नेहा अपने कमरे में वाशु का वेट कर रही है. नेहा को एक अजीब सा अहसास हो रहा था उसने आज पहली बार देव के लंड को देखा था जिसे सोच सोच कर वह उत्तेजित हो रही थी हालाँकि वह उंगली से एक बार अपना पानी छुड़ा चुकी थी. नेहा बार बार देव और राज के लंड को कॅमपेर करने की कोसिस कर रही थी वह राज से तो चुदवा ही चुकी थी और राज से चुदने में उसे बड़ा मज़ा आया था उसका लंबा और मोटा लंड अपनी चूत में लेकेर. अब बस वो एक बार देव के लंड से भी चुदाना चाह रही थी… और ये ही सोच सोच कर वह उत्तेजित हुई जा रही थी उसके लिए एक एक पल काटना मुस्किल हो रहा था पर वो ये बात वाशु को कैसे कहेगी … क्या वाशु इसके लिए तय्यार होगी और क्या देव उसको चोदने के लिए राज़ी होगा … वो कैसे वाशु को अपने दिल की बात बता पाएगी …. ये ही सोचते सोचते नेहा बहुत उत्तेजित हो गयी उसने अपने सारे कपड़े उतार दिए और बेड पर एक चादर ओढ़ कर लेट गयी और वाशु का इंतजार करने लगी…
लंबी और घमासान चुदाई के बाद थोड़ा आराम करने के बाद वाशु उठती है वॉशरूम होकेर आती है और अपने शरीर पर बस एक नाइटी पहनने लगती है जिसे देखकर देव एक्शिटेड होते हुए पूछता है “ नेहा के सामने तुम ऐसे जाओगी वाशु”. हां तुम्हे कोई ऐतराज है क्या जानू वाशु ने कहा. नही भला मुझे क्या ऐतराज हो सकता है तुम दोनो देवरानी जेठानी हो और उससे भी पहले तुम दोनो बेस्ट फ्रेंड हो और फ्रेंड्स के बीच ये सब कामन होता है … देव ने कहा. हां ये बात तो है देव पर मैं तुम्हे बताना चाहूँगी कि हम दोनो के बीच कुछ न्ही छुपा नही है और हम एक दूसरे के साथ…. कहते कहते वाशु को अपनी ग़लती का अहसास हुआ तो वह रुक गयी वह अपने और नेहा के सीक्रेट के बारे मे बताना नही चाहती थी… एक दूसरे के साथ क्या मैं भी तो जानू बताओ मुझे … देव ने पूछा. हम दोनो एक दूसरे के साथ बहुत खुले हुए हैं वाशु ने कहा. कितना खुले हुए हो बताओ मुझे.. देव ने पूछा. जितना फ्रेंड्स खुले होते है उतना ही … वाशु ने बात को टालते हुए कहा.. तुम नही बताना चाहती हो तो मत बताओ वैसे मुझे कोई ऐतराज नही है.. देव ने कहा. ऐसी कोई बात नही देव अब मैं चलती हूँ नेहा मेरा वेट कर रही होगी … ये कहकर वाशु अपने कमरे से निकल गयी और देव उसे जाते हुए देखता रह गया…
वाशु अपने रूम से निकल कर नेहा के रूम में आती है जहाँ नेहा बेड पर एक चादर ओढ़े हुए उसका इंतजार कर रही है.. नेहा अपनी चूत में उंगली कर रही थी और अपने आप को शांत करने की कोसिस कर रही पर उसकी वाषना कम होने के बजाई बढ़ती ही जा रही थी तभी वाशु अंदर आती है और नेहा को बेड पर लेटे हुए देखती है वाशु की नज़र नेहा के उपर पड़ी चादर पर पड़ती है जिसमे उसे नेहा का हाथ उसकी चूत पर तेज़ी से हिलता हुआ दिखाई देता है जिसे देख कर वाशु समझ जाती है कि नेहा हस्तमैथुन कर रही है ये देख कर वाशु के चेहरे पर मुस्कान फैल जाती है… मोहन की याद आ रही है मेरी देवरानी को हां….. वाशु ने नेहा के हाथ की ओर देखते हुए कहा. तुम्हे क्या लगता है वाशु… नेहा ने पूछा … वैसे याद तो मुझे राज की भी आ रही है… कहकर नेहा हंस पड़ी जिसमे वाशु ने भी नेहा का साथ दिया… वाशु ने आगे बढ़ कर नेहा की चादर उतार दी और नेहा को बिल्कुल नंगी देख कर ओ हो यहाँ तो नज़ारा ही कुछ और है… लगता है आग कुछ ज़्यादा ही लगी हुई है…. वाशु ने कहा…
आग क्या सिर्फ़ तुम्हारे अंदर ही लग सकती है वाशु तुम तो अपनी आग शांत कर के आ गयी पर मेरे बारे में भी तो कुछ सोचो… नेहा ने वाशु को भोलेपन से कहा… उदास क्यूँ होती हो मेरी जान मैं हूँ ना तुम्हारी आग को शांत करने के लिए.. वाशु ने कहा. आ जो मज़ा एक लंबे मोटे लंड में है वो और कहाँ तुम तो कैसे मज़े से चुदवा…. नेहा इतना कहते हुए चुप हो जाती है… तो तुमने सब देखा है हां वाशु ने कहा.. सच कहूँ तो हाआँ मैने देखा है हाए कितना मोटा लंड है देव का कितना मज़ा आता होगा ना.. नेहा ने जवाब दिया. मज़ा तो खूब आता है जब वो चूत की दीवारो को चीरता हुआ अंदर घुसता है बहुत मज़ा आता है… वाशु ने कहा. देव और राज में सबसे ज़्यादा मज़ा किसके साथ आता है तुम्हे.. नेहा ने पूछा. दोनो का अपना अलग मज़ा है हालाँकि दोनो के लंड मोटे और लंबे हैं और दोनो का ही चोदने का अपना अलग अंदाज है.. दोनो को कंपेर करना मुस्किल है वैसे दोनो ही लाजवाब हैं … वाशु ने नेहा को बताते हुए अपनी नाइटी उतार दी और नेहा पास बेड बेर बैठ गयी वैसे तुम ये सब क्यूँ पूछ रही हो कहीं तुम्हे देव का लंड तो पसंद नही आ गया.
सच कहूँ तो हां मुझे देव का लंड पसंद आ गया है और अगर तुम्हे बुरा ना लगे तो मैं देव से चुदना चाहती हूँ… नेहा ने आकिरकर अपने दिल की बात वाशु बता ही दी. इसमे बुरा मानने वाली कों सी बात है आकीर तुम मेरी सहेली हो और देवरानी भी मैं तो कहती हूँ कि हम औरतों को पूरा हक़ है इस घर सभी मर्दों से चुदवाने का.. ये कहकर वाशु हस्ने लगती है… जिसे देखकर नेहा के चेहरे पर भी मुस्कान फैल जाती है. तो क्या सच में मैं देव से चुद सकती हूँ हाईईईईई कितना मज़ा आएगा उफ्फ मेरी तो चूत से सुनते ही पानी पानी हो गयी है नेहा ने उत्तेजित होते हुए कहा. वो सब तो ठीक है पर इसके बदले मुझे क्या मिलेगा पहले राज और अब देव मैं तुम्हे चुदने के लिए दे रही हूँ पर मुझे क्या मिलेगा बोलो वाशु ने कहा. कुछ भी जो तुम चाहो आख़िर अब हमारे बीच छुपाने को रह ही क्या गया है तुम जो चाहो वो ले सकती हो तुम मेरे लिए इतना सब कर रही हो मैं भी तुम्हारे लिए कुछ भी कर सकती हूँ तुम चाहो तो मैं तुम्हे मोहन से भी चुदवा सकती हूँ… नेहा ने कहा.
जब तुम इस घर के सभी मर्दों से चुद सकती हो तो मैं क्यूँ नही आख़िर मुझे भी तो हक़ है सभी मर्दों से चुदवाने का वाशु ने कहा और अपना मुँह नेहा चूची पर रख कर उसे चूसने लगी. आहह श हाां छ्छूऊसस्स्सूऊऊओ मेर ई चूऊच्िईिइ कूऊऊ चूऊत कूओ ऊऊ हह हह हह आआआआआआआअ न्न्ननणणन् आआआआआ ईईईईईईईई सस्स्स्स्स्सीईई ही वाशु का मुँह अपनी चूची पर पकड़ा नेहा एक दम उत्तेजित स्वर मे बोली. हमारे जैसे गरम औरतों की आग को कोई एक लंड शांत नही कर सकता है…. नेहा ने आगे कहा. तुम बिल्कुल सही कह रही हो नेहा हमारी आग को कोई एक लंड शांत कर ही नही सकता …. वाशु ने अपना मुँह नेहा की चूची से हटाते हुए कहा. नेहा ने पोज़िशन को चेंज किया और 69 पोज़ में आ गये अब नेहा और वाशु दोनो एक दूसरे की चूत को चाट सकती थी… वाशु ने नेहा की चूत पर अपना मुँह रख दिया और अपने होठों से नेहा की चूत की पंखदियों को फैला कर उसमे अपनी जीभ फिराने लगी….
वाशु की जीभ को अपनी चूत पर महसूस करते ही नेहा के शरीर में एक करेंट सा दौड़ने लगा वह पहले से ही उत्तेजित थी और वाशु द्वारा उसकी चूत को चाते जाने से उसकी चूत पनियाने लगी…. वाशु बड़े चाव से अब नेहा की चूत को चाट रही थी साथ वह उसकी क्लिट को अपनी उंगलियों से मसल भी रही थी इससे नेहा की उत्तेजना बढ़ती ही जा रही थी.. नेहा भी अब वाशु की चूत को चाट रही रही थी जिसमे कुछ पहले ही देव ने अपना रस छोड़ा था जिसके कुछ अंश अब भी बचे थे जिसे नेहा बड़े चाव से चाट रही थी…. वाशु भी अब उत्तेजित होने लगी थी कुछ देर पहले ही देव ने उसे कसकर चोदा था पर अपनी सहेली नेहा के द्वारा उसकी चूत छूने मात्र से वह फिर से उत्तेजना से सागर मैं डूब जाना चाहती थी… नेहा का भी बुरा हाल था वाशु के द्वारा उसकी चूत चाते जाने से वह उत्तेजना की चरम सीमा पर पहुच गयी और कुछ ही सेकेंड्स में उसकी चूत ने अपना रस छोड़ दिया… नेहा की चूत ने इतना पानी छोड़ा मानो कोई सैलाब आया हो जिसे वाशु ने पूरा का पूरा अपने मुँह मे भर कर पी लिया…
वाशु के शरीर में करेंट दोडा और उसकी चूत पनिया गयी नेहा अब तेज़ी से अपनी जीभ वाशु की चूत में घुसा उसे अपनी जीभ से चोदने लगी … कुछ देर ऐसे ही अपनी जीभ अंदर बाहर करने के बाद नेहा ने अपनी दो उंगली वाशु की चूत में घुसा दी और तेज़ी से अंदर बाहर करने लगी… नेहा अब अपनी उंगलियों से वाशु को चोद रही थी साथ ही अपने अंगूठे से उसकी क्लिट को भी रगड़ रही थी जिसका सीधा असर वाशु के शरीर पर हो रहा था उसके शरीर में खून का दौरा तेज हो गया और उत्तेजना अपनी चरम पर पहुच गयी… वाशु अपने हाथों से पानी चूचियों को मसल रही थी एकाएक उसने नेहा के सिर को पकड़ कर अपनी चूत पर दबा दिया और झार झार कर अपनी चूत का पानी छोड़ने लगी. दोनो थक कर चूर हो गयी थी और जल्दी ही नींद की आगोश में सो गयी.
नेक्स्ट डे सुबह देव ऑफीस जाने के लिए तय्यार हो रहे हैं और वसुंधरा यानी देव की पत्नी वाशु उनका नाश्ता रेडी करने में लगी है….. जिसमे नेहा उसकी हेल्प कर रही है. …. आज दिन का क्या प्रोग्राम है नेहा वाशु से पूछती है….. अभी कुछ सोचा नही है पहले देव को ऑफीस जाने दो फिर देखते हैं…. वाशु ने नेहा से कहा…. दोनो बातें करती हुई नाश्ता रेडी कर रही हैं… देव भी ऑफीस जाने के लिए तय्यार है और नाश्ते के लिए डाइनिंग टेबल पर बैठता है और वाशु को आवाज़ लगाता है… वाशु जल्दी से डाइनिंग टेबल पर नाश्ता लगाती है और तीनो साथ बैठकर नाश्ता करते हैं….
शमा अपने रूम में सो रही है वह अभी तक नही उठी है…. शायद रात में देर से सोई थी…. देव शाम को जल्दी घर आ जाना नही तो हम घर में बोर होती रहेंगी… वाशु ने देव से कहा… तुम कहो तो ऑफीस ना जाउ… देव ने मज़ाक के लहजे से कहा और नेहा की ओर देखने लगा…. नेहा जो रात कि नज़ारे को सोचते हुए तिरछी नज़रों से देव को देख रही थी अपनी ओर देव को यूँ देखते पाकर सकपका जाती है और अपनी निगाह नीची कर लेती है……
देव नाश्ता करने के बाद ऑफीस के लिए निकल जाते हैं…. वाशु और नेहा अपना नाश्ता फिनिश करने के बाद झूठे बर्तनो को रसोई में रखती हैं और फिर घर की साफ सफाई मे लग जाती हैं…… शमा नींद से जागती है और फ्रेश होने के लिए बाथरूम में जाती है फ्रेश होने के बाद शमा नाश्ते के लिए नीचे आती है और रसोई में जाती है गुड मॉर्निंग मम्मी गुड मॉर्निंग आंटीजी… शमा वाशु को आंटी कहकर बुलाती है… गुड मॉर्निंग बेटा उठ गयी.. नेहा ने पूछा… हाआँ मम्मी जल्दी से नाश्ता दो बहुत भूक लगी है…. अभी देती हूँ नेहा ने जवाब दिया. नींद कैसी आई तुम्हे शमा हमारे यहाँ तो तुम कभी रुकी ही नही रात को …. वाशु ने पूछा. बहुत अच्छी नींद आई आंटीजी.. शमा ने जवाब दिया. तब तक नेहा ने शमा का नाश्ता डाइनिंग टेबल पर लगा दिया और शमा से कहा नाश्ता रेडी है बेटा… शमा डाइनिंग टेबल पर नाश्ता करने बैठ जाती है.. नेहा और वाशु फिर से अपने काम में लग जाते है…
नाश्ता करने के बाद शमा अपने रूम में वापस चली जाती है और अपनी फ्रेंड से मिलने जाने के लिए तय्यार होने लगी है… शमा जल्दी से रेडी होकर अपनी फ्रेंड के घर के लिए निकल जाती है. वाशु और नेहा ने भी घर का सारा काम निपटा लिया है और दोनो ड्राइयिंग रूम में बैठकेर आराम करते हुए टीवी देख रही है… आज रात का क्या प्रोग्राम है क्या देव से मेरा मिलन करवा रही हो या नही… नेहा ने वाशु से कहा. हां देखते हैं अभी तो रात बहुत डोर है…. वाशु ने कहा. वाशु मैं चाहती हूँ के तुम मुझे देव से चुदवा भी दो और देव को पता भी ना चले… नेहा ने वाशु से कहा. ऐसा कैसे हो सकता है देव को शक हो जाएगा और फिर मैं देव से को क्या कहूँगी कि मैं क्या करने वाली हूँ… वाशु ने अचरज भरे स्वर में कहा. मुझे पता है तुम इस सब में माहिर हो पता है हमने राज के साथ कैसे होटेल में मज़े लिए थे .. मुझे पक्का यकीन है तुम कोई ना कोई चक्कर चला ही लोगि….. नेहा ने कॉन्फिडेन्स से कहा. राज की बात और थी पर देव के साथ ऐसा करना बहुत मुस्किल है वो एक पल में समझ जाएँगे कि कुछ गड़बड़ है…. वाशु ने अपनी आसंका जाहिर की. फिर भी तुम कुछ कोसिस तो कर ही सकती हो फिर जो होगा देखा जाएगा… नेहा ने कहा.
जब तुम्हे चुदवाना ही है तो फिर छुपाने से क्या फायडा और चलो मान लिया कि मैं ये सब करने के लिए तय्यार हो गयी पर क्या देव को पता नही चलेगा कि ये मैं नही कोई और है… वाशु ने फिर कहा. जहाँ तक हो सके छुपाने की कोसिस करते हैं फिर बाद में जो होगा देख लेंगे… तुम कोई प्लान सोचो मैं जाके रात की तय्यारी करती हूँ और नेहा ये कहकर वाशु को एक आँख मारती हुई अपने रूम में जाती है और अपने सारे कपड़े उतार कर बाथरूम में घुस जाती है… बाथरूम में घुसने के बाद नेहा अपने आपको बाथरूम के बड़े से शीशे में खुद को निहारती है और फिर अपनी ही चूचियों पर प्यार से हाथ फिराती है…. कुछ देर अपनी चूचियों से खेलने के बाद नेहा अपना एक हाथ अपनी चूत की तरफ ले जाती है और देव से चुदवाने के अहसास मात्र से ही नेहा की चूत पूरी गीली हो गयी थी…. नेहा अपनी उंगलियाँ अपनी चूत पर फिराने लगती है और उत्तेजित होने लगती है… कुछ देर ऐसे ही खेलने के बाद उसे कुछ याद आता है और नेहा वापस रूम में आती है और अपने बॅग से एक हेर रिमूवर क्रीम निकालती है फिर से बाथ रूम में घुस जाती है….
कुछ देर अपनी चूत को निहारने के बाद नेहा ने अपनी चूत पर हाथ फेरना सुरू कर दिया नेहा अपनी चूत पर उप्पेर से नीचे की ओर अपनी उंगली फिरा रही थी इससे उसकी चूत में उत्तेजना का संचार हो रहा था नेहा की साँसें भारी होने लगी उसने अपनी एक उंगली अपनी चूत मे डाल ली और आगे पीछे करने लगी…. नेहा के मुँह से अपने आप ही ही आँहे निकलने लगी वह सिसकारने लगी नेहा तेज़ी से अपनी उंगली अपनी चूत पर फिरा रही थी नेहा का दूसरा हाथ अपने आप ही उसकी चूचियों तक पहुँच गया जिससे वह अपनी चूचियों को बारी बारी से सहलाने मसल्ने लगी… एक तरफ नेहा अपने हाथों से अपनी चूत और चूचियों से खेल रही थी तो दूसरी तरफ वाशु नेहा के लिए रात का प्लान तय्यार कर रही थी सब कुछ पूरी तरह से सोचने के बाद वाशु नेहा का वेट कर थी उसको बताने के लिए कि कैसे करना और क्या करना है रात जब देव आएँगे तो … जब बहुत देर तक नेहा नही आई तो वाशु उठ कर उसके कमरे मे पहुँच गयी बाथरूम से आती हुई सिसकारियों ने वाशु का ध्यान अपनी ओर खींचा और वाशु बाथरूम की ओर बढ़ चली….
नेहा की सिसकारियों को सुनकर वाशु को अंदाज़ा हो गया था कि नेहा अपने शरीर के साथ खेल रही है वह चुदवाने के लिए कितनी उतावली हो रही है कि शाम तक का भी इंतजार नही कर सकती ये सोचते सोचते वाशु बाथरूम के दरवाजे तक पहुँच जाती है… बहुत ज़यादा खुजली हो रही है बन्नो को जो रात का भी इंतजार नही कर सकी… वाशु ने नेहा को चोंकाते हुए बाथरूम मे घुसते हुए कहा. नेहा अपने ही ख़यालों मे खोई हुई थी वाशु के अचानक ऐसे बाथरूम मे घुसने पर वह एक पल के लिए लगभग शॉक हो जाती है और दूसरे ही पल जब उसे अहसास होता है कि ये वाशु है तो नॉर्मल होते हुए “क्या करूँ वाशु मुझसे अब सहन ही नही हो रहा है एक तो मोहन यहाँ नही है और राज भी मोहन के साथ ही है दूसरे जब रात मे तुम्हे चुदवाते देखा तो मेरे शरीर की आग एक तरह से बहुत ही भाड़क गयी है जो एक दमदार लंड से ही बुझ सकती है” नेहा ने अपने दिल का हाल वाशु को बता दिया.
कुछ ही घंटों की तो बात है मेरी रानी मैने सब प्लान सोच लिया है आज रात को देव से मैं तुम्हारी चूत को भोसड़ा ना बनवा दिया तो कहना वाशु से बड़े ही कॉन्फिडेन्स से ये बात नहो को बताई. रात का रात मे देखेंगे पर अभी मैं क्या करूँ मेरी चूत की आग तो बढ़ती ही जा रही है. अरे इसमे उदास होने वाली कॉन सी बात है मैं हूँ अभी के लिए वाशु ने अपना हाथ आयेज बढ़ा कर नेहा की चूची पर रखते हुए कहा. पर तुम्हे अचानक ये क्या हो गया तुम इतनी उततजीत कैसे हो गयी वाशु ने नेहा से पूछा. वाशु मैं तो यहाँ अपनी झांतें बनाना आई थी और जब मैं अपनी झांतें सॉफ कर रही थी तो मेरे ख़यालों में बस देव का लंड ही घूम रहा था और वही सोचते सोचते मैं कब उत्तेजित हो गयी मुझे पता ही नही चला और मैं अपनी ही चूत के साथ खेलने लगी…. नेहा ने ऑनेस्ट्ली सब कुछ वाशु को बता दिया.
वाशु ने अपने हाथों से नेहा की चूचियों को सहलाना सुरू किया और दूसरे हाथ को आगे बढ़ा कर उसकी चूत पर रख दिया जहाँ नेहा का हाथ पहले से ही मौजूद था वाशु का हाथ अपनी चूत पर पाकर नेहा ने अपना हाथ अपनी चूत से हटा लिया और वाशु के सर के पीछे अपना हाथ रख कर उसके सर को अपनी ओर झुका लिया और अपने तपते होंठ वाशु के होंठो पर रख दिए…. वाशु ने भी नेहा का पूरा साथ दिया और दोनो एक दूसरे को किस करने लगी… नेहा ने भी अपने हाथ अब वाशु के शरीर पर रख दिए और उसकी चूचियों को कपड़ो के उप्पेर से सहलाने लगी दोनो एक दूसरे में खोई हुई इस दीन दुनिया से बेख़बर बस एक दूसरे को सहला रही थी मसल रही थी और चूमे जा रही थी…. नेहा ने वाशु के कपड़े उतारने सुरू किए जिसमे वाशु ने पूरा साथ दिया और कुछ ही पलों में दोनो बिल्कुल नंगी बाथरूम मे एक दूसरे से खेल रही थी….. एक दूसरे को चूम सरही थी…
कुछ देर ऐसे ही एक दूसरे से खेलने के बाद दोनो बाथरूम से बाहर आ जाती हैं और बेड पर लेट जाती हैं नेहा को अब बर्दाश्त करना मुस्किल हो जाता है और वो वाशु के सर को पकड़ कर अपनी धदक्ति चूत पर रख देती है… वाशु ने भी देर ना करते हुए नेहा की चूत को चाटना सुरू किया और अपने के हाथ से उसकी क्लिट को सहलाने लगीं…. वाशु के ऐसा करने से नेहा की उत्तेजना बढ़ गयी उसे अब लग रहा था कि वह कभी भी झाड़ सकती है… “ ओह वाशु तुमने ये क्या कर दिया हाईईईई चूसों मेरी चूत कूऊव हाआँ ऐसे ही और ज़ोर से चूसूऊ काट डाालूओ ईससीईई आहहाआह ऊऊओो आअज मैंन्न्न् माआर जाआओउुुुउउन्न्ञनननज्गगीइइ आआहह ऊऊओह ववववााआआआसस्स्शुउऊुुउउ ऐसे ही चुस्ती रहो बस मेरा आआ निकलने ही वाला है.. हहाआआआआआऐययईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईई” और इसी के साथ नेहा की चूत ने पानी छोड़ दिया और वह निढाल होकेर एक दम शांत पड़ गयी और अपनी साँसों को संभालने लगी….
नेहा की चूत को चूस्ते चाटते हुए वाशु का मुँह भी दर्द करने लगा था उसकी भी साँसें बढ़ गयी थी वह भी अपनी साँसों को सम्भालने मे लग गयी दोनो कुछ देर ऐसे ही पड़ी रही फिर नेहा ने भी वाशु की चूत को चाट कर चूस कर उसका पानी छुड़ा दिया और दोनो थक्कर चूर हो गयी थी और दोनो को कब नींद आ गयी पता ही नही चला. …..

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