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अरुन दोनों को बेड पे बिठा देता है।
सरला अरुन से
कैसे करना है मेरे राजा।
अरुण: तुम बताओ मेरी बुलबुल।
अरून जब नीतू को देखता है।
नीतू: ऐसे क्या देख रहे हो पापा।
अरुण: कुछ नहीं अपने नए माल को देख रहा हू।
नीतू: कपडो में क्या दिखाई देगा की माल कैसा है।
अरुण: तो बिना कपडो के दिखा दो।
नीतू: इतराते हुए जिस को ज़रूरत हो वो खुद देख ले।
अरुण: अच्छा जी
नीतू: हां जी।
सरला उनकी बातें सुनती रहती है और हँसती रहती है
और अरुन नीतू को अपनी ओर खींचता है और उसके होंठो पे किस करने लगता है।और नीतू के लाल लाल होंठो के रस को पिने लगता है और नीतू अरुन का साथ देती है।
काफी देर ऐसे ही किस करने ले बाद।
सरला: जानू।
अरुण: हाँ मेरी जान।
सरला: बताओ न अपनी इन दोनों रांडो की कैसे लोगे।
नीतू: हाँ पापा बताओ न मेरी सील कैसे तोडोगे।
अरुण: तो सब कुछ मेरे हिसाब से होगा।
और दोनों नीतू और सरला हाँ में जवाब देती है।

अरुण: तो दोनों बेड पे खड़ी हो जाओ।
और दोनों बेड पे खड़ी हो जाती है।
अब दोनों घुम जाओ।
दोनो घुम जाती है।
अरुण: वाह क्या बात है।
सरला और नीतू
क्या बात है।
अरुण: दोनों एक से एक मस्त माल हो।
क्या गाण्ड का उभार है दोनों के।
नीतू: पापा किसकी ज्यादा बड़ी है।
अरुण: दोनों की एकदम मस्त ।
अरुण: अब घुम जाओ।
दोनो अरुन को देखने लगती है
अरुण: सरला से माँ
सरला: हाँ बेटा।
अरुण: आप को कोई प्रॉब्लम तो नहीं है नीतू के साथ।
सरला: नहीं मेरे बेटे तुम दोनों मेरी जान हो।अगर नीतू हमारे साथ मिल जाती है तो मुझे कोई प्रॉब्लम नहीं है बल्कि ख़ुशी होगी ।
मैने तुमसे पहले भी कहा है की रवि का इतना बड़ा नहीं है इसलिए वो अभी तक नीतू माँ नहीं बना पाया और इसे संतुष्ट भी नहीं कर पाता है।
है ना नीतू।
नीतू:हाँ पापा उनका आप से आधा भी नहीं है मुझे पता भी नहीं चलता की लंड अंदर है।
अरुण: तू चिंता मत कर बेटी वो मज़े दूंगा की रवि को भूल जायेगी।
नीतू: मैं भी यही चाहती हो पापा।
आप अपनी बेटी को चोद कर माँ बना दो अपने बच्चो का।
अरुण: जल्दी तुम दोनों रांड मेरे बच्चो की माँ बनोगी
बनेगी न सरला।
सरला: हाँ आप जितने बच्चे बोलोगे उतने की बनुँगी।
अरुण: तो फटाफट जरा अपने अपने कुरते उतारो।
और दोनों झट से कुरते उतार देती है।
अब दोनों माँ बेटी अरुन के सामने उपर से सिर्फ ब्रा पहने हुए थी।
अरुण: वाह मजा आ गया क्या मस्त मम्मे है दोनों के।
सरला: राजा तुम्हारी दोनों रांडो की ब्रा का साइज एक ही है।
अरुण: क्या बात है।
फिरर तो नई वाली ब्रा बेचारी नीतू को भी आ जायेगी।
सरला: हाँ एक दम फिट आई है और इसने वो पहने भी है।
अरुन कब मैंने तो नहीं देखी।
नीतू: पापा अभी पहन के दिखाउँ।
अरुण: अभी नहीं रात में।
नीतू: ओके पापा।
अरुण: अब जरा अपनी अपनी ब्रा भी उतारो।
और दोनों ब्रा उतार देती है।
और दोनों उपर से पूरी नंगी हो जाती है।
सरला के मम्मे थोड़े से बड़े थे नीतू से पर टाइट नीतू की ज्यादा थे।
और सरला के निप्पल नीतू से बड़े और भूरे रंग के थे।
अरुण: क्या मस्त माल है मेरा और उठ कर
दोनो के एक एक निप्पल हाथ से मसलने लगता है।
दोनो के मुह से सिसकारी निकल जाती है
नीतु पापा थोड़े धीरे दर्द होता है।
अरून नीतू के मम्मे पे थपड मारता है।
चुप कर रांड तू मुझे बतायेगी क्या करना है और कस कर दूसरे मम्मे मसल देता है।
नीतु चीख पड़ती है।
और चुप हो जाती है।
सॉरी पापा गलती हो गई ।
सरला नीतू से
बेटी मरद ऐसे ही प्यार करते है रवि कोई मर्द नहीं है और न ही तेरे पापा मर्द है।
अरुन अपनी मर्ज़ी से अपने अनुसार औरतो को चोदता है और औरत चुदवाती है
नीतु: समझ गई माँ पापा का लंड लेना है तो इस दर्द को तो भूलना पडेगा ।

और अरुन इन दोनों के सामने अपने घुटनो पे बैठ जाता है और सरला का एक निप्पल मुह में ले कर चुसने लगता है और नीतू का मसलने लगता है।
और दोनों माँ बेटी सिसक पड़ती है।
सरला ;हा चूस मेरे राजा चूस दो दिन हो गये चुसे हुए
और कस के चुस।कुछ देर बाद अरुन अपनी पोजीशन चेंज करता है अब नीतू का मम्मा चूस रहा था और सरला का मसल रहा था।
बारी बारी से चारो मम्मे चुसता है और दोनों सिसकती रहती है कभी कभी निप्पल को दाँतों से काटने लगता है।
थोड़ी देर बाद अरुन बेड पे बैठ जाता है
और दोनों अरुन को ऐसे देखति है जैसे पूछ रही हो अब क्या करना है।
अरून इशारे से दोनों को सलवार उतारने के लिए बोलता है।
और दोनों उसका आज्ञा पाकर अपनी २ सलवार उतार देती है।
और निचे फर्श पे फ़ेक देती है और दोनों ने ब्लैक कलर की पेंटी पहनी थी।
अरुण: क्या बात है दोनों रांडो ने सेम कलर की पेंटी पहनी है।
सरला: दोनों आप की रांड है न इसलिये।
अरुण: क्या मस्त रंग है दोनों माँ बेटी का एकदम दूध जैसा क्या जाँघे है मोटी मोटी भरी हुई मजा आ गया सरला मजा आ गया।

सरला: आप की राँड है तो मस्त तो होना पडेगा।
और अरुन सरला और नीतू को अपनी कच्छी उतारने का इशारा करता है।
और दोनों एक ही झटके से अपनी अपनी पेंटी उतार कर अरुन के मुह पे फ़ेक देती है।
अरुण: आह मर गया क्या ज़ुलम किया और दोनों की पेंटी उठा कर सूँघने लगता है।
सरला: फेको उन्हें बेशरम गन्दी है दोनों का पानी लगा है।
पर अरुन तो जैसे दिवाना हो जाता है और पेंटी का जो हिस्सा उनकी चित के पानी से गिला हो गया था उसे चूसने और चाटने लगता है।
सरला: राजा वहाँ तो सिर्फ पानी लगा है असली कुआँ तो यहाँ है और अपनी और नीतू के चुत पे अपने हाथ फेरने लगती है।
अरून उस तरफ देख कर कच्छी चुसना भूल जाता है और कभी नीतु की चुत तो कभी सरला की चुत देखता रहता है।
सरला की चुत का मुह थोड़ा खुला था जब की नीतू का बंद था और

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