बाप खिलाड़ी बेटी महाखिलाडीन – Update 29 | Incest Sex Story

बाप खिलाड़ी बेटी महाखिलाडीन - Erotic Incest Story
Reading Mode
रिया सोचने लगी कि डैड का काम जल्दी जल्दी खत्म करना होगा नहीं तो ये पता नहीं मेरे साथ और कितनी गंदी हरकतें करेंगे. मुझे दो तीन दिन में ही ये काम करवाना होगा ताकि डैड का दिया चेक भी पास हो जाये और अपनी मर्ज़ी से मैं सेक्स करूँ।

ये सोचकर रिया ने रतनलाल को कॉल किया.
रिया- रतन, तुझे मेरा एक काम करना होगा. किसी भी तरह रवि सेठ की बेटी रश्मि को कॉन्टेक्ट करो और उसको भी इस धंधे में उतारने का कोई तरीका लगाओ. अगर वो इस धंधे में आ गयी तो मैं तुझे पूरे 1 लाख रुपये दूंगी.

रतनलाल खुश हो गया क्योंकि उसको इतने सारे पैसे मिलने वाले थे. रिया ने उसको सारी बात समझा दी.
उसके बाद रिया ने रेहाना को कॉल किया और उसको भी रश्मि वाला काम सौंप दिया. वो बोली कि जाकर रश्मि से मिले और पता करे कि उसकी क्या क्या कमजोरी है? कैसे रश्मि को चुदाई के धंधे में उतारा जा सकता है?

रेहाना को भी रिया ने एक लाख रुपये ऑफर कर दिये. रेहाना भी खुश हो गयी. फिर रिया, रतन और रेहाना तीनों मिल कर रश्मि के पीछे लग गये. तीनों ने अपने अपने तरीके से रश्मि को अपने विश्वास में ले लिया.

रश्मि अपनी चूत की चुदाई अपने बॉयफ्रेंड से करवा चुकी थी. मगर अब उसका बॉयफ्रेंड किसी दूसरी लड़की के चक्कर में पड़ा हुआ था. वो दूसरी लड़की रश्मि से ज्यादा पैसे वाली थी. हमेशा नये नये कपड़े पहनती थी और अपने जिस्म को संवारने में बहुत खर्च करती थी.

चूंकि रश्मि के पास इतने पैसे होते नहीं थे इसलिए ज्यादा खर्च नहीं कर पाती थी. जिसकी वजह से उसका बॉयफ्रेंड दूसरी लड़कियों की ओर आकर्षित हो रहा था.

रतन से मिलीभगत करके रेहाना एक दिन रश्मि से जाकर मिली और उसको कहने लगी कि अगर वो उसके साथ चलेगी तो वह उसे एक रात के लिए अच्छी खासी रकम दिला सकती है. होटल में कुछ घंटे गुजारने के ही मोटे पैसे मिलेंगे.

ये सुन कर रश्मि पहले तो गुस्सा हो गयी. मगर बहुत सोचने के बाद फिर वो सेक्स फॉर कैश के लिए तैयार हो गयी क्योंकि उसको पैसों की जरूरत थी. वो अपने पिता से भी नहीं मांग सकती थी क्योंकि बॉयफ्रेंड के बारे में वो बता नहीं सकती थी.
रेहाना ने रश्मि को कहा कि अगर वो कुंवारी मतलब अब तक बिना चुदी है तो उसे डबल पैसे मिलेंगे.
यह सुन कर रश्मि ने लालच में झूठ कह दिया कि वो अक्षत यौवना है.

रेहाना ने रश्मि की एक नाइट की बुकिंग कर दी. रात में रतनलाल रश्मि को कुछ समझा कर अपनी कार से उसे होटल में ले गया. वहां जाकर उसने रूम नंबर बता दिया और सब कुछ समझाकर लौट आया.

रश्मि ने जाकर रमेश के रूम को नॉक किया. रमेश ने दरवाजा खोला. रमेश को देख कर रश्मि का मुंह खुला का खुला रह गया. ये उसकी पहली रात थी और वो भी एक बड़ी उम्र के मर्द के साथ.

रमेश ने रश्मि को ऊपर से नीचे तक देखा. चेहरे पर जालीदार कपड़ा ढका हुआ था रश्मि ने, मगर रमेश उसके जिस्म को देख रहा था. रमेह को तो यही पता था कि रश्मि कुंवारी है. उसको देख कर रमेश की लार टपकने लगी. सेक्सी जिस्म वाली जवान कुंवारी लड़की में उसको सेक्स ही सेक्स भरा नजर आ रहा था.

उसने रश्मि को रूम के अंदर कर लिया और दरवाजा अंदर से लॉक कर लिया. रश्मि घबरा रही थी.
रमेश बोला- डरो नहीं, रिलेक्स हो जाओ. यह बात केवल तुम्हारे और मेरे बीच में रहेगी. किसी को कुछ पता नहीं चलेगा.

बेड पर बैठते हुए बॉटल से न्यू पैग बना कर उसने सोडा मिलाया और 2 सिप मार कर लड़की को इशारे से अपने पास बुलाया।
“इधर आओ.. क्या नाम है तुम्हारा?”

रमेश के इशारे पर भी रश्मि टस से मस ना हुई.
तो रमेश बोला- मैंने कहा ना रिलॅक्स हो जाओ. चलो आओ मेरे पास!

रमेश को उसका खूबसूरत चेहरा देखने की लालसा बढ़ गयी थी. इस वक़्त रश्मि ने अपने बदन पर जीन्स और टॉप डाला हुआ था. मॉर्डन गेट-अप में थी. अजीब सी आडी टेढ़ी हेयर स्टाइल, जैसे अक्सर फिल्मी एक्ट्रेस रखे रहती हैं.

पैरों में हाइ हील सैंडल. टाइट जीन्स में उसकी मांसल जाँघों और चूतड़ों का आकार बेहद भड़काऊ था. उसकी चूचियाँ हाथों के नीचे दबी होने से रमेश को नज़र नहीं आ रही थी. कुल मिला कर आज की रात रमेश के लिए बड़ी कातिल थी.

रमेश- अच्छा ठीक है पास मत आओ. अपना चेहरा तो दिखा सकती हो ना?
रमेश ने वापस एक स्ट्रॉन्ग सिप लिया और बेड के स्टैंड से टिक कर लेट गया.

उसका लंड इस बात से ही अकड़ने लगा था कि माल 20 साल का है और कुंवारी है. टावल के नीचे नंगे होने से लंड का उभार भी हल्का हल्का दिखाई देने लगा था. जब काफ़ी देर तक लड़की ने कोई रिएक्शन नहीं दिया तो रमेश गुस्से से भर गया।

गुस्से में वो बोला- क्या यहाँ नौटंकी करने आई है साली? अरे जब इतनी शर्म थी तो चुदने आना ही नहीं चाहिए था तुझे!
इतना बोल कर रमेश ने अपना मोबाइल हाथ में उठा लिया।

रश्मि- किसे फोन कर रहे हैं अंकल?
लड़की ने घबरा कर अपने दोनों हाथ चेहरे से हटा लिए. उसे डर महसूस हुआ कि कहीं रमेश ऐसी जगह कॉल ना कर दे जो इस कमरे की बात बाहर चली जाए।

रमेश- रतनलाल को फोन कर रहा हूं. तुम्हें ले जाएगा यहाँ से। ऐसे छुईमुई बन कर बैठी रहोगी तो क्या मैं तुम्हारा अचार डालूंगा यहां?
रश्मि- नहीं, रुकिये अंकल. मेरे पैसे अटक जाएँगे.
इतना कह कर वो बेड पर आ कर बैठ गयी.

रमेश ने ये बात सुनते ही मोबाइल वापस नीचे रख दिया और बड़े गौर से उसका खूबसूरत चेहरा देखने लगा.

रश्मि वाकई बहुत सुंदर थी. बनावट में एकदम से परफेक्ट. अब उसकी चूचियों को घूर रहा था रमेश. उसकी चूची काफी कसी हुई थी. उसका फिगर भी काफी हद तक रिया से मैच कर रहा था सिवाय उसके मैच्योर चेहरे को छोड़कर।

रमेश- इधर आओ मेरे पास।
रमेश ने अपनी जाँघों पर थपकी देते हुए कहा और इस बार रश्मि अपनी सैंडल उतार कर उसकी तरफ सरकने लगी. आहिस्ता-आहिस्ता आगे बढ़ती हुई वो बिल्कुल रमेश के पास घुटने मोड़ कर बैठ गयी।

रमेश- क्या नाम है तुम्हारा?
लड़की- जी रश्मि.
उसने बेहद धीमी आवाज में जवाब दिया और रमेश की आँखों में देखने लगी. मासूम चेहरा कजरारी आँखें. रमेश के तो आज मज़े हो गये थे।

वो बोला- बड़ा प्यारा नाम है. किस कॉलेज मे पढ़ती हो?
रमेश उसके माथे से उंगली फिराता हुया उसके बूब्स तक पहुंच गया था।
रश्मि- जी वो मत पूछिये.

Please complete the required fields.




Comments

Leave a Reply