26 नवाबी शौक़
सोनिया बड़ी दिलचस्पी से राज को अपनी बहन के सख्त, तने हुए चोचले को अपने होंठों के बीच दबोच कर खेलते हुए देख रही थी। मस्ती के इस मुक़द्दस एहसास के मारे डॉली अपने घुटने टेके देती थी। डॉली की खुली जाँघों के ठीक नीचे लेटी हुई सोनिया बारीकी से बहन-भाई के बीच होती हरक़तों का जाजा ले रही थी। राज से चुदते हुए और उसे अपनी बहन की बलखाती चूत को चाटते हुए, सोनिया खुद बड़ी तेजी से झड़ने की घड़ी को पास आता महसूस कर रही थी। राज का लन्ड अब घोड़े की रफ़्तार से सरपट चल रहा था। अपनी जीभ के जितनी ही तेज रफ़्तार से राज लन्ड को भी सोनिया की चूत में ठेलमठेल कर रहा था। खुदा के तिनों बन्दे अब झड़ने के करीब आ चुके थे, पूर कमरा पसीने से लथ जिस्मों की आपस में छप-छप आवाजों और सैक्स के बुख़ार से गरमती हुई चूतों की बू से महक रहा था।
राज ने अपना सार ध्यान दोनों मोहतरमाओं की चूत के चोचले पर केन्द्रित कर रखा था। बहन के चोचले को अपनि थूक में लबालब करे हुए उसे दोनों होंठों के दरम्यान चूस रहा था। साथ ही सोनिया के चोचले पर अपने मोटे लन्ड से ताबड़-तोड़ वार कर रहा था। दोनों लड़कीयों जिस्म को बलखाती, गाँडे हवा में लहराती, अपने मम्मे फुदकाती हुई झड़ने की तड़प में पागलों जैसे चीख रही थीं। आखिरकार, डॉली मस्ती में चीखती हुई और टपकती चूत को अपने भाई के चेहरे पर रगड़-रगड़ कर उसके चेहरे को दोनों हाथों से थूक और चूत के पानी से सनी जाँघों के बीच लथेड़ने लगी।
ऊहहह! आह्ह्ह अररगगग! चोद्दों! मैं झड़ रही हूँ !”, डॉली ने गरजते हुए ऐलान किया।
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अपने जिस्म में आये सैक्स के जलजले के झटकों के असर से डॉली की टांगें आगे और पीचे हिलने लगीं और उसकी पीठ कमान की तरह तन गयी। चन्द ही पलों में सोनिया भी घायल शेरनी की तरह तड़पती और चिल्लाती हुई झड़ने लगी। झड़ते हुए सोनिया ने अपनी नाजुक कमर से ऐसे मजबूत झटके राज के लन्ड पर दिये कि उसका मुँह अपनी बहन की झड़ती चूत से अलग हो गया।
इतनी कसरत करने के बाद थक कर डॉली दोनों के पास वहीं बिस्तर पर पड़ गयी और बड़ी दिलचस्पी से भाई को अपने मोटे सूजे हुए लन्ड से जवान लौन्डिया की फैली हुई चूत में जोरदार लम्बे धक्के देते हुए देखने लगी। “अल्लाह बरक़त दे! क्या लन्ड है!”, डॉली गौर किया, “सोनिया की कोख तक घोंप रखा है। अगर आपने उस बिस्तर पर लेटे हुए सोनिया के चेहरे को देखा होता तो आप भी ऐसा ही सोचते। सोनिया ने अपनी पलकें मूंद रखी थीं पर उसका खूबसूरत मुँह खुला हुआ था और वो एक के बाद एक आहें, चीखें और मुहब्बत की गालियाँ दे रही थी। सोनिया की चूत से सिलसिलेवार सैक्स और मस्ती की लहरें उठ-उठ कर उसके जवाँ- उम्र, नाजुक बदन की भड़कती आग को इतमिनान के मीठे से सैलाब में डुबो देती थीं।
“ऍह ऍह ऍह !”, ताव खाती घोड़ी जैसे हिनहिना रही थी वो। “बहनचोद राज ! चोद मुझे !”
“बहनचोद मत बोल सोनिया, क़सम से। बरदाश्त नहीं होता। मेरा लन्ड जल्दी झड़ जायेगा!”, राज चीखा।
सूअर, बहन की चूत चूसता है! कस के चोद मुझे !”
कितना मोटा है रे तेरा कटुवा लन्ड! चोद हरामी !” । सुबह बहन की चूत को कितना वीर्य पिलाया था ?” इस तरह राज के चुतड़ों को दोनों हाथ में दबोच कर अपनी गंदी जुबान से उसे चोदने के लिये उकसा रही थी सोनिया।
अपने ठेलते लन्ड पर राज सोनिया की टाइट चूत के माँस को कसता हुआ महसूस कर रहा था। अब उसक जुनून बर्दाश्त के बाहर हो चला था। कुछ ही पलों में उसने अपने कूल्हों को पागल कुत्ते की तरह झटकाना शुरु कर दिया। और उसके सुपाड़े के रास्ते उसके सूजे हुए टट्टों ने उबलता हुआ वीर्य उडेल दिया। खौलते वीर्य की बौछार फेंकते हुए लन्ड से सोनिया की संकरी गरम चूत में गहरे ठेले लगाता हुआ अपने मुँह से गालियाँ निकालने लगा राज ।।
ले साली! बड़ी तड़पा रही थी रन्डी! ले पाल मेरा बच्चा अपने पेट में! कुतिया, भाई के साथ बाथरूम में गुलछरें उड़ाती है, और मुझे बहनचोद बुलाती है! अब नौ महीने बाद तुझे राज के लन्ड की याद आयेगी! ले एक और तोहफ़ा मेरे टट्टों से, हरामजादी! फिर बहनचोद बुलाया तो तेरी और तेरी माँ की गाँड मारूंगा !” |
अपनी चूत में पीले- पीले वीर्य की गरम बौछारों का एहसास पा कर सोनिय फिर एक बार झड़ने लगी और अपने पेडू को राज के लन्ड पर अपनी पूरी ताक़त से रगड़ने लगी।
डॉली लेट कर अपनी रसीली, गुलाबी चूत को मसलती हुई अपने भाई के वीर्य को उसके सुपाडे से रिसकर चिकने लन्ड पर गाढ़ा झाग बनाकर सोनिया की चूत के होंठों से छलक कर बहते हुए देख रही थी। उसकी निगाहें इस खौफ़नाक रोमांचक नजारे पर लगी हुई थीं।
राज ने अपना मुँह झुका कर सोनिया के कंपकंपाते होंठों को हवस से चूमा। उसका लन्ड झड़ने के बाद भी धीमे-धीमे सोनिया की चूत के अंदर हरकत कर रहा था। राज उसकी टपकती चूत की टाइट जकड़ का लुफ्त उठाता हुआ उसके जिस्म के ठन्डे होते हुए शोलों के आखिरी ताप को सेक रहा था।
तभी डॉली ने अपने हाथों के बल बिस्तर पर रेंगते हुए अपने मुँह को दोनों की जाँघों के बीच घुसा दिया और अपने टट्टों पर बहन के होंठों के एहसास से राज के मुँह से एक आह निकल गयी। डॉली ने एक एक कर के दो बड़े अण्डों को अपने मुँह के अंदर ले कर चूसा। और फिर जीभ को अपने भाई के लम्बे लन्ड पर, उस हद थक जहाँ पर वो सोनिया की भिंचती चूत में घुस गया था, फेर कर अपनी मुहब्बत का इजहार किया।
डॉली सिहर उठी और अपनी जीभ को धीमे से सोनिया की वीर्य से सनी चूत के होंठों पर फेरा। डॉली ने जैसे-जैसे अपनी जीब्ब को अट्ठारह साल की लड़की की फड़कती और वीर्य से सनी चूत पर फेरा, सोनिया भी उसके साथ कराहने लगी।
राज ने आगे झुक कर सोनिया के सख्त निप्पलों को होंठों के बीच मसलते हुए ऊपर देखा और मुस्कुरा कर कहा, “तुझे मैं एक बात बताना तो भूल ही गय। डॉली भी
अपने भाई की तरह कभी कभार चूत – चटाई का शौक़ रखती है :: . ”

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