थोड़ी देर में सरला अलग होते हुए।
अरुन लाइट बंद कर दो और सो जाओ काफी रात हो गई है।
अरुण: पर मोम।
सरला: उसके हाथों पर ऊँगली रखते हुए।
अरुन मैं अपनी ज़िन्दगी दोबारा जीना चाहती हु अपने तरीके से , अपनी हर अधुरी इच्छा पूरी करना चाहती हूं।
तूम मेरा साथ दोगे ना।
अरुण: हाँ माँ ।
सरला: तो सो जाओ । मैं जल्दबाज़ी में अपने प्यार को पाने का मजा ख़राब नहीं करना चाहती
आज से मैं तुम्हारी हूँ सिर्फ तुम्हारी।
पर अपने हिसाब से तुम्हे अपने आप को सौपना चाहती हूँ मेरा वेट करोग ना।
अरुण: सरला का हाथ अपने हाथ में लेते हुए
जैसे आप चाहोगी वही होगा।
मै इंतज़ार करुँगा ।
सरला: अब चलो सो जाओ फिर शादी की बजह से ६ दिन तक सायद सोने को न मिले।
गुड़ नाईट।
अरुण: गुड नाईट माँ
ओर दोनों एक दूसरे के बाँहों में सोने की कोशिश करते है नीन्द किसी की ऑंखों में नहीं थी।
एक अपनी ज़िन्दगी दोबारा अपने बेटे की बाँहों मैं जीना चाहती थी अपने तरीके से और दुसरा पहली बार पाने की चाहत में सपने देख रहा था
पता नहीं सोचते २ कब दोनों की आँख लग गई।
पता नहीं सरला कब तक सोती रहती है ।
तभी उसके कान में आवाज़ आती है ।
गुड़ मॉर्निंग जान उठ जाओ ।
सरला कुनमुनाते हुए आँख खोलती है तो राज हाथों में चाय की ट्रे लिए खड़ा था ।
अरुण: उठ जाओ जान चाय ठण्डी ही जाएगी।
सरला: अंगडाई लेते हुए फ्रेश हो कर आती हु और अपने उपर से कम्बल हटाती है।
सरला की नाइटी उसके पेट पे थी और
और उसका निचे के हिस्से पे सिर्फ उसकी पेंटी थी बाकि कुछ नही।
अरुण गौर से उसे इस अवस्था में देखता रहता है ।
सरला कुछ नहीं बोलति और कम्बल से ढकने की कोशिश भी नहीं करती।
कुछ समय बाद
सरला: देख लिया या कुछ और बाकि है।
अरुण: वो माँ वो मोम।
सरला: हाँ बोलो कुछ और बाकि है।
अरुण: नहीं माँ आप की थाइस कितनी गोरी और सुडौल है एकदम केले की तरह ।
सरला: इतनी अच्छी लगी मेरे बेटे को।
अरुण: हाँ मा।
सरला: उठते हुए।
अरून को बॉहो मैं भर कर उसके कान में तेरी ही है
जब मन करे देख लिया कर।
अब जाऊ बाथरूम करने या यही कर लूँ बहुत जोरो की लगी है।
अरुण: कर लो कौन देख रहा है।
सरला: तो और कौन सब से ज्यादा डर तो तेरे से है।
अरून छोड़ देता है और सरला वाशरूम चली जाती है।
अरुन पीछे से जल्दी आना जान चाय ठण्डी हो जाएगी।

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