माँ की अधूरी इच्छा – Update 137 | Incest Sex Story

माँ की अधूरी इच्छा - Seductive Incest Sex Story
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सरला: अरुण हाँ फाड़ दे अब तो तेरे बाप ने भी बोल दिया आज मेरी फाड़ कल प्रीति की फाड़ना। मैं इन्तज़ाम करुँगी तेरी लिए प्रीति का और उसकी बेटी का।इसके पूरा खानदान की औरतो को चोदना। मैं सब को चुद वाऊँगी तुझसे आहह सी आ आ आह उह माँ आह बन जा मादरचोद और बाद में बहन चोद भी बनना।
अरुण: आह आ मेरा निकलने वाला है ।

सरला: निकाल दे मेरे अंदर बढा दे मेरा गर्भ बना ले अपने बच्चे की मा।
रमेश: नहीं अरुन बाहर निकाल ।नहीं तो ये गर्भवती हो जायेगी।
बाहर निकाल अपना पानी ।
सरला: नहीं मेरे अंदर निकाल तू बना ले अपने बच्चो की माँ आह।
और अरुन सरला की चुत में झडने लगता है।
और सरला के मम्मे पे सर रख कर लेट जाता है।
और रमेश भी अपनी पेण्ट में पानी छोड़ देता है।
और चुप चाप वही फर्श पर बैठ जाता है।
और थोड़ी देर बाद सरला अरुन को उठाती है और खुद उठ कर अपने रूम में चलि जाती है अरुन अपने रूम में।
थोड़ी देर बाद रमेश भी अपने रूम में आ जाता है पर सरला को कुछ नहीं बोलता।
और वाशरूम में जा कर फ्रेश हो जाता है।
बाहर आ कर।
रमेश: तुम कोई दवा ले रही हो या नही।
सरला सर झुकाये हुए ।
नही।
रमेश: अगर बच्चा ठहर गया तो।
सरला:आप बताओ अरुन तो बच्चा चाहता है।
रमेश: पागल हो क्या वो तो बच्चा है उसे क्या पता दुनियादारी की तुम तो समझती हो तुम उसे समझाओ
और नहीं माने तो मना कर दो ।
थोड़ी देर रुक कर।
सेक्स करने से ।तब वो मान जाएगा।
सरला: आप लो बुरा नहीं लगा।
अब रमेश क्या करे उसने तो सरला को झूठ बोला था की वो वायेजर है अब सच कैसे बोले।
रमेश: मैंने तुम से कहा था न की मुझे सेक्स करने से ज्यादा देखना अच्छा लगता है।
सरला: आप को बुरा तो नहीं लगा की आप के सामने आप के बेटे ने मुझे नंगा कर के चोदा।
रमेश खामोश हो जाता है।
सरला: आप को बुरा लगा मैं उसको मना कर दुँगी।
रमेश: मैंने ऐसा कब कहा।
सरला मन ही मन मुस्कराते हुए अब फँसा मुरगा।
सरला: तो अब कोई प्रॉब्लम नहीं है ।
रमेश: नहीं मुझे कोई प्रॉब्लम नहीं ।
सरला: मुझे भी कोई प्रॉब्लम नहीं है।
तभी अरुन की आवाज़ आती है।
माँ कहा हो मेरे रूम में आना ।
सरला उस वक़्त सिर्फ टॉवल में थी क्यों की फ्रेश होकर आई थी और रमेश आ गया था।
सरला: मैं जाऊ अरुन बुला रहे है।
रमेश: जाओ ।
सरला: ऐसे ही जाऊ या चेंज करूँ।
 
सरला अब रमेश को जान बूझ कर बेइज्जत कर रही थी क्यूं की रमेश ने उसे झूठ बोला था और वो अब रमेश से पहले के मुक़बले ज्यादा ग़ुस्सा थी उसे खुद नहीं पता था की अब वो क्या करेगी।
रमेश: ऐसे ही चल जाओ ।
अरुन को अच्छा लगेगा।
और सरला अपनी टॉवल उतार कर रमेश के मुह पे फ़ेक देती है।

मेरे बेटे को ऐसे और भी अच्छा लगेगा
और नंगी ही अरुन के रूम में आ जाती है।
रमेश आँखे फाडे सरला को देखता रहा।
अरून के रूम में
अरुण: ये क्या हुआ जान।
सरला: क्यों अच्छी नहीं लग रही ।
अरुण: माँ तुम तो एक नंबर की रांड हो अच्छी क्यों नहीं लगोगी।
और सरला को खींच कर बेड पे लीटा देता है।
और सरला के मम्मे मुह में भर लेता है।
सरला: आआआह अरुन छोड़ न ।
अरुण: क्या हुआ मन नहीं है।
सरला: मन तो है पर रमेश झाक रहा होगा।
और वैसे भी अभी तो तूने चोदा था अभी भी चुत दुःख रही है।
अरून चलो फिर आज अपने बेटे की बाँहों में सो जाओ।
सरला: हाँ पर तुम्हे एक वादा करना है ।
अरुण: क्या ।
सरला: की तुम अब प्रीति और उसकी बेटी की चुत और गाण्ड दोनों फाड़ोगे।
अरुण: अब क्या हुआ।
सरला: रमेश ने झूठ बोला। अब उसके सामने उसकी बहन और उसकी बेटी को चोदना तब जाके मुझे ख़ुशी मिलेगी।
अरुण: पर माँ।
सरला: मैं बोल रही हु न और मुझे अब कोई प्रॉब्लम नही।
और सरला अरुन की बाँहों में लेट जाती है।
सरला: वादा करो अरुण।
अरुण: पर माँ मैं सिर्फ आप का हूँ और रहुंगा।
सरला: तुम सिर्फ मेरे हो बाबू ।
पर रमेश ने फिर से मेरा दिल तोडा है।
उसे इसकी किमत चुकानी पड़ेगी ।
उस की बजह से मैंने उसकी झूठी कहानी तुमसे छुपाई।
तूम्हे हर्ट किया।
अरून सरला को अपनी बाँहों मैं ले कर उसके होंठो को चुमने लगता है।
सरला: बोलो ना।
अरुण: करना क्या है।
स: प्रीति की तो मार ली है अब उसको बेटी परी को भी चोदना है तुझे।
बाहर रमेश अभी भी खड़ा था।
और उससे समझ नहीं आ रहा था की क्या करे।
लोगो को बताये या रिश्तेदार को।
और एक मन उसका उनदोनो को देखने का कर रहा था
और सायद उसे अब ये एहसास हो रहा था की जो कहानी उसने सरला को बताइ थी कही सच तो नहीं। उसे उनदोनो को सेक्स करते हुए देखना अच्छा लग रहा था।
उनदोनो की चुदाई देख कर उसका पेण्ट में दो बार पानी निकल गया था।
और अंदर अरुन सरला को चुसने के बाद।
अरुण: जरा चूस के पानी निकल दो जान।
सरला: ठीक है और अरुन के लंड को पकड़ कर अपने मुह में ले लेती है।
और उसके टोपे को चुसने लगती है।
अरुण: आहः
क्या तुम ने कभी पापा का लंड चूसा है ।
सरला: न में सर हिलाते हुए।
अरुण: आह ओह माँ आह क्या चुस्ती है रांड़।
रमेश अरुन के मुह से रांड सुन कर
हैरान हो जाता है।
साली रंडी क्या क्या करेगी।
और सरला मस्त हो कर अपने बेटे का लंड चुस्ती रहती है।
अरुण: बहुत खूब मेरी जान चल घोड़ी बन गाण्ड मारनी है। और सरला घोड़ी बन जाती है और अरुन पूरा का पूरा 9 इंच का लंड उसकी गाण्ड में घुसा देता है।
सरला: आह मार फाड़ दे मेरी गाँड।
सुनते हो जी। तुम्हारे बेटे ने मेरी गाण्ड फाड़ दी आह
जरा यहाँ आओ।
रमेश को समझ नहीं आता।
सरला: उफ जल्दी आओ ना।

रमेश दरवाजा खोल कर अंदर आ जाता है।
सरला: आह देखो क्या किया अरुन ने पूरा का पूरा 9 इंच का मुसल मेरी गाण्ड में उतार दिया ।
बहुत तेज दर्द हो रहा।
जरा ड्रावर से के वाई जेली निकाल दो।
ओर रमेश जेली निकाल कर लाता है ।
रमेश समझ नहीं पा रहा था की वो इन दोनों की बात क्यों मान रहा है।
सरला: जरा मेरे गाण्ड के छेद पे और अरुन के लंड पे लगा दो प्लीज।
और अरुन लंड निकाल लेता है।
ओर रमेश अपने हाथ से सरला की गाण्ड पे जेली लगाता है।
उसकी नज़र जब सरला की गाण्ड पे पड़ती है तो उसकी गाण्ड का गंडोरा बना हुआ था पूरे २’५ इंच का सुराख़ दिख रहा था।
रमेश अरुन से ।
रमेश: बेटा देख तेरी माँ की गाण्ड का क्या हुआ है।
मैने कभी इसकी गाण्ड नहीं मारी तेरा लंड तो मेरे लंड से तिनगुना है ।
थोड़ा धीरे कर।
सरला: आप उसको कुछ मत बोलो नहीं तो मेरी गाण्ड नहीं मारेगा जी।
तूम बस क्रीम लगाओ और हाँ अरुण के लंड पर भी लगा दो और जाओ उसे अपना काम करने दो।
अगर ग़ुस्सा आ गया तो मुझे प्यासा छोड़ देगा और तुम्हारे बस का अब है नहीं की मेरी प्यास बुझा पाओ।
ओर रमेश अरुन के लंड पे जेली लगा कर पीछे हो जाता है।
और अरुन फिर से एक ही बार में पूरा लंड डाल देता है।

सरला: उफ आह ओह माँ मर ड़ाला कमिने मादरर्चोद
देख रमेश तेरी बजह से मेरी क्या हालत हो रही है
न तो मुझे प्यासा छोडता न मेरे साथ ऐसा होता
पर जो होता है अच्छे के लिए होता है
अगर मैं प्यासी नहीं होती तो मुझे ये मुसल कैसे मिलता। अअअअअरुन मर गई मैं।
रमेश :अरुण धीरे धीरे कर सरला को बहुत दर्द हो रहा है।
सरला: चुप हो जाआओ प्लीज तुम ।नहीं तो अरुन नहीं मारेगा मेरी गांड। मेरी जान कुछ मत सुन इसकी और जितने जोर से चोदनी हो चोद और कर ले पर अधुरी मत छोड मुझे और तुझे तो अभी प्रीति और परी की भी गाण्ड और चुत मारनी है।
ओ भी रमेश के सामने ।
सरला: उफ मार। चोद
आ उफ़ मज़ा आ रहा है और तेज़ मेरी जान और अरुन सरला की गाण्ड में झड जाता है और सरला के उपर लेट जाता है।
रमेश उन दोनों की रफ चुदाई देख कर हैरान रह जाता है। अब उसकी गलती उसे कितनी महंगी पडने वाली है ।
पर उसे एहसास होता है की उसका लोवर अंदर से गिला हो गया है और वह उनदोनो को छोड़ कर अपने रूम में आ जाता है।
अगले दिन रमेश की आँख लेट खुलती है।
और फ्रेश हो कर वो डायनिंग टेबल पे आता है।
तो देख कर शॉकड हो जाता है।
सरला एक दम नंगी किचन में काम कर रही थी।
रमेश: ये क्या हे।
सरला: क्या क्या है।
तूम्हे पता है की मेरे सरीर पे अरुन कपडे रहने नहीं देता इसलिए पहनने का क्या फायदा ।
और अभी वो सो रहा है थोड़ी देर में उठ जायेगा। पता नहीं फिर क्या डिमांड करेंगा।
और अपना काम करती रहती है।
थोड़ी देर बाद।
अरुण: माँ।
सरला: हाँ बेटा।
रमेश को देखते हुए।
देखा बुला रहा है ना।
और अरुन के रूम में चलि जाती है।
रमेश अभी उठ ही रहा था की सरला की चीख कमरे में गुजती है ।
सरला: आ मेरी फाड़ डाला।
और रमेश भाग कर अरुन के रूम में देखता हुआ।
अंदर सरला को अरुन ने बेड पे झुका रखा था और और उसकी गाण्ड में लंड पेले जा रहा था।
अरुण:साली रंडी तुझसे बोला था न की सुबह जब मेरी आँख खुले तो मेरे बगल में होनि चाहिये।
पर तू चलि गई ।
सरला: वो रमेश का ब्रेकफास्ट और लंच बनाना था।
अरुण: तो अब बना और बेरहमी से धक्के मारने लगता है।
रमेश: क्या करे रहा है अरुन तेरी माँ है ये।
अरून कुछ बोलता उससे पहले।
सरला: तुम जाओ यहाँ से अरुन को कुछ मत बोलो ।
उसकी गलती नहीं है गलती मेरी है।
तुम ऑफिस चले जाओ वही पर नास्ता कर लेना ।
अरुन तुम अपना काम करो कोई तुम्हे नहीं बोलेगा।
आआआ उफ़ तुम जाओ नीतू के पापा।
और रमेश बाहर आ जाता है।
उसमे इतनी हिम्मत नहीं थी की अरुन को रोक सके।
और बाहर बैठ कर सरला की चीखे सुनता रहता है।
करीब आधा घंटे बाद अरुन और सरला बाहर आते है।
सरला लंगड़ा के चल रही थी।
और दोनों नंगे।
सरला: तुम गये नही।
ओह मेरी चीखे सुन रहे थे ।
देखा अपने बेटे के लंड का कमाल ।लंगडी कर दिया मुझे मैं ये सोच रही हु की प्रीति और उसकी बेटी का क्या हल करेगा मेरा बेटा।
और हॅसने लगती है।
अरुण:माँ भूख लगी है।
सरला: उह मेरा बच्चा अभी बनाती हूँ।
और किचन में काम करने लगती है।
और
अरुण: क्या लग रही है मेरी रांड।
रमेश को देखते हुए।
सरला: चुप कर बदमाश।
आप जा क्यों नहीं रहे ।
र: वो मैं ये बोल रहा था की
तूम प्रीति और रानी का नाम क्यों लेती हो।
उनहोने क्या बिगडा है।
सरला: उन्होंने कुछ नहीं बिगाड़ा ।
तूम ने झूठ बोला ये उसकी सजा है।
रमेश: मतलब ।
सरला: मतलब तुम्हारी कहानी झूठी थी और इसलिए अरुन को मौक़ मिला मुझे तुम्हारे सामने चोदने का
और तुम्हारे लिए एक गुड न्यूज़ है ।
तुम्हरी बहिन प्रीति पहले ही अरुन से चुद चुकी है।
और खुद बोल कर गई थी अरुन से की इस बार जब आएगी तो परी को भी चुदवायेगी क्यों की मेरे राजा बेटा का मुसल बहुत बड़ा है।
रमेश सरला की बात सुनकर शॉकड हो जाता है।
क्या बोल रही हो।
सरला: वही जो सच है
इस लिए मैं उनका नाम लेती हूँ।
क्यूं की राखी को 4 दिन रह गये है और वो दोनों आने वाली है राखी पे और फिर उस दिन मेरा बेटा दोनों की चुत और गाण्ड को फाड़ देगा वो भी तुम्हारी मौजुदगी में और तुम कुछ नहीं कर पाओगे।
उस दिन कुछ नहीं होता।
रात को रमेश घर आता है और बेड पे
लेटे हुए।
सरला से।
रमेश: कुछ करो सरला।
सरला: समझी नहीं ।
वो ड्रेसिंग टेबल पे अपना मेकअप कर रही थी अरुन ने आज उससे पूरी रंडी की तरह मेकअप करने ले लिए बोला था।
रमेश: प्रीति और परी को बचा लो।
सरला: मैं क्या कर रही हूँ।
जो करेगा अरुन करेंगा।
रमेश: तुम उसे रोक सकती हो।
सरला: नहीं अब नहीं ।
रमेश: प्लीज रोक लो तुम्हे जो करना है कर लो अरुन के साथ।
सरला: रमेश को डराते हुए ।
मुझे अरुन के बच्चो की माँ बनना है।
रमेश: तो बन जाओ।
वैसे भी तुम बिना कंडोम के उससे चुदती हो।
सरला: पक्का न ।
रमेश: हाँ मुझे कोई ऐतराज़ नहीं है तुम्हारे माँ बनने में।
सरला: ठीक है उससे बात करती हूँ।
और उठकर खड़ी हो जाती है और अपने सारे कपडे उतारने लगती है ।
सरला: मैं तयार हूँ जोर से बोलती है।
थोड़ी देर में अरुन आ जाता है।
रमेश सोच रहा था की क्या हो रहा है।
तभी अरुन सरला के पास आ कर उसके मम्मे मसल देता है।
और रमेश से।
अरुण: क्या मस्त मम्मे है माँ के।
रमेश कुछ नहीं बोलता।
अरुण: चुत और गाण्ड भी ज़बर्दस्त है ।
पर तुम्हारी बहन भी कम नहीं है।
रमेश सरला को देखता है।
सरला:अरुन ये बोल रहे है की प्रीति को छोड़ दो ।
अरुण: क्यों
सरला: बोल रहे है की बहन है उनकी और परी तो कमसिन है।
तुम्हारा मुसल झेल नहीं पायेगी।
अरुण: तो मैं क्या करुं।
रमेश : तुझे जो करना है सरला के साथ कर ले मैं तुझ से कुछ नहीं बोलूँगा और न रोकूँगा और सरला तेरे बच्चो की माँ बनना चाहती है उसमे भी मुझे कोई ऐतराज़ नहीं है।
पर उन दोनों को छोड़ दो
अरून सरला को देखते हुए
और सरला इशारे में मना करती है।
अरुण: ठीक है अगर प्रीति और परी के साथ मैं कोशिश नहीं करुँगा पर अगर वो खुद से चुद्वायेगी तो मैं अपने इस मुसल (अपना लंड पे हाथ फेरते हुए )
से उन दोनों की फाड़ दुँगा ।
मंजूर।
रमेश:हाँ ठीक है वो तुम से कुछ नहीं बोलेंगी ।
मै होने नहीं दुन्गा।
सरला: मन ही मन एक बार जो भी मेरे बेटे का मुसल देख ले वो उससे दुर रह ही नहीं सकती ।
और अरुन सरला को।
अरुण: चले रांड अपने रूम में।
या यही चुदवाना है ।
सरला: जैसे आप की मर्ज़ी मालिक।
रमेश ये मालिक क्या है।
सरला: वो हम रोले प्ले कर रहे है ।
अरुन मेरे मालिक है और मैं इनकी ख़रीदी हुए गुलाम हूँ।
इनकी पर्सनल रांड़।
अरुण: तो यही कर लेते है।
अरून रमेश से :थोड़ा साइड होना
रमेश साइड हो जाता है और अरुन वही बेड पे लेट जाता है ।
और सरला को लंड चुसने के लिए बोलता है।
सरला अरुन के पैरो के बीच में आ कर बैठ जाती है और अरुन के लंड को पकड़ कर चुसने लगती है।
अरुण:शाबास रांड ऐसे ही चूस मेरे लंड को
आज साबित कर अपने मालिक को की तुझे खरीद कर कोई गलती नहीं की मैंने ।
और सरला अरुन के लंड को और जोर जोर से चुसने लगती है जैसे साबित करना चाहती हो की उससे अच्छा लंड कोई नहीं चूस सकती ।
रमेश चुप चाप उनदोनो की हरकत को देखता रहता है।
और अरुन और सरला लंड चुसाई में मगन रहते है ।
और थोड़ी देर बाद अरुन सरला के मुह में झड जाता है
जिसे सरला चाट चाट कर पी जाती है।और वही लेट जाते है।
सरला रमेश से।
तूम अरुन के रूम में सो जाओ।
आज से ये रूम मेरा और इनका मेरे नए पति अरुन का है।
गुड़ नाइट।
और जाते जाते दरवाजा बंद कर देना।

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