सरला जोर से अरुन तुम निचे चलो मैं चेंज करके आती हू।
अरुण: ओके माँ और वही बेड पर बैठ जाता है।
सरला अरुन के पास जा कर
क्या पहनू मेरी जान ।
अरुण: पहले उतारो तो सही।
और सरला एक कदम पीछे हो कर अपनी साड़ी ब्लाउज और पेटीकोट उतार देति है और सिर्फ ब्रा और पेंटी में खड़ी हो जाती है ।
अरुण: ऊँगली से इशारा करते हुए इन्हे भी उतारो।
सरला: एक झटका से ब्रा उतार कर अरुन के मुह पर फ़ेक देति है और पेंटी की इलास्टिक में ऊँगली फेर कर उतारने की एक्टिंग करती है पर उतारती नहीं ।
अरुण: उतारो माँ क्या हुआ।
सरला: अरुन के पास जा कर।
अपना एक बूब्सअरुन के मुह में दे देती है और उसके
कान मैं धीरे से ये मेरी जान का सरप्राइज है हमारी सुहागरात के लिए तब तक उपर से काम चलाओ। जैसे
मैने तेरे लंड को हाथ में ले कर काम चला रही हूँ और उसके लंड को उसकी जीन्स के उपर से मसल देती है।
और उसको अपने बूब्स पर और कस कर भीच लेती है।
कुछ देर यु ही मज़े लेने के बाद।
सरला: अरुन जाओ मैं निचे आती हूँ ।
और अरुन कुछ नहीं करता और निचे आ जाता है और सरला का वेट करता है।
थोड़ी देर बाद सरला भी निचे आ जाती है।
और दोनों बाहर निकल जाते है।
सरला अरुन को अब कहाँ चले जान ।
अरुण: आप बताओ।
सरला: वही कल वाले होटल में।
अरुण: चलो।
और आधे घंटे में दोनों होटल के रूम में होते है।
और सरला अरुन से चिपक जाती है।
और दोनों काफी देर ऐसे हे खड़े रहते है।
सरला अरुन से अलग होते हुए
अरुण : क्या हुआ ।
सरला: ऐसे ही खड़े रहने का किराया दिया है क्या।
अरुण: ओह ।
और दोनों बेड पर चढ जाते है।
और एक दूसरे के ऑंखों में देखते है ।
सरला: क्या देख रहा है।
अरुण: कुछ नहीं बस अपने गरम माल को देख रहा हुँ।
सरला: शर्म नहीं आती अपनी माँ को माल बोलते हुए।
अरुण: नहीं आती।
सरला: बेशरम कहीं का।
और अरुन को बेड पर धक्का दे कर लीटा देती है।
और उसकी दोनों टांगो के बीच में आ कर बैठ जाती है।
अरुण: सरला को देखते हुए।
सरला: उसे चुप रहने का इशारा करती है।
और उसकी जीन्स उतारने लगती है।
और फिर उसका अंडरबिअर उतार कर साइड में रख देती है।अरून अब कमर के निचे बिलकुल नंगा था।
और सरला बड़े प्यार से अरुन के लंड को घुर रही थी।
अरुन ने कुछ कहने की कोशिश की पर सरला ने फिर उसे चुप रहने का इशारा किया।
शायद अरुन सरला के जजबात समझ नहीं पा रहा था
ओ उसे कैसे बताए की उसका लंड उस के पति से डबल था।लम्बाई और मोटाई दोनों में।
ओ समझ नहीं पा रही थी की वो उसे अपने अंदर कैसे लेगी और सोचते २ उस पर हाथ फेरने लगती है।
और सरला के हाथ लगने से अरुन का लंड धीरे २ अपनी औक़ात में आने लगता है।
सरला और घबरा जाती है ।
अरुण; अब चुप नहीं रहता ।
क्या हुआ माँ
सरला: कुछ नहीं और उसको सहलाती रहती है कभी उसके लंड तो कभी उस के टट्टों को।
अरुण: कुछ करो न मां।
सरला: कर तो रही हूँ ।
अरुण: इसे प्यार करो ना।
सरला: वो सब हनीमून पे।
अरुण: मैं मुह में लेने की बात कर रहा हुँ।
सरला: मुह में पागल है क्या।ये कोई मुह में लेने की चीज़ है।
अरुण: और क्या माँ आज कल तो पहले सकिंग बाद में फकिंग।
सरला: ये सकिंग क्या होता है ।

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