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देव वाशु के शरीर से खेल रहे थे जिससे वाशु के शरीर की गर्मी बढ़ने लगी… पर वाशु अभी कुछ करना नही चाहती थी क्योंकि नेहा उसका वेट कर रही थी… देव आज हम जो भी करेंगे वो बिना लाइट जलाए ही करेंगे .. वाशु ने देव से कहा. क्यों ऐसा क्यूँ कह रही हो हम कोई चोरी तो नही कर रहे हैं…. देव ने वाशु से कहा. नही बात कोई चोरी की नही मैं नही चाहती कि हमे नेहा या शमा कोई भी देखे… और वैसे भी थोड़े ही दिन की तो बात है. वाशु ने कहा. पर अंधेरे में मैं तुम्हारे हुस्न का जलवा कैसे देखूँगा.. देव ने वाशु की चूचियों को भींचते मसल्ते हुए कहा.. आह क्या करते हो देव अभी नही थोड़ी देर में करते हैं और वो भी बत्त्ति बंद करके समझे… अब जब तक नेहा और शमा यहाँ है हम बत्ती बंद करके ही चुदाई करेंगे.. वाशु ने देव से कहा. ठीक है जैसा तुम चाहो वैसे भी तुम्हे पता मैं तुम्हारी कोई बात नही टालता … देव ने कहा. आप अपने कपड़े उतार कर बेड पर लेट जाइए और हाआँ बत्ती जलाने की कोसिस भी मत करना समझे मैं थोड़ी देर में ही आ रही हूँ कह कर वाशु रूम की बत्ती बंद करके नेहा के रूम में चली गयी… देव को वाशु की बात कुछ अटपटी सी लगी पर उसने ज़्यादा ना सोचते हुए वो अपने सारे कपड़े उतार कर बेड पर लेट कर वाशु का इंतज़ार करने लगे साथ ही अपने हाथों से अपने विशाल लंड को सहलाते भी जा रहे थे…

बेडरूम से निकल कर वाशु नेहा के रूम में जाती है जहाँ नेहा उसका बेचैनी से इंतज़ार कर रही है.. जैसे ही वाशु अंदर आई नेहा भागकर वाशु के पास आई और अपनी बाहें फैला कर वाशु को अपने आगोश मे ले लिया और पूछा क्या कोई बात बनी के नही बताओ ना … हां हां मैं प्लान के अनुसार सब सेट करके आई हूँ बस अब तुम्हे मेरे बेडरूम में जाना है और कोई आवाज़ नही करनी है समझी और हां बत्ती मैं पहले से ही बंद करके आई हूँ उसे जलाने की कोसिस भी मत करना नही तो सारा प्लान चोपट हो जाएगा समझी… वाशु ने नेहा को सारी बात बताई. जिसे सुनते ही नहा ने वाशु के सर को अपने हाथों से पकड़ा और उसके होठों को चूसने लगी… वाशु पहले से गरम थी उसकी गर्मी और बढ़ने लगी … वाशु नेहा से अलग हुई और नेहा को बेड के पास लेजा कर बिठा दिया देव के पास जाने से पहले तुम्हे मेरी चूत को ठंडा करना पड़ेगा मेरी रानी वाशु ने नेहा से कहा… तो देर किस बात है अभी कर देती हूँ नेहा ने कहा. वाशु ने जल्दी से अपने सारे कपड़े उतारे और बेड पर सीधी लेट गयी… नेहा ने भी देर ना करते हुए वाशु की दोनो टाँगों को फैला कर उनके बीच में आ गयी और सीधा वाशु की चूत पर अपना हाथ फिराने लगी नेहा अपनी दो उंगलियों के बीच वाशु की चूत की क्लिट को पकड़ कर उसे मसल्ने लगी नेहा ने दूसरे हाथ की दो उंगलिया वाशु की चूत में घुसा दी वाशु की चूत पहले से ही गीली थी नेहा की दोनो उंगलिया आसानी से उसमे समा गयी.. नेहा अब अपने दोनो हाथों से वाशु की चूत का बेंड बजाने में लग गयी..

दूसरी और देव अपने लंड लंड को सहलाते हुए वाशु का वेट रहे थे.. देव को क्या पता था कि एक सर्प्राइज़ उसको मिलने वाला है… उधेर शमा अपने रूम में कंप्यूटर पर ब्लू फिल्म देखते हुए अपनी चूत में उगली कर रही थी शमा पूरी तरह पसीने से भीगी हुई थी जिससे लगता था कि वह काफ़ी देर से ब्लू फिल्म देख कर गरम हो रही है और अपनी चूत को ठंडा करने की कोसिस कर रही है… शमा अब झड़ने के काफ़ी करीब थी उसने अपने हाथ की स्पीड जितना हो सके बढ़ा दी थी और तेज़ी से अपनी चूत को अपनी ही उंगली से चोदने लगी .. और थोड़ी ही देर में उसकी चूत ने ढेर सारा पानी छोड़ दिया … शमा निढाल सी होकर बेड पर लेट गयी… और अपनी साँसों को दुरुस्त करने लगी…

दूसरे रूम में नेहा अब वाशु की चूत को अपनी जीभ से चाट रही थी… नेहा कभी अपनी जीभ वाशु की चूत में घुसती कभी उसकी चूत की क्लिट को अपने मुँह में लेके चूसने लगती है जिससे वाशु को एक असीम आनंद की अनुभूति हो रही थी … वाशु ने नेहा के सर को अपने हाथों से पकड़ लिया और उसे अपनी चूत पर दबाने लगी जिससे नेहा को अंदाज़ा हो गया कि अब वाशु झड़ने वाली है नेहा भी अब पूरे जोश में वाशु की चूत को चूसने लगी और कुछ ही पलों में वाशु की चूत ने अपना पानी छोड़ दिया… वाशु सीधी लेट कर अपनी सीज़न को संभालने लगी… नेहा भी काफ़ी देर से वाशु की चूत को चूस्ते हुए थक गयी थी वह भी अपनी साँसों को नॉर्मल करने लगी…

थोड़ी देर बाद वाशु ने नेहा से कहा नेहा देव मेरा वेट कर रहे हैं तुम अब जाओ और खूब मज़े लेकर उनसे चुदो… नेहा ने भी कहा हां मुझे भी अब जाना चाहिए… वैसे भी मेरी चूत की गर्मी बढ़ती ही जा रही है.. नेहा ध्यान रहे देव को शक ना होने पाए कि ये मैं नही बल्कि कोई और उनसे चुद रही है समझी.. वाशु ने नेहा को फिर से समझाया . तुम फिकर ना करो वाशु मैं सब संभाल लूँगी और देव को कभी पता नही चलेगा . ओके मैं अब जा रही हूँ….. नेहा ने पूरे आत्मविश्वास से कहा और देव के रूम मे जाने के लिए निकल पड़ी….

शमा बेड पर लेटी हुई अपनी सांसो को नॉर्मल कर रही है आज उसकी चूत ने ढेर सारा पानी बहाया है.. वह थक कर चूर है उसे थोड़ी प्यास लगती है शमा नज़रे उठाकर टेबल की ओर देखती है जहाँ पर पानी का जार उसे खाली दिखाई देता है शमा बेड से उठती है और जार को लेकेर नीचे रसोई मे जाने के लिए अपने रूम से निकलती है.. शमा धीरे धीरे सीढ़ियाँ उतर रही थी … शमा के रूम तेज रोशनी होने के कारण शमा को सीढ़ियो पर देखने मे थोड़ी परेशानी हो रही थी सीढ़ियो और रसोई के पास नाइट लॅंप की हल्की हल्की रोशनी हो रही थी… थोड़ी देर बाद शमा को सब साफ साफ दिखाई देने लगा था .. उधेर नेहा देव के रूम में जाने के लिए अपने रूम से निकलती है वह थोड़ा नर्वस भी है और उसे प्यास भी लगी है पहले वह रसोई मे जाती और फ्रीज़ से पानी की बॉटल निकाल कर पहले पानी पीती है और बिना कोई आवाज़ किए चुपके से देव के रूम में जाने का प्रयास करती है..

सीढ़ियो से नीचे उतरते हुए शमा अपनी मम्मी नेहा को देव के रूम में चोरी छुपे घुसते हुए देख लेती है उसे कुछ समझ नही आता है शमा सोचती है शायद मम्मी वाशु आंटी से मिलने गयी है और वह सीढ़ियो से उतर कर रसोई में चली जाती है.. रसोई मे पहुँच कर शमा पहले फ्रीज़ से पानी की बॉटल निकालती है ग्लास मे पानी डालकेर पीने लगती है पानी पीते हुए वह सोचती है कि इतनी रात गये उसकी मम्मी को वाशु आंटी से क्या काम आ गया जो वह इस वक्त उनके कमरे में गयी है उसे कुछ समझ नही आ रहा था शमा को थोड़ा सा शक भी होने लगा था उसने जल्दी से पानी पीया और खाली ग्लास को सींक मे रखकर दबे पाँव देव के रूम के पास पहुँच गयी… शमा अंदर देखना चाहती थी कि आख़िर चल क्या रहा है उसका शक बदत ही जा रहा था शमा की उत्सुकता भी बढ़ती जा रही थी वह जानना चाहती थी कि उसकी मम्मी आख़िर इस वक्त उसकी आंटी के रूम में क्या कर रही है…

शमा ने अंदर देखने का प्रयास किया पर वह डोर से कुछ देख नही पाई उसे अंदर देखने के लिए कोई दूसरी जगह देखनी पड़ेगी शमा ने हर ओर देखा तो उसे एक खिड़की नज़र आई शमा दबे पाँव बिना कोई आवाज़ किए खिड़की ओर बढ़ गयी वह भगवान से यही दुआ माँग रही थी कि कास वह खुली हुई हो.. शमा खिड़की के पास पहुँची तो उसकी ख़ुसी का ठिकाना नही रहा क्योंकि खिड़की खुली हुई थी पर जब उसने अंदर झाँकने की कोसिस की तो उसे फिर से निराशा होने लगी क्योकि देव के रूम में बिल्कुल अंधेरा था उसे कुछ भी दिखाई नही दे रहा था शमा ने इधर उधर देखने की कोसिस की पर निराशा ही उसके हाथ लगी शमा वापस जाने के लिए मुड़ने ही वाली थी कि उसे अंदर से देव की आवाज़ सुनाई दी .. आ गयी जाने मन मैं कब से तुम्हारा इंतज़ार कर रहा था … अंधेरा होने के कारण देव ने नेहा को वाशु समझ कर कहा. देव की इस बात से शमा भी चोंक गयी उसे समझ नही आया ये हो क्या रहा है. उसके पैर वहीं रुक गये हालाँकि उसे कुछ देखाई नही दे रहा था पर वह सब कुछ सॉफ सॉफ सुन सकती थी… शमा ने थोड़ा आगे बढ़कर अपने कान खिड़की से लगा दिए और अंदर की बातें सुनने लगी…

कितनी देर लगा दी डार्लिंग मैं कब्से अपने लंड को हाथ में लेकर सहला रहा हूँ .. देव ने थोड़ा नाराज़ होते हुए कहा.. पर नेहा ने देव की किसी बात का कोई जवाब नही दिया और और आगे बढ़ कर देव के लंड को अपने काँपते हाथो से पकड़ लिया. आह ऊओह जाअनु मैं कब से तड़प रहा था अब देर मत करो हां ऐसे ही ऑश हहाा हहाा आआहह ये कहते हुए देव ने नेहा को अपने उप्पेर खींच लिया… शमा ये सब सुनकर एक ओर जहाँ उसे थोड़ा गुस्सा आ रहा था दूसरी और ये सोचकेर कि कमरे में वसुंधरा आंटी की जगह उसकी अपनी मम्मी नेहा देव अंकल से चुदने जा रही है उसकी चूत ने पानी छोड़ना सुरू कर दिया शमा अब पूरे ध्यान से अंदर की बाते सुन रही थी पर उसे सिर्फ़ देव की ही आवाज़ आ रही थी… नेहा को अपने उप्पेर खींच कर जब देव ने महसूस किया कि वाशु(नेहा को वाशु समझते हुए) ने अभी तक अपने कड़े नही उतारे हैं देव ने नेहा की नाइटी उतार दी जिसमे नेहा ने साथ दिया नेहा अंदर ही अंदर ये सोचते हुए उत्तेजित हुई जा रही थी कि उसका जेठ उसे नंगा कर रहा है और कुछ पॅलो में वो उसके मोटे लंबे लंड से चुदने जा रही है….

नेहा को नंगी करके देव ने एक बार फिर उसे अपने उप्पेर खींच लिया और अपने होंठों को नेहा के होंठों पर रखकर उसे जोरदार तरीके से किस करना सुरू कर दिया नेहा का एक हाथ अभी भी देव के लंड को सहला रहा था और अपने दूसरे हाथ से वह देव छाती को सहलाती हुए किस करने में देव का भी पूरा साथ दे रही थी… दोनो की साँसे फूलने लगी थी धड़कने बढ़ गयी थी … बाहर खड़ी शमा दोनो की सांसो की आवाज़ सॉफ सॉफ सुन सकती थी शमा को अहसास हो गया था कि दोनो आपस में किस कर रहे हैं शमा भी अब उत्तेजित हो गयी थी .. वह यह भी सोच रही थी क्या वाशु आंटी को पता है कि इस वक्त उनके रूम में उसकी मम्मी नेहा और देव के बीच क्या चल रहा है या वो दोनो उसे चुप कर ये सब कर रहे हैं…

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