माँ की अधूरी इच्छा – Update 45 | Incest Sex Story

माँ की अधूरी इच्छा - Seductive Incest Sex Story
Reading Mode

नीतु की माँ बहुत सूंदर लग रही है।
सरला: थैंक यु बेटा।
रमेश; ये क्या पहना है।
सरला: क्यों क्या हुआ ड्रेस है लेटेस्ट डिज़ाइन ।
रमेश:तुम्हारा दिमाग ख़राब हो गया है ।
सरला कुछ नहीं बोलती।क्यूं की वो अपने अरुन के लिए तैयार हुई थी और अरुन खुश था तो वो भी।
सरला और अरुन साथ खड़े थे बरमाला पड़ रही थी।
अरुण; हम भी शादी कर ले।
सरला: क्यु।
अरुण: मन कर रहा है
सरला कुछ नहीं बोलती।

बरमाला होने के बाद सब खाना खाते है ।

अरुन एक प्लेट लगा कर लाता है और सरला उसी में उसके साथ खाती है ।
नीतु और रवि साथ में होते है
नीतु अरुन घर कब आ रहा है ।
अरुण: जब कोई बुलाये ।
नीतु: अभी चल।
अरुण: अभी नहीं फिर कभी।
और बात करते करते नीतू और रवि चले जाते है
अरुन सरला से
पैकिंग स्टार्ट करो।
किसकी
अरुण: सामान की हम अभी एक घंटे में निकल रहे है।
सरला: अचानक।
अरुण: जान आप की ही फरमाईश थी मेरे साथ अकेले जाना है।
सरला: हाँ पर अभी क्या बोलोगे ।
अरुण: मुझ पर बिश्वास नहीं।
सरला: अपनी जान से ज्यादा।
और रमेश के पास जाता है ।
सरला दुर खड़े हो कर दोनों को देखती है ।
थोड़ी देर बाद रमेश सरला के पास आते हुए।

रमेश: सरला अरुन अभी घर के लिए निकल रहा है ।
सरला अन्जान बनते हुए ।
क्यूं क्या हुआ
रमेश: बेचारे के दोस्त का एक्सीडेंट हो गया है हालत काफी सीरियस है इसे जाना पडेगा।
सरला: अभी शादी छोड कर।
रमेश: उसे नहीं तुम्हे भी।
सरला: एक्टिंग करते हुए मैं कैसे जा सकती हुँ।
रमेश : देखो मैं रुक जाता हु तुम चलि जाओ बेचारे के साथ ।
सरला: ओके जैसे आप चाहें।
पर अभी किसी को मत बताना नहीं तो मुझे जाने नहीं देंगे।और फटाफट अरुन के साथ बैंक्केट हॉल से निकल जाती है।जब घर पहुचते है।कोई नहीं होता ।
निचे एक २ बुजुर्ग बैठे थे
दोनो जल्दी से उपर जाते है।
सरला बैग पैकिंग करने की कोशिश करती है ।
अरुण: जान सब रेडी है बस आप चेंज कर लो और चलो।
सरला: ये कब किया।
अरुण: जब मेरी जान ब्यूटी पार्लर मैं तैयार हो रही थी।
और मैं जाने की तैयारी कर रहा था
सरला: अरुन के गले लग जाती है।
अरुण: बस बस अभी निकलो यहाँ से।
और दोनों रोड पर आते है।
सरला: अभी टैक्सी कहाँ मिलेगी।
अरुण: जान आप के लिए कैब हाज़िर है
तभी कैब आ जाती है ।दोनो उस मैं बैठ जाते है।
सरला : ये कब बुलाई।
अरुण: जब मैं और पापा बात कर रहे थे।
सरला: स्मार्ट
अरुण: आप के साथ रह के हो गया हूँ।
थोड़ी देर में स्टेशन आ जाता है।
सरला: अब टिस्कट्स।
अरुण: मोबाइल ने एक मैसेज दीखाता है।
सरला; ये कब बुक की।
अरुण; कल रात को जब बैंक्वेट हॉल में बैठा था।।
सरला की ऑंखों में ऑंसू आ जाते है।
अरुण: ये क्या माँ ।
सरला: ये ख़ुशी के आँस्सू है ।
किस तरह तुम मेरी हर इच्छा पूरी कर रहे हो।
कल बोला आज कर दिया थोड़ी देर में ट्रैन आ जाती है
और दोनों चढ जाते है ।
वही १ स्ट क्लास ए सी कोच।
अंदर सामान रखने के बाद ।
अरुण : सॉरी मोम
सरला: क्यों
अरुण: माँ राजधानी का टिकट नहीं मिला ये ८ घंटे लेट पहुचेगि।
सरला: अरुन को गले लगाते हुए ।
तूम मेरे साथ हो न मेरे लिए ये ही काफी है।
मै तुम से अकेले साथ जाने के लिए बोली था न की राजधानी की बजह से।
और दोनों सीट पर बैठ जाते है।
और एक दूसरे को देखते है।

Please complete the required fields.




Comments

Leave a Reply