बाप खिलाड़ी बेटी महाखिलाडीन – Update 33 | Incest Sex Story

बाप खिलाड़ी बेटी महाखिलाडीन - Erotic Incest Story
Reading Mode

अब वो खुद ही रमेश के लंड पर कूदते हुए चुदने लगी. अपनी चूचियों को मसलते हुए वो सिसकारने लगी- आह्ह … यस्सस … आह्ह … ओह्ह … याहह … आह्ह … वाऊ … अम्म … ओहह … करते हुए वो चुदने लगी.

कुछ ही देर के बाद अब रमेश का वीर्य निकलने को हो गया.
रमेश सिसकारते हुए बड़बड़ाया- आह्ह साली कुतिया … ओह्ह … यस्स … आह्ह और चुद … पूरी चुद जा साली रंडी … आह्ह … आ रहा हूं मैं।

इतनी ही देर में रमेश के लंड से वीर्य की पिचकारी निकलने लगी. उसके पूरे जिस्म में झटके लगने लगे और उसने कई पिचकारी अपने वीर्य की छोड़ते हुए रश्मि की गांड को अपने वीर्य से भर दिया.

रश्मि अपने हाथ को अपनी गांड पर ले गयी और उंगली से रमेश का वीर्य निकाल कर चाटने लगी.
वो बोली- हम्म … टेस्टी है. बहुत टेस्टी है आपका माल तो अंकल।

रमेश- हम्म … लौड़े को माल भी तो खिलाता हूं मैं. फिर इसका माल कैसे टेस्टी नहीं होगा! तेरे जैसी चूत पाकर तो ये पूरा बेकाबू हो जाता है और ऐसा ही गाढ़ा गाढ़ा मजेदार माल फेंकता है. बोल रंडी.. और पीना चाहेगी क्या इसका माल?
रश्मि- बेशक़।

वो बोला- तो फिर ठीक है. तुम्हें दोबारा से मेरे पास चूत और गांड चुदवाने के लिए आना होगा.
रश्मि- अंकल मैं तो आपकी दीवानी बन गयी हूँ. जब बुलाओगे मैं चली आऊंगी.
रमेश- अच्छा इतना पसंद आया मेरा लंड तुम्हें?
रश्मि- बिल्कुल अंकल।

उस रात रमेश ने रश्मि को किसी गली की कुतिया की तरह रात 3 बजे तक अलग अलग पोजीशन में चोदा. उसकी चूत और गांड का बाजा बजा दिया. फिर दोनों एक दूसरे के साथ लिपट कर सो गये.

सुबह ही दोनों की आंख खुली. रश्मि फ्रेश होने गयी और कुछ देर के बाद बाहर आयी. वो अपने कपड़े पहनने लगी.
रमेश- अपनी ये ब्रा-पैंटी यहीं पर छोड़ देना.
रश्मि- क्यों? आप क्या करोगे मेरी ब्रा-पैंटी का?

रमेश- मुझे चुदाई के बाद तुम जैसी रंडियों की ब्रा और पेंटी कलेक्ट करने की आदत है. एक बार मेरे सामने अगर किसी औरत की ब्रा और पैंटी उतर जाती है तो फिर उस पर मेरा अधिकार हो जाता है.

उसके इस अजीब से शौक पर रश्मि को हंसी आ गयी.
वो रमेश के पास आयी और उसके लंड को हाथ में लेकर एक बार सहलाया तो रमेश के मुंह से आह्ह करके एक सिसकारी निकल गयी.

फिर अचानक से रश्मि ने उसके सोये हुए लंड को जोर से पकड़ कर खींच दिया और जोर जोर से हंसने लगी.
रमेश बोला- पागल हो गयी है क्या?
रश्मि- आपको ब्रा पैंटी कलेक्ट करने का शौक है और मुझे आपके लंड के साथ मस्ती करने का शौक लग गया है.

वो बोला- तो फिर जल्दी से दोबारा चुदने का प्लान कर ले. अपना नम्बर मुझे देती जा.
रश्मि ने अपना नम्बर रमेश के फोन में डायल कर दिया और अपने फोन पर कॉल कर ली. दोनों के नम्बर एक्सचेंज हो गये.

फिर रश्मि ने अपनी ब्रा और पैंटी को रमेश के हाथों में गिफ्ट की तरह सौंप दिया. फिर अपने कपड़े पहनने लगी. उसकी गोल गोल गांड को देख कर रमेश का लौड़ा फिर से सलामी देने लगा.

रश्मि ने देखा तो मुस्कराई. फिर पास जाकर उसके सलामी दे रहे लौड़े को रश्मि ने प्यार से देखा और अपने होंठ खोल कर उसके सुपारे पर प्यारा सा किस कर दिया. रमेश तो जैसे तड़प गया.
फिर वो बोली- जल्दी ही इसकी तड़प को फिर से शांत करने आऊंगी.

उसके बाद वो तैयार होकर रूम से निकल गयी.
फिर अगले कुछ दिनों तक रश्मि ने कई ग्राहकों को खुश किया. जल्दी ही वह एक पेशेवर कॉल गर्ल बन गयी. अब रश्मि भी रिया और रेहाना की तरह होटलों में जाकर ग्राहकों को खुश करने लगी.

उसके तीनों छेद अब मर्दों के लौड़ों को खुश करना सीख गये थे. कभी वो एक ग्राहक के साथ रात बिताती तो कभी एक साथ दो दो को ले जाती और दोनों को ही झेलते हुए खुद भी चुदाई का मजा लेती और उनको भी अच्छी तरह खुश कर देती.

Please complete the required fields.




Comments

Leave a Reply