माँ की अधूरी इच्छा – Update 100 | Incest Sex Story

माँ की अधूरी इच्छा - Seductive Incest Sex Story
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अरुण: चुप कर साली रंडी मेरा अभी हुआ नहीं है।
सरला: मैं मर जाऊंगी अरुन छोड दे वैसे ही मेरी गांड फटी पड़ी है।
अरुण: मैं क्या करूँ।
मेरा नहीं हुआ।
सरला:मैंने दिन में कहा था न की तुझे नीतू की दिलवा दूंगी उसकी मेरी से भी टाइट होगी।
बोल लेगा उसकी।
अरुण: तू दिला देगी तो ले लूँगा।
उसकी टाइट होगी क्या।
सरला:हाँ मुझे लगता है। क्यों की उसके पति के बस का नहीं है नहीं तो अब तक वो माँ बन गई होती।
अरुण: कैसे दिलायेगि।
सरला: बात करुँगी नहीं मानी तो ज़बरदस्ती पेल देना।
अरुण: पक्का न और वो अपनी चुत देगी ना।
सरला: हाँ देगी और तू अपना पानी उसकी चुत और गाण्ड में निकल देना।
और इतना कहते ही अरुन सरला की गाण्ड में झड़ने लगता है।
और सरला के उपर लेट जाता है
थोड़ी देर यु ही लेटे रहने के बाद
अरून उठता है।
सरला भी सिधी होती है और अपनी चुत से गाज़र निकालती है और अरुन को दिखाती है उसपे खून लगा था ।
अरुन :सोर्री।
सरला: चुप ,मुझे ये बता मजा आया ।
अरुण: हाँ बहुत
सरला: तूने मेरी ऐसे हालत कर दी है की मैं तुझे से २ दिन तक नहीं चुद पाउँगी।
अरुण: कोई बात नहीं दो दिन बाद फिर फाडूंगा।
सरल: तेरी है जब मन करे फाड़ देना।
और उसके बाद सरला वाकई में अरुन से दो दिन तक दुर रही और उसके बाद रमेश आ गया
अब देखते है दोनों रमेश के आने के बाद क्या करते है।

वो दिन और अगले दिन भी ऐसे ही गुजर जाता है।
और रमेश भी आ गया था।
रमेश के आने के बाद सरला बिलकुल पहले जैसे सती सावित्री बन गई।
वही नार्मल साड़ी पहनना और एक माँ और बीवी का फ़र्ज़ निभाना।
पर कहते है न चोर चोरी से जाये पर हेरा फेरी से न जाए
अब स्टोरी पे।
दो दिन चुदाई न होने से सरला अब ठीक से चल पा रही थी। और अरुन भी काफी दिनों बाद कॉलेज के लिए रेडी हो रहा था और रमेश ऑफिस के लिये।

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