माँ की अधूरी इच्छा – Update 129 | Incest Sex Story

माँ की अधूरी इच्छा - Seductive Incest Sex Story
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दुध पिने के बाद तीनो एक दूसरे को देखते है जैसे पूछ रहे हो अब क्या।
अरुण: चलो तैयार हो जाओ मेर होने वाले बच्चो की माँ
और दोनों शरमा जाती है।
और दोनों अरुन के कान में। हमें इंतज़ार रहेगा।
अरुन: चिंता मत करो अगले महिने दोनों के पीरियड्स नहीं आने दुँगा।
और दोनों को बेड के सहारे झुका कर फर्श पर खड़ा कर देता है।
पोसिशन दोनों बेड पे अपने हाथ टीका कर और फर्श पे पैर फेला कर खड़ी थी।
और अरुन दोनों के पीछे जा कर खड़ा हो जाता है
और दोनों के टाँगे फैला देता है और इस पोजीशन में दोनों माँ बेटी की गाण्ड का छेद साफ़ नज़र आ रहा था।
उनके पीछे घुटनो पर बैठ जाता है और दोनों की गाँडो के छेद में अपने दोनों हाथों की एक एक ऊँगली में थूक लगा के पेल देता है।
और दोनों के मुह से सिसकारी निकल जाती है।
सरला को तो कम पर नीतू को बहुत दर्द हुआ।
नीतू: आह माँ मार ड़ाला ।
सरला: धीरे नीतू ।
नीतू: आह स स माँ बहुत दर्द हो रहा है।
सरला: जानती हु पर बेटी अभी तो अरुन ने अपनी एक ऊँगली डाली है जब पूरा मुसल जायेगा तो क्या होगा।
नीतू: आह ओह माँ आह से आ माँ दर्द सह लुंगी पर मुझे अपने पापा का लंड अपनी चुत और गाण्ड दोनों में लेना है तभी मैं आप की तरह पापा की पक्का वाली रांड बन पाऊँगी इसलिये मुझे जितना भी दर्द सहना पड़ेगा मैं सह लुंगी ।
सरला: ये हुई न बात मेरी रानी बेटी ।
अरुन और तेज़ तेज़ अंदर बाहर करो अपनी ऊँगली
और अरुन तेज़ तेज़ करने लगता है और सरला की गाण्ड से ऊँगली निकाल कर उसकी गाण्ड पे जीभ लगा कर चाटने लगता है।
सरला: आह जान क्यों गन्दी जगह अपनी जीभ लगाते हो।
आआआह आ माँ माँ आह कितना अच्छा लगता है मेरे राजा
नीतु देख रही थी की अरुण माँ की गाण्ड चाट रहा था
नीतू; आह माँ आहहह नहीं मेरी भी चाटो ना पापा।
और अरुन नीतू के गाण्ड से ऊँगली निकाल कर उसके गाण्ड के छेद में जीभ लगा कर चाटने लगता है।
और नीतू सीसीसीसी मज़ा आ गया था ।
क्या चाटते हो।
सरला: जान अब पेल दो न।
अरुण: किसके में डालुँ पहले ।
सरला: नीतू के गाँड में जान ।उसे बहुत दर्द होगा तो उसी हिसाब से उसकी गाण्ड मारनी पडेगी।
और जेली को उठा कर नीतू के गाण्ड के भूरे छेद में मल देती है।
अरुण: जान इसको खड़ा तो करो अपना लंड को हिलाते हुए।
और उसकी ये बात सुन कर दोनों माँ बेटी एकदम से अरुन के लंड के पास मुह करके बैठ जाती है और दोनों उसके लंड को चुसने लगती है ।
कभि कोई टट्टों को
कोई लंड को।
फिर टोपे को।
तो कोई ज़ड को और
एक दूसरे से छिनने लगती है जैसे होड लगी हो किसी चीज़ की।
अरुण: हो गया भाई खड़ा करना है निचोड़ना नहीं है
और दोनों उसकी ओर देख के भी नहीं रूकती है पागलो की तरह चुसती रहती है।
अरुण: आ आह और चूसो ऐसे हे आह ओह माँ मर गया उफ मज़ा आ रह है चुसो मेरी रांडो चुसो मेरे लंड को मजा आ गया निकालो मेरा पानी और पि जाओ
आह ओह माँ आह से आ माँ मार ड़ाला रांडो मेरी रण्डियों ने।
और वो दोनों तो जैसे कुछ सुन ही नहीं रही थी
और दोनों एक दूसरे से छिना झपटी कर रही थी।
जैसे लड रही हो की ये मेरा है की मेरा है।
तभी अरुन का शरीर अकडने लगता है सरला समझ जाती है।
और अरुन के टोपे को नीतू से छिन कर अपने मुह में लेती है और जोर जोर से चुसने लगती है।
और तभी अरुन पिचकारी छोड देता है और सरला उसका पानी पिने लगती है और फिर अपने मुह से निकाल कर नीतू के मुँह में देती है और दोनों माँ बेटी अरुन का पानी पी जाती है और चाट चाट कर साफ़ कर देती है ।
अरुन पानी निकलने के बाद बेड पे बैठने लगता है और सरला और नीतू उसे बेड पर लिटा देती है और खुद उसके बगल में लेट जाती है।

सरला और नीतू दोनों अरुन के लंड को सहलाने लगती है
और अरुन के एक एक निप्पल को दोनों मुह में ले कर चुसने लगती है।
इन हरकतो की बजह से अरुन का लंड खड़ा होने लगता है।
अरुण: आआआअह्ह माआआआआह
किसका नंबर लगाऊ।
सरला: नीतू को घोड़ी बनने का इशारा करती है।
और थोड़ी और जेली लगाती है नीतू की गाण्ड और अरुन के लंड पर।
और अरुन पीछे आ कर नीतू की गाण्ड के सुराख़ पे लंड का सुपाडा लगा कर हल्का सा झटका मारता है।
नीतू: आह भाई धीरे पेलना पहली बार मेरी गांड पर किसी ने लंड रखा है।
सरला: चिंता मत कर भाई है आराम से करेगा।
और होने वाले बच्चो का बाप भी है।
नीतू: उई माँ
अरुन थोड़ा और जोर लगाता है थोड़ा सा लंड नीतू की कुँवारी गांड में घुस जाता है।
नीतू;हाय भाई आराम से डालो
और सिसकने लगती है।
सरला अरुन को इशारा करती है आराम आराम से करेगा तो तकलिफ ज्यादा होगी एक ही बार में पेल दे पूरा ।
और सरला नीतू का सर अपनी गोदी में रख लेती है।
और बिना समय गँवाये एक जबरदस्त झटका मारता है जेली की चिकनाइ और लंड के वार से नीतू की गाण्ड ककड़ी की तरह फट जाती है और लंड झटके से नीतू की गाण्ड में घुस जाता है।और नीतू के मुँह से चीख निकल जाती है।
वो तो सरला का ध्यान था वो उसके मुह पे अपना हाथ रख देती है जिससे उसकी चीख उसके मुह में डब जाती है।
और अरुन नीतू के मम्मे पकड़ कर मसलता है और अपने लंड को धीरे धीरे आगे पीछे करने लगता है।
धीरे धीरे करने से और मम्मे के मसलने से नीतू को थोड़ा आराम मिलता है ।
नीतू: आआआअह्ह भाई तुम बहुत बेरहम हो आह कितनी बेदरदी से आप ने लंड घुसाया है कोई रहम नहीं किया।
अब तो धीरे धीरे कर रहे हो ।
अपनी बाकि की बेहरमी भी दिखा दो ,कोइ रहम मत करो।
उऊउउउउउह रवि देखो एक ही दिन में तुम्हारी बीवी की उसके भाई ने अपनी माँ के साथ मिल कर चुत और गाण्ड फाड़ दी लोहे की रॉड से अगर आआआअह्ह उउउउउउउह तुम्हारे पास ये रॉड होती तो मैं तुम्हारे निचे होती उउउउउउउह माआआआआ आआह्ह्ह्हह्ह्
फट गई मेरी गाण्ड पक्का खून निकल रहा होगा
तभी सरला देखती है।
सरला: हाँ बेटी तेरी गाण्ड का भी उदघाटन हो गया मेरे बेटे के लंड से।
आआआआह उउउउउउउह माआआआआ अव मैं अरुन की पक्की वाली रांड और बीवी बन गई।
सरला: हाँ मेरी बच्ची अब तुम मेरी सौतन भी बन गई।
नीतू: उउउउउउउह माआआआआ भाई से बोलो मेंरे पर कोई रहम न करे कर ले अपने मन की।भाई भी क्या याद रखेगा किस दिलवाली से पाला पड़ा है।
आआआआह।
अरून उसकी बातें सुन कर और जोर जोर से धक्के मारने लगता है।
नीतू; आआआअह्ह उउउउउउउह माआआआआ आआह्ह्ह्हह्ह क्या चोदा था भाई मस्त है। बन गया मेरा खसम आआआअह्ह उउउउउउउह माआआआआ मरररररररर डाआआआआआ मेरी जान , मेरे भाई,मेरे पति ने ।
उऊउउउउउह और कितनी देर पेलेगो मेरी जान।
अरुण: गलती तुम दोनों की है मेरा पानी क्यों निकाला मेरा लंड चूस के। नहीं तो अभी तक निकल गया होता। और तेज़ तेज़ गाण्ड मारने लगता है ।
नीतू: माँ उउउउउउउह बचा लो मुझे ये तो मुझे चलने लायक भी नहीं छोडेंगे।
सरला: थोड़ी देर और सबर कर ले बेटी।
उऊउउउउउह माआआआआह
अरून नीतू की गाण्ड से एक झटके से लंड निकाल लेता है।
नीतू: अअअअअ भाई क्यों निकाला मजा आ आ रहा था ।
अरुण: तूने ही तो बोला।
नीतू : माँ बोलो न भाई को लड़कियों तो नखरे करती ही है। और अरुन बेड पे लेट जाता है उसका लंड किसी खुटे की तरह खड़ा था।
अरुण: अब जिस को गाण्ड फड़वानी हो इस खुटे पे अपनी अपनी चुत या गाण्ड रख कर बैठ जाए।

सरला और नीतू दोनों एक दूसरे को देखती है।
जैसे कह रही हो पहले मैं पहले मैं।
अरुण: क्या हुआ मेरी बुलबुलो क्या सोच रही हो।
तभी नीतू।
नीतू: माँ आप बैठ जाओ मैं तब तक थोड़ा आराम कर लु।भाई ने मेरी गाँड फाड़ दी है।
और सरला अरुन के लंड पे अपनी गाण्ड के सुराख़ को रख कर बैठने लगती है।
सरला: आआआअह्ह ओह माँ ।
ऐसे बैठने से अरुन का लंड सरला के गाण्ड में ज़ड तक घुस जाता है।
और पहली बार सरला को ऐसा लग रहा था की लंड गाण्ड में घुसा है और मुँह से बाहर आ जाएगा।
सरला: आह अरुन क्या लंड है तेरा मेरे राजा मैं तो निहाल हो गई आह अगर मैंने तुझे नहीं पाया होता तो मेरी ज़िन्दगी बर्बाद थी आह ओह मज़ा आ रहा है और अरुन के लंड पे उछल उछल कर अपनी गाण्ड अरुन के लंड पे पटक रही थी।
नीतू: माँ हटो न अब मुझे भी झूला झुलना है अपने खसम के लंड पे।

और सरला हट जाती है और नीतू अरुन के लंड पे बैठने लगती है ।
नीतू ; आह माँ क्या लंड है एकदम खम्बे जैसा ऐसा लग रहा है मेरी गाण्ड दो हिस्सो में बँट रही है।
ओर धीरे धीरे पूरा लंड अपनी गाण्ड में ले लेती है।
अरून नीतू के मम्मे पकड़ लेता है और नीतू अरुन के लंड पे उछलने लगती है।
नीतू: माँ माज़ा आ गया खसम के लंड का ।
आज सही मायने में मैं सुहागिन बनी हु असली मरद की
जो औरत की फाड़ना जानता है और एक औरत को रात को खुश कैसे रखते है जानता है।
आआआअह्ह भाई मेरे राजा कहते हुए उछलती रहती है।
करीब आधे घंटे बारी बारी से दोनों अरुन के लंड पे झूला झूलती है पर अरुन का लंड पानी छोड़ने का नाम नहीं ले रहा था।
तब दोनों माँ बेटी अरुन के दोनों तरफ बैठ जाती है और अरुन के लंड को चुसने लगती है।
अरुण: आआआ क्या हुआ रांडो थक गई पर अपने पति का पानी नहीं निकल पाई।
पर दोनों में से कोई नहीं सुनति और अरुन के लंड को चुसती रहती है।

१५ मिनट बाद
अरुण: आह आह और चुसो मेरी रंडियो आह और अपना लंड उनके मुँह से निकाल लेता है और नीतू की गाण्ड में एक झटके में पेल देता है।
नीतु की चीख निकल जाती है पर अरुन को कोई फ़र्क़ नहीं पड़ता और बेहरमी से नीतू की गाण्ड चोदता रहता है।
सरला: बस बेटी बस भाई का निकलने वाला है।
तेरी जो ननद है न उसकी चुत भाई को दिला दियो
नीतू:हाँ दिला दूंगी और तो और अपनी सास की भी दिला दूंगी बस भाई मेरी ढंग से मार ले आह आ माँ आहह
सरला: अपनी सास की ।
नीतू; हाँ वो भी मस्त माल है भाई ।मतलब की उनकी उम्र ही क्या है ४२ साल पर लगती तो ३५ की है भाई उनकी लेगा न तो वो दे देंगी।
उनकी मम्मे तो बहुत बड़े है आह माँ आप से भी बड़े और अरुन नीतू की गाण्ड में झड जाता है।
आ उउउउउउफ कितने कमीनी हो तुम दोनों हर बार मुझे झडने के लिए लालच देती हो ।

अरुण: हर किसी की लेना इतना आसान नहीं है नीतू
मेहनत करनी पड़ती है।
बुआ और तुम्हे तुम्हारे पति से वो प्यार नहीं मिला इस लिए तुम दोनों ने मेरा प्यार अपना लिया पर मुझे सिर्फ अपनी माँ का प्यार चाहिए और अब तुम भी हमारे परिवार का हिस्सा हो।
मै अपनी सरला पत्नी और तुम हमारी बेटी नीतू।
नीतू: अच्छा जी गाण्ड और चुत मारने के बाद बेटी।
अरुण: हाँ जी बेटी ।
क्यूं जान ।
सरला: मैं जानती थी आप को कितना भी मैं दूसरो की चुत दिला दू पर आप का प्यार मेरे लिए कम नहीं होगा
चलिये काफी रात हो गई है आप सुसु करने चलिये फिर सोते है काफी दिनों से आप कॉलेज भी नहीं गये ।
और अरुन नीतू और सरला को गोदी में उठा कर बाथरूम ले जाता है क्यों की गाण्ड की चुदाई के बाद दोनों को चलने में प्रॉब्लम हो रही थी।
और तीनो फ्रेश हो कर नंगे ही सो जाते है।
 

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