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और सभी डायनिंग टेबल पे
ब्रेकफास्ट करते हुए ।
सुभाष रमेश से।
भाई साहब आज हम चले जाएंगे।
और रवि भी बोलता है।
पर प्रीति और नीतू अभी जाना नहीं चाहती थी
क्यूं की अभी तो उन्हें अरुन से अपनी गाण्ड और चुत फडवानी थी।
और दोनों रमेश की सिफारिस लगाती है।
रमेश: सुभाश और रवि से।
छोड़ जाओ दोनों को कुछ दिंनो के लिए बाद में अरुन छोड़ आयेगा।
और दोनों रमेश की बजह से कुछ बोल नही पाते और
दोनो अपनी अपनी टाइम पे ट्रैन पकड़ने के लिए घर से चले जाते है और रमेश भी ऑफिस चला जाता है।
और अरुन जब कॉलेज के लिए निकलता है तो प्रीति उसे रोक लेती है।
प्रीति: कहाँ जा रहे हो।
अरुण: कालेज।
प्रीति: हम तेरी बजह से रुकि है और तुम कॉलेज जा रहे हो।

अरुन प्रीति को देखते हुए।
मुझे देख क्या रहे हो तुम्हारी बजह से तो मैं रुकि हूँ।
नीतु :मैं भी।
सरला उन दोनों को देखती है।
और प्रीति सब के सामने अरुन को किस करने लगती है
अरून पीछे हटता है।
प्रीति क्या हुआ
अरुण: ये आप क्या कर रही हो बुआ।
प्रीति: वही जो रात में किया था।
और नीतू और सरला को देखने लगती है।
और नीतू और सरला प्रीति को देखति है।
सरला: क्या बोल रही हो।
प्रीति: वही जो तुम खिड़की से झाँक कर देख रही थी
तुम दोनो।
अरुन सरला और नीतू एक दूसरे को देखते है।
प्रीति: हाँ मैंने तुम दोनों को खिड़की से झाँकते हुए देख लिया था।
इसलिये मैंने अरुन से तुम दोनों को चोदने के लिए बोला था।
और शायद नीतू भी इसीलिए रुकी है।
प्रीति: भाभी मैं जानती हु मैंने भाई की बातों मैं आकर आप को काफी दुःख दिए पर अब आप और अरुन का मिलन करा कर मैं भूल सुधारना चाहती हूँ।
सरला: तुम पागल जो गई हो ,ए मेरा बेटा है।

हाँ मैंने कब मना किया।
मेरा भी तो भतीजा है मैंने भी तो सेक्स किया और तुम दोनों ने देखा ।
सरला: देखने और करने में काफी अंतर है।
प्रीति: कुछ नहीं है।
अच्छा ठीक है ।
तो तुम दोनों मेरे एक सवाल का जवाब दो सच है तो मेरी बात मान लेना और अगर झूठ हुआ तो मैं तुम दोनों की बात मान लूँगी।
सरला: पुछो।

प्रीति: क्या तुम दोनों के पति का लंड अरुन के लंड से बड़ा है।
और दोनों चुप हो जाती है।
प्रीति: बोलो बड़ा है।
सरला: उससे क्या फ़र्क़ पड़ता है।
प्रीति: भाई मुझे तो पड़ता है तभी तो कल रात मुझे वो मजा मिला जो पूरी ज़िन्दगी नहीं मिला।
बोलो भाभी।
सरला: हाँ अरुन का बहुत बड़ा है।
प्रीति: तभी तो ऐसी ज़िन्दगी कब तक गुजारोगी।
मज़ा करो।
भाई कौन सा आप ख़याल रखते है।
सरला: पर ये मेरा बेटा है मेरा ख़ून।
नीतु उन दोनों की बहस सुन रही थी।

तभी तो किसी को शक़ नहीं होगा और आपकी ज़िन्दगी मज़े से कटेगी।
सरला कुछ नहीं बोलती।
प्रीति नीतू से।
अपनी माँ को समझा। क्यों अपनी ज़िन्दगी ख़राब कर रही है।
ऐसा मौका हर किसी को नहीं मिलता।
नीतु: मेरी समझ में कुछ नहीं आ रहा।
प्रीति: सब समझ जायेगी जब अरुन का मुसल जायेगा तेरी चूत के अंदर।
और नीतू शरमा जाती है।
और अरुन को देखने लगती है जो उसी को देख रहा था।
प्रीति: भाभी तुम नहीं मानोगी।
सरला:प्रीति तुम समझ क्यों नहीं रही देखने और करने ने में बहुत अंतर है।
जो तुम ने कहा वो भी गलत था और जो कह रही हो वो भी गलत है
ऐर मुझे पूरा यकीन है अरुन भी मना कर देगा।
प्रीति: अरुन से बोली अरुन ।
अरुण: क्या मुझे कुछ समझ में नहीं आ रहा।
प्रीति: यही की तुम ने जो मेरे साथ किया वो तुम अपनी माँ और बहन के साथ कर सकते हो।
अरुण: पर बुआ वो सब जो रात को हुआ वो आप की मरजी से हुआ और अगर माँ और नीतू नहीं चाहती तो नहीं करुन्गा।
प्रीति: रात को तो बोल रहा था ।
अरुण: बुआ वो आप पूछ रही थी इस लिए बोल दिया।

सरला: हो गई तसल्ली ।
प्रीति: नहीं
सरला: कोई बात नहीं अरुन तुम कॉलेज जाओ।
अरुण: ठीक है माँ।
प्रीति: तुम कहीं नहीं जाओगे मैं यहाँ तुम्हारे लिए रुकि हूँ।
और अरुन के पास जा कर उसके होंठो पे किस कर देती है।
सरला: ये क्या बतमीज़ी है प्रिती।वो अभी बच्चा है।
प्रीति: बच्चा, ये तो बड़ो बड़ो का बाप है रात में देखा नही।
सरला: प्रीति तुम ऐसे क्यों कर रही हो।
तूमने जो कल किया मैंने कुछ बोला और कुछ भी करना है तो कर लो पर हमें इन सब में मत खीचो।
प्रीति: ओके भाभी जैसे आप की मरजी पर मैं अरुन को पूरा पकडे रहूँगी
सरला: पर अरुन से तो पूछ लो की वो क्या चाहता है।
प्रीति: वो क्या बोलेगा उसने रात को ही बोल दिया था की वो तुम्हारी और नीतू की फाड़ना चाहता है
और ये बात तुम दोनों ने अपने कानों से सुनी है।

सरला अरुन को देखती है।
सरला: प्रीति क्या बोल रही है।
अरुण: वो माँ सॉरी।
सरला: सॉरी नहीं क्या ये सच है।
अरुण: वो माँ ।
प: वो माँ क्या। मरद है सच बोल।
अरुण मन में ही
हा माँ आप की और नीतू को चोदना चाहता हू।
ऐर साथ में बुआ की गाण्ड भी मारनी है चुत तो फाड़ चूका हूँ। बुआ तो अपनी बेटी की भी दिलाएँगी।
सरला:बोल मर्द की तरह।
अरुण: माँ वो बुआ सच कह रही है।
सरला: क्या बोला अरुन तू भी।
अरुण: हाँ माँ मैंने भी आप को परेसान देखा है पापा आप का ख्याल नहीं रखते।
मै आप को सारी ख़ुशी देना चाहता हुँ।
सरला: पर बेटा मैं तेरी माँ हूँ ये गलत है।
माँ बेटा ऐसा नहीं करते ।
मै तुझे बुआ के नहीं रोकुंगी
पर मैं नहीं दे सकती तेरा साथ।
नीतु मन ही मन पता नहीं क्या ड्रामा हो रहा है
मुझे कब मिलेगा अरुन का लंड़।

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