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30 देर आये दुरुस्त आये

तुम दोनों के दिमाग ठिकाने हैं या नहीं ? आखिर यहाँ कर क्या रहे हो तुम ?”, मिस्टर शर्मा ने बौखला कर चिल्लाते हुए पूछा।

सोनिया ने बड़े शाँत लहजे में अपने मम्मी- डैडी को देखा और उत्तर दिया, “डैडी, जय भैय्या मुझे चोद रहे थे!”

जय ने अवाक् होकर अपनी बहन को देखा। जय ही नहीं, उनके माता-पिता के मुंह भी मारे विस्मय के खुले के खुले ही रह गये।

सोनिया का दिल तो करते था कि ठहाके लगा कर हँस दे, पर उसने संयम बरता।

“सोनिया, बेटा तुम्हें मालूम भी है तुम क्या बोल रही हो ?!!”, मिस्टर शर्मा ने पूछा।

उसके डैडी अब बड़े ही रुष्ट लग रहे थे, सोनिया ने तय किया कि हँसी-मजाक बहुत हुआ, अब उसे आगे की योजना का क्रियान्वन करना चाहिये।

“जय मुझे चोद रहा था डैडी!”, उसने दोहराया, “वैसे ही जैसे उसने मम्मी को चोदा था !”

मिस्टर शर्मा ने अपनी युवा पुत्री को ऐसे देखा जैसे कि उसकी बात का अर्थ ही नहीं समझे हों, और फिर अपनी पत्नी के चेहरे की दिशा में मुंह मोड़ा, जो कि अब तक लज्जा और झेप के मारे लाल – पीला हो रहा था। बेचारा जय ज्यों का त्यों धरती पर नजरें झुकाये खड़ा रहा और आशा करने लगा की धरती फट कर उसे निगल जाये।

“कोई मुझे बताये कि इस घर में आखिर हो क्या रहा है ? कहीं मैं पागल तो नहीं हो गया हूं ?”, मिस्टर शर्मा अब तक पूरी तरह से खीज कर निगाहें कभी अपनी पत्नी की ओर तो कभी अपने दो बच्चों की ओर डाल रहे थे। |

सोनिया अपनी स्कर्ट को फ़र्श से उठाती हूई मुस्कुरायी, “डैडी, बिफ़रते क्यों हैं, तसल्ली रखिये”, वो बोली, “लगता है हमें आपको पूरी बात सच-सच बता देनी चाहिये, है ना मम्मी ???

मिस्टर शर्मा ने टीना जी पर निगाह फेरी, जो अब भी ऐसे खड़ी थीं, जैसे साँप सूरह लिया हो, और क्रोध केर मारे भौंक कर बोले, “टीना! ये सोनिया क्या बात कर रही है ?”

ममम, मैं ::: आ, सोनिया ? जी मुझे तो लगता है कि सोनिया सैक्स के बारे में बात कर रही है।”, टीना जी ने उत्तर दिया, और किचन में रखी कुर्सी की ओर बढ़ीं। वे इस घटना की हड़बड़ाहट को शाँत करने के लिये कुर्सी पर बैठ गयीं।

“सैक्स ?”, मिस्टर शर्मा गुर्राये, “वो तो मैं देख ही रहा हूँ !” अपने हाथों को बच्चों की दिशा में हिलाते हुए वे बोले, “पर मैं जानना चाहता हूं कि तुम्हारे और जय के बारे में सोनिया जो कह रही है, उसका भला क्या मतलब है ?”

“बेचारे डैडी!”, सोनिया ने विचार किया, “अब सच बात बता ही देनी चाहिये।
मम्मी, बतला दीजीये ना! इसमें क्या घबराना! बेटे और माँ के प्यार में कैसी बुराई ? सच कहूं तो मैं भी डैडी से चुदना चाहती हूं !” इस बात को सुनकर टीना जी ने खड़ा होकर अपनी बाहों को फैला कर सोनिया की दिशा में बढ़ीं।

“मेरी बच्ची! मुझसे बड़ी भूल हो गयी, अब क्या होगा ?”

सोनिया ने अपनी माँ को गले लगाया। अपनी छाती पर माँ के विशाल स्तनों का दबाव पा कर उसकी योनि में कामोद्वेग की हलचल सी हुई। । “होगा क्या ? कुछ भी नहीं। पर मुझे लगता है कि आपने डडी को सब कुछ सच-सच बता देना चाहिये।”

टीना जी ने सर हिला कर सहमती भरी और अपने पति की ओर मुड़ गयीं।

“सोनिया ठीक कहती है दीपक ! समझ नहीं आता तुम्हें कैसे कहूं :’ पर आज सुबह मैने और जय ने एकसाथ सैक्स किया।”

पूरे कमरे में सन्नाटा छा गया। मिस्टर शर्मा ने अचम्भे से अपनी पत्नि की ओर देखा। टीना जी को लगा कि उसे कुछ और सफ़ाई देनी चाहिये।

“मम ::: हम ::: मैने किसी तरह का जोर नहीं डाला था, जय और मेरी, दोनो ही की मर्जी थी।”, अपने जवान बेटे पर एक निगाह फेर कर टीना जी बोली.म, और सैक्स में …आँ: बड़ा मजा भी आया।” उन्होंने पति के चेहरे पर आहत भाव देखा तो झटपट से घाव पर मरहम लगाते हुए बोलीं, “ये मत समझना कि तुम्हारे लिये मेरा प्यार कुछ घट जायेगा !”

पूरे कमरे में सन्नाटा छा गया। मिस्टर शर्मा ने अचम्भे से अपनी पत्नि की ओर देखा। टीना जी को लगा कि उसे कुछ और सफ़ाई देनी चाहिये।

“मम ::: हम ::: मैने किसी तरह का जोर नहीं डाला था, जय और मेरी, दोनो ही की मर्जी थी।”, अपने जवान बेटे पर एक निगाह फेर कर टीना जी बोली.म, और सैक्स में …आँ: बड़ा मजा भी आया।” उन्होंने पति के चेहरे पर आहत भाव देखा तो झटपट से घाव पर मरहम लगाते हुए बोलीं, “ये मत समझना कि तुम्हारे लिये मेरा प्यार कुछ घट जायेगा !”

सोनिया ने भी अपना वक्तव्य दिया, “डैडी, मम्मी के कहने का बस इतना ही मतलब है कि हम सब को सैक्स में कभी न कभी किसी नए पार्टनर की जरूरत होती है। अगर वो पार्टनर एक ऐसा शख्स हो जिसे आप दिल से प्यार करते हों, जो कि आपके अपने परिवार का एक अटूट हिस्सा हो ::: तो इसमें क्या बुराई है ? अपने तन की शाँति के लिये किसी पराये को ढूंढने से तो बेहतर ही हैन ना ?”

मिस्टर शर्मा मौन पड़ गये थे, उन्हें कानों सुनी और आँखों देखी बात पर विश्वास ही नहीं हो रहा था। आखिरकार उनके मुँह से बस इतना ही निकला, “पर ये तो घोर पाप है! हमारे समाज में इससे बड़ा कलंक और नहीं !”

“इसी का तो मजा है डैडी !”, सोनिया ने खिलखिलाते हुए कहा, “क्या आपने मेरी तरफ़ कभी भी पुत्री – प्रेम से बढ़कर किसी दूसरी से नहीं देखा ?”

“म ::: मैणे ? क ::: कभी न :: नहीं : अम” ।

“कभी नहीं, डैडी ?”, सोनिया ने अपना, “आज सुबह स्विमिंग पूल के पास वाली बात भूल गये ? आपका लन्ड तो पैन्ट के फाड़ कर बाहर निकला जाता था !”

टीना जी और जय दोनो इस पूछताछ का निश्कर्ष जानने की उत्सुकता में मिस्टर शर्मा को देख रहे। मिस्टर शर्मा ने इधर उधर देखा, फिर जैसे बेटी के तर्क के सामने हार कर घुटने टेक दिये और तीनों को देख कर मुस्कुराये।

 

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