70 पूछताछ
टीना जी के झटकते नितम्बों को जकड़े हुए, राज उनकी योनि को भूखों के समान चाटता और चूसता जा रहा था। उसे ज्ञात था कि उसकी बहन और मम्मी चूसते वक़्त किस प्रकार की क्रियायों से अधिक सुख अनुभव करती हैं.. सो अपने अनुभव वश, वो टीना जी के आनन्दोपार्जन के लिये ठीक उसी रीति में मुख मैथुन करने लगा। बार-बार अपनी जिह्वा से उनके चोंचले को पुचकारता, फिर जितना गहरा घुसती, जिह्वा को उनकी खुली योनि के भीतर घुसेड़ डालता। राज की मैथुन शैली अचूक सिद्ध हुई, क्योंकि शीघ्र ही टीना जी लाचार होकर राज के आतुरता से चूसते मुख में रिसने लगीं।
राज चटखारे ले लेकर उनकी योनि से टपकती हर एक बून्द को निगलता गया। उनकी स्वादिष्ट योनि में उसने अपनी जिह्वा को मरोड़-मरोड़ कर कुरेदा, उनके कड़े चोंचले को चूसा, और उनकी हवस के मारे सूजी हुई योनि के इन्च – इन्च को चाटा।
टीना जी राज के द्रवों से चुपड़े चेहरे पर अपनी योनि को ऊपर-नीचे उचकाने लगीं, और कस के रगड़ने लगीं। वे अपने हाथों से राज के सर को पकड़े हुए, उसके मुंह को अपनी ज्वलन्त योनि पर कस के कुचलती जा रही थीं।
“मैं झड़ने वाली हूँ, राज !”, वे चीखीं। “उहहहह, मुझे झड़ा दे! मैं तेरे चेहरे पर, तेरे मुँह पर झड्गी! ले चूस मेरी चूत, डार्लिंग! ऊऊह, बेटा चूस मेरी भीगी चूत को! ::अंम्म्म! चूस मेरे चोंचले को चोद इस रन्डी चूत को और ओहहहहह, कस के, और दम लगा !” | टीना जी मस्त घोड़ी जैसी सरपट फुदक रही थीं, उनके स्तन झूम रहे थे और केश लहरा रहे थे।
राज ने उनके कूल्हों पर अपनी जकड़ कायम रखी थी, जब वे परम दैहिक आनन्द की अनुभूति करने लगीं तो उसका मुँह टीना जी की फड़कती योनि पर चिपका रहा। तीव्र आनन्द की लहरों पर लहरें उनकी योनि को लबालब करने लगीं। उनके जीवन का सबसे सशक्त ऑरगैस्म उनकी हाँफ़ती, थरथराती देह में अच्छादित होने लगा।
ओह, बेटा! कमाल कर दिया! क्या ट्रेनिंग दी है तेरी मम्मी ने तुझे, ऐसी बढ़िया चूत – चटायी तो मेरी जिन्दगी में किसी मर्द ने नहीं की !”
राज ने अपने द्रवों से सने चेहरे को उनकी योनि पर से उठाया और मुस्कुराया। * शर्मा अंकल से भी बढ़िया?” उसने पूछा, और हाथ बढ़ा कर उनके कंपकंपाते स्तनों को सहलाने लगा।
बिलकुल ! ::: मुझे गलत मत समझना। वैसे तो तुम्हारे अंकल और जय दोनो ही माहिर चोद्दे हैं, पर चूत – चटायी के मामले में तेरा जवाब नहीं, मेरे पहलवान आशिक़ !”
“शुक्र है भगवान का कि ये हुनर मुझ नाचीज को बख्शा, वैसे मैंने आज तक किसी औरत को शिकायत का मौक़ा नहीं दिया !”, राज हँसा।
“अरे, शिकायत तो अब हम औरतों के शौहरों को होगी! • और क्या डॉली भी तुझसे अपनी चूत चटवाती है ?” ।
“बिलकुल चटवाती है! हमारी शब्बो तो मुझसे अपनी गरम चुतिया चटवाकर पागल हो जाती है। सुबह-सुबह ऐसी चीखती है, कि आस-पड़ोसी जाग जायें ।”
*और तेरी मम्मी: ?” “आँटी, लगता है आप पहले से ही सब कुछ जानती हैं !”, राज हँसा।
“अब पड़ोसियों की खोज – खबर रखना तो मेरा फ़र्ज है !”
“अब मालूम हुआ कि सोनिया ने होशियारी कहाँ से सीखी है।” मुझे लग रहा था, कि ये सब सोनिया का किया धरा है :..”, टीना जी मुस्कुरायीं।
*आपको पछतावा तो नहीं हो रहा है ?” ।
कैसा पछतावा, सोनिया की वजह से तो मुझे आज तेरा कटुवा लन्ड नसीब हुआ है !” टीना ने बढ़कर राज के लिंग को हाथों में लिया और अपनी मुट्ठी मे दबाकर उसकी चिकनी सतह और अद्भुत् लम्बाई पर ऊपर और नीचे मालिश करने लगीं। इससे पहले कि वो उसे उनकी योनि में भोंक दे, टीना जी उसके मादक पुरुषत्व का अपने होठों के बीच अनुभव करने को बेताब हो रही थीं।
म्म्म्म्म , ओह, वाह! ::. ओहहह, बहुत बढ़िया! :: जोर से रगरिये!”, राज कराहा, और अपने लिंग के विकराल भार को बेहदगी से टीना जी के हाथों में झुलाने लगा
*आपको पछतावा तो नहीं हो रहा है ?” ।
कैसा पछतावा, सोनिया की वजह से तो मुझे आज तेरा कटुवा लन्ड नसीब हुआ है !” टीना ने बढ़कर राज के लिंग को हाथों में लिया और अपनी मुट्ठी मे दबाकर उसकी चिकनी सतह और अद्भुत् लम्बाई पर ऊपर और नीचे मालिश करने लगीं। इससे पहले कि वो उसे उनकी योनि में भोंक दे, टीना जी उसके मादक पुरुषत्व का अपने होठों के बीच अनुभव करने को बेताब हो रही थीं।
म्म्म्म्म , ओह, वाह! ::. ओहहह, बहुत बढ़िया! :: जोर से रगरिये!”, राज कराहा, और अपने लिंग के विकराल भार को बेहदगी से टीना जी के हाथों में झुलाने लगा।
टीना जी ने अपनी मुट्ठी को किशोर राज के लिंग की सम्पूर्ण लम्बाई पर ऊपर और नीचे रगड़ा, प्रतीत होता था उनके हाथ में एक मोटी मूसल हो जिसे वे ओखली में कूट रही हों। और टीना जी प्रेमपूर्वक उसके सुपाड़े को निचोड़ती रहीं। है दैय्या, कैसा राक्षसी लन्ड था! मोटा तो इतना की उसके तने का व्यास उनकी उंगलियों में नहीं समाता था। लम्बा इतना कि उनकी ठोड़ी से शुरू होकर उनके माथे के तीन इन्च ऊपर फ़हराता था। और कोबरा नाग जैसा काला – कलूटा, जिसके ऊपर लाल फननुमा कटुवा सुपाड़ा, जो किसी भी पल विशैला वीर्य-दंश मारने को तैयार लगता था!
जब वे उसके लिंग को सहला रही थीं, राज के हाथ उनके अंग-अंग पर घूम रहे थे, उनके गोरे-गोरे स्तनों और नितम्बों की भरपूर चिकनी माँसलता की मालिश कर रहे थे, और उनकी सिहरती नग्न देह को अपनी देह से आलिंगन करा रहे थे। टीना जी ने अपने नये हमबिस्तर प्रेमी के होठों का चुम्बन लिया, और अत्यंत कामुकता से उसके कानों में फुसफुसायीं …
जानेमन , तू कहे तो पहले तेरे लन्ड को चुसू ?” ओह, जरूर, जरूर !” उखड़ी हुई साँसों में राज बोला, उसका लिंग टीना जी के हाथों में फुर्ती से फड़क रहा था। टीना जी ने नीचे सर झुकाकर लिंग को देखा।
म्म्म्म्म्म्म , देख तो कैसा दनदना कर फूल गया है, बेटा, लगता है चूसने की जरूरत ही नहीं, खुद-ब-खुद झड़ जायेगा मादरचोद !”
* उहहहह, प्लीज !??! चूसिये ना !! :: :: जरा देर मुँह में लेकर चूस लीजिये ना !” टीना जी फिसल कर उसकी टाँगों के बीच पहुँचीं और राज के लिंग के विकराल उभार पर अपनी आँखें जमा दीं। अपने दोनो हाथों में लिंग को लेकर, अपने मुंह को उसके सिरे के ठीक उपर रखकर, टीना जी ने नजरें ऊपर कर राज के उल्लासित चेहरे को देखा। उनके नेत्र कोरी वासना के मारे सुलग रहे थे।

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