चल सो जा काफी रात हो गई है
पर नीतू की तो इन दो घंटे ने ज़िन्दगी बदल दी।
वो अभी तक रवि के लंड को सब से बड़ा लंड समझती थी पर अरुन का देख कर वो पागल हो गई
उसे अभी तक यहि पता था की लंड से चुत मारी जाती है पर अरुन तो माँ की गाण्ड मार रहा था।मुँह में पेल रहा था।
उससे सिर्फ ये पता था लंड चोदने के लिए होता है पर माँ तो मुह में ले कर चूस रही थी और अपनी चुत अरुन से चुसवा भी रही थी पर रवि ने आज तक उसकी चुत नहीं चुसी।
और सुब से बड़ी बात अरुन उसके बारे में क्यों बोल रहा था कही वो मुझे चोदना तो नहीं चाहता और माँ मेरा नाम क्यों ले रही थी कहीं वो मुझे अरुन से चुदवाना तो नही चाहती।
यही सोचते सोचते नीतू को कब नीन्द आई पता न चला।
इधर अरुन के रूम में
एक तो अरुन को नीन्द नहीं आ रही थी उपर से प्रीति ने उसके बगल मैं लेट कर अपनी दोनों टाँगे अरुन के उपर रखी हुई थी जिसकी बजह से उसे नीन्द नहीं आ रही थी।
तभी अरुन अपना मोबाईल निकालता है
और मैसेज टाइप करता है।
“” मुझे अभी मिलना है छत पे “”””
और सरला के मोबाइल पे सेंड कर देता है
और उठ कर छत पे चला जाता है
इधर सरला का मोबाइल वाइब्रेशन होता है
वो मैसेज चेक करती और उठकर बैठ जाती है
अब इन्हे क्या हुआ ।
और नीतू को उठाती है।
नीतू: क्या हुआ।
सरला: वो तेरे पापा उपर बुला रहे है।
नीतू: पर इस टाइम ।
सरला: वो तेरी बुआ लेटी थी न उनके बगल में।
नीतू: हाँ तो।
सरला: तो क्या सोते में कुछ हरकत की होगी और वो गरम हो गये होंगे ।
और जब वो गरम हो जाते है तो जब तक वो ठन्डे न हो उनको नीन्द नहीं आती।
सरला: मैं उपर जा रही हूँ वो जा चुके है।
काई जग जाये तो रिंग कर देना।
नीतू: ओके पर छत पर क्या करोगे।
सरला: कुछ न कुछ तो करना पड़ेगा नहीं तो वो पूरी रात सो नहीं पायेगे।
और उपर चलि जाती है।
ऊपर छत पर
सरला: क्या हुआ जान।
अरुण: वो बुआ की बच्ची।
सरला: क्या किया उसने ।
अरुण: दोनों टाँगे मेरे उपर रख के सो रही थी
और अपना लोअर उतारते हुए ।
ओर इसे खड़ा कर दिया।
सरला: और आप से सब्र नहीं हुआ।
अरुण: तुम्हारे होते हुए सबर क्यों करुं।
अब जल्दी से कुछ करो।
सरला: जैसे की।
अरुण: मुँह में लो गाण्ड में या चुत में तुम देखो पर जल्दी ठण्डा करो।
इधर नीतू से कण्ट्रोल नहीं हुआ वो भी छत पे आ गई
और अरुन और सरला की बात सुन ली ।
माँ कितना जान गयी है अरुन के बारे में जो बोली वही निकला बुआ ने अरुन की परेसान कर दिया।
अब माँ क्या करेगी छत पे कोई आ गया तो पडोसी।
इधर
सरला अरुन के लंड को मुह में ले लेती है
और चुसने लगती है।
अरुण: आआआअह्ह माआआआआ मजा आ गया
आईसे हे चुसो आआह्ह्ह्हह्ह सीईईई आआआ अअअअअअअ ुह्ह्हह्ह्ह्ह ऊऊऊऊह माआआआआ आआह्ह्ह्हह्ह
सरला: और तेज़ २ चुस्ने लगती है
अरुण: आज तूने फिर साबित कर दिया की तो मेरी पर्सनल रंडी है एक मैसेज पे उपर आ कर मेरा लंड चूस रही है।जब की रिश्तेदार निचे है और तू उपर अपने बेटे का लंड चूस रही है।सरला के सर को सहलाते हुए साली मेरी पालतू कुतिया।
आआआअह्ह उउउउउउउह माआआआआ आआह्ह्ह्हह्ह ऐसे ही चूस मेरी रंडी और तेज
और जोर से कर जिससे जल्दी निकल जाये नहीं तो तेरे को ही परेसानी होगी।
सरला अपनी स्पीड बढ़ा देती है
और टट्टों को मुह में भर कर चुसने लगती है।
अरुण: जल्दी कर रांड नहीं तो जा अपनी बेटी को बुला ला वो चूस देगी ।
सरला अरुन की बात सुन कर
क्या बोला।
अरुण; अगर तेरे से नहीं हो रहा तो अपनी बेटी को बुला ले वो चूस देगी।
और ये बोलते हुए सरला के मुह में लंड घुसा देता है
और सरला फिर से लुंड को चुसने लगती है।
उधर नीतू अरुन के मुह से अपना नाम सुन कर और लंड चुसने की बात पर पागल हो जाती है और उसकी बुर पनिया जाती है।
अरुण: क्या हुआ रांड निकल नहीं रहा तुझसे तो अपनी बेटी को बुला ला नहीं तो अपनी ननद को बुला ले जिसने इसे खड़ा किया है वो ही इसे ठण्डा कर देगी।
या दोनों को बुला ले।
और इतना बोलते ही अरुण का लंड पानी छोड देता है
और सरला अरुन के लंड को चाट २ कर साफ़ करती है
और खड़ी हो कर।
सरला:हो गया या किसी को बुलाऊ।
अरुण: हो गया मेरी जान तुझसे नहीं होगा तो किसी से नहीं होगा।
चलो चलें
सरला: सही है अपना काम हो गया चल।
अरुण: तो रुको अभी तुम्हारी फाड़ देता हूँ।।
सरला: नहीं जान मज़ाक़ कर रही हूँ जल्दी चलो कोई भी जग सकता है
और दोनों निचे आ जाते है।
अरून अपने रूम में चला जाता है और सरला नीतू के बगल में लेट जाती है
सरला; नीतू
नीतू: कुछ नहीं बोलती।
सरला: मुझे पता है तुम जाग रही हो।
नीतू ; वो मैं।
सरला: कुछ मत बोल तूने सब सुन लिया न बाद में जो बोले अरुण।
मैने आज तक सेक्स के बाद उससे नहीं पूछा पर मुझे पता था की तू वही पे है इसलिए मैंने उससे पूछा किसी को बुलाऊ और उसने क्या जवाब दिया।
नीतू : हाँ माँ मैंने सुना और चुप हो गई।
कुछ देर दोनों खामोश रहते है।

Leave a Reply
You must be logged in to post a comment.