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आए बहुत मजा आ रहा है तेरी टाइट चुत मारने में।
नीतू: आप को मेरी चुत इतनी अच्छि लगी पापा।
अरुण: हाँ बेटी मजा आ रहा है।
ऐसा लग रहा है की कोई गन्ने की मशीन मेरे लंड को पेर रही है।
नीतू: ओह पापा आप की बात सुन के मेरा दर्द बंद हो गया। मेरी चुत फ़टने का अब कोई दुःख नहीं क्यों की मेरे पापा को मजा आ रहा है।मेरी चुत मार के।

आह ओह माँ आह और मारो मेरे राजा मुझे भी अपनी पत्नी बना लो मेरी माँ की सौतन आह ओह।
सरला नीतू के गाल पे हल्का सा थप्पड मारती है।
सौतन बनेगी मेरी।
नीतू: नहीं माँ तुम मेरी दीदी मैं आप की देवरानी।
क्यूं की अब हम दोनों का पति एक ही है।
जब तक नहीं चूदी थी तो मेरे पापा थे और अब चुदाई के बाद मेरे पति।
अब हम दोनों सौतन हुए ना।
सरला हंस देति है ।
मुझे अपने बेटे को तुझसे या किसी से भी शेयर करने में कोई प्रॉब्लम नहीं है जब तक मेरे बेटे को पसंद है।
सरला: चोद अरुन अपनी नई बीवी को फाड़ दे उसकी भी चुत जैसे मेरी फाडी थी।
और अरुन स्पीड तेज़ कर देता है
नीतू: हाँ जान और तेज मारो अपनी बीवी की चुत आज मेरी आप के साथ सुहागरात है बना लो मुझे भी अपनी रँडी पर्सनल राण्ड जो सिर्फ तुम्हारी गुलाम हो और आप के लंड पे मेरा हक़
और अरुन बेहरमी से नीतू की चुत मारने लगता है।
सरला मार और जोर से मार इस रंडी की चुत और बना दे अपने बच्चे की माँ इसको। बिठा दे गर्भ इसका।
नीतू: आह ओह माँ मर ड़ाला हाय क्या माँ आह मजा आ रहा है हाँ मेरी जान बना लो अपना गुलाम आप के लंड की तो मैं गुलाम हो गई मेरे राजा और नीतू झड़ने लग जाती है ।
आह ओह माँ मैं गई।
और उसका शरीर ढिला पड़ जाता है
पर अरुन का अभी नहीं हुआ था।

अरुन सरला को देखता है।
सरला: अभी निकल लो बाद में चोद लेना अभी ये झेल नहीं पायेगी।
अरुण: पर।
सरला: अरुन के होंठो पे ऊँगली रखते हुए मैं अभी जिन्दा हूँ और जब तक मेरी चुत गाण्ड और मुह है मेरे बेटे को परेसान होने की ज़रूरत नहीं ।
अरुण: तो आज तुन मारो अपनी चूत।
सरला: कैसे मेरे राजा।
और अरुन लेट जाता है और सरला को अपने उपर बुलाता है ।
और सरला को अपने लंड पे बैठने के लिए बोलता है।
सरला अरुन के लंड पे धीरे धीरे बैठने लगती है।
उसको ऐसे महसूस हुआ जैसे कोई लोहे की रोड उसको चीरते हुआ उसके अंदर चुत के रास्ते घुस रही है।
सरला: आह माँ माँ आह सी आ आ आह।
क्या क्या सिखायेगा अपनी माँ को और उसके लुंड पे उपर निचे होने लगती है।
इधर नीतू को भी होश आ जाता है और अपनी माँ को लंड की सवारी करते देख वो भी हैरान हो जाती है।
मा तुम ये क्या कर रही हो।

सरला: क्या करूँ बेटी तेरा ये भाई मुझे रोज नये नये स्टाइल से चोदता है देख आज मुझे अपने लंड पे बैठा कर जन्नत की सैर करा रहा है।
नीतु सरला के मम्मे पकड़ कर।
भाई देखो ना माँ के बूब्स कितने बड़े है ।
हम दोनों ने इनका बचपन में दूध पिया है।
आज भी पिए ।
अरुण: बिलकुल और दोनों भाई बहन एक एक निप्पल मुह में ले कर चुसने लगते है।
सरला: आह ओह क्या कर रहे हो शैतान जान लोगे क्या आ आ माँ आ आ । मेरे बच्चो मैं कभी भी नहीं सोच सकती थी मुझे इतना मजा मिलेगा।
और तेज़ तेज अरुन के लंड पे उछलती रहती है।
थोड़ी देर ऐसे चुदने के बाद।
सरला: जान मैं थक रही हूँ अब तुम चोदो न अपनी माँ को।। अरुन सरला को ऐसे ही लंड फसे हुए गोदी में उठाता है और खड़े हो कर सरला को चोदने लगता है।
नीतू: अब ये कौन सा स्टाइल है ।
सरला: तुहे पता नहीं बेटी तेरी भाई कई तरीके से चोदता है और अरुन के गोद में उछलती रहती है।
अरून सरला के दोनों चूतडो को पकड़ कर सरला की कमर को अपने लंड पे उछालते रहता है।
सरला: आ मजा आरहा मार ऐसे ही अपनी माँ की चुत फाड़ दे मेरी बना दे
उसका भोसड़ा अरुन मार ड़ाला कमिने मादरचोद।
चोद मादरचोद आज तो बहनचोद भी बन गया
आह ओह मज़ा आया और सरला अरुन के लंड पे झड जाती है
तभी अरुण
अरुण: मेरा आ रहा है जान बोल कहा निकालूँ।
सरला: नीतू फटाफ़ट लेट।
नीतू: क्यों ।
सरला; अरुन तेरे चुत में अपना पानी निकालेगा तभी तो तू माँ बनेगी अरुन के बच्चो की और अरुन सरला को निचे उतार देता है और नीतू की चुत में पूरा का पूरा लंड एक बार में पूरा पेल देता है और कस कस धक्के मारने लगता है ।
नीतू: आआआअह्ह आह मज़ा आ गया माँ आ आ माँ आहः
आजा मेरे राजा निकाल अपनी बहन की चुत में अपना पानी और बना ले अपने बच्चो की माँ।
और ये सुन कर अरुन झड़ने लगता है।
और इतना झडता है की ।
नीतू: माँ भाई का तो बंद ही नहीं हो रहा।
सरला: अरुन का बहुत पानी निकलता है बेटी बड़ा लंड है न इसका तो पानी भी ज्यादा निलकता है।
नीतू: मुझे लगता है मैं आज ही प्रेग्नंट हो जाऊँगी।
और अरुन नीतू के सिने पे सर रख देता है।
नीतू: प्यार से अरुन के बालों में ऊँगली फ़िराती है।
मेरा भाई और अपना मुम्मा उसके मुह में डाल देती है।
जो काम सरला अरुन के झड़ने के बाद करती थी।
वो आज नीतू कर रही थी
सरला उनदोनो का प्यार देख कर खुश हो जाती है और उनसे चिपक के लेट जाती है और तीनो आँख बंद कर के लेटे रहते है।
नीतु : भाई सुसु आई है।
अरून नीतू के उपर से उठता है और नीतू को गोदी में लेने लगता है।
नीतू: मैं चलि जाऊंगी
और जैसे ही उठती है उसके मुह से चीख निकल जाती है।
सरला: इसलिए अरुन तुझे कह रहा था अब तू कुवारी नहीं रही तेरी भी चुत फट गई है तो दर्द तो होगा। जा भाई के साथ जा।
और अरुन नीतू को अपनी गोदी में उठा कर बाथरूम ले जाता है और उसे अपनी गोदी में ही बिठा कर सुसु करवाता है और अपने हाथों से उसकी चुत धोता है और
अरुण: सॉरी नीतू।।
नीतू; क्यु।
अरुण; तुम्हारी चुत से खून निकाल दिया।
नीतू: मुझे पता है पहली बार में ऐसे होता है ।
अरुण: पर तुम तो ।
नीतू: मुझे पता है तुम्हे किनकी बातें पसंद है उसलिए उस टाइम नाराज कर रही थी।
भाई जब मरद का लंड पहली बार चुत या गाण्ड में जाता है तो खून निकलता है मैं जानती हु शादीसुदा औरत हु कुवारी नही।
अरुण: खून तो कुवारी का निकलता है।
नीतू: हाँ आप के मुसल के हिसाब से मैं अभी भी कुवारी हु और रहूँगी क्यों की आप जब जब चोदोगे मेरी चुत और गाण्ड से खून बहेगा।
अरुण:’ क्या तुम मुझे गाण्ड भी दोगी।
नीतू: बिलकुल तभी तो तुम्हारी रांड नंबर २ बनुंगी।
और अरुन नीतू को किस करता है और बाहर आ लाता है और बेड पे लिटा देता है।
सरला चलो मैं चलती हू।
अरुण: कहाँ जान।
सरला’; टाइम देखो ७ बह रहे है चुदाई करते करते टाइम का पता नहीं लगा।
अरुण: पर मुझे अभी नीतू की गाण्ड मारनी है।
सरला: वो सब रात को तुम थक गये होगे ।
और नीतू की गाण्ड आराम से मारनी पड़ेगी नहीं तो कल सुबह हम माँ बेटी दोनों लंगड़ा कर चल रही होंगी और तुम्हारे पापा परेसान की क्या हुआ दोनों को एक साथ।
अरुण: पर रात को कैसे आप तो पापा के साथ सोओगी।
सरला: नहीं रात को हम माँ बेटी दोनों तुम्हारे रूम में सोयेंगे।

थोड़ी देर ऐसे ही लेटे रहने के बाद।
सरला उठती है ।
चल नीतू खाना बना लेते है तेरे पापा आने वाले होंगे।
नीतु उठ कर कपडे पहनने की कोशिश करती है।
सरला: रहने दे तेरे पापा उर्फ़ भाई उर्फ़ पति कपडे नहीं पहनने देंगे।
और नीतू को नंगी ही साथ लेकर किचन में आ जाती है
दोनो माँ बेटी लंगड़ा कर चल रही थी।
नीतू: माँ चुत में लंड लेके तो चला नहीं जा रहा गाण्ड में लुंगी तो क्या होगा।
सरला: बेटा भाई के मुसल के मजे लेने है तो दर्द तो सहना पड़ेगा और पापा के सामने ठीक से चलना नही तो सवाल करेंगे क्या हुआ लंगड़ा क्यों रही है।
नीतू: ठीक है माँ।
और तभी अरुन वहाँ आ जाता है।
और नीतू के गाँड पे चुटकी काट लेता है।
नीतू: आआआअह्ह माँ देखो न भाई ने क्या किया ।
सरला: अरुन क्यो परेसान कर रहा है अपनी नई रांड को।
अरुण; माँ क्या चुदकड़ माल है तेरी बेटी।
सरला: क्यों तेरी नहीं है कोइ।
अरुण: है है न मेरी पर्सनल रँडी नंबर २
नीतू: भाई क्या मुझे आप अपनी पत्नी नहीं बना सकते।
अरुण: बहना चुद के तो पहले ही मेरी पत्नी बन गई और गाण्ड मरवाने के बाद मेरी रांड बन जाओगी।
सरला उनकी बात सुन कर हँसते हुए काम कर रही थी।
तभी अरुन सरला से।
अरुण: माँ फ्रीज़ में कुछ गाज़र या मुली पड़ी है।
सरला: हाँ बेटा खाने के टाइम सलाद काट लुंगी।
अरुण: माँ मुझे नहीं खानी।
सरला: तो।
अरुण: तुम दोनों की चुत को खिलानी है।
सरला: मतलब फिर बदमाशी।
सरला समझ जाती है।
अरुन फ्रीज में से दो गाज़र निकालता है।
और सरला और नीतू के पास आ कर।
दोनो गाज़र उनको दीखाता है।
अरुण: दोनों में कौन से किसे पसंद है।
सरला तो समझ गयी थी पर नीतू अभी भी अन्जान थी
और मोटी वाली गाज़र देख कर नीतू ।
नीतू: मुझे ये मोटी वाली पसंद है।
सरला हँस पड़ती है।
नीतू: माँ हँस क्यों रही हो।
सरला: अभी पता चल जाएगा।
और अरुन मोटी वाली गाज़र ले कर नीतू के सामने घुटनो पर बैठ जाता है।
और उसकी चुत पे हाथ फेरने लगता है।
नीतू: जान ऐसा मत करो न अभी भी दर्द हो रहा है।
अरुण: चिंता मत कर मेरी बुलबुल अभी इन्तज़ाम करता हू।
और नीतू की दोनों टांगे फैला कर उसकी चुत को जीभ से चाटने लगता है।
नीतू: आआआ ह्ह्हह्ह मजा आ रहा है और आँख बंद करके मज़ा लेने लगती है।
और यही उसकी भूल थी।

मौका देख कर अरुन वो मोटी वाली गाज़र जो नीतू की पसंद थी उसकी चुत में घुसा देता है।
नीतु एकदम से हुए इस हमले को झेल नहीं पाती। और उसके मुह से चीख निकल जाती है।
नीतू; आआआअह्ह उउउउउउउह माँआआआआ मारररररररर डाआआआआआ क्या किया
और निचे देखती है ।
अरुन ने पूरी गाज़र नीतू की चुत में उतार दी थी।
नीतू: आआआअह्ह माआआआआ देखो माआआआआ आआह्ह्ह्हह्ह भाई ने क्या किया ।फाड़ दिया मेरी चूत को।
सरला: नीतू को समझाते हुए कुछ नहीं होगा मेरी बच्ची जब भाई का मुसल झेल गई तो ये गाज़र क्या चीज है।
चुप हो जा ।
सरला नीतू को समझा रही थी उसे पता था की अगला नंबर उसी का था।
और उतनी देर में अरुन दूसरी गाज़र सरला की चुत में पेल देता है।
सरला: आआआआ माआआआआ आआह्ह्ह्हह्ह सीईईई धीरे धीरे डाल अरुन
और नीतू एकदम से सरला को देखती है।
नीतू: माँ चुप हो जाओ जब भाई का मुसल झेल लि हो ये गाज़र क्या चीज है।
और दोनों एक दूसरे को देख कर हँस पड़ती है।

और दोनों के चूतों में गाज़र डाल कर अरुण खड़ा हो जाता है और अपनी दोनों रांडो को अपनी बाँहों में ले कर।
जब तक सारा खाम ख़तम करके मेरे रूम में आओगी
तब तक ये गाज़र तुम दोनों की चूतों में पड़ी रहेगी।
और जिसकी चुत में गाज़र नहीं मिली उसको आज मेरा लंड नहीं मिलेंगा और सजा मिलेगी।
सरला और नीतू
नही नहीं ऐसा मत करना हम नहीं निकालेंगी
जब तक आप अपने हाथ से नहीं निकालोगे।
ये गाज़र हमारी चूतों में पड़ी रहेंगी।
अरुण: गुड गर्ल्स और दोनों के होंठो को चूसने लगता है।
अरुण: चलो जल्दी से काम ख़तम करो।
और किचन के स्लीप पे बैठ जाता है और दोनों को गाज़र की बजह से हो रही परेसानी का मजा लेता है।
नीतू: माँ कुछ कुछ हो रहा है।
सरला: देखती जा अभी बहुत कुछ होगा।
नीतू: माँ चलने में प्रॉब्लम हो रही है।
सरला: थोड़ी देर होगी फिर एडजस्ट हो जायेगी।
अरुण: क्या बात हो रही है मेरी रंडियों।
सरला: कुछ नहीं नीतू को समझा रही थी।
अरुण: अच्छा तुम्हे कितना एक्सपीरियंस है कितनी बार ली है गाज़र इससे पहले जो नीतू को समझा रही हो।
सरला: वो सिर्फ आप ने एक बार गाण्ड मारी थी तभी आपने मुली डाल दी थी।
अरुण: फिर ज्यादा मत समझा नहीं तो तेरी गाण्ड में एक मुली और डाल दुँगा।
सरला: नहीं मेरे मालिक एक ही बहुत है।
अरुण: तो चलो बातें कम करो और काम जल्दी २ ख़तम करो फिर तुम दोनों की गाण्ड का उद्घाटन करना है।
सरला: मेरी का तो हो गया है।
अरुण: कोई नहीं एक बार और कर दुँगा।
सरला: पता नहीं तुम्हारे पापा कब आयेंगे
अरुण: क्यों अभी से खुजाने लगी क्या तेरी गांड।
सरला: वो तो रोज़ ही खुजाती है जब से आप का लंड लिया है।
और इसी तरह से मज़ाक़ करते हुए वो दोनों चूत में गाज़र लिए रमेश का इंतज़ार करती है।
रमेश के आने के बाद दोनों नाइटी पहन लेती है और गाज़र अब भी उनदोनो की चुत में था।
रमेश: क्या हुआ तुम दोनों ऐसे क्यों चल रही हो।
सरला: रमेश के कान में।
वो हम दोनों शॉपिंग पे गई थी तो ज्यादा चलने की बजह से जांघे छिल गई है।
रमेश कुछ नहीं बोलता।
और सभी खाना खा लेते है अरुन अपने रूम में आ जाता है।
नीतु रमेश से।
नीतू: पापा मैं और मम्मी साथ साथ अरुन के रूम में सो जाएंगे।
जब से आई हु मम्मी के साथ नहीं लेटी।
रमेश: जैसा तुम दोनों को अच्छा लगे और अपने रूम में चला जाता है।
सरला: नीतू चल किचन का काम जल्दी ख़तम करते है नही तो हमारे खसम नाराज तो जाएंगे।
नीतु: हाँ माँ गाज़र डाले डाले मेरी चुत ने इतना पानी छोडा है की मेरी दोनों जाँघे गीली फ़ीलिंग हो रखी है।
पता नहीं भाई ये नये नये आईडिया कहाँ से लाता है।
हम दोनों को चोदे बिना ही उन्होंने हमारी चुत का पानी निकाल दिया है ।
सरला: यही तो स्पेशल है हमारे खसम में।
और दोनों किचन में जल्दी २ काम ख़तम करती है।
तभी अरुन वहां आता है।
और कितना टाइम लगेगा रांडो ।
जितना तुम मुझे इंतज़ार कराओगी उतनी ही बेरहमी से तुम्हारी गाण्ड फाड़ूंगा समझी रांड और रूम में चला जाता है।
सरला: मैं बोल रही थी न जल्दी २काम ख़तम करो।हो गया न नाराज अब बहुत बेरहमी से हमारी चुत और गांड चोदेगा।
नीतू: कोई बात नहीं माँ जीतनी बेरहमी से मारेंगे दर्द होगा पर मजा भी उतना ज्यादा आयेगा।
क्यूं ।
सरला: हाँ मेरे राजा का मुसल है ही ऐसा।
चलो जल्दी करो।
और दोनों जल्दी से काम ख़तम करती है।
और सरला नीतू को 2 गिलास दूध गरम करने के लिए बोलती है और 1 में काफी सारे ड्राई फ्रूट्स डाल कर गिलास में लेती है और 1नीतू को देति है और 1 में नींद की गोली डालकर रमेश को पिला आती है फिर दोनों जल्दी से अरुन के रूम में आ जाती है और अंदर से गेट बंद कर लेती है।
सरला नीतू को दूध का गिलास अरुन को देने के लिए बोलती है।
अरुण: मिल गई फुर्सत आ गई अपने खसम की याद या और तडपाना है।
सरला: नहीं स्वामी ऐसी बात नहीं है काम पड़ा था वही ख़तम कर रहे थे।
नीतु की तरफ देखते हुए तुम्हे कुछ कहना है।
नीतू: जान जीतनी आप को जल्दी है उससे ज्यादा हमें जल्दी है अपनी ठुकाई कराने की।
है ना माँ।
सरला: हाँ राजा।
चलो ग़ुस्सा छोडो और गरम गरम दूध पी लो ।
नीतु लाई है स्पेशल ड्राई फ्रूट्स वाला।
अरुण: ओह तो दोनों रांड मिलकर रिश्वत लाई है।
सरला: ऐसा नहीं है।
अरुण: बहन की लोडी सफाई दे रही है।
सरला चुप हो जाती है।
अरुण: पता है कितनी देर से सुसु लग रही है सोचा तुम्हे भी लग रही होगी तो अपनी गोदी में ले जा कर करवा दुँगा।
नीतु और सरला दोनों एक साथ ।
बहुत तेज लग रही है राजा ।
और दोनों भाग कर अरुन की बाँहों में आ जाती है।
और अरुन दोनों को अपनी बाँहों में उठा कर बाथरूम ले जाता है ।
और उतार देता है।
अरून सरला से।
अरुण;सॉरी वो।
सरला: चुप एकदम मुझे पता है मेरा राजा मुझ से ज्यादा दुर नहीं रह सकता गलती मेरी है हमें काम कल के लिए छोड देना चाहिए था पर क्या करती मुझे पता था की आप रात भर हमारी फाड़ोगे तो सुबह हम चलने के लायक नहीं रहेंगी इसलिए सोचा काम आज ही ख़तम कर ले।
और अरुन सरला के होंठो को चुसने लगता है ।
और नीतू उन दोनों माँ बेटे का प्यार देख कर इमोशनल हो जाती है अरुन नीतू को ऐसे देख कर अपनी बाँहो में ले लेता है और कुछ देर सरला को किस करके नीतू के होठ चुसने लगता है।
सरला: जानू सुसु लग रही है।
अरून कुछ देर नीतू के रसीले होंठो को चुसने के बाद
टॉयलेट सीट पे बैठ जाता है।
और सरला को अपनी गोदी में बैठने के लिए बोलता है
पोजीशन
अरुन वेस्टर्न टॉयलेट सीट पे बैठा था और सरला नंगी उसकी पेट से अपनी पीठ लगा पैर लटका कर बैठी थी
अरून पीछे झुकता है और साथ में सरला को अपने साथ झुकाता है और दोनों टांगे उठाता है और फैलाकर मुतने के लिए बोलता है।
सरला: पर जान गाज़र।
अरुण: तुम्हे उससे कोई प्रॉब्लम है तुम सुसु करो ।
और सरला विस्सल की आवाज़ करते हुए मुतने लगती है
नीतु खड़ी होकर चुप चाप देखति रही थी ।
सरला: क्या देख रही है अभी तेरा नंबर आने वाला है
तभी अरुन सरला के होंठो को चुमने लगता है और सरला सुसु कर रही होती है
और उसी टाइम अरुन सरला की चुत पे हाथ फेरने लगता है।
सरला कुछ बोलना चाहती है पर बोल नहीं पाती
अरून का हाथ सरला के सुसु से गिला हो जाता है
अरुण सरला के होंठो को छोड़ते हुए ।
कितनी गरम है माँ तुम्हारी पेशाब।
सरला: क्या कर रहे हो बेटा तुम्हारे हाथ गन्दा हो गया
नीतु जरा पानी लाना।
अरुण: नहीं नीतू ।माँ तुम से मैंने बोला है न तुम्हारी कोई चीज़ गन्दी नहीं है।
चली उठो मेरी दूसरी रांड को भी पेशाब करना है।
और सरला उठ जाती है और नीतू उसकी गोदी में आ कर बैठ जाती है नीतू को काफी शरम आ रही थी।
अरुण :नीतू के कान में।
शरम आ रही है।
नीतू: हाँ में सर हिलाती है।
अरुण: ज्यादा शरमा मत और मुतना शुरु कर।
और नीतू मुतने लगती है और अरुन फिर से नीतू की चुत पे हाथ फेरने लगता है।
नीतू: आआआअह्ह भाई आआआअह्ह और मुतती रहती है और अरुण उठ कर दोनों की चुत पानी से साफ़ करता है और दोनों की चुतो से गाज़र निकाल देता है।
दोनो के मुह से राहत की साँस निकलती है।
अरुण: देखो कैसे लम्बी साँस ले रही है जैसे मैंने गाण्ड फाड़ दी हो।
नीतू: जानू फाड़ ही दी देखो कैसे अंदर से छिल गई है और अपनी चुत की दोनों फांको को खोल कर दिखाती है।
अरुण: ओह मेरी प्यारी बहना की चुत लाल पड़ गई और दोनों सरला और अरुन हँसने लगते है।
तब नीतू को एहसास होता है की उसने अपनी चुत अपने हाथों से खोल रखी है और अरुन को दिखा रही है।वो शरम के मारे सरला के पीछे चुप जाती है।
और फिर तीनो बाथरूम से बाहर आ जाते है।

रूम में आने के बाद।
सरला: आप ने सुसु तो की नही।
अरुण: रहने दो कही तुम दोनों को मेरा सु सु करने का स्टाइल पसंद न आये इसलिए मैंने नहीं की।
सरला: पागल हो क्या आप। ऐसा हो सकता है की आप कुछ करो और हमें पसंद न आये।
चलो आप सुसु कर लो नहीं तो दर्द होने लगेगा आप के मुसल में।
नीतू: हाँ भाई आप जो भी करते हो हमें अच्छा लगता है
और तीनो दोबारा बाथरूम में आ जाते है।
सरला: बोलो कैसे सुसु करना है आप को।
अरुण: अपनी दोनों रंडियों के उपर ।
सरला: क्या मतलब ।
अरुण: तुम जैसे मेरे लंड को पकड़ कर दिवार पे डिज़ाइन बनाती हो वैसे ही तुम दोनों के शरीर पर डिज़ाइन बनाना है।
सरला: बस इतनी सी बात और नीतू को लेकर अरुन के सामने खड़ी हो जाती है और दोनों अपनी अपनी नाइटी उतार कर नंगी हो जाती है।
सरला: चलो शुरु जो जाओ मेरी जान।
और अरुन अपना लंड पकड़ कर सरला की चुत पे धार मार कर मुतने लगता है और कभी नीतू की चुत पर तो कभी सरला की चूत पर।
अरुन की पेशाब की गरम गरम धार की बजह से दोनों की चुत में कुछ कुछ होने लगता है।
और दोनों आआआअह्ह उउउउउउउह माआआआ माआआअआज़ाअ मजा आ रहा है जान।
और अरुन सु सु रोक कर सरला के पास आता है।
सरला: अब क्या मेरी जान।
अरुण कुछ नहीं बोलता और सरला के चुत में लंड पेल कर मुतने लगता है।
सरला: आआआअह्ह उउउउउउउह माआआआआ आआह्ह्ह्हह्ह सीईईई क्या मरररररररर रहा हीआईईईईइ
इतने में अरुन सरला की चुत से लंड निकाल कर नीतू की चुत में पेल देता है और मुतने लगता है ।
और नीतू भी सीसिया जाती है।
और इस तरह दोनों रंडियों की चुत में पेशाब करता है और
उनकी चुत से पेशाब बाहर आ जाता है।
फ़िर उनकी चुत और गाण्ड को पानी से अच्छे से सफाई करता है और सभी बाहर आ जाते है।
सरला: अरुन से।
अब से जो भी मन करे हमसे पूछने की ज़रूरत नहीं है जो मन करे कर लेना जान।
अरुण: ओके और दोनों को अपनी बाँहों में भर लेता है और तीनो बेड पर बैठ जाते है और नीतू अरुन को दूध वाला गिलास देती है पहली तूम दोनों।
अरुण: जल्दी पीओ मेरी रांडो।
सरला: मेहनत तुम्हे करनी है हमें तो मज़े लेने है इस लिए तुम पी लो ।
अरुण: जीतनी मेहनत मुझे करनी आज उतनी तुम्हे भी करनी है।
और दोनों को पहले अपने हाथ से दूध पिलाता है फिर खुद पीता है।

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