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सगाई की रस्म हंसी खुशी से निपट चुकी थी,,,, राजू बहुत खुश था क्योंकि उसके सपनों की रानी है उसकी बीवी बनने वाली थी,,,,, और अपनी सगाई पर राजू ने जिस तरह से गांव वालों को जश्न कराया था उसे देखकर पूरे गांव वाले दंग रह गए थे,,,, गांव वाले इस बात से वाकिफ थे कि राजू लाला का एकदम खास बन चुका है और व्यापार और जमीदारी की डोर भी उसके ही हाथों में है इसलिए लोग खुशी-खुशी उसका साथ भी देते थे और उसके सामने जी हुजूर भी करते थे क्योंकि ऐसा करने से सबका फायदा था,,,,,,

Raju ki ma ki madhoshi

गुलाबी अपनी सगाई से बिल्कुल भी खुश नहीं थी क्योंकि वह इस घर को छोड़कर जाना ही नहीं चाहती थी क्योंकि विवाह के बाद जो सुख उसे अपने ससुराल में मिलता उससे भी बेहतर और संतुष्टि भरोसा उसे किसी घर में मिल रहा था और अभी अपने भतीजे से राजू रोज रात को उसकी जबरदस्त चुदाई करता था यहां तक कि उसकी हड्डियां तक बजा देता था इस तरह से कसके अपनी बाहों में जकड़ते हुए धक्के लगाता था,,,, इसलिए जिस दिन से सगाई हुई थी उस दिन से वह अपना मुंह लटकाए रहती थी उदास रहती थी,,,,

ऐसे ही सगाई के सिर्फ दो दिन बाद ही मधु खाना बना रही थी और गुलाबी उदास बैठी हुई थी और राजू गरमा गरम रोटियां तोड़ रहा था और उसे स्वादिष्ट सब्जी के साथ खा रहा था गुलाबी की हालत देखकर मधु बोली,,,।

क्या हुआ गुलाबी रानी जब से तेरी सगाई हुई है तब से इतनी उदास रहती है क्या बात है,,,

भाभी मुझे यह शादी नहीं करनी,,,,

तो क्या करना है तुझे जिंदगी भर इसी घर में बैठे रहना है ताकि गांव समाज के लोग तेरे भैया को ताना मारते फिरे कि जवान बहन घर में है लेकिन विवाह के बिल्कुल भी चिंता नहीं है,,,,,

Raju or madhu kuch is tarah se

अरे बुआ चिंता क्यों करती हो यहां जो काम चोरी-छिपे कर रही हो अपने ससुराल में छाती ठोक कर करना फूफा जी का हाथ पकड़ कर कमरे में ले जाना और फिर उनके लंड पर चढ़ जाना,,,,(राजू बिल्कुल भी शर्म नहीं करता था और इस तरह की बातें एकदम खुलकर बोल देता था क्योंकि उसका संबंध ही अपनी बुआ और अपनी मां के साथ इस तरह का था कि इसमें शर्म की बिल्कुल भी गुंजाइश नहीं थी अगर शर्म होती तो शायद इस तरह का रिश्ता ही दोनों के बीच ना पनपता,,,,, कभी-कभी तो मधु अपने बेटे की बात सुनकर एकदम से शर्मा जाती थी लेकिन इस समय वह भी अपने बेटे के सुर में सुर मिलाते हुए बोली,,,)

हां सही बात है तेरा जब भी मन करे तब अपने आदमी से छुड़वा लिया कर दिन रात तेरी बुर में लंड डालकर पड़ा रहेगा,,,,,

हां तुम दोनों तो यही चाहते ही हो,,,, ताकि मैं विवाह करके अपने घर चली जाऊं और तुम दोनों को खुला दौर मिल जाए जब चाहे तब तुम अपनी बुर में लंड डलवा कर पड़ी रहोगी,,,,,

चल अच्छा कोई बात नहीं मैं मानती हूं कि तेरी बात सही है लेकिन तेरे भैया भी तो तेरी शादी जल्द से जल्द कराने के लिए उतारू हो चुके हैं आखिरकार उन्हें भी तो तेरी बुर से तैयार है तेरी बुर से मजा ले रही कि नहीं,,,, उन्हें भी तो तेरी   कसी हुई बुर मजा दे रही है,,,, लेकिन समय के साथ सब कुछ होना चाहिए तू भी अच्छी तरह से जानती है कि तेरे विवाह में थोड़ा देर हो चुकी है,,,, तेरा विवाह राजू की बहन के साथ ही हो जाना चाहिए था लेकिन  कीसी कारणवश देर हो गया लेकिन अब तेरे विवाह में देर करना बेवकूफी होगी तेरे भैया भी यह बात अच्छी तरह से जानते हैं इसीलिए उनका मन ना होने के बावजूद भी तेरा विवाह कर रहे हैं और अच्छा खासा रिश्ता भी तो मिला है,,,,

Raju apni m ki chudai karta hua

लेकिन बुआ को लंड नहीं मिल पाएगा ना मेरे जैसा,,,,

राजु,,,,,, जले पर नमक मत छिड़क,,,

देखी ना मां मैं कहता था ना दुआ मेरे लंड की वजह से इस घर को छोड़कर नहीं जाना चाहती तुम चिंता मत करो दुआ मैं तुम्हारे घर पर आता जाता रहूंगा और फिर तुम्हारे ससुराल में तुम्हारी ऐसी चुदाई करूंगा कि पहले साल में ही तुम भी दीदी की तरह दो तो बच्चे पैदा करोगी,,,,,

अरे हां संजू दो बच्चों से याद आया तेरी दीदी के दोनों बच्चों की शक्ल तेरे से हूबहू मिलती है,,,,

मिलेगी क्यों नहीं भाभी बच्चा भी तो इसी का है,,,,

क्या,,,?(यह बात जानते हुए भी कि जुड़वा बच्चों का बाप उसका ही बेटा है मधु जानबूझकर आंचल जताते हुए बोल रही थी क्योंकि सब कुछ मालूम था लेकिन राजू का यह राज राजू की नजर में उसकी मां को बिल्कुल भी नहीं मालूम था)

हां भाभी यह बात एक दम सच है,,,

Piche se leta raju

नहीं बुआ झूठ बोल रही है जानबूझकर मेरा नाम ले रही है,,,,,(रोटी के टुकड़े को मुंह में डालते हुए राजू बोला)

नहीं भाभी मां कसम मैं सच कह रही हूं,,(अपने गले पर हाथ रखते हुए कसम खाते हुए गुलाबी बोली और अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए बोली,,,) जानती हो ना भाभी जब तुमने मुझे भैया के साथ पकड़ ली थी तब मैंने तुम्हें राजू की सच्चाई बताई थी और वह भी जब यहां आई थी तो हम दोनों के साथ ही सो रही थी ना तभी राजू ने जमकर उसकी चुदाई किया था और उसे गर्भवती बना दिया था,,,

हाय दैया राजू तूने तभी मैं कहूं कि बच्चों की शक्ल तुझसे हूबहू मिलती कैसे हैं,,,,

क्या मां,,,, चलो मैं मानता हूं कि दीदी के दोनों बच्चों का बाप नहीं हूं लेकिन इस राज को सिर्फ दीदी बुआ और अब तुम जानती हो लेकिन इस तरह से मैंने दीदी पर‌ एहसान ही  किया हूं दीदी पर ही क्यों सब एहसान किया हूं,,,, तुम तो जानती हो मां दीदी मां नहीं बन पा रही थी जिसमें जीजा क्या ही कसूर था और जीजा का कसूर दीदी को भुगतना पड़ रहा था दीदी ने मुझे बोली थी कि अगर बच्चे नहीं हुए तो मुझे मेरे ससुराल वाले घर से निकाल देंगे और उनकी दूसरी शादी कर देंगे तुम ही सोचो भला अगर ऐसा हो जाता तो कितना बड़ा दुख इस परिवार पर आ जाता दीदी का घर संसार उजड़ जाता और फिर दूसरी शादी करने में भी दिक्कत आ जाती और इसीलिए मैं दीदी की बात मानते हुए उनके साथ चुदाई किया और मेरी चुदाई रंग लाई और दीदी का घर फिर से बस गया,,,,,

लेकिन राजू तूने इस बारे में मुझे कुछ बताया नहीं उसकी चिंता तो मुझे भी थी क्योंकि वह‌भी मां नहीं बन पा रही थी जिसकी वजह से तेरे पिताजी और मैं भी परेशान थी और इसका कोई हल ढूंढ रही थी लेकिन सब कुछ भगवान के ही हाथ में था मुझे क्या मालूम था कि तेरे ही लंड से तेरी दीदी का उद्धार होना लिखा था,,,,

लगता है मां बुआ का भी उद्धार मेरा ही लंड से लिखा है शादी के बाद देखना मैं ही बुआ के बच्चों का बाप बन जाऊंगा,,,

नहीं नहीं बिल्कुल भी नहीं है ऐसा होने नहीं दूंगी तेरी जैसी अगर औलाद मैंने पैदा कर ली और अगर तेरे ही बच्चों की मां बन गई तो बड़ा होकर वह भी मुझे चोदेगा,,,,

इसमें हर्ज ही क्या है गुलाबी रानी उम्र के इस दौर में भी तेरा जवान बेटा तुझे मजा देगा,,,,

हां बिल्कुल ठीक कह रही है,,,, बेटे को भी थोड़ा बेशर्म बन जाना चाहिए ताकि जीवन का मजा ले सकें,,,,(इतना कहने के साथ ही राजू खाना खा चुका था और जैसे ही उठकर खड़ा हुआ वह अपनी कमर को आगे की तरफ बढ़ाकर ठीक है अपनी मां के सामने अपने तने हुए तंबू को दिखाते हुए बोला)

तुम दोनों की बातें सुनकर मेरा लंड तो खड़ा हो गया है अब इसे शांत करना तुम दोनों की ही जिम्मेदारी है,,,,

(अपने बेटे की हालत और हरकत देखकर मधु हंसने लगी और हाथ से उसे धक्का देते हुए बोली)

जा अपनी बुआ के पास अपनी जवानी की गर्मी शांत कर मुझे खाना बनाने दे,,,,

आ देख मैं तुझे हाथ लगाने देती हूं कि नहीं आज मैं तेरे लंड को ही काट लूंगी तुझे बड़ा घमंड है ना अपने लंड पर,,,(गुलाबी एकदम से गुस्सा दिखाते हुए बोली लेकिन उसके गुस्सा पर राजू और मधु दोनों मुस्कुरा रहे थे राजू तुरंत अपने पैजामा को खींचकर नीचे करते हुए अपने खड़े लंड को अपनी मां की तरफ आगे बढ़ाते हुए बोला)

कबूतर फड़फड़ा रहा है मां उसे काबू में करना होगा,,, लो पहले मुंह में लेकर इसकी धार बढ़ा दो,,,,।

(ठीक अपनी आंखों के सामने अपने बेटे के खड़े लंड को देखकर और गंदी गंदी बातें करने के कारण मधु की भी बुर पानी छोड़ रही थी इसलिए वह तुरंत अपने लाल-लाल होठों को अपने बेटे की तरफ आगे बढ़ाई वह अपने बेटे के लंड को हाथ से पकड़ नहीं सकती थी क्योंकि दोनों हाथ में आटा लगा हुआ था,,,, लेकिन मधु भी एकदम छिनार हो चुकी थी अपने बेटे के लंड को बिना हाथ से पकड़े ही वह अपने लाल-लाल होठों को खोल कर तुरंत उसे अपने होठों के बीच ले ली,,, और उसे चूसना शुरु कर दी पलभर में ही राजू एकदम से मस्त हो गया और अपनी कमर को धीरे धीरे हिलाना शुरू कर दिया तो वह बड़ी बेशर्मी भरी नजरों से अपनी बुआ की तरफ देख रहा था मानो कि आज बुआ की बुर का भोसड़ा बना देगा,,,,, उसकी बुआ भी खटिया पर बैठकर,,,, गुस्से से राजू और मधु की तरफ देख रही थी उसके मन में यही चल रहा था कि उसके विवाह करने के बाद घर को छोड़कर जाने के बाद यह मां बेटे इसी तरह से मजा लेंगे,,,,,।

मधु पूरी तरह से मस्त हो चुकी थी अपने बेटे के मोटे तगड़े लंड को मुंह में लेकर चूसने का मजा ही कुछ और था,,,, वह भी अपने बेटे के लंड को अपनी बुर में लेने के लिए मचल रही थी,,,, मधु अपने लाल-लाल होठों के साथ-साथ अपनी जीभ का कमाल दिखाते हुए अपने बेटे के लंड को ज्यादा मजबूती प्रदान करने लगी,,,, कुछ दूर तक राजू इसी तरह से मजा लेता रहा और फिर अपना हाथ आगे बढ़ा कर अपनी मां के सिर पर हाथ रखकर उसे रोकने हुए बोला,,,

बस मा हो गया अब देखो मेरा कमाल,,, अभी देखना कैसे बुआ की बुर का भोसड़ा बनाता हुं,,,,

नहीं बेटा ऐसा गजब मत करना अभी उसका विवाह होना बाकी है अगर तू भोसड़ा बना देगा तो पहली रात में ही इसके पति को पता चल जाएगा,,,,

तुम बिल्कुल भी चिंता मत करो मां ंं,,,(इतना कहते हुए राजू अपने पजामे को पैर के सहारे से निकाल कर फेंक दिया,,,, और फिर अपने लंड को हाथ में पकड़ कर हिलाते हुए अपनी बुआ की तरफ आगे बढ़ने लगा और उसकी बुआ गुस्से से एकदम तिलमिला रही थी,,, वह बड़े जोर जोर से सांस ले रही थी मानो कि जैसे राजु की आंखों के सामने शेरनी हो,,,, राजू को अपने बुआ के गुस्से की चिंता बिल्कुल भी नहीं थे क्योंकि वह जानता था कि अपनी बुआ को कैसे काबू में करना है जैसे ही राजू अपनी बुआ के पास पहुंचा गुलाबी ने तुरंत नीचे पड़ा डंडा हाथ में ले ली और उसे तुरंत राजू के ऊपर फटकार दी लेकिन राजू भी बहुत चालाक था और फुर्तीला भी वह तुरंत डंडे को अपने हाथ से पकड़ लिया और उसे एक झटके से छीन कर फेंक दिया,,, और गुलाबी गुस्से में बोली,,,)

देख राजू आज तो मेरे साथ कुछ भी मत करना वरना आज मैं बहुत गुस्से में हूं कहीं ऐसा ना हो जाए कि तेरा लंड फिर दोबारा खड़ा ना हो,,,,

खड़ा होगा बार बार खड़ा होगा जब जब इसके सामने तुम्हारी बुरा आएगी यह तुरंत खड़ा हो जाएगा,,,,(ऐसा कहते हुए राजू अपनी बुआ के ऊपर झुकता चला जा रहा था और उसकी बुआ दोनों हाथ से उसे रोकने की पूरी कोशिश कर रही थी लेकिन उसकी बुआ भी जानती थी कि राजू दमखम में कुछ ज्यादा ही मजबूत है और वह गुलाब की पंखुड़ी की तरह नाजुक उसकी एक नहीं चलने वाली थी लेकिन फिर भी वह पूरी कोशिश कर रही थी,,,, लेकिन जैसे ही राजू अपनी बुआ को अपनी बाहों में लेना चाहिए वह तुरंत जोर से धक्का दे और राजू एकदम से नीचे गिर गया इस बार तो राजू भी एकदम गुस्से में आ गया खाना बना रही मधु भी उन दोनों की हरकत को देख रही थी और मंद मंद मुस्कुरा रही थी,,,, और दोनों को सहज ते हुए बोल रही थी)

देखना तुम दोनों की प्रेम लीला में कहीं खटिया ना टूट जाए,,,,।

राजू का लंड पूरी तरह से अपनी औकात में आ चुका था और इस समय  वह बुर में घुसने के लिए बेताब था,,,,, राजू तुरंत उठ कर खड़ा हो गया और गुलाबी के दोनों हाथों को पकड़कर उसे अपनी बाहों में भरने की कोशिश करने लगा लेकिन गुलाबी छटपटा रही थी राजू की बाहों से छूटने की कोशिश कर रही थी ऐसा लग रहा था कि वाकई में राजू गुलाबी के साथ जबरदस्ती कर रहा था,,,,,, लेकिन राजू की भुजाओं में बहुत दम था वो एकदम से गुलाबी को अपनी बाहों में भर लिया और एकदम से उसे स्थिर कर दिया वह इतनी कसके उसे अपनी बाहों में भर लिया था कि गुलाबी चाह कर भी कुछ नहीं कर पा रही थी और देखते ही देखते राजू उसके ऊपर एकदम से लेट गया हुआ है पेट के बल लेटी हुई थी और उसके ठीक ऊपर राजू उसके ऊपर लेटा हुआ था उसका खड़ा लंड सलवार के ऊपर से ही उसकी गांड पर ठोकर मार रहा था,,,,

छोड़ मादरचोद राजू आज मैं तुझे कुछ भी नहीं करने दुंगी,,,

ऐसे कैसे नहीं करने देगी छिनार मादरचोद के साथ-साथ तूने मुझे बुआ चोद भी बना दि है,,, इसलिए आज तेरी बुर में लंड डाल कर ही रहूंगा,,,(राजू ने गुलाबी के ऊपर पूरी तरह से काबू पा लिया जब नीचे लेटी गुलाबी बिल्कुल भी हिलडुल नहीं सकती थी तो राजू तुरंत अपने दोनों हाथ को नीचे की तरफ ले जा कर के उसकी सलवार की दूरी पर एक झटके से खींच लिया और फिर धीरे से उठकर खड़ा हुआ और उसकी दोनों जांघों पर अपनी जान गिरा कर उसे 1 दिन से दबा दिया ताकि गुलाबी उठना पाए और ऐसा ही हुआ जिस तरह से राजू ने उसकी जांघों को अपनी जांघों से दबाया हुआ था गुलाबी उठने में नाकामयाब हो रही थी उठने की कोशिश तो कर रही थी लेकिन उठ नहीं पा रही थी और इसी मौके का फायदा उठाते हुए राजू ने तूने दोनों हाथों से उसकी सलवार पकड़कर एकदम से खींच दिया जिससे उसकी गांड एकदम से नंगी हो गई और फिर एक बार फिर से उसके ऊपर एक दम से लेट कर उसे काबू में करते हुए पेर के सहारे से ही उसकी सलवार को उसके पैरों से बाहर निकाल कर नीचे जमीन पर गिरा दिया कमर के नीचे गुलाबी एकदम से नंगी हो गई इस नजारे को देखकर खाना बना रही मधु भी एकदम उत्तेजित हुए जा रही थी उसकी भी बुर से पानी झर रहा था,,,,

दूसरी तरफ राजू अपनी बुआ के साथ मनमानी करने पर उतारू हो चुका था गुलाबी उसका साथ बिल्कुल भी नहीं दे रही थी लेकिन फिर भी राजू उसे काबू में करके अपनी मनमानी करने पर उतारू था कमर के नीचे वह पूरी तरह से नंगी हो गई थी और खटिया पर उसकी गोल-गोल नंगी गांड को देखकर राजू के लंड में और भी ज्यादा कड़क पन आ गया था,,,,, राजू अपनी बुआ की जांघों पर अपनी जांघों का दबाव बनाते हुए उसे धीरे से चौड़ा करने लगा ताकि उसका गुलाबी छेद ठीक से नजर आने लगे,,,, और राजू की मेहनत रंग लाने लगी वह अपनी बुआ की टांग को इतना तो फैला ही दिया कि उसकी गुलाबी छेद नजर आने लगी थी गुलाबी अभी भी उसकी कैद में छटपटा रही थी और उसे गंदी गंदी गाली दे रही थी,,,।

हरामजादे मादरचोद भोसड़ी वाले देखना जिस लंड पर तुझे घमंड है ना एक दिन खड़ा होना बंद हो जाएगा तब तुझे पता चलेगा,,,,

ऐसा कभी नहीं होगा मेरी जान मेरी बुआ जब तक तुम्हारी जैसी गुलाबी बुर मुझे मिलती रहेगी तब तक मेरे लंड में जान बनी रहेगी,,,(और इतना कहने के साथ ही ढेर सारा थोक वह अपने लंड पर लगाया और बाकी अपनी बुआ की बुर पर लगाकर उसे चिकना करने लगा गुलाबी समझ गई थी कि अब उसकी एक चलने वाली नहीं है,,,,, और फिर राजू अपने लंड को अपनी बुआ की बुर में डाल कर उसके ऊपर एकदम से ले लिया और अपनी कमर को हिलाना शुरू कर दिया राजू का लंड ईतना मोटा और लंबा था कि बड़े आराम से इस अवस्था में भी गुलाबी की बुर में घुसकर उसके बच्चेदानी तक पहुंच रहा था,,,, राजू अपनी कमर हिला तब अपनी बुआ को चोदना शुरू कर दिया था आखिरकार गुलाबी कब तक मजे लेने से इनकार करती जिसके लिए वह मरी जा रही थी वही उसकी बुर में घुसा हुआ था इसलिए उसके पीछे हीरे की रंगत बदलने लगी उसके भी तन बदन में उमंग खेलने लगी और उसके चेहरे पर उत्तेजना की ललाश भरने लगी,,,,।

राजू के लंड से गुलाबी को मजा आने लगा था इसलिए वह अपने बदन को एकदम ढीला छोड़ दी थी गुलाबी की सांसे ऊपर नीचे हो रही थी पहली बार गुलाबी अपने भतीजे से ना चाहते हुए भी उसके जबरदस्ती पन का भोग बन रही थी और इस जबरदस्ती की चुदाई में उसे इतना मजा आ रहा था कि पूछो मत बार-बार उसके बुर पानी छोड़ रही थी,,,,।

राजू के धक्के इतनी तेज थी कि खटिया से चरर चरर की आवाज आ रही थी और मधु अपने बेटे की जबरदस्त चुदाई और खटिया की आवाज सुनकर एकदम से मदहोश होने लगी और वह अपनी जगह से खड़ी होते हुए बोली,,,।

छिनार कहीं तेरी वजह से खटिया ना टूट जाए,,,,(और फिर इतना कहने के साथ ही बहुत ही रसोई में से बाहर आ गई और ठीक अपने बेटे की आंखों के सामने जाकर अपनी टांगें फैलाकर खाली हो गई थी रे तेरे अपनी साड़ी को अपने बेटे की आंखों के सामने उठाने लगी राजू अपनी बुआ को चोदते हुए अपनी मां की मदहोश कर देने वाली हरकत को देख रहा था और उसकी मदहोश कर देने वाली हरकत राजू के तन बदन में आग लगा रही थी वह भी ज्यादा उत्तेजना का अनुभव कर रहा,,,, था,,,, मधु गहरी गहरी सांस लेते अपनी साड़ी को ऊपर की तरफ उठा रही थी एकदम इस अवस्था में रंडी लग रहे थे और गहरी सांस चलने के कारण उसकी बड़ी बड़ी छातियों ऊपर नीचे हो रही थी जिससे उसकी दोनों चूचियां एक अलग मदहोशी का आलम बना रही थी देखते देखते अपने बेटे की आंखों के सामने ही मधु अपनी साड़ी को अपनी कमर तक उठा दिया और राजू को तुरंत उसकी मां की रसीली बुर नजर आने लगी जिसमें से मदन रस  का रिसाव हो रहा था और बुंद बनकर नीचे जमीन पर गिर रही थी,,,,।

अपनी मां की हालत को देखकर राजू समझ गया था कि उसकी मां को क्या चाहिए इसलिए बिना कुछ बोले वह अपनी जीभ को बाहर निकाल कर ही सारे सही अपनी मां को अपने करीब बुलाने लगा उसकी मां भी पूरी तरह से छिनार बन चुकी थी उसे मालूम था कि उसे क्या करना है और वह धीरे से आगे बढ़ी और अपनी बुर को ठीक अपने बेटे के मुंह पर लगाकर एकदम से मदहोश हो गई और अपनी आंखों को बंद कर ले क्योंकि जैसे ही मधु ने अपनी बुर को अपने बेटे के होठों से लगाई थी राजू ने तुरंत अपनी जीभ बाहर निकाल कर अपनी मां की बुर में डालकर उसके मदन रस को चाटना शुरू कर दिया था,,,,।

मदहोश कर देने वाला दृश्य घर के बीचो बीच नजर आ रहा था खटिया पर बुआ अपने भतीजे से चुदवा रही थी और भतीजा अपनी बुआ के ऊपर लेट कर उसकी बुर में धक्के पर धक्के लगा रहा था और ठीक है सामने अपनी मां की गांड को दोनों हाथों से पकड़ कर उसकी बुर को भी जा रहा था इस तरह से राजू के तन बदन में अद्भुत उत्तेजना का संचार हो रहा था वह पागलों की तरह धक्के पर धक्के लगा रहा था और गुलाबी मदहोश भरी आवाज निकल रही थी जिसे सुनकर मधु के तन बदन में आग लग रही थी,,,,

राजू इतनी जोर जोर से अपनी कमर हिला रहा था कि देखते ही देखते गुलाबी पानी छोड़ना शुरू कर दी और एकदम से झड़ गई लेकिन राजू अभी भी बरकरार था लेकिन उसकी जवानी की प्यास बुझाने के लिए ठीक उसकी आंखों के सामने दुनिया की सबसे खूबसूरत फूल इंतजार कर रही थी उसकी मां की दोनों टांगों के बीच इसीलिए राजू ने तुरंत अपनी बुआ की बुर में से अपने लंड को बाहर निकाला और तुरंत खटिया से उतर गया और अपनी मां को एकदम से खटिया पर झुका दिया और पीछे से अपनी मां की बिल्कुल भी रुकने का नाम नहीं ले रहा था पूरी तरह से तैयार हो चुकी थी ,,,, इसलिए शुरू से ही अपने बेटे के तेज धक्कों को अपनी बुर में लेकर मस्त हुए जा रही थी राजू इतनी जल्दबाजी में था कि दोनों हाथ आगे बढ़ा कर अपनी मां के ब्लाउज के बटन को खोलने की जगह खींचकर एकदम से बटन को तोड़ते हुए अपनी मां के ब्लाउज को खोल दिया और उसकी पपाया जैसी चूची एकदम से पके हुए फल की तरह लटक गई और राजू दोनों हाथों से उसे पकड़ कर जोर जोर से दबा देंगे धक्के पर धक्का लगाना शुरू कर दिया था आज गुलाबी के साथ-साथ मधु भी अपने बेटे की मर्दाना ताकत को देखकर एकदम दंग रह गई थी वह रुकने का नाम ही नहीं ले रहा था,,,,, जिस तरह का सुख वह खुद ले रहा था उससे भी जबरदस्त  संतुष्टि वह अपनी मां को दे रहा था अपनी बुआ को तो दे ही चुका था,,,,,,,,

अपनी मां को चोदते चोदते ही वह अपनी मां की साड़ी को खोल कर उसे निकाल कर फेंक दिया था ब्लाउज को तो पहले ही पढ़ चुका था और देखते ही देखते राजू अपनी मां की पेटी कोट की डोरी को एकदम से खींच कर उसे ढीला कर दिया और फिर उसे अपनी मां की बुर में धक्का लगाते हुए ही उसे ऊपर की तरफ ले जा कर के अपनी मां के सर के ऊपर से ले जाकर के पेटीकोट को उतार कर अपनी मां को एकदम से नंगी कर दिया यह देखकर गुलाबी भी दंग रह गई थी और अपने बेटे की हरकत पर खुद मधु भी एकदम से मस्त हो चुकी थी उसे यकीन नहीं हो रहा था कि इस तरह से चोदते हुए वह उसे पूरी तरह से नंगी कर देगा,,,, लेकिन मजा भी जबरदस्त दे रहा था अपने तेज धक्को को जारी रखते हुए वह अपनी मां का पानी निकालते हुए खुद भी झड़ गया,,,।

जब हौसला का तूफान शांत हुआ तो गुलाबी खटिया पर से धीरे से नीचे उतरी और अपनी सलवार लेकर उसे पहनते हुए बोली,,,।

इसीलिए मैं इस घर को छोड़कर नहीं जाना चाहती,,,।

(और इतना सुनते ही मां बेटे दोनों जोर जोर से हंसने लगे ब्लाउज के बटन टूटने का गम मधु को बिल्कुल भी नहीं था क्योंकि राजू ने अद्भुत तरीके से उसकी चुदाई किया था,,,)

दूसरी तरफ रंजीत सिंह के भड़काने पर विक्रम सिंह एकदम से भड़क चुका था वह एकदम से आगबबूला हो गया था वह लाला को सबक सिखाना चाहता था,,,,, उसकी धमकी का लाला पर बिल्कुल भी असर नहीं पड़ रहा था इसलिए वह और भी ज्यादा क्रोध में आ गया था इसलिए अपने 10 आदमियों को लेकर रंजीत सिंह के साथ वह लाला की हवेली की तरफ निकल गया,,,,

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