ज़बर्दस्त तरीके से चूसा मेरे लंड को मजा आ गया।
और सरला अरुन को सिने से लगये उस के लंड पर प्यार से हाथ फेरती है और मन ही मन सोचती है
जब ये पूरा मेरे मुह में नहीं गया आधे में ही साँस लेने दिककत हो रही थी तो मेरी चुत में कैसे पूरा जायेगा बेचारे पापा का तो इसके आधा भी नहीं है।

और सरला सोचते सोचते अरुन को बाँहों में ले कर वही उसके साथ सीट पर सो जाती है।

दोनो ऐसे ही सो जाते है।

सूबह सरला की आँख खुलती है
ओर वो अपने आप को अरुण की बाँहों में देखती है।
और रात वाली सारी बात याद आ जाती है और सोच कर मुस्करा देति है।

ओ उठके बैठती है तो उसकी नज़र अरुन के लंड पे जाती है जीसमें हल्का सा कड़कपन था।

सरला उसे हाथ में पकड़ती है सरला का हाथ लगने से अरुन के लंड में झटका लगता है।
सरला डर कर छोड़ देति है
और फिर दोबारा पकड़ती है और झुक कर उस पर किस करने लगती है।
मन में सोचते हुए कितना प्यार लंड है मेरे बेटे का जब मेरे अंदर जायेगा कितनी खलबलि और बर्बादी मचायेगा ।
तभी अरुन की आँख खुल जाती है और अपनी माँ को लंड चुसते हुए देखता है।
अरुण: मोम।
सरला उसकी आवाज़ सुन कर शरमा जाती है और लंड छोड़ कर अरुन को देखती है।
अरुण: बाथरूम जाना है
सरला: हाँ जाओ।
अरुण: ऐसे ही नंगा उठ कर बाथरूम जाने लगता है।
सरला भी पीछे २ अरुन के साथ बाथरूम में आ जाती है।
अरुण: क्या हुआ मा।
सरला: कुछ नहीं मुझे मेरे बेटे को मुतत्ते हुए देखना है।
अरुण: पर मैं।
सरला: अरुन को खामोश होने का इशारा करती है और मुतने के लिए बोलति है।
अरुण मुतने लगता है।
सरला आगे आ कर उसके लंड को पकड कर गोल गोल घुमाने लगती है ऐसा करने से सामने दिवार पर डिज़ाइन बनने लगती है जिसे देख कर सरला को हँसी आती है और जब तब अरुन का मुतना बंद नहीं होता वो ऐसे ही करती रहती है।
जब अरुन का प्रेशर ख़तम हो जाता है तो सरला उसके लंड को हलके २ झटका देने लगती है
जीससे उसमे बची हुए लास्ट की बुँदे भी निचुड़ गई।

इसके बाद सरला अरुन के लंड को पानी से धोती है
और अरुन को बाहर जाने के लिए बोलती है।
सरला: अरुन थोड़ी देर बाहर जाओ।
अरुण: क्यों
सरला: मुझे भी पेशाब जाना है।
अरुण: तो कर लो जैसे मैंने आप के सामने किया।
सरला; नहीं मुझे शरम आती है।
अरुण: क्यों जान अब मुझ से क्या शरमाना।
सरला: हाँ हाँ क्यों शरमाना जैसे रोज़ तेरे सामने मुतती हू।
अरुण: कोई बात नहीं आज से सुरु कर लेते है।
सरला: प्लीस अरुन बहार जाओ ना।
अरुण: नहीं जाऊंगा और आप अगर ज़िद करोगे तो आज के बाद मैं भी आप के सामने नहीं मुतुंगा।
सरला: ओह हो अरुन प्लीस मान जाओ ।
अरुण: नहीं नहीं नही।
सरला: नहीं मनोगे।
अरुण: नहीइइइइइइ
सरला: ओके और अपनी पेंटी उतार कर मुतने के लिए बैठने लगती है।
अरुण: सरला का हाथ पकड़ कर ऐसे नही।
सरला: मतलब ।
अरुण: जैसे मैं कहूँ।
सरला: अरे पागल लड़के ऐसे मुतत्ते है पर लड़कियां बैठ कर मुतती है।
अरुण: कोई नहीं आप रोज वैसे करती हो आज मेरे कहने के हिसाब से करो।
सरला: प्लीस
अरुण: जल्दी करो नहीं तो निकल जाएगी।
सरला: कोशिश करती है पर बाथरूम नहीं आती।
और परशान होने लगती है।
अरुण: क्या हुआ माँ
सरला: पिसाब नहीं आ रहा शायद खड़े हो कर करने की आदत नहीं है ना।
अरुण: कोई बात नहीं जैसे कल लंड सक करना सिखाया वैसे आज खड़े हो कर मुतना सिखा दूंगा
और मुह से आवाज़ निकलने लगता है जैसे हम बच्चो को बाथरूम करबाते है।
स स्स्स्सस्स्स्सस्। सी स्स्स्सस्स्स्सस। स स्स्स्सस्स्स्सस
सरला को अरुन की हरकत पर हसी आ जाती है
और वो भी कोशिश करती है।
और सिटी की आवाज़ करते हुए मुतने लगती है ।
अरुण: मम्मी सिटी क्यों बजा रही हो।
सरला: चुप बेशरम ।
अरुण: बोलो न सिटी क्यों बजा रही हो।
सरला: जब लड़कियों को बहुत अचानक बाथरूम आ रहा होता है तो प्रेशर की बजह से सिटी बज जाती है।
अरुण: अच्छा अच्छा।
और सरला को मुतते हुए देखने लगता है ।
जब सरला मूत लेती है तो अरुण।
अरुण: माँ अपनी पेंटी पैरो से निकालो ।
सरला: क्यों ।
अरुण: देखो कैसे आप के पैर बाथरूम की बजह से ख़राब हो गये इन को पानी से धोना पडेगा।
सरला: अरुन की बात सुन कर पेंटी उतार कर साइड में रख देती है।
और अरुन हैंड शावर से सरला की चुत को हाथ से मसल मसल कर धोने लगता है।
सरला को उम्मीद नहीं थी की अरुन उसकी चुत पे हाथ रख देगा और उसके मु

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