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आहह।

महिला कर्मचारी ने उसके कपड़े उतरवाने के बाद जैसे ही जैसे ही उसकी जांच करने के लिए उसके चूतड़ों पर हाथ लगाया वह दर्द से शीतकार उठी। पुलिस की मार के निशान वहां पर अभी भी ताजा थे।

“चल आगे झुक, चेक करना है।”

जैसे ही वह आगे झुकी, महिला कर्मचारी ने दस्ताने पहने हाथों से उसके गोरे-गोरे चूतड़ों को फैलाया और गांड के अंदर उंगली डाली। दर्द का तीखा एहसास बिजली की तरह उसके शरीर में दौड़ गया। फिर इसी तरह से उसकी च** को चेक किया जहां उसे दर्द का वह एहसास नहीं हुआ। फिर वहां से उसे ऐसे ही बिना कपड़ों के शोवर में धकेल दिया गया।

10 दिन से ठीक से नहाई नहीं थी वह। शरीर पर मैल थी। बदबू दूर तक आ रही थी। च** पर बड़े बड़े बाल थे। पीठ, गांड और टांगों पर मार के निशान पड़े हुए थे। लॉकअप की गंदी बदबू के बाद आज उसे अपने नथुनों में साबुन की खुशबू का एहसास हुआ।

जैसे ही ठंडा पानी उसके शरीर पर गिरने लगा उसका शरीर कांप गया जैसे अचानक सैकड़ों सुईया उसके शरीर में चुभ रही हो। जैसे-जैसे पानी उसके शरीर पर गिर रहा था वैसे वैसे उसके शरीर की मैल निकल रही थी और उसके शरीर का गोरा रंग चमकने लगा और वैसे ही वहां खड़ी कर्मचारी की आंखें।

पानी और खुशबू के सुकून से उसकी आंखें अनायास ही बंद हो गई। और वह अतीत में खोने लगी।

“किंजल जल्दी कर। कॉलेज को लेट हो जायेगी। सारा दिन नहाती रहती है यह लड़की।” किंजल की मां ने बाहर से चिल्लाते हुए बोला।

“हां मैं आ रही हूं अभी अभी तो अंदर आई हूं, चैन से नहाने भी नहीं देते हैं।”

” साली रंडी अब निकल बाहर। अपनी नानी के घर आई है क्या?”
अचानक किंजल तेज आवाज में गाली सुनकर हड़बड़ा गई। 1 हफ्ते से गालियां सुनने की आदत हो गई थी उसकी।

जेल कर्मचारी ने उसे खुद को साफ करने के लिए एक पुरानी साड़ी का टुकड़ा उठाकर उसके मुंह पर मारा।
पिछले 10 दिनों में वह बस दो बार नहाई थी। उसमें भी अपने ही कपड़ों से खुद को पोंछ कर दोबारा वही पहन लेती थी।

यूं तो जेल में नए कपड़ों के लिए पैसे देने पड़ते थे, पर उसके कपड़ों की हालत देखकर कर्मचारी को उस पर तरस आ गया और उसने उसे नए अंत वस्त्र और सलवार कुर्ती दे दी। यूं तो वह कपड़े उसको बहुत ढीले थे पर फिर भी साफ-सुथरे थे। जब वह कपड़े पहन रही थी तो कर्मचारी उसके बदन को घूर रही थी। फिर कर्मचारी उसे जेल वार्डन के पास ले गई। वार्डन ने उसे घूर कर ऊपर से नीचे की तरफ देखा और पूछा।
“उम्र क्या है बे तेरी?”

” जी 19 ”

वार्डन एक 45 साल की महिला थी। पिछले 20 साल से जेल में वार्डन थी। सब कैदियों में उसका खौफ था। वह थी ही इतनी सख्त। इसी सख्ती के चलते जेल में पैसा भी अच्छा कमाया था। ड्रग्स, नशा ,जरूरत की चीजें , हर चीज में उसे उसका हिस्सा मिलता था।

“इतनी सी उम्र में इतना बड़ा कांड। तेरी शक्ल देख कर कोई कह भी नहीं सकता कि तू खुद के मां-बाप को खा गई होगी।”

किंजल नजरें झुकाए खड़ी रही। कहती भी क्या। अपने प्रेमी की बातों में आकर उसने जो घिनौना काम किया था पूरे मीडिया में उसकी थू थू हो रही थी। अभी उसे अदालत ने न्यायिक हिरासत में भेजा है। पिछले 10 दिन लॉकअप में बिताने के बाद उसकी रूह कांप गई थी। आगे जेल को जिंदगी कैसी गुजरेगी उसे अंदाजा भी नहीं था।

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