अरुण: हाँ बोलो अब क्या करना है मेरी सरला को
सरला: अरुन की ओर देखते हुए।
अरुण:क्या हुआ बुरा लगा क्या।
सरला: मुझे अपने जानू की कोई बात बुरी नहीं लगती।।
अरुण:बोलो क्या करे।
सरला: मार्किट मैं गोल गप्पे की रेहडी देख कर।
बच्चों की तरह मुझे गोल गप्पे खाने है
अरुण: ओके जान ।
और दोनों गोल गप्पे खाते है उसके बाद और भी बहुत कुछ खाते है। अरुन सरला का हाथ पकड़ कर मार्किट में घुमता है।सरला बहुत खुश होती है कोई तो है जिस के साथ उसे ख़ुशी मिलति है। थैंक्यू अरुण।
अरुण: सरला ।
सरला: हाँ जान।
अरुण: कुछ करने का दिल चाहता है।
सरला: मतलब।
अरुण: कुछ नही।
सरला: बोलो न अरुण
अरुण: वो क्या है न की मैं सोच रहा था कुछ देर अकेले टाइम स्पेंड करते है
सरला: कर तो रहे है।
अरुण: वो मैं सोच रहा था किसी होटल के रूम में चलें।
सरला समझ नहीं पा रही थी अरुन होटल के लिए क्यों पूछ रहा है।
अरुण: तुम्हे मुझ पर यकीन तो है न सरला।
बोलो न मैं वैसे कुछ नहीं करुँगा ।
प्लीज चलो न ।देखो मना मत करना कितने दिनों बाद तो हमे ये मोका मिला है ।तुमहारे मम्मी पापा भी यहाँ नहीं है।अब सरला सब समझ गई की अरुन डेट वाला रोलप्ले कर रहा है।
सरला: ओके जैसे तुम्हारी मर्ज़ी पर ज्यादा देर नहीं रुकेंगे।।
अरुण: ओके सरला ।
और दोनों होटल के रूम में आ जाते है।
अरून सरला को अपनी बाँहों में लेने की कोशिश करता है।
सरला; अरुन प्लीस ऐसा मत करो कोई देख लेगा।
अरुण: यहाँ कौन है।
सरला; तुम ने कहा था कुछ नहीं करोगे ।
अरुण: तुम्हे हग ही तो कर रहा हू।
सरला: ओके कर लो।
और दोनों हग करते है।
और फिर अरुन सरला के लिप्स पर किस करता है।।
सरला उसका साथ देती है ।अरुन सरला के बूब्स पर हाथ रखता है ।सरला उसके हाथों पर दबाब बढाती है
और अरुन सरला के बूब्स को मसलने लगता है।
सरला अरुन की ऑंखों में देखते हुए
अरुण: क्या हुआ जान।
सरला: ये क्या कर रहे हो।।
अरुण: कुछ नही।
सरला: अरुन को अलग कर के अपना कुर्ता निकाल देती है और अरुन के मुह में अपना एक निप्पल दे देती है।और पूछती है अब क्या कर रहे हो।
अरुण: निप्पल चुसते हुए वो मैं अपनी गर्ल फ्रेंड का निप्पल चूस रहा हू।
सरला: अरुन का सर पकड़ कर उसकी ऑंखों में देखति है और कहती है मुझे सिर्फ और सिर्फ अपने बेटे को अपना दुध पिलाना है किसी बॉय फ्रेंड को नही।
अब क्या कर रहा है अरुण।
फिर से उसका मुह अपने निप्पल पर लगा देती है ।
अरुण: माँ तुम्हारा दूध पी रहा हूँ।
सरला: हाँ अरुन और कस कर निचोड कर पि ले अपनी माँ का सारा दूध बचपन में नीतू तुझे नहीं पिने देति थी।
सारा खुद पी जाती थी।
अब वो नहीं है पेट भर पी ले।
और अरुन सरला के बूब्स पर दाँत गड़ा देता है ।
सरला की सिसकारी निकल जाती है
पर कुछ नहीं कहती बस अरुन के सर पर हाथ फेरती रहती है।
कुछ ही देर में अरुन किसी दोनों चूचियों को चूस चूस कर लाल कर देता है।
सरला भी उसे रोकने की कोशिश नहीं करती ।
तभी उसकी नज़र अरुन की पेण्ट के फुले हुए हिस्से पे जाती है ।
सरला सिसकते हुए अपना एक हाथ फुले हुए उस हिस्से पे रखती है।
और उसे मसाल देति है जैसे अरुन उस के बूब्स मसल रहा था।
सरला के अरुन के लंड के मसलते ही अरुन के मुह से सिसकारी निकल जाती है ।
सरला डर जाती है ।
क्या हुआ अरुन लग गई क्या ।
नही
मैंने अपने छोटे बेटे को ज्यादा अचानक तो नहीं मसल दिया।
अरुण; नहीं माँ बस किसी पहली बार उसे पकड़ा न इसलिये।आप के हाथ लगने के एहसास से सिसकारी निकल गई।
सरला: अब अरुन के उभार को धीरे २ सहलाने लगती है।
अरुण: सरला की ऑंखों में उम्मीद भरी निगहों से देखता है ।
सरला: क्या देख रहा है मेरा राजा।ये पहली बार है अखरी बार नहीं और उस की पेण्ट की ज़िप खोलने लगती है।
तभी अरुण के फोन के रिंग बजती है।
अरून कॉल नहीं उठाता ।
सरला: उसके लंड की ज़िप में हाथ डालकर कर फ़्रांची में से निकालने की कोशिश करती है और कहती है उठा ले किस का है।
अरुण: नीतू का।
सरला: उठा ले और अरुन के लंड को बाहर निकाल लेती है।
अरुण: सिसक पड़ता है क्यों की पहली बार कोई उसका लुंड पकड़ रहा था वो भी उसकी सगी माँ जिस ने उसे पैदा किया।
अरुण कॉल उठा लेता है।
क्या हुआ नीतू।
उधर से जो कहा गया।
अरुन : ओके हाफ एन ऑवर मैं आते है।
और कॉल डिसकनेक्ट कर देता है ।
क्या हुआ अरुन ।
सरला उसके लंड को सहलाते हुए ।
अरुण: माँ वो वो डैड आ गये है।
सरला को झटका लगता है और वो अरुन को छोड़ कर खड़ी हो जाती है।
अब क्या होगा , क्या बोलेंगे,और कपडे पहनने लगती है पर पहन नहीं पाती।
अरून सरला को सम्हालते हुए।
माँ मेरी तरफ देखो।
सरला अरुन की ऑंखों में देखते हुए ।
मुझ पर बिश्वास है ।
सरला: हाँ
अरुण:तो रिलैक्स हो जाओ।
और उसके होंठो को किस करने लगता है ।
सरला भी करती है कुछ देर बाद अरुन सरला को अलग करता है ।

