पापी परिवार की पापी वासना – Update 20 | Incest Story

पापी परिवार की पापी वासना – Dirty Incest Sex Story
Reading Mode

20 एक से भले दो

डॉली तय नहीं कर पा रही थी कि उसे ज्याद मज़ा किस खयाल में आ राहा था – अम्मी की चूत चाटने से या फिर भाई के लन्ड को चाटने से! कराहते हुए डॉली ने अपनी नाईटी के बटन को खोल कर हथेली में एक मुलायम चूची को दबाया था। दूसरा हाथ अपनी गीली पैन्टी के अंदर अन्दर सरका और सुलगती चूत के होंठों को फैलाता हुआ उन्हें मसलने लगा था।

उसका ये मसालेदार सपना और भी चटपटा बन गया था जब डॉली ने देखा की वो अपने मुँह से अम्मी की रसीली चूत को पुचड़- पुचड़ कर चूस रही है और साथ ही उसका भाई उसकी टाइट चूत को अपने लन्ड से दनादान चोद रहा है। डॉली अपनी सपनों की दुनिया में, जहाँ सब कुछ मुमकिन था, और सब कुछ नमकीन था, खोई हुई थी। इतनी तल्लिन थी कि उसने इस बात पर गौर नहीं किया कि राज के बेडरूम से आती आवाजें अब थम चुकी थीं। वो अपनी सख्त चूचीयों के निप्पलों को निचड़ते और अपनी भीगी चूत को रगड़ते हुए, जिस्म में उबलती मस्ती के आगोश में धीमे-धीमे कराहती जा रही थी। अचानक अपने अन्धेरे रूम में हॉल से आती रोशनी से उसकी आँखें खुल पड़ी थीं। दहलीज पर राज खड़ा उसके अधनन्गे बदन को ललचाई आँखों से घूर रहा था। सोनिया के सामने बस राज का एक साया ही दिख रहा था, पर उसे यकीन था की राज की आँखें अपनी बहन के चूत को बेरहमी से मसलते हाथों पर टिकी हुई थीं। राज बेडरूम के अन्दर आया और डॉली के पास बिस्तर पर बैठ गया। । “बहन, तुम ठीक-ठाक तो हो ना ?” राज की चिन्ता वजा थी। उसने अपनी बहन के चेहरे पर जो बौखलाहट देखी थी, और उसे सुकून देना चाहता था। डॉली ने अपनी बाहें राज के चौड़े कन्धों पर डाल कर उसे गले लगा लिया था।

राज ! तू और अम्मीजान … ऐसी हरकत ?” उसकी सिसकियो.म में गहरा इल्जाम था। राज ने उसे प्यार से गले लगाया था। साथ ही उसके तने हुए निप्पलों को अपने सीने पर महसूस भी किया था। । “ओह डॉली !”, वो फुसफुसाया था, “मैं तो खुद पर शर्मिंदा हूं। पर अम्मीजान की बेसब्री ने मुझे ये गुनाह करने पर मजबूर कर दिया था !” बहन के जवाँ जिस्म में इन्तेहाई गर्मी थी जिसका फ़ौरी एहसास उसे पागल बनाये देता था।

“तू तो मजबूरी के बड़े मजे ले रहा था!”, डॉली ने उसकी नशीली हरी आँखों मे आँखें डाल कर सवाल किया था।

“डॉली, मैं भी एक हाड़-माँस का इन्सान हूं। आदम की औलाद ही हूँ! मेरी जगह कोई भी जवाँ मर्द होता तो ऐसा ही करता। बस !” वो बोला था।

डॉली ने किसी तरह हिम्मत कर के भाई से और तफ़तीश की थी।

“क्या तूने अम्मीजान के अन्दर ही ::: याने .. ” वो हकलाई। इतना कुछ देखने के बाद भी ऐसे अल्फ़ाज अपने भाई के सामने कहने में हिचकती थी।

अम्मी की चूत में झड़ा था ?” राज ने खुलासा किया। हाँ, हाँ क्या तू चूत के अन्दर ही झड़ा था ?” “नहीं डॉली, अम्मी की बेसब्री इतनी थी की इससे पहले कि मैं झड़ पात, वे ही झड़ गयीं !” राज अपनी बहन के चेहरे को देख कर मुसुराया था। । “ओह्ह राज । तुम दोनो को वहाँ तेरे बिस्तर पर ये सब करते देख कर, मैं ::: मेरे जिस्म में आग लग रही है राज !” अपने हाथों को प्यार से अपने भाई की मजबूत पीठ पर फेरती हुई बोली थी वो।।

आग इतनी तेज़ लगी थी मेरी चूत में कि अपने बेडरूम मे आकर मुझे अपने हाथों से ही इसका इलाज करना पड़ा।”

मैं भी अभी वही देख रहा था।” राज मुस्काया था, “पर मज़ा तो तब है जब चूत की मालिश किसी दूसरे के हाथ हो। ला बताऊं कैसे।” ।

राज के हाथ बढ़ कर अपनी बहन के नंगे जिस्म पर चलते हुए उसकी भीगी, गर्म चूत की मखमली चिकनाहट को सहलाने लगे थे। जैसे ही भाई का हैवानी इरादों लिया हाथ उसकी चूत पर फैली हरियाली को छुआ था, डॉली के मुंह से चौंकी सी आवाज निकली थी और खुद-ब-खुद उसकी जाँघे अलग होने लगी थीं। जाँघों के अन्दर की चिकनी -चिकनी चमड़ी पर रेंगता हुआ उसका हाथ जैसे चूत पर पड़ा तो गहरी-गहरी आहें भरने लगी थी वो।

बड़ी मोहब्बत से डॉली ने भाई राज की चड्ढी के अन्दर हाथ डाल कर उसके लन्ड को बाहर निकाला था। अभी-अभी अम्मी की चुदाई कर चुका था पर फिर भी बाँस सा तना हुआ था। डॉली उसकी लम्बाई का जाजजा करते हुए अपनी उंगलियों को उसके तने पर जड़ से सुपाड़े तक फेर रही थी। अपने हाथ में डॉली को लन्ड पहले से कहीं लम्बा लग रहा था। राज ने भी अपनी बहल की पैन्टी की इलास्टिक को एक तरफ़ कर के अपनी एक शैतानी उंगली उसकी टाइट और रसीली चूत में डाल दी थी।

 

Please complete the required fields.




Comments

Leave a Reply