बाप खिलाड़ी बेटी महाखिलाडीन – Update 28 | Incest Sex Story

बाप खिलाड़ी बेटी महाखिलाडीन - Erotic Incest Story
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रमेश- सब्र करो रंडी रानी, तुमको मीठा फल मिलेगा। पहले अपनी गांड की चुदाई तो करने दे।
रमेश ने उसको करीब पांच मिनट और चोदा. रिया के बार बार कहने पर उसने लण्ड आखिरकार बाहर निकाला और रिया भूखी कुतिया की तरह लण्ड चाटने लगी।

लण्ड पर चिपचिपा लसलसा पदार्थ लगा हुआ था। रिया ने उसे जी भर कर चाटा। रिया की चूत में से उसकी पैंटी बाहर आ रही थी. रमेश ने वो पैंटी उसके मुंह में घुसा दी।

रमेश ने फिर लण्ड वापस रिया की गांड में घुसा दिया और चोदने लगा। रिया के मुंह में उसकी चूत के रस से भीगी पैंटी थी जिससे उसकी आवाज़ सिर्फ गूं …गूं …. करके आ रही थी।

रिया एक हाथ से अपनी चूत को रगड़ रही थी। मगर दोनों में से कोई अभी रुकने को तैयार नहीं था। थोड़ी देर बाद रमेश ने फिर लण्ड निकाला और रिया की चुद कर खुली और फैली गांड को निहारा।

उसने उसकी गांड में थूका और फिर से अपनी बेटी की गांड चुदाई करने लगा. कुछ देर और उसने रिया की गांड चोदी और फिर कटोरी रिया के हाथ से ले ली. उसने लण्ड निकाला और कटोरी में इकट्ठा हुआ थूक और लार सब डाल दी. उसके बाद उसने फिर से लंड गांड में घुसा दिया.

रिया की गांड में एक मस्त मीठा मसाला तैयार हो रहा था। रमेश ने उसकी पैंटी निकालकर अपने गले में डाल ली. रिया मस्ती में ठुकवाती जा रही थी।

सिसकारते हुए वो बोली- आह्ह डैडी, ये तो बहुत अच्छा माल तैयार हो रहा है, मुझे खिलाओगे न?
रमेश- हां डार्लिंग. तुम्हारे लिए ही है. तुमको यही खाना है। अभी थोड़ी देर में मैं मुठ भी इसमें गिरा दूंगा. फिर तुम्हारा प्रोटीन भी आ जायेगा इस मीठे मसाले में और फिर ये डिश तैयार हो जायेगी.

कुछ देर के बाद रमेश जोर जोर से सिसकारने लगा- आह्ह आहाहहा … आआहह … लगता है मुठ आने वाला है.
रिया- आह्ह डैडी, लगता है मेरा भी होने वाला है. आह्ह ऊऊ … अंदर गिराओगे ना अपना गाढ़ा मुठ? अपनी रंडी बेटी को दे दोगे ना अपना मीठा मुठ डैडी? अपना ताजा ताजा मुठ मुझे पिला दो डैडी … आह्ह मैं बहुत प्यासी हूं.

इस तरह से सिसकारियां भरते हुए दोनों साथ में झड़ने लगे. रमेश के लंड से वीर्य की 5-6 पिचकारियां निकलीं और बहुत सारा वीर्य उसने अपनी बेटी की गांड में भर दिया. फिर उसने लंड को बाहर खींच लिया और उसकी पैंटी रिया की गांड में ठूंस दी.

रिया- ये क्यों ठूस दी?
रमेश- जहाँ तक मैं तुम्हें जानता हूं बेटी, तुम कुछ भी बर्बाद नहीं करना चाहोगी। इसलिए पहले तुम लण्ड से सब चाट कर साफ करोगी और जो डिश तुम्हारी गांड में बनी है उसको तुम्हारी पैंटी रोक कर रखेगी.

रिया मुस्कराने लगी और अपने पापा के लंड को एकटक निहारने लगी. उसके लंड पर सफेद और मटमैला रंग चढ़ा हुआ था. उसमें खीर, थूक और मुठ का मिश्रण था. रिया घुटनों के बल नीचे बैठ गयी. फिर रमेश की ओर देखते हुए उसके लंड के निचले हिस्से को चाटने लगी.

चाटते हुए वो बोली- आह्ह … ये तो मीठा है.
रमेश- हां, क्यों नहीं जान … तुम्हारी गांड और खीर की मिठास ने मिल कर सब कुछ मीठा कर दिया है.
रिया- तुम्हारे थूक और मुठ ने भी डैडी।

रिया चाट चाट कर पूरा लंड साफ कर गयी. फिर रमेश के लंड अंदर से रिस रहा बचा खुचा मुठ भी चूस गयी. रमेश ने रिया को कटोरी वापस दे दी. रिया हगने की पोज में बैठ गयी. उसने कटोरी को ठीक अपनी गांड के नीचे लगा लिया.

रिया- गांड बहुत भारी लग रही है जैसे कि हगने के पहले लगती है.
रमेश- हां तो तुम अभी हगोगी न … उस मीठे मसाले को जिसे तुमने अपनी गांड में भर रखा है.
रिया- पैंटी को निकाल दो डैडी।

रमेश- ये लो अभी निकाल देता हूँ।
पीछे से जाकर पैंटी रमेश ने पैंटी निकाल दी. पैंटी निकालने के बाद रिया की वीडियो रिकॉर्ड करने लगा. रिया की गांड से चिपचिपा लुवेदार पदार्थ बाहर निकलने लगा. वो पदार्थ सीधा कटोरी में गिर रहा था.

रिया धीरे धीरे सब निकाल रही थी। कटोरी भर गई।
रमेश ने पूछा- सब निकल गया?
रिया- नहीं अभी इतना ही और है अंदर।

रमेश ने फिर से पैंटी उसकी गांड में घुसा दी और चम्मच से गांड के छेद के आसपास लटकते उस पदार्थ को कटोरी में डाल दिया। रिया की ओर कटोरी बढाकर उसने कहा- ये है सब्र का मीठा फल। खा लो इसे।

रिया ने कटोरी ली और एक चम्मच भर कर खा गयी.
वो बोली- वाऊ … बहुत टेस्टी है. बहुत ही मजेदार है.
वो धीरे धीरे उस माल को चम्मच से खा रही थी. रमेश उसकी वीडियो बनाने में लगा हुआ था.

वो बोली- डैडी मैं एक अच्छी लड़की नहीं हूं क्या? मैं क्या करूं डैडी, मेरा मन मुझे ये सब करने को कहता है. आप मुझे अच्छी सोचो या बुरी लेकिन मुझे ये सब करने में बहुत मजा आता है.

रमेश ने उसके बाल संवारते हुए कहा- तुम एक बहुत अच्छी रंडी हो। जैसी हो वैसे ही रहो, बल्कि तुम्हारा ये रूप देख कर मैं तो तुम्हें और ज्यादा चाहने लगा हूं. ऐसा घिनौना सेक्स तुमको पसंद है ना?
रिया- हां डैडी, इसी में तो असली मजा आता है.
उसने कटोरी को चाट चाट कर साफ कर दिया था अब तक. वो सारा माल खा चुकी थी.

रमेश को पता नहीं क्या सूझा कि वो बोला- खाना हो गया हो तो अब पानी भी पी ले साली रंडी.
ये कह कर रमेश ने गिलास में अपने मूत की धार भरना शुरू कर दी. देखते ही देखते उसके लंड से निकला हल्के पीले रंग का मूत गिलास में भर गया.

गिलास भर कर उसे रिया के हाथ में दे दिया और बोला- ये ले रंडी, पी ले इस अमृत को सारा, तेरा सारा खाना हजम हो जायेगा.
रिया ने गिलास उठा लिया और मुस्कराते हुए रमेश के लंड से निकले पेशाब को गट गट करके पीने लगी. उसने एक ही बार में पेशाब से भरा हुआ पूरा गिलास खाली कर दिया.

पेशाब पीने के बाद उसने गिलास एक ओर रख दिया. फिर दोनों थक कर लेट गये और आराम करने लगे.
इन तीन दिनों में रमेश ने रिया को घर में हर जगह हर तरीके से चोदा. उसने रिया को इतने बुरे तरीके से चोदा जैसे कि वो उसकी बेटी न होकर कोई बहुत सस्ती बाजारू रंडी हो.

वह रिया को कुतिया वाला पट्टा पहनाकर उसे कुतिया की तरह बांध देता था और जमकर उसकी गांड मारता था. रमेश की बीवी रति उसको गांड नहीं देती थी जिसकी सारी कसर उसने रिया की गांड से पूरी की.

रिया को भी रफ सेक्स करना बहुत पसंद था. रिया की गांड चुदाई करते हुए रमेश उसकी गांड पर थप्पड़ मार मार कर पूरी लाल कर देता था. रिया घर में कहीं भी जाती तो रमेश वहीं पर उसकी गांड चोदने लगता था.

इतनी ज्यादा चुदाई से तंग आकर रिया परेशान हो गयी और काफी थकी थकी रहने लगी. अब वो इतनी ज्यादा मात्रा में चुदाई नहीं करवा सकती थी. उसकी गांड दर्द करती रहती थी. इसलिए अब वो अपने पिता को रोकने का उपाय सोचने लगी.

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