पर माँ आप ने कहा था की आप हनीमून पे जाना चाहती है।
सरला: तो मैं कौन सा तुझे डालने के लिए बोल रही हु
मुझे देखना है बस।
अरुण: ओके जिसे देखना है अपने आप देख ले।
सरला: अरुन के सामने घुटनो पर बैठ जाती है और अरुन का पेंट खोलती है और उतार देती है और उसका अंडरवियर की इलास्टिक में ऊँगली फंसा कर लम्बी साँस ले कर निचे कर देती है।
उसका अनुमान सही निकला अरुन का लंड उसके पापा से डबल था लम्बाई और मोटाई में।
सरला पहली बार सिर्फ उसे आंखे फाड़ कर देखती रहती है।
कुछ करती नही।
उसके मन में सिर्फ ये चल रहा था की इसे लेगी कैसे।
अरुण: क्या हुआ माँ
अच्छा नहीं है क्या।
सरला: बापस अंडरवियर उपर करते हुए ।
बहुत अच्छा है पर अभी टाइम नहीं आया
अरुण: माँ मैंने तो पहले ही याद दिलाया था।
सरला: तू नहीं समझेग।
और उठ जाती है।
अरुण: माँ बोलो न क्या हुआ।
सरला: कुछ नहीं
बहुत प्यारा है
मेरी जान का जो है।
सरला मन ही मन मन तू नहीं समझेगा मैंने हनीमून के लिए कुछ सोचा था पर अरुन के साइज को देख कर सरला को डर लग रहा था पर बुद्बुदाते हुए करना तो पड़ेगा चाहे जो भी हो।
आगे देखते है सरला ने ऐसा क्या सोचा था।
अरुन सरला को अपनी बाहो में लेता है।
अरुण ; माँ
सरला: हाँ
अरुण: और कितना इंतज़ार ।
सरला: हमारे हनीमून तक।
अरुण: और वो कब है।
सरला: जब तू बोलेगा।
अरुण: आज
सरला: नहीं
अरुण; क्यु
सरला: जानू पता है न पीरियड्स चल रहे है।
अरुण: मेरी फुटी किस्मत।
सरला: मैं तेरी बाँहों हु इसलिये।
अरुण; नही माँ आप की आज नहीं मिलेगी इसलिये।
सरला: क्या नहीं मिलेगा ।
अरुण: वो ओ
सरला: बोल न क्या चाहिये।
अरुण : वा वो। आप की
सरला: जान बोल न मेरी।
अरुण: आप की चूत।
सरला: शरमा जाती है और अरुन के सिने में चेहरा छुपा लेती है ।
और फिर अरुन के कान के पास आ कर
जबरदस्त स्टाइल में:
” मिलेगी वो भी मिलेगी जिस तरह मैं मिली हू””
और हँस देती है।
अरुण: सरला के चेहरे को हाथ पकड़ कर उपर उठाता है और उस के होंठो को किस करने लगता है और
सरला उसका पूरा साथ देती है।वह अपनी माँ के होंठो को रसमलाई की तरह चूस और चाट रहा है।
पर कहीं न कहीं उसके मन में डर भी था।
तभी सरला की फ़ोन की घण्टी बजती है।
सरला अरुन से अलग हो कर कॉल पिक्क करती है
काल सोनिया की थी ।
सरला: हाँ दी।
सोनिया: कहा हो तुम दोनों काफी टाइम हो गया।
सरला: हाँ दी अभी आ रहे है थोड़ी देर में।
सोनिया : जल्दी आओ।
और कॉल डिसकनेक्ट कर देती है।
सरला: अरुन घर जाना होगा दी की कॉल आई है।
अरुण: सामान उठाता है और सरला जा हाथ पकड़ कर चल देता है।
सरला; कुछ बोलोगे नहीं ।
अरुण: माँ आप ने बोल दिया वही होगा
सरला: मेरी जान इतना प्यार करते है मुझसे।
अरुण: अभी दिखाऊ या बाद में।
सरला: दिखाने की ज़रूरत नहीं मुझे पता है तू कितना प्यार करता है।
और दोनों घर पहुच जाते है।
और सरला अपनी ड्रेस दिखाती है
सब को बहुत पसंद आती है।
और सब खाना खा कर अपने २ काम में लग जाते है।
पर सरला का मन नहीं लग रहा था।वो अरुन के साथ अकेले वक़्त गुजरना चाहती थी।अब उससे अरुन से एक पल की दूरी भी बरदास्त नहीं हो रही थी।उसकी ऑंखों के सामने अरुन का लम्बा और मोटा लंड घुम रहा था। इधर सोनु अरुन को फिर अपने साथ कुछ काम से साथ ले गया।
और वो मना नहीं कर पाया।
जब ३ घंटे हो गये हुए हुए तो उससे और बरदास्त नहीं हुआ।और अपने रूम में जाकर अरुण को कॉल करती है।
सरला: कहा हो अरुण।
अरुण: वो माँ आप को पता है सोनु के साथ हू।
सरला: कितना टाइम हो गया तुझे गये हुए।
अरुण; माँ वो ३ घंटे के आस पास ।
सरला: फिर तुझे नहीं लगता की अब तुझे मेरे पास होना चहिये।
अरुण; वो माँ सोनु अभी कुछ और काम है कह रहा है २ घंटे और लग जाएंगे।
सरला: कुछ बोले बिना कॉल डिसकनेक्ट कर देती है
और फुट फुट कर रोने लगती है सब मरद एक तरह के होते है।सब को सिर्फ अपनी ख़ुशी से मतलब होता है औरत को कब क्या चाहिए किसी को कोई मतलब नहीं और ऐसे ही रोती रहती है।
उसकी जब आँख लग जाती है उसे पता नहीं लगता
तभी उसे लगता है कोई उसे आवाज़ दे रहा है।वो अपनी आंखे खोलती है ।
सामने अरुन खड़ा था ।
अरुण: माँ उठो ८ बज रहे है मौसी निचे बुला रही है ।
खाना खाने के लिए और बोल गई है फिर ९ बजे से गाने वगैरा का प्रोग्राम है।
सरला: अरुन को गुस्से में देखती है ।
अरुन सरला से कुछ कहना चाहता है पर वो कुछ नहीं सुनती और निचे चलि जाती है।और अरुण भी पीछे २ निचे आ जाता है।
सोनिया: क्या हुआ सरला तबीयत कैसी है ।
सरला: ठीक है दी बस थोड़ा सर भारी ही रहा है।
सोनिया: मुझे तो पता नहीं था तेरी तबीयत ख़राब है वो तो अरुन ने बताया जब ये बाहर से आया ४ बजे तुम्हे तुम्हारी मांगी हुए चिजे दिखाने गया । उसने निचे आ कर बताया की तुम्हारी तबीयत ठीक नहीं है और तुम कुछ देर आराम करना चाहती हो।

Leave a Reply
You must be logged in to post a comment.