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पर उसे क्या पता था की नीतू आ नहीं सकती वो तो बाहर से सारा नज़ारा देख रही है।
और नीतू का बाहर बुरा हाल था वो अपने जीवन में पहली बार इतनी बेरहम चुदाई देख रही थी उसका पति तो बड़े धीरे से उसे चोदता था और उसका लंड भी अरुन के लंड से आधा था।
अंदर अरुन जोर जोर से सरला को पेलता है।
सरला: उई मज़ा मजा आ गया ।
जान अब तुम्हारे लंड के बिना एक पल भी गुजारना मुस्किल है मन करता है इसे अपनी चुत में ले कर दिन भर पड़ी रहूँ।
अरुण: तो मना किसने किया है मेरी जान और कसकर सरला को पकड़ता है और पूरा लंड निकाल कर फिर से एक ही झटके में पूरा पेल देता है।
सरला की चीख निकल जाती है।
सरला: आह स स माँ मार ड़ाला कमिने मादरर्चोद बहन के लोडे चोद ऐसे ही चोद अपनी रंडी को।
आह स स माँ आहः
अरुण: चोद तो रहा हु रंडी ऐसे ही तेरी बेटी को भी चोदुँगा।
सरला: हाँ तो मना किस ने किया है उसे भी चोद लेना तेरे गधे जैसे लंड को देखकर वो भी तेरी दीवानी हो जायेगी मेरी तरह।
अरुण: तेरी बहन को भी चोदुँगा और उसकी बेटी को भी।
सरला: आह आह उह माआआआआ चोद लेना पहले अपनी इस रंडी को तो ठण्डी कर।
और अरुन के लंड पे पानी छोड देती है।
मै गई मेरे राजा सम्हाल मुझे निकाल दिया तेरे लंड ने मेरा पानी।
अरुण: पर मेरा नहीं हुआ अभी।
सरला: मुझे पता है मेरी जान का इतनी जल्दी नहीं होता और अरुन को उठने का इशारा करती है और अरुन के उठने के बाद खुद डोगी स्टाइल में हो जाती है और अपने दोनों हाथों से अपने चुतड को फैला कर
ले मेरे राजा तेरी राँड की गाण्ड हाज़िर है तेरे लंड को ठण्डा करने के लिये।
और बाहर नीतू ये सब देख कर पागल हो जाती है।
क्या रंडीपना चल रहा है अंदर और वो लोग उसका नाम क्यों ले रहे है।
इधर अरुन सरला की गाण्ड पे अपना थूक लगाके अपना लंड टीकाता है और एक झटके में पूरा लंड सरला की गाण्ड में पेल देता है।
सरला: ओह माँ मार ड़ाला कमिने मादरर्चोद ने मेंरी गाँड को।
तेरी माँ हूं रंडी नही।
अरुण:तू मेरी राँड भी है वो भी पर्सनल वाली और बाद मैं तेरी बेटी भी मेरी राँड होगी ।
बो साली होगी ना।
सरला: हाँ होगी वो भी तेरी रंडी बनेगी मुझे पता है उसे भी तेरे जैसा मुसल लंड चाहिए मुझे पता है रवि के बस का नहीं है मेरी बेटी तो ठण्डा करना वो भी अपनी माँ की तरह गरम माल है।
अरुण: हाँ एकदम गरम मम्मे और गण्ड तो तेरे जैसा है
और अपनी स्पीड बढ़ाता जाता है।
सरला: आह माँ आह सी आ ओह आह माँ आह सी और तेज जान और तेज़ फाड़ दे मेरी गाण्ड और निकाल दे अपना पानी मेरी गाण्ड में
और सिसीयाती रहती है।
नीतु अपनी माँ के मुह से अपने बारे में ऐसी बात सुन कर सोचती है।
मेरी माँ मुझे अपने बेटे की राण्ड बनाना चाहती है।
ये कैसे सोच सकती है की मैं ऐसा करुँगी।
और उसे कैसे पता की रवि का लंड मेरे भाई के लंड से आधा है।
दूसरा मन नीतू का ।
वो भी तो मेरे भले की सोच रही है इतना बड़ा लंड मेरे चुत में जायेगा तो क्या होगा
फंसता जायेगा और माँ तो गाण्ड भी मरवा रही है मैंने तो कभी भी नहीं किया वहाँ पे मेरी तो फट जायेगी।
नीतु सोचते सोचते झड जाती है
और अंदर अरुन भी अपनी माँ की बात सुन के उसकी गाण्ड में पानी छोड देता है।
और सरला पे लेट जाता है।
नीतु वहाँ से उठ कर अपने रूम में आ जाती है और टाइम देखती है उसे अंदर देखते हुए दो घंटे हो गये थे मतलब अरुण माँ को पिछले दो घंटे से चोद रहा था और रवि तो 5 मिनट में झड जाते है।
और बाथरूम में आ कर अपनी चुत साफ़ करती है
और इधर अरुन सरला के उपर से उठ जाता है।
और सरला को बाँहों में ले कर।
अरुण: सॉरी माँ मैं आप को पता नहीं क्या क्या कहता हूँ और बेरहमी से चोदता हूँ आप को काफी दर्द होता होगा ना।
सरला: सब होता है पर मुझे बहुत अच्छा लगता है
ऐसे लगता है जैसे मैं फिर से जवान हो गई हू।
और तेरे लंड से दिए हुए दर्द में भी मुझे मजा आता है और अरुन के लिप्स पर किस करती है ।
चलो जाओ फ्रेश हो जाओ नीतू कभी भी आ सकती है
और दोनों फ्रेश होने चले जाते है।
और इधर नीतू भी फ्रेश हो कर बाहर आ जाती है और रवि के पास आ कर लेट जाती है।

थोड़ी देर में अरुन और सरला बाहर आ जाते है
और सरला किचन में रात के डिनर का इन्तज़ाम करने चलि जाती है और अरुन टीवी देखने लगता है।
माँ की आवाज़ सुन के नीतू भी बाहर आ जाती है
पर अरुन से कुछ नहीं बोलति और किचन में चली जाती है।
पर सरला से भी कुछ बात नहीं करती ।
सरला: नीतू को देख के शरमा जाती है क्यों की उसे पता था की सरला और अरुन रूम में क्या कर रहे थे
इधर नीतू भी समझ नहीं पा रही थी की क्या बोले जो उसने अंदर रूम में सुना।
पर पूछे कैसे अगर पूछेगी तो सरला उल्टा उससे पूछेगी की उसे कैसे पता की रूम में क्या बात हुई।
इसी बजह से दोनों में से कोई भी एक दूसरे से बात नहीं कर रहा था।

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