रमेश: अपने वॉलेट से १० हज़ार रुपए निकल कर सरला को देते हुए जो मन करे खरीद लेना।
सरला: रहने दो।
रमेश: ले लो।
और जो समझ आये खरीद लेना।
ठिक है।
रमेश सो जाता है।
सरला सोचती है कल पहली बार वो अरुन के साथ अकेले जयेगी।
क्या होगा इन ६ दिनों में।
और मंद मंद मुस्करा देती है और सो जाती है।
अगली सुबह
रमेश ब्रेकफास्ट पर-
अरुन आज जाना है मैं तो आ नहीं पाउँगा तुम लोग निकल जाना।
सरला पर हम अकेले
रमेश: जब ६ दिन के लिए जा रहे हो तो आज जाने में क्या है।अरून चले जाओगे न।
अरुण: ओके पापा ।
रमेश: टिकट्स करा ले ।
अरुण: आज करा लुन्गा।
रमेश: न हो तो कोई बात नहीं जेनरल से चले जाना।।
अरुण: ओके पापा।
और रमेश ऑफिस चला जाता है।।
सरला: अरुन व्हिस्पर कहाँ है।
अरुण: मेरे रूम में।
सरला: क्यों तुझे यूज करना है।
अरुण; नही।
सरला: तो लेके आ मुझे यूज करना है।
अरुण: पैड़ ला कर दे देता हे।
सरला पैड़ लेके बाथरूम चलि जाती है।
और १० मिनट बाद वापिस आती है
अरुण: क्या हुआ मोम।
सरला: कुछ नहीं पेन हो रहा है।
अरुण: तो आप रेस्ट कर लो।
सरला: पैकिंग भी करनी है और जाना भी है।
अरुण: सब हो जाएगा।
आप बस मुझे बताती जाना।
सरला: वाह सब कुछ तो अपनी मर्ज़ी का पहनायेगा
और मुझ से बोल रहा है बताते जाना।
अरुण: ओके कहा क्या रखा है वो तो बता दो।
सरला उसे अपने रूम में ले जाती है।
और अरुन को बताती जाती है और वो रखता जाता है
और अपने कपडे भी सरला के पसंद के रख लेता है।
यानी माँ बेटे के पसंद के और बेटा माँ के पसंद के कपडे पहनते।
पैकिंग के बाद अरुन सरला को सुला देता है और खुद बचे हुए काम करने बाहर चला जाता है।
कुछ देर बाद सरला की आँख खुलती है और अरुन घर में नहीं होता।
सरला कॉल करती है।
अरुण: हेलो माँ बोलो।
सरला: कहाँ हो अभी।
आ: बस कुछ देर मैं आता हुँ।
आप नहा कर फ्रेश हो जाओ २ घंटे में हमें निकलना है।
सरला: ओके जल्दी आओ।
सरला नहाने चलि जाती है ।
नहाने के बाद उसे याद आता है की कपडे तो अरुन बतायेगा की क्या पहनना है और नाईटी डाल कर अरुन का वेट करती है
और अरुन के लिए कपडे निकालती है।
व्हाइट शर्ट ब्लू जीन्स और व्हाइट बनियान और व्हाइट फ़्रांची ।
और अरुन का वेट करने लगती है।
कुछ देर बाद अरुन आ जाता है।
सरला : कहा थे इतनी देर से अरुन ।कब से नाइटी में वेट कर रही हु कुछ और पहन लेती तो नाराज हो जाता मेरा प्यारा हसबेंड।
अरून सरला को बॉहो में लेते हुए। थँक्स जान
आप के कपडे।
अरुण: ग्रीन सूट विथ वाइट चूडीदार पजामी ग्रीन ब्रा पुश-अप वाली और ग्रीन- जी स्ट्रिंग।
सरला: थैंक्स जहापनाह डीसाइड करने के लिए मुझे लगा कहीं लेट हो गया तो कहीं नाइटी में जाना पडे।
तेरे कपडे निकाल दिए है और वही पहनना जो निकाले है मैं चेक कर लुंगी।
अरुण: ओके आप करोगे तो मैं भी करुँगी।
सरला: ओके जाओ तैयार हो जाओ।
और दोनों तयार होने चले जाते है।
घर से बहार निकलते है ।
ओला कैब खड़ी थी।
अरून उसमे सामान रखता है।
सरला तूने कैब बुक की है।
अरुण; हाँ तो ।
सरला: तो अपनी बीवी का कितना ख्याल रखता है।
तेरे पापा तो ऑटो में ले जाते।
और कैब उनको ले के स्टेशन चल देती है।
स्टेशन पहुच कर
सरला: कौन सी ट्रैन है।
अरुण: आने दो बताता हु।कुछ लोगी मोम।
सरला: जैसे की ।
अरुण: किस्स।
सरला: दे ।
अरुण: ट्रैन में दूँगा।
सरला:हाँ जैसे ट्रैन में कोई नहीं होगा।
अरुण: देखते है किस्मत क्या कहती है।
सरला: मेरे राजा को किस्मत की नहीं अपनी माँ के साथ की ज़रूरत है।
और मैं हमेशा तेरे साथ हू।
किस क्या जो भी माँगेगा सब मिलेंगा।
ऐसे बात करते २ ट्रैन आ जाती है ।
अरुन चलो माँ ट्रैन आ गई।
सरला: हाँ चलो नहीं तो सीट नहीं मिलेगे।
अरुण: ट्रैन की तरफ चल देता है पीछे पीछे सरला।
सरला ये तो राजधानी है।
हा तो हमारी टिकट इसी की है और उसको लेके एसी में चढ़ जाता है।
और अपने कूपे में आ जाता है।
जिस में सिर्फ २ सीट होती है।
और गेट बंद हो सकता है।
सरला: ये क्या है।
अरुण: हमारी सीट।
सरला: पर ये तो महंगी होती है।
अरुण: है तो मेरी बीवी क्या जनरल में जाएगी।
सरला की आँखों में ऑस्सू आ जाते है ।
अरुन अब क्या हुआ माँ।
सरला: कुछ नहीं इतना ख्याल रखेगा अपनी माँ का तो ख़ुशी के मारे पागल हो जाऊँगी।
अरुण: उसकी ज़रूरत नहीं है।
कुछ टाइम बाद ट्रैन चल देती है।
सरला रमेश को बता देती है की ट्रैन चल दी है पहुच के बता दूंगी।
अरुण: हो गया
सरला:क्या ।
तभी टीसी आ जाता है टिकट्स चेक के बाद।
अरून कूपे का दरवाजा लॉक कर देता है।
सरला: अच्छा तो साहब का ये प्लान है यहाँ कोई भी नहीं आ सकता और तुम्हे मुझे छेडने का बहाना मिल जाएगा।
अरुण: क्या मुझे छेडने की ज़रूरत है।
सरला: बिलकुल नहीं मैं तेरी हूँ और तू मेरा राजा.

