Update 26
चटाक …
इंस्पेक्टर विक्रम के गालो पर एक जोरदार थप्पड़ पड़ा था की वो गिरते हुए बचा ..
“साली इंस्पेक्टर को मारती है जानती है मैं कौन हु …”
वो भड़का …
“साले जानता है मैं कौन हु ..”लड़की की आवाज से वो थोड़ा सा सहम गया था,वो उस इलाके का नया इंचार्ज था जो अभी अभी बदली लेकर आया था,वो आंखे फाड़े हुए लड़की को देख रहा था…
“मैं DSP क्राइम अभिषेक की पत्नी हु …”मोना ने गर्व से कहा ,विक्रम का गाला ही सुख गया..
उसने पास खड़े हुए कांस्टेबल की ओर देखा ..
“सर मैं तो बताने ही वाला था लेकिन अपने बोलने ही नही दिया ..”
“माफी मेडम “वो हाथ जोड़कर खड़ा हो गया था …
“लेकिन इसके साथ… ये तो शातिर मुजरिम है इसकी फोटो तो मैंने थाने में देखी थी ..आप इसके साथ वो भी यंहा वीरान जगह पर ????”
“मैं कही भी किसी के साथ भी घुमू तुझे क्या साले ..”मोना का चहरा गुस्से से तमतमा गया था ,विक्रम थोड़ा सहम गया..
“और तुम्हारी फ़ोटो वँहा किसने टांग दी ..”मोना ने अब्दुल की ओर देखा ..
अब्दुल ने मुस्कुरा कर कांस्टेबल को देखा ,उसने ना में सर हिलाया ..
“वो सर ने ही एक केस की फाइल से निकाल कर लगा दिया था ..”कांस्टेबल डरा हुआ बोला ..
“नया है गलती हो जाती है ,इसे लेकर खान बाड़ी आ जाना,अब इसे भी तो पता चले की ये जिसके सामने खड़ा है वो यंहा के अंडरवर्ड का बेताज बादशाह है …”अब्दुल ने गुरुर के साथ कहा अब उसके आवाज में नए नए अपराधी वाली बात नही थी जो उसके यंहा आने के समय हुआ करती थी अब वो सच में किसी बादशाह की तरह व्यवहार कर रहा था…
विक्रम और भी बुरी तरह से डर गया..हुआ ये था की मोना और अब्दुल शहर से दूर एक पुरानी गाड़ियों के गोदाम के में थे,अब्दुल मोना को गाड़िया दिखा रहा था ,ऐसे तो उस गोदाम में 20 से ज्यादा लोग काम करते थे लेकिन वो चलते हुए अंदर आ गए थे,विक्रम पेट्रोलिंग में निकला था और उस जगह एक महंगी गाड़ी देख कर रुक गया था,अदंर जाते ही उसने तलाशी और जानकारी लेनी शुरू कर दी ,वँहा से कर्मचारियों ने उसे पूरी इन्फॉर्मेशन दे दी लेकिन वो फिर भी अंदर घूमने लगा,उसे एक जवान और हसीन लड़की साड़ी ने दिखाई दी हँस हँस कर एक लंबे चौड़े मर्द से बात कर रही थी ,उसे विक्रम ने पहचान लिया था ये तो वही केस वाला सस्पेक्ट था,उसने अपना पुलिसिया रुतबा दिखाने की सोची और जाकर उनसे कह पड़ा की साले इस रंडी के साथ यंहा क्या कर रहा है…और मोना के घूमते हुए हाथ ने उसका गाल लाल कर दिया,उसने सोचा था की पुलिस वर्दी देखकर दोनो ही डर जाएंगे जैसा की वो पहले भी कर चुका था लेकिन उसे नही पता था की वो किससे पंगा ले रहा था…
‘माफ कर दीजिए सर ,मैं आज ही आया हु ..”
“लगता है बहुत ईमानदार कर्मठ हो जो आते ही फाइल देखना शुरू कर दिया ,तुम अभी के अच्छे शागिर्द बनोगे ..”मोना ने मुस्कुराते हुए कहा …
विक्रम ने भी मुस्कुराते हुए अपना पसीना पोछा …

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