माँ की अधूरी इच्छा – Update 102 | Incest Sex Story

माँ की अधूरी इच्छा - Seductive Incest Sex Story
Reading Mode

३ बजे अरुन की कॉल आती है
सरला: हाँ जान
अरुण: रेडी हो जाओ।
सरला: क्यों
अरुण: तुम्हारे खसम कॉलेज से निकल गया है और ३० मिनट में घर।
सरला: तो ।
अरुण:अपने साजन का तैयार हो के इंतज़ार करो।
सरला: क्यु।
अरुण: क्यों क्या बीवी सज धज कर अपने पति का इंतज़ार नहीं करती।
सरला: हाँ करती है तो क्या मुझे नहीं होना जैसे हूं वैसे मिलूँगी बाय और कॉल काट देती है।
तकरीबन २५ मिनट बाद गेट पे बेल बजती है।
सरला: दरवाजा खोलती है और साइड हो जाती है।
अरून का सरला के जवाब की बजह से मूड ख़राब था
और वो सरला को देखे बिना अंदर आ जाता है।
सरला: गेट तो बंद कर दो।
अरुण: खुद कर लो।
सरला: ऐसे बंद कर लु।
अरुण सरला को देखता है
और उसकी ऑंखें खुली रह जाती है।
सरला: बोलो बंद करूँ।
अरुण: होश में आते हुए नहीं मैं करता हू।
और गेट बंद कर देता है।
और सरला भाग कर अरुन के सिने से लग जाती है
और उसके कान मैं धीरे से।
सरला: ऐसे ही पसंद हूँ न मैं आप को।
अरुण: अअअअअ ऐसे ही और उसके गांड को मसल देता है अपने दोनों हाथों से।
सरला इस वक़्त बिलकुल नंगी थी बाल खुले हुए और पूरे सरीर पे सिर्फ ज्वेलरी और कुछ नही।
और दोनों ऐसे ही काफी देर एक दूसरे के बाँहों में चिपके हुए खड़े रहते है।
सरला: अब छोडो भी।
अरुण: अभी चोदता हू।
सरला: मैंने छोड़ने के लिए बोला है न की चोदने के लिये।
अरुण: एक ही बात है।
सरला: जी नहीं ।
जाओ पहले फ्रेश हो जाओ देखो कितना पसीना आ रहा है।
अरुण: जान तुम अपने हाथों से नहलाओ न काफी टाइम हो गया तुम्हारे हाथों से नहाये हुए।
सरला: तो चलो और अरुन का हाथ पकड़ कर अपने बाथरूम में ले जाने लगती है।
अरुण: नहीं मेरे रूम में।
सरला: क्यों मेरा वाला बड़ा है आराम से नहा लोगे।
अरुण: मुझे मेरी बीवी अपने रूम में चाहिए
आज से अपने कुछ कपडे हमारे रूम में रख लो ।
जिस से कभी रेडी होना हो या नहाना हो कपडे के लिए तुम्हारे रूम में न जाना पड़े।
सरला: ओके बाबा रख लुंगी ।
वैसे भी मैं उस रूम में रहना नहीं चाहती।
अपने पति और बेटे के रूम में रहना चाहती हूँ पर तेरे पापा नहीं मानेंगे इसलिए मज़बूरी में रह रही हू।
चलो अपने कपडे ले आती हू।
और अरुन से जो भी नए कपडे सरला को दिलाये थे अपनी पसंद के वो सारे ले कर अरुन की अलमारी में रख देती है।
और कुछ अपने भी पसंद के ।
सरला: अब खुश।
अरुण: हाँ और दोनों बाथरूम में घुस जाते है।

सरला तो पहले ही नंगी थी ।
अन्दर आ कर सरला अरुन के कपडे उतार देती है और अब दोनों नंगे थे
सरला शावर चला देति है और दोनों पानी मैं भीगने
लगते है।
अरुण: सरला को नहलाता है।
सरला: नहीं मैं नहाई हुई हूँ तुम्हे नहाना है
और सोप उठा कर अरुन के सिने पे लगाने लगती है
और उसके निप्पल पे अपने नाख़ून से कुरेदती है।
अरून सरला को देखते हुए
सरला: क्या हुआ अच्छा नहीं लग रहा।
अरुण: बहुत
सरला: सिने पे पानी डाल कर साबुन के झाग साफ़ कर के अरुन का निप्पल अपने मुह में ले लेती है।
और चुसने लगती है
और दूसरे निप्पल को अपने दूसरे हाथ से मसलने लगती है ।ऐसा करने से अरुन का लंड खड़ा होने लगता है
और खड़ा हो कर सरला के पेट पे चुभता है।
सरला: खड़ा हो गया शैतान और लंड को पकड़ कर आगे पीछे करने लगती है
अरून :आआह माआ माँ।
सरला अरुन के निप्पल छोड कर उसके सामने घुटनो पर बैठ जाती है और अरुन के लंड को पकड़ कर मसलते हुए क्या करना है इसका।
अरुण: मुझे क्या पता ।
सरला :नहीं पता तो छोडो।
और उठने लगती है
अरुण: अरे अरे कहा जा रही हो मेरी जान।
और दोबारा बैठा कर अपना लंड सरला के मुह में देने लगता है।
और सरला बड़ा सा मुह खोल कर उसे अपने मुह में ले लेती है
और अरुन की ऑंखों में देखति है जैसे पूछ रही हो अब खुश।
अरुण: हाँ बहुत खुश।
और सरला लंड को चुसने लगती है और कोशिश करती है पूरा लेने की ।
अरुण: बहुत बड़ा है पूरा नहीं जायेगा ।
पुरा तो चुत और गाण्ड में जाएगा।
सरला: मुह से लंड को बाहर निकालते हुए।
मुह में भी जायेगा थोड़ा टाइम लगेगा मैं इसे अपने मुह मैं पूरा ले कर रहूँगी चाहे इसके लिए मुझे कितना भी टाइम लगे।
और दोबारा मुह में ले लेती है
और चुसने लगती है।

Please complete the required fields.




Comments

Leave a Reply