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अरुन झड़ने के बाद वही लेट जाता है और एक तरफ सरला और दूसरी तरफ नीतू ।
क्या ज़िन्दगी थी अरुन की एक दम मस्त
थोड़ी देर तीनो ऐसे ही लेटे रहे ।
सरला अरुन के कान में ।
सरला: सुसु जाना है।
अरुण: सरला को देखता है।
सरला: सुसु आई है बहुत तेज मेरे राजा ।
अरुण: उठ कर सरला को गोदी में उठाने लगता है।
नीतू: कहा जा रहे हो।
सरला: सुसु करने।
नीतू : मुझे भी जाना है।
अरुण: नीतू को बाँहों में लेता है और बाथरूम में तीनो आ जाते है।
अरून सरला और नीतू को खड़ी कर देता है।
नीतु सरला को देखते हुए।
सरला: क्या देख रही हो अरुन के राज में खड़े हो कर करनी पड़ती है।
और एक तरफ सरला और दूसरे तरफ नीतू खड़ी हो जाती है।
और अरुन दोनों की चुत पे हाथ फेरते हुए
आसी सी करने लगता है और सरला सुसु करने लगती है ।
सरला: नीतू कर न पापा करा रहे है और नीतू भी धार मारने लगती है ।
खड़े खड़े सुसु करने से दोनों के टांगो पे सुसु लग जाती है ।
तभी सरला अरुन के लंड को पकड़ कर
तुझे भी सुसु करनी है।
अरुण: हाँ मैं सर हिलाता है।
और सरला अरुन के लंड को पकड़ कर सी
सी की आवाज़ निकलती है और अरुन धार छोड देता है।
और सरला अरुन के लंड को गोल गोल घुमाने लगती है और दिवार पर डिज़ाइन बना देती है।
नीतु भी अरुन के लंड को पकड़ कर घुमाने लगती है
और अरुन ऐसे ही सुसु करता है।
और फिर अरुन हैंड शावर से दोनों को साफ करता है और खुद को भी।और दोनों को बाँहों में ले कर बाहर बेड पे आ जाता है।

और तीनो बेड पे लेते थे।
लेफ्ट में नीतू राइट में सरला और बीच में अरुण और तीनो नंगे।
सरला: जानू।
अरुण: हाँ बुलबुल।
सरला: नीतू की अभी टाइट है तू आराम से करना।
अरुण: बड़ी फिकर हो रही है अपनी बेटी की,
मै भी बाप हु उसका ।
नीतू: माँ मुझे पता है पापा आराम से करेंगे।
सरला: तुझे पता नहीं अपने पापा को अगर एक बार मूड में आ जाये तो भूल जाते है किसकी चुत है।
उन्हें सिर्फ रांड याद रहती है।
और बेरहमी से चोदते रहते है।
अरून सरला के मम्मे पकड़ लेता है और खींच कर अपने मुह में लेता है।
सरला: मेरे बेटे को भूख लगी है ना।
आ पहले खाना खा लो।
अरुण: कुछ नहीं बोलता और नीतू के मम्मे को दबा देता है।
नीतू: आआ पापा धीरे ,बड़ी नाज़ुक है आपकी बेटी के बूब्स अभी तक बड़े प्यार से इस्तमाल हुए है ।
अरुण: पर अब ये सही हाथ में है और सही इस्तमाल होगा।
नीतू: मुझे पता है पापा और अपना मम्मा अरुन के मुह में देती है।
और अरुन चुसने लगता है।
तभी सरला उठती है ।
अरुण: कहाँ ।
सरला: अभी आई।
और रूम से बाहर चली जाती है।
और अरुन नीतू के मम्मे चुसता रहता है।
नीतू: आह पापा धीरे धीरे चुसो ना।
तभी सरला आ जाती है
अरुण: कहाँ गई थी ।
सरला: अरुन को के वाई जेली दिखाती है।
अरुण:ओह बड़ी चिंता है बेटी की।
सरला: क्या करूँ माँ हु ,जितना हो सकता है दर्द से बचाऊँगी।
नीतू: माँ आप बेमतलब में चिंता कर रही हो मैं झेल लुंगी।
सरला: फिर भी बेटी।
अरुण: किसकी माँरू पहले ।
सरला: पहले नीतू की मारो ।
अरुण: क्यु।
सरला: मुझे पता है चुदने के बाद नीतू को होश नहीं रहेगा।
और आप मेरी भी वही हाल करोगे क्यों की तीन दिन से आप ने मेरी गाण्ड और चुत नहीं मारी है तो आज आप अपना ग़ुस्सा उसपे निकलोगे ।
इसलिए पहले नीतू की हेल्प कर दू फिर अपनी आराम से फड़वाऊंगी।
अरुण: जैसे तुम्हारी मरजी।
और नीतू को बेड के बीच में ला कर सरला उसकी गाण्ड के निचे २ पिलो लगाती है और उसका सर अपनी गोदी में।
और के वाई जेली उसकी चुत के मुह पे लगाती है। ।
अरुन नीतू की दोनों टांगो को अपने काँधे पे रखता है और उसकी चुत पे हाथ फेर कर जेली अंदर तक लगा देता है।
अरून की ऊँगली के अंदर होते हो नीतू।
नीतू: आह माँ।
सरला: क्या हुआ बेटी अभी तो पापा ने सिर्फ ऊँगली डाली है।
नीतू: ओके
उधर अरुन अपने लंड को नीतू की रसीली चुत पे घीसने लगता है।
और टोपे को नीतू की चुत के मुह पे रगडने लगता है।
नीतू: माँ पापा को बोलो न चिढाये नहीं डाल दे और इंतज़ार नहीं होता तीन दिन से तड़प रही हूँ इस मुसल को अपनी चुत में लेने के लिये।
अरून सरला को इशारा करता है।
सरला नीतू के मुह में अपना मम्मा देती है और उसके निप्पल को धीरे धीरे मसलने लगती है।
जैसे ही नीतू का ध्यान अरुन से हटता है अरुन एक झटका मारता है और अरुन के लंड का टोपा नीतू की चुत में घुस जाता है और नीतू की चीख निकलती है पर सरला नीतु के मुह पे अपना मुम्मा दबा देती है और उसके बूब्स मसलते रहती है और नीतू की चीख उसके मुह में घुट जाती है।
और अरुन फिर से उतना ही लंड निकाल कर घुसाता है
और सरला अरुन को इशारा करती है ।
अरुन इस बार और तेज़ धक्के मरता है और इस बार में आधा लंड घुस जाता है।
नीतु का सरीर एठने लगता है।
पर सरला उसको नहीं छोड़ती
और अरुन अपने आधे लंड से ही नीतू को चोदने लगता है।और जब सरला की नज़र नीतू की चीख पे पड़ती है तो अरुन को इशारा करती है।
जब अरुन देखता है की नीतू की चुत से खुन निकल रहा था तो अरुन नीतू की चुत से लंड निकल लेता है
नीतु सरला और अरुन को देखति है जैसे पूछ रही हो क्या हुआ।

सरला नीतू को छोड देती है और नीतू अपनी चुत देखती है तो उसकी चुत से खून निकला था।
नीतू: हाय फाड़ दी मेरी चूत पापा ने माँ देखो खून निकल रहा है।
सरला: कोई बात नहीं बेटी पहली बार में खून निकलता है।
नीतू: पिछले 2 साल से चुद रही हु और आप बोल रही हो पहली बार।
सरला: बेटी रवि का अरुन की तरह बड़ा नहीं है हो सकता है पूरा अंदर नहीं जा पाया हो और मरद के लंड से खून ही निकलता है पर बाद में मज़े भी बहुत आते है।
सरला फिर से नीतू के मुह में मम्मा देती है और
अरुन फिर से नीतू की चुत में लंड पेल देता है और इस बार पूरी ताक़त से पूरा का पूरा घुसा देता है।
नीतु उछलने लगती है और उसका सरीर ऐठ जाता है और अपने मुह से सरला का मम्मा निकल कर चीख पड़ती है।
इस बार सरला भी नहीं रोकती।
नीतू : आआआअह्ह माआआआआ फआयआयड डीइइइइइइइ मेरीईईई चुत ।
फाड दी पापा ने अब उनको क्या मुह दिखाऊँगी मैं। रवि का लंड तो आधा भी नहीं है मेरी चुत का मुह बड़ा हो जायेगा तो उनको पता चल जायेंगा माआआआआ आआह्ह्ह्हह्ह सीईईई आआआ माआआआआ आआह्ह्ह्हह्ह्
और अरुन नीतू को चोदता रहता है।
सरला: नीतू के सर पे हाथ फेरती हुई।
कुछ नहीं होगा मेरी बेटी पहली बार ऐसा होता है
और तु तो चुदना चाहती थी अपने पापा से
और वो तो तेरी इच्छा पूरी कर रहे है।
नीतू: आह ओह चाहती थी पर चुदना।पर फड़वाना नहीं स स माँ मार डाला पापा के लंड ने ।
नीतू आह ओह माँ आह धीरे करो पापा धीरे आप की बेटी हु। अपनी बेटी को इतनी बुरी तरह नहीं चोदते।
अरुण: आह क्या करुं बेटी तेरी चुत इतनी टाइट है की मेरे लंड भी ऐसा लग रहा है किसी तंग गुफा में फंस गया हो।

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