सरला: बस बस हो गया ,हो गया मेरी जान आराम से मेरे बेटे का हो गया। बस हो गया मा तेरे पास है मेरे राजा मैं संभाल लुंगी तुझे।बस बस चुप हो जा चुप हो जा आराम से साँस ले।और उसका सर फिर से अपने एक निप्पल पर लगा देती है।
कुछ देर निप्पल चुस्ने के बाद अरुन आँख खोलता है
सरला उसको देखती है अरून कुछ बोलता है ।
सरला: उसके होंठो पर अपनी ऊँगली रखती है ।
चुप चाप लेटे रहो कुछ मत बोलो और उसकी ऑंखों में देखती रहती है।।
और अपनी ब्रा से अरुन के लंड को साफ करती है
अरून अब भी चुप चाप सरला की गोद में लेटा था।
सरला: उसके अंडरवियर और पाजामे को उपर करती है और अरुन के सर पे हाथ फेरती है।
और उसकी ऑंखों में देखते हुए ।
सरला: अब ठीक है मेरी जान।
अरूज़: हाँ मा।
सरला: कैसे लगा
अरुण: बहुत बढ़िया। पर माँ आप की ब्रा गन्दी हो गई।
सरला; होने दे धूल जायेगी पर मेरे राजा को जो मजा आया ये उसके सामने कुछ भी नही।निचे चले।
अरुण: माँ थोड़ी देर और रुकते है।
सरला: क्या फायदा कोई जाग गया तो।
अरुण: मैं कुछ करुं आप के लिये।
सरला: अब मेरे सब कुछ तुझे ही करना है पर ये सही जगह और माहौल नहीं है
जब टाइम आएगा मैं तुझ से सब करबा लुंगी।
सरला करेगा ना
अरुण: हाँ माँ आप जो बोलोगी वो करुन्गा।
सरला: चल चलते है।
और उठ कर अपना कुर्ता पहनती है और ब्रा को हाथ में पकड़ लेती है और अरुन के होंठो को एक बार फिर किस करती है और फिर दोनों आराम से निचे आ कर अपनी अपनी जगह सो जाते है।।।।।।।।
निचे आ कर दोनों अपनी अपनी जगह सो गये।
अगली सुबह
सब कुछ नार्मल चल रहा था।
कल की शादी थी
और भी कुछ नए रिश्तेदार आ गये थे।
सबी अपने अपने बातों में बिजी थे।
पर सरला और अरुन अपने सपनो में खोये हुए थे।
कल रात के बाद से सरला अरुन की एकदम दीवानी हो गई थी
मैसेज पर सरला अरुन से।
सरला: कैसा है मेरा राजा।
अरुण: मस्त मोम
सरला: मुझे तुझ से बात करनी है।
अरुण: हाँ बोलो मोम
सरला: शादी के बाद मुझे तेरे पापा के साथ नहीं जाना।
जैसे हम आये थे वैसे ही जाएंगे।
अरुण: ओके माँ जैसे मेरी जान चाहे।
तभी नीतू आ गई।
और अरुन पढ़ाई कैसी चल रही है ।
अरुण: बढ़िया।
नीतू: कभी घर नहीं आता।
अरुण: तूमने बुलाया नहीं।
नीतू: भाई को बुलाने की ज़रूरत है।
अरुण: चल देखते है।
नीतु के जाने के बाद सरला
अरून से।
सरला: कल क्या पह्नु।
अरुण: नई वाली ड्रेस्स
सरला: वो तो मुझे पता है।
अरुण: फिर
सरला: तूने जो मुझे अन्डरगारर्मेन्ट्स का कलेक्शन दिलाया है उसकी बात कर रही हूँ।
अरुण: आप के पीरियड्स ख़तम हो गये ना
सरला: हाँ तुझे बड़ी चिंता रहती है मेरे पीरियड्स की
अरुण: मुझे आप की हर बात की चिंता रहती है।
सरला: जैसे की।
अरुण: बोलु
सरला: हाँ बोल ना।
अरुण: आप की चुत की
सरला: शरमाते हुए चल बदमाश।
अरुण: कैसे है मेरी जान
सरला: दिख नहीं रहा
अरुण: मैं आप की नहीं मेरी छोटी जान की बात कर रहा हू।
सरला: तू अब पिटेगा।
अरुण: क्या जमाना आ गया जब किसी का हाल चाल पुछो तो पीटने की बात करता है।।
सरला: चुप कर बदमाश ।
कोई सुन लेगा।
अरुण: तो बताओ कैसे है मेरी छोटी जान।
सरला: मस्त है।
अरुण: ५ दिन से बड़ी परेशान होगी न।
सरला: अरुन को देखते हुए।
अरुण: मैं इसी लिए पूछ रहा था क्यों की आप के पीरियड्स चल रहे थे और पांचो दिन आप ने उसके मुह पर व्हिस्पर से बंद कर दिया था साँस भी बड़ी मुस्किल से ले पर रही होगी।
सरला: बड़ी आया चिंता करने वाला।
जो वो मुझे परशान करती है वो।
अरुण: वो कैसे
सरला: इन ५ दिनों की बजह से मैं तेरा लंड नहीं ले पाई वो।
सरला एकदम खुलेपन पे आ गई।

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