रात को पक्का।
और अपने सारे कपडे उतार देती है सिर्फ पेंटी को छोड़ कर।
अरुण: इसे भी उतारो।
सरला: अपनी पेंटी की इलास्टिक में हाथ डालती है फिर रुक जाती है।
अरुण: क्या हुआ ।
सरला उसे जीभ दिखा कर कपडे समेट कर बाथरूम में भाग जाती है।
और अरुन सरला के बाहर आने का इंतज़ार करता है।
और जब सरला बाहर आती है तो अरुन उसे पकड़ने की कोशिश करता है।
पर सरला कुछ परेशान सी लगती है।
अरुन सरला को देख कर
क्या हुआ मा।
कुछ नहीं
अरुण: बोलो ना।
और सरला मेक अप करती रही।
अरुण: माँ आप के पीरियड्स चल रहे है ना।
पेन तो नहीं हो रहा।
सरला: नहीं पता नहीं क्या हुआ।
और गेट के पास पहुच कर।
अरुन को जीभ दिखा कर।
सरल:मुझे पता था मैं बाथरूम से बाहर आउंगी तो तू मुझे छेड़ेगा इस लिए नाटक किया।
अरून :माँ
सरला का हाथ पकड़ कर
उसकी ऑंखों मैं ऑंसू आ गये।
अरुण: आज किया आगे से मत करना ।
पता है मैं कितना डर गया था।
आप जानते हो आप मना कर दो तो मैं कुछ भी नहीं करुँगा।
सरला अरुन की आँखों मैं ऑंसू देख कर।
पागल है क्या ।क्यूं रो रहा है
कभी ऐसा नहीं करुँगी मेरी जान
और गेट बंद कर के अपना सूट उतारने लगी ।
लो मेरी जान जो करना है करो।
अरुण; उसका हाथ पकड़ कर रोकते हुए।
माँ आप जाओ आने वाला टाइम हमारा है मैं जब चाहूँ
आप की ले सकता हू।
हैं ना।
सरला: हाँ मेरे रजा
अरुण: निचे जाओ वरना मौसी कहेंगी जब से आये है या तो रूम में या बाजार में ही रही है।
सरला: पक्का नाराज तो नहीं न।
अरुण: नहीं जान अब फटाफट एक किस दो अपने हब्बी को।
सरला: अरुन को बाँहों में लेते हुए ।
आज मेरा बच्चा ले ले किस कहा की लेगा।
अरुण: आप की मर्जी ।
सरला: क्या हुआ बोल न कहा की लेगा
आ: आप दे दो जहाँ देनी है।
स: आगे बढ़ती है तभी सोनु आ जाता है मौसी चलो।
सरला अरुन को देखते हुए चलो और निचे चली जाती है।
अरुन वही बेड पर लेट जाता है।
निचे सरला का मन नहीं लगता।
और अरुन का इंतज़ार करती है।थोड़ी देर में अरुन निचे आ जाता है।और रूम में बेठ जाता है।
सरला उसको संगीत में देखती रहती है।
और अरुन उसको सब की नज़रों से बच कर फ्लाइंग किस करता है ।सरला शरमा जाती है।
इसी तरह दोनों एक दूसरे में खोये हुए थे तभी कहानी की नई करैक्टर की एंट्री होती है।नीतु जो है
नीतु सरला की बेटी और अरुन की बहन ।
उसको देख कर सरला और अरुन उसको रिसीव करने जाते है ।नीतु अपने पति रवि के साथ आई थी।
सरला नीतू को गले लगाते हुए।
उसके बाद अरुन नीतू को गले लगाता है।
क्यूं की वो दोनों हम उम्र थे क्यों की दोनों जुड़वाँ थे सिर्फ 1 मिनट का फ़र्क़ था।
वहाँ सोनिया भी आ गई और दोनों को अंदर ले कर आ गई।और काफी देर सभी बातें करते रहे।
नीतु: मैंने तो बोल दिया रवि से मुझे साक्षी की शादी में पहले से जाना है क्यों की मेरी वेडिंग में ये पहले से आयी थी और मेरी काफी हेल्प की थी।
रावी : हाँ तो मैं भी तो ले आया।
इसी तरह बात करते और खाना खाते ११बज गये
ओर सोने की तैयारी।
सोनिया: सरला रवि और नीतू तुम्हारे रूम में आ जाएंगे
सरला हाँ हाँ क्यों नही।
पर उसका दिल उदास हो गया क्यों की वो कुछ टाइम अरुन के साथ अकेले गुज़रना चाहती थी पर अब नीतू के आने से कुछ भी नहीं हो पाएगा।
पर कर क्या सकते है ।
और चारों उपर आ गये।
और थोड़ी देर में सब ने चेंज कर लिया।
सरला को अरुण के साथ सोना था वो दिमाग लगाती है।
सरला: हम चारों एक बेड पे सो नहीं पायेंगे।
नीतु: फिर ।
सरला: ऐसा करते है निचे फर्श पर बिछौंना बिछा लेते है
क्यूं अरुन ।
अरुण: आप दोनों देख लो।
नीतु : हाँ माँ ये ठीक है।
और दोनों माँ बेटी निचे फर्श पर सेटिंग कर लेती है
और सेटिंग ऐसे हुई जैसी सरला चाहती थी।
पहले अरुन फिर सरला फिर नीतू और फिर रवि।
दोनो माँ बेटे साथ लेते थे।
और फिर चारों आपस में बात करते रहे ।
पर सरला और अरुन का मन एक दूसरे में था।
सरला; चलो नीतू सो जाओ थक गये होगी सो जाओ
अरून लाइट बंद कर दो।
अरून उठता है तभी साक्षी और सोनिया आ जाती है
और सरला और अरुन के मिलन में फिर इंतज़ार आ जाता है।

