अरुन उठता है और कूपे की लाइट ऑफ़ करता है।
और सरला के पास आ कर लेट जाता है।
तो सुनो मोम
आप मुझे बहुत अच्छि लगती हो जो मुझे अपनी बीवी में चाहिए वो सब है आप में।
अरुन : बुरा मत मानना मोम।
सरला: बोल अरुन सुन रही हूं।
तो सुनो कड़वा सच
तुम्हरी गाण्ड क्या मस्त गाण्ड है जिसे देख कर कोई भी पागल हो सकता है और बूब्स ऐसा लगता है की उन में
मुह दे कर घण्टो उनका दूध पिते रहुँ।
आप एकदम सेक्सी माल हो
पर इन सब से ज्यादा मेरी प्यारी सी माँ मुझ से बहुत प्यार करती है इसका सबुत आप मेरी बीवी बनने को राजी हो गई मेरे बोलने पर ।
क्या मुझे इतना कोई प्यार कर सकता है ।
नही ना।
मै आप से कितना प्यार करता हु मुझे भी नहीं मालूम।।
और बोल कर चुप हो जाता है।
सरला कुछ देर खामोश रहती है।
सरला की ख़ामोशी से अरुन तड़प उठता है और रोने लगता है।
सॉरी माँ मुझे आप से ऐसी गन्दी बात नहीं बोलनी चाहिए थी।
आई ऍम सोर्री
सरला; अरुन के गाल पर थप्पड मारती है।
सरला: मुझे तेरी किसी भी बात का बुरा नहीं लगा मेरे बेटे । तूने सिर्फ सच बोला है मुझे ख़ुशी है की तेरे में सच बोलने की हिम्मत है।
मै भी तुझ से बहुत प्यार करती हु अपनी जान से भी ज्यादा तेरे पापा से भी ज्यादा।
और मुझे पूरा यकीं है तू मेरी हर
((“” हर अधूरी इच्छा पूरी करेंगा”” ))
बाल करेगा न।
अरुन: हाँ माँ जो आप बोलोगी वो सब करुन्गा।
सरला अरुन के चेहरे को अपने हाथों में लेती है और अपने लिप्स अरुन के लिप्स से चिपका देती है और दोनों बड़े आराम से एक दूसरे के लिप्स को चुमते रहते है ।
उधर ट्रैन अपनी रफ़्तार से अपनी मंजिल की ओर जा रही है और अंदर एक नया रिश्ता अपनी मंजील की ओर जाने की शुरुआत कर रहे है।
न जाने कितने देर दोने प्रेमी जोड़ा एक दूसरे को चुमता रहता है।
सरला अपने होठ अरुन से अलग करते हुए।
अरुण; क्या हुआ जान।
सरला: कुछ नहीं वाश रूम जाना है।
अरुण: ओके जाओ मुझे भी जाना है दोनों साथ चले।
सरला: कोई ज़रूरत नही। तुम रुको मैं हो कर आती ह।
और उठ कर लाइट ऑन कर देती है और बैग में से पैड़ निकालती है और वाश रूम चलि जाती है।
वाशरूम में सरला शीशा देखति है और अपने आप को देख कर शरमा जाती है
क्या वाकई में मेरी गाण्ड और बूब्स इतने मस्त है की मेरा खुद का बेटा इनपे फ़िदा है।
और शीशे में आगे पीछे देखती है।
और मुस्कुराते हुए पैड़ चेंज कर बापिस बाहर आ जाती है ।
इधर बाहर अरुन सरला का इंतज़ार कर रहा होता है।
और उसके आते ही वाशरूम भागता है ।
सरला; क्या हुआ मेरे सोना की सुसु निकल गई क्या उसकी कच्छी में।
अरुन वाशरूम से बाहर आते हुए।
जी नहीं ऐसा कुछ नहीं है।
सरला: तो मेरा सोना बाबू इतनी अचानक क्यों भागा था।
अरुण: सुसु काफी अचानक आ रही थी।
सरला: तो पहले क्यों नहीं गया ।
अरुण: वो ओ
सरला: वो वो क्या।
अरुण: आप इतना मस्त किस कर रही थी मन ही नहीं किया आप के रस भरे होंठ छोड़ने को।
सरला: शरमाते हुए चल पागल मैं भाग थोड़े ही रही थी
किस इतनी अच्छि लग रही थी तो अब कर ले और अरुन के होठों से अपने होठ दोबारा लगा देती है
ओर दोनों फिर एक दूसरे की बाँहों मैं समां जाते है।

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