और एक हाथ से टट्टों को सहलाती है।
और अरुन के लंड को चुसती है।
अरुण: आआह्ह्ह्हह्ह सीईईई आआआ माआआआआ आआह्ह्ह्हह्ह धीरे धीरे कर रांड ये लंड है कोई डंडा नहीं जो मरोड़ रही है साली कुतिया।
बाहर सरला।
मार डालेगी क्या मेरे बेटे को। नहीं चूस रही तो बोलती मैं चूस दूंगी पर मरोड़ तो मत मेरे राजा के लंड को।
नीतू: माँ अंदर चले हम दोनों भाई का ख़याल रख लेंगे।
किसी प्रीति की हमें ज़रूरत नही।
सरला: रुक जा बेटी देखते है नहीं तो मैं जाऊंगी अपने राजा के पास उसकी रैंड नंबर १।
अंदर।
आ: और तेज़ मेरी राँड जल्दी कर आह मेरा आने वाला है आह माँ आह सा आ ओह उह माँ मार ड़ाला कमिनी बहन की लोडी आह सी आ और अरुन का शरीर अकडने लगता है और पिचकारी छोड देता है
प्रीति अपना मुह हटाने की कोशिश करती है पर अरुन प्रीति के सर को अपने लंड पे दबा देता है और सारा पानी प्रीति को पीना पड़ता है।
प्रीति की ऑंखों से ऑंसू आ जाते है पर अरुन कोई रहम नहीं करता और अपनी आखरी बूँद तक निकाल कर अपना लंड प्रीति के मुह से बाहर निकालता है।
प्रीति एकदम से बेड पर गिर जाती है ।
और लम्बी २ साँस लेती है और खाँसने लगती है।
अरून प्रीति के ऑंसू पोछता है और
कुछ नहीं हुआ मेरी जान अभी तो पूरा भी नहीं गया था।
प्रीती: और कितना डालेगा मादरर्चोद मैं कोई रंडी नहीं हु जो तू इतनी बेरहमी से मेरे मुँह को चोद रहा था। लास्ट में तो तूने मेरी जान ही निकाल दी थी।
पुरा गधे का लंड है
अरुण: क्यों फुफा का कितना है।
प: तेरे से पूरा आधा वो तो अच्छा है मैं उनसे ज़िद कर के लंड चुस्वाति थी नहीं तो तूने आज मेरी जान ले लेती थी।
अरुण: मुझे तेरी जान नहीं चुत चाहिये।
बोल देगी या नहीं ।
प्रीति: जब ओखली में सर दे दिया है तो मुसल से क्या डरना।
अरुन बेड पर बैठ जाता है।
चल रांड दिखा ना ब्रा पेंटी मैं कैसे लग रही है।
और प्रीति उठ कर नाइटी उतारते हुए ।
अरुण : ज्यादा नखरे मत कर जल्दी उतार ।
और प्रीति नाइटी उतार देती है।
प्रीति: सुभाष से कहती है ।ये बोलते है तुम्हे बहुत प्यार करता हु भतीजा रांड बोल रहा है अपना लंड चुसवा दिया अब चोदने जा रहा है और ये मेरा पति सो रहा है कैसे पति है कितनी बेहरमी से मेरे मुह को चोदा।फिर भी इसकी नीन्द नहीं खुली ।
फिर ब्रा पेंटी में अरुन के सामने खड़ी हो जाती है।
प्रीति अब अरुन की स्टाइल में।
प्रीति: कैसे लग रही है तेरी रांड ।
अरुण: बहुत ज़बर्दस्त बिलकुल नंबर १ माल ।
क्या मम्मे है तेरे बिलकुल पपीता और गाण्ड तो तरबुज हो रही है जांघे बिलकुल केले के पेड़ की तरह और कमर बिलकुल सुराहिदार।
ये चोद के बहुत मजा आएगा।
प्रीति: तो चोद न रोका किसने है जिसने रोकना था वो देख कैसे घोड़े बेच कर सो रहा है।
और अरुन के पास आ कर अपनी ब्रा उतार कर अपना एक मम्मा उसके मुह में दे देति है।
अब चूस इन्हे ।
अपनी माँ के तो चुसे होंगे ही अब बुआ के चूस और अरुन एक हाथ दूसरे मुम्मे पे रख कर मसलता है और एक को मुँह में भरकर चूसने लगता है।
आह चूस मेरे राजा ।
आह ओह क्या चुसता है।
आह उह मा
और अरुन प्रीति को बेड पे लीटा देता है ।
और उसकी पेंटी उतार कर दोनों पैर अपने काँधे पे रख कर प्रीति की चुत को सूँघता है।
आआआ रांड क्या खुशबु है तेरी चुत की और एकदम चिकनी भी की है क्या अपने खसम के लिये।
प्रीति: हाँ मेरे राजा तेरे लिए चिकनी की है मैं जानती हु आज कल के लोंडो को चिकनी चुत पसंद है।
और अरुन इतना सुनते ही प्रीति की चुत की फांकों को खोलकर चुत चाटने लगता है।
अब बारी प्रीति की
प्रीति: अअअअअ ये क्या कर रहे हो छी गंदी जगह है ये बेटा वहाँ से अपना मुह हटा।
और अरुन वहाँ से मुह हटा कर लंड का सुपाडा प्रीति की चुत पे लगा कर एक ही झटके में आधा घुसा देता है
प्रीति की चीख निकलने वाली होती है की अरुन प्रीति की कच्छी उसके मुह में ठूँस देता है और बेहरमी से पेलने लगता है।
और कुछ देर उसके मम्मे मसलने के बाद प्रीति को कुछ राहत मिलती है।
और प्रीति अपने मुह से कच्छी निकाल कर सुभाष से: देखो कैसे ये मुझे बेरहमी से चोद रहा है बचाओ मुझे इससे और अरुन को अपने उपर खींच लेती है।
ओर उसके कान में आज पहली बार किसी मरद का लंड अंदर गया है दर्द तो होगा ही कोई रहम मत कर और जैसे चाहे वैसे चोद।
और अरुन एक बार पूरा लंड निकाल कर एक ही झटके में पुरा पेल देता है और प्रीति अपने मुह पे अपना हाथ रख के अपना मुह बंद कर लेती है।
और अरुन प्रीति को बेरहमी से चोदने लगता है।
प्रीति: आ माँ आह सी धीरे धीरे आह माँ मार डाला कमिने मादरर्चोद ने । फाड़ दिया मेरी चुत तेरे लंड ने इतना दर्द को तीन बच्चे पैदा करने में भी नहीं हुआ
मादरचोद।
आआआआह उउउउउउउह माआआआआ आआह्ह्ह्हह्ह सीईईई आआआ।
कल तेरी माँ को बताऊँगी की तेरे लड़का का लंड मर्द का लंड से भी बडा है।मैंने तो चुदवा लिए तू भी चुदवा ले ।

