माँ की अधूरी इच्छा – Update 44 | Incest Sex Story

माँ की अधूरी इच्छा - Seductive Incest Sex Story
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अरुण: चुप हो गया उसे भी पता था इस वजह से वो अभी तक अपनी प्यार माँ की चुत नहीं देख पाया था।।
सरला: बोल गलत बोल रही हूँ या सही।
अरुण: आप कभी गलत हो सकते हो क्या।
सरला: बता न कौन से पेंटी और ब्रा पहनु।
अरुण: कल बताऊँगा।
सरला: ओके जान
अरुण: माँ मेरा लुंड चुसोगी न।
सरला: अरुन सच में मैंने आज तक तेरे पापा का नहीं चुसा ।इसलिए मुझे पता नहीं कैसे करते है।
अरुण: मैं सिखाउंगा न फिर।
सरला हाँ में सर हिला देती है।
अरुण: बुरा तो नहीं लगेगा।
सरला: क्यु।
अरुण: कुछ औरतों को चुसने में घिन आती है क्यों की पेशाब करने की जगह है।
सरला: मुझे मेरे बेटे के किसी भी हिस्से से घिन नहीं आती जो वो चाहेगा वैसे ही करुँगी तेरे लिये।
और कुछ बोलने वाला होता है की सोनिया सरला को आवाज़ देती है और सरला उठके चलि जाती है।
और अरुन बाहर चला जाता है।

बाकी दिन ऐसे ही निकल गया सब बिजी थे क्यों की कल बारात आनी थी।रात को सोने के टाइम
सारे निचे बैठे थे और सोने की तयारी कर रहे थे ।
जीसकी जहाँ जगह मिले सोने लगा।।
११ बज चुके थे पर अरुन अभी घर नहीं आया था
बेनकेट हाल में हलवाई लगा था और घर के सभी बड़े वही थे।
अरून भी सोनु के साथ काफी बिजी था।
पर सरला क्या करे अब उसका मन तो अरुन के बिना एक पल भी कहीं नहीं लग रहा था।
काफी देर वेट करने के बाद भी जब अरुन नहीं आया तो सरला ने उसे मैसेज किया वो जानती थी की अगर वो फ्री होता तो उसके पास जरुर आ जाता।
” कहाँ हो मेरी जान ”
थोड़ी देर बाद।

अरुण:बेंनकेट हॉल में।
सरला: क्या कर रहे हो मेरी जान।
अरुण : कुछ नहीं जबरदस्ती बैठा रखा है
सरला: तो अपनी मां के पास जल्दी से आ जाओ।
अरुण: पापा आने नहीं दे रहे।
कह रहे है यहीं सो जा।
सरला; आजा राजा अपनी जान के पास मुझे तेरे बिना अच्छा नहीं लग रहा ।
सरला: देखने का मन कर रहा है
अरुण: देखने का या कुछ और करने का।
सरला: जैसे की।
अरुण: मेरी इज़्ज़त लूटने का।
सरला: कर तो रहा है।
अरुण: कहीं ऐसा न हो मैं ही लूट लु।
सरला: एक ही बात है ।
अरुण: जानू
सरला; हाँ जान।
अरुण; कहीँ भाग चले।
सरला: क्यों
अरुण: और इंतज़ार नहीं होता।
सरला; बस कल की बात है जान फिर हमारे बीच कोई नहीं आएगा ।
अरुण: जान तुम्हारा छोटू परेसान कर रहा है।
सरला: तुम्हारी छोटी जान भी ।
अरुण: फिर
सरला: फिर सो जाओ कल बात करते है ।
गुड़ नाईट हब्बी
अरुण: गुड नाईट जानू।
और रात यु ही गुजर जाती है
अगली सुबह ,,,,,,,,,,,,
सब अपने अपने काम में बिजी होते है।
धीरे २ दिन गुजर जाता है।
शाम होती है
सब बारात की तैयारी करते है।
सरला अरुन के पास जान चेंज कर लो ।
पहले आप कर लो।
सरला: बोलो क्या पहनु।
अरुण: आज तो जी – स्ट्रिंग पहन लो
सरला: ओके जान और
अरुण : ड्रेस ले लो ब्यूटी पार्लर जाना है।
सरला: पर टाइम नहीं है।
अरुण: सब को छोडो ड्रेस उठाओ और चलो।
सरला अरुन के साथ चलि जाती है।
अरून उसे ब्यूटी पार्लर ले जाता है जहाँ वो तैयार होती है।और जब वो पार्टी में पहुचती है हर कोई उसे ही देख रहा होता है।

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