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Update 25
“थैंक्स अभी मेरे लिए तुमने ये सब किया ..”

डॉली मेरे सामने बैठी थी..

“सिर्फ तुम्हारे लिए नही ,असल में तुम्हारे पापा भी यही चाहते थे..”

वो जैसे उछली ..

“वाट ..??”

“हा उनसे मेरी इस बारे में पहले ही बात हुई थी,रोहित के लिए तुम्हारी दीवानगी को वो समझते है,और उन्हें ये भी पता था की रोहित असल में तुम्हे पसंद नही करता ,वो किसी दूसरी लड़की के पीछे है ,उन्हें ये भी पता चल चुका था की वो लड़की मेरी बीवी मोना ही है ,इसलिए उन्होंने मुझे उसके बारे में मुझसे बात की …उन्हें पहले तो रोहित पर ही शक था की आखिर वो सही लड़का है की नही ,मैंने उन्हें मोना और रोहित के दोस्ती के बारे में बतलाया और ये भी की रोहित असल में बहुत अच्छा लड़का है,मैं उसे समझाऊँगा .. उन्हें तुम्हे लेकर भी फिक्र थी की आखिर तुम भी उसे प्यार करती हो या ऐसे ही कोई टाइम पास टाइप का रिलेशन है तुम्हरे बीच,डॉ चुतिया ने और मैंने मिलकर उन्हें समझाया था,आखिर में हम कामियाब हो गए और रोहित भी समझ गया…और तीसरा काम मुझे दिया गया था की तुम्हारे दिल से तुम्हारे पापा को लेकर जो नफरत थी उसे कम करना ,मुझे लगता है की तुम अब उन्हें इस बात के लिए माफ कर चुकी हो की उन्होंने तुम्हे दुनिया के सामने अपनी बेटी का दर्जा नही दिया ”

वो थोड़ी देर तक चुप ही रही..

“डॉ तो मुझे ये हमेशा से समझते रहे लेकिन आपकी बात सुनकर मेरा गुस्सा उनपर थोड़ा तो कम हो गया ,लेकिन ये जायेगा तब जब वो दुनिया के सामने मुझे अपना ले …”

मैं भी चुप ही था..

“लेकिन मुझे एक बात समझ नही आयी की अपने रोहित को आखिर समझाया कैसे ,वो भी कुछ नही बता रहा है ..”

मैं हँसने लगा ..

“बस ये हमारे बीच का एक राज है ..और तुम आम खाओ गुठलियां क्यो गिन रही हो …”

वो झूठे गुस्से से मुझे देखने लगी लेकिन अगले ही पल उसके होठो में मुस्कान आ गई ……

सगाई जोरो से चल रही थी ,मोना असामान्य रूप से नार्मल दिख रही थी ना सिर्फ नार्मल असल में वो खुस भी थी,सारा वक्त वो डॉली और रोहित के साथ ही रही ,असल में ये डॉली के लिए भी हजम होने वाली बात नही थी लेकिन मुझे पता था की मेरी बीवी जितनी भोली लगती है उससे कही ज्यादा शातिर है,मेरे कमरे में लगाए हुए कैमरों को खोज कर उसने बहुत कुछ साबित कर दिया था,गृहमंत्री जी मेहमान की तरह ही आये ताकि सारी दुनिया के नजरो से उनका और डॉली का रिश्ता बचा हुआ रहे ,

डॉ चुतिया भी वही मिले ..

“तुम्हारी चाल काम कर गई अभी..”

उनकी वही कर्कश सी मीठी आवाज मेरे कानो में पड़ी ..

“कौन सी चाल ..”

उन्होंने जवाब नही दिया बल्कि स्टेज में खड़े मोना ,डॉली और रोहित को देखते हुए बोले..

“मोना बड़ी खुस लग रही है ..”

“आप कहना क्या चाह रहे हो ..”

उनकी परखी नजरो ने मुझे घूरा..थोड़ी देर के लिए पूरे शरीर में एक सनसनी सी फैल गई,कही सच में उन्हें मेरी चाल का पता तो नही चल गया..

“अंडरवर्ड में मेरे कुछ कनेक्शन्स है ..”

मैं आंखे फाड़े उन्हें देख रहा था..

“कही तुम्हारी नजर उस माल पर तो नही जो दुबई से आ और जा रहा है ..”

अब मेरा गाला सूखने लगा था ..

“आपको क्यो लगता है की रोहित को समझाने का कनेक्शन दुबई के माल से है ..”

उनके होठो में एक अर्थपूर्ण मुस्कान आ गई जिससे मुझे समझ आ गया की मुझसे ये प्रश्न करके एक गलती हो गई है ..

“यानी तुम्हे पता है की दुबई से क्या आ रहा है और बदले में क्या भेजा जा रहा है ..”

“पुलिस वाला हु वो भी क्राइम ब्रांच का ,इतने तो मेरे भी खबरी है अंडरवर्ड में ..”

उनके होठो में एक मुस्कान आ गई

“तब भी तुमने हेडऑफिस को इसकी कोई सूचना नही दी है..क्यो..?”

मैं हड़बड़ाया ..

“क्योकि मैं अभी मंत्री जी की ड्यूटी पर हु ..”

“तुम तो मंत्री जी की ड्यूटी के बहाने अपना भी काम करने में तुले हो,एक तीर से कितने निशाने मारने का इरादा है तुम्हारा ..आखिर करना क्या चाहते हो तुम..?”

मैं चुप ही रहा मेरी आंखों में एक शैतान सा उतर आया था,मेरी मुस्कान शैतानी हो चुकी थी , जिसे डॉ ने भांप लिया था ..

“देखो अभी तुम क्या चाहते हो ये तो मुझे थोड़ा थोड़ा समझ में आने लगा है लेकिन याद रखो की माल आएगा वो थो ठीक है लेकिन जाना नही चाहिए…”

इस बार डॉ की आंखे भी जल रही थी,मैंने सहमति में सर हिलाया ..

“आप चिंता ना करे मैं इतना भी कमीना नही हु ..”

डॉ के होठो में एक मुस्कान आ गई

“लेकिन ये तो सच है की तुम कमीने तो हो ..”

हम दोनो ही हल्के से हँस पड़े …

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