सुबह चारो एक साथ ब्रेकफास्ट ले रहे थे कोई भी रात के बारे में बात नही कर रहा था. आज का क्या प्रोग्राम है अंकल प्रीति ने अचानक से मोहन से पूछा. मैं और राज मीटिंग अटेंड करने जा रहे हैं तुम दोनो शॉपिंग कर सकती हो मोहन ने कहा. ये ठीक रहेगा क्यूँ प्रीति स्वीटी ने कहा. हां मैं भी यही सोच रही थी प्रीति ने कहा. नाश्ता करने के बाद राज और मोहन मीटिंग के लिए निकल पड़े ओके प्रीति & स्वीटी शाम को मिलते है मोहन ने प्रीति की ओर आँख मारते हुए कहा जिसे राज ने देख लिया था. राज भी ये देख कर मुस्कुरा दिया फिर दोनो मीटिंग के लिए निकल गये.
स्वीटी और प्रीति भी शॉपिंग पे जाने के लिए रेडी होने लगी. तय्यार होकर दोनो जैसे ही बाहर निकली उन्हे डाइना दिखाई दी. डाइना ने भी उन्हे देखा और हाई बोली. प्रीति और स्वीटी ने भी हाई हेलो की और बताया कि वो शॉपिंग के लिए जा रहे हैं. ओके एंजाय युवरसेल्फ डाइना ने कहा और एक टॅक्सी पकड़ कर चली गयी. प्रीति ने भी एक टॅक्सी रुकवाई दोनो उसमे बैठकर शॉपिंग के लिए निकल गयी. दोनो ने सबके लिए ढेर सारी शॉपिंग की और दोनो ने बाहर ही लंच किया फिर शॉपिंग के बाद दोनो होटेल वापस आ गयी. शॉपिंग करते वक्त ही दोनो ने ये तय कर लिया था कि आज चारो एक साथ सोएंगे.
होटेल पहुँच कर दोनो ने सारा समान रक्खा और थोड़ा आराम करने लगी. थोड़ी देर आराम करने के बाद प्रीति ने स्वीटी से कहा मैं शवर लेने जा रही हूँ क्या तुम मेरे साथ आना चाहोगी. नेकी और पूछ पूछ क्यो नही वैसे भी हमे ईक साथ नहाए बहुत दिन हो गये है स्वीटी ने अपना टॉप वहीं उतारते हुए कहा. लगता है भाय्या ने रात तुम्हे अच्छे से नही चोदा प्रीति ने स्वीटी के पास आते हुए कहा. मत पूछ प्रीति रात तो मेरी जान ही निकाल दी राज ने पता उसने रात मेरी गंद भी मारी. अब तक दुख रही है स्वीटी ने कहा. ओ हो मैं तो समझती थी कि तुम्हारी गंद अभी तक कुँवारी है पर सच बताना तुम्हे मज़ा आया या नही प्रीति ने पूछा. सुरू में बहुत दर्द हुआ पर बाद सच में मज़ा आया और मुझे लगता है अब हफ्ते में एक बार मैं अपनी गंद ज़रूर मराउंगी स्वीटी ने कहा और हासणे लगी.
तब तक दोनो ने अपने कपड़े निकाल दिए और दोनो बाथरूम में घुस गयी. प्रीति ने शवर ऑन किया और स्वीटी को अपने पास खीच कर उसे किस करने लगी. स्वीटी भी प्रीति का पूरा साथ दे रही थी दो के हाथ एक दूसरे के शरीर पर रेंग रहे थे शवर ऑन होने से दोनो पूरी तरह से भीग चुकी थी. स्वीटी ने हाथ बढ़ाकर शवर बंद किया और फिर से दोनो किस में खो गयी. ऐसा दोनो पहले भी कयी बार कर चुकी हैं. ऐसा नही है कि दोनो लेज़्बीयन है पर दोनो को एक दूसरे सेक्स करने में भी अलग ही मज़ा आता है और जब भी मोका मिलता है तो दोनो उसका पूरा फयडा उठाती हैं.
किस करते करते प्रीति के हाथ स्वीटी की चूचियों पर पहुँच गये और मसल्ने लगी. स्वीटी को इस समय असीम आनंद आ रहा था और दोनो ने किस ब्रेक की अब स्वीटी ने अपने होठ प्रीति की चूचियों पर रख दिए और चूसना सुरू किया.
प्रीति स्वीटी के सर को अपने हाथो से पकड़ कर अपनी चूचियों पर दबा रही थी स्वीटी भी बड़े चाव से प्रीति की चूचियों को चूस रही थी. स्वीटी ने अपना एक हाथ आगे बढ़ाकर प्रीति की चूत पर रख दिया और सहलाने लगी. स्वीटी का हाथ अपनी चूत पर पाकेर प्रीति सिहर उठी उत्तेजना की एक तेज लहर उसके पूरे शरीर में दौड़ गयी.स्वीटी मुझसे अब खड़ा नही हुआ जा रहा है ऐसा करते हैं बेडरूम में चलते हैं बाद में नहा लेंगे. हूँ तुम ठीक कहती हो स्वीटी अपना सर प्रीति की चूचियों पर से उठाते हुए कहा और दोनो बाथरूम से बाहर आ गयी.
प्रीति आते ही बेड पर लेट गयी और स्वीटी फिर से प्रीति की चूचियों को चूसने लगी. चूचिया चूसने के कुछ देर बाद स्वीटी ने अपना मुँह नीचे ले जाते हुए प्रीति की सफच्छात चूत पर रख दिया और चूसने लगी साथ अपने हाथ ही दो उंगलिया प्रीति की चूत में डाल कर अंदर बाहर करने लगी. प्रीति को इस समय असीम आनंद आ रहा था उसकी उत्तेजना चरम पर पहुँच गयी थी. प्रीति ने अपने हाथो से स्वीटी के सर को पकड़ कर अपनी चूत पर पूरी तरह से दबा दिया था. स्वीटी ने अपने हाथ की स्पीड को और भी तेज कर दिया और अपनी जीभ को भी अंदर डाल डाल कर चूस रहीथी स्वीटी को भी इसमे पूरा मज़ा आ रहा था. “ओह हां आशीए ही चूसो श हां और ज़ोर ज़ोर से ऑश ऑश “ऑश स्वीटी हाआँ ऐसे ही चूसो ऑश हां चॅटो और ज़ोर ज़ोर से चूसो… ओह कितना अच्छा लग रहा है… हां चूस लो सारा रस मेरी चूत का आअज” प्रीति सिसकने लगी. “हां स्वीटी हां चूसो मेरी चूत को आज जी भर के चूसो बहुत आग लगी है इस चूत मे हां चूस” प्रीति बड़बड़ा उठी और झाड़ गयी. प्रीति गहरी गहरी साँसें ले रही थी स्वीटी भी उठकर प्रीति के बगल में लेट गयी.
प्रीति घहरी घहरी साँसें ले रही थी अपनी धड़कनो को नॉर्मल होने करने की कॉसिश कर रही थी. स्वीटी भी प्रीति के पास ही उसे सात कर लेट गयी और अपने हाथ अपनी चूचियों पर रख कर सहलाने लगी साथ ही एक हाथ अपनी चूत पर रख कर उसे उपेर उपेर से ही सहलाने लगी. इतनी देर से प्रीति की चूत चाटने की वजह से उसकी खुद की चूत गीली हो गयी वह खुद पूरी उत्तेजित हो गयी थी. थोड़ी देर बाद प्रीति उठी और स्वीटी के उपर आ गयी और दोनो एक दूसरे को फिर से किस करने लगी. धीरे धीरे प्रीति के हाथ स्वीटी के कंधो से होते हुए स्वीटी की चूचियों पर आ गये और प्रीति ने स्वीटी के निपल अपनी दो उंगलियों मे पकड़ उन्हे धीरे धीरे दबाना सुरू किया. स्वीटी को इस समय एक असीम आनंद की अनुभूती हो रही थी कभी कभी प्रीति उसके निपल को ज़ोर से दबा देती तो दर्द की एक लहर सी उसके पूरे शरीर में दौड़ जाती. स्वीटी की सिसकारियाँ दोनो की किस करने के कारण अंदर ही अंदर दब जाती. कुछ देर और किस करने के बाद प्रीति थोड़ा नीचे होती है और उसकी एक चूची को अपने मुँह मे ले चूसने लगती है.
स्वीटी को प्रीति का चूची चूसना अच्छा लग रहा था स्वीटी ने अपने हाथो को प्रीति के सर पर रख उसके सर को सहलाना सुरू कर दिया. प्रीति को भी चूची चूसने मे मज़ा आ रहा था वह बारी बारी से दोनो चूचियों को चूस रही थी साथ ही अपने हाथों से उन्हे सहला भी रही रही थी. स्वीटी उत्तेजना में कभी कभी प्रीति के सर को अपनी चूचियों पर दबा देती और फिर उसके सर को सहलाने लगती. दोनो लड़कियाँ दीन दुनिया से बेख़बर के दूसरे की मस्ती में खोई हुई असीम आनंद ले रही थी. स्वीटी की चूचियों को थोड़ी सेर और चूसने के बाद प्रीति थोड़ा नीचे होती है और स्वीटी के नाभिप्रदेस को किस करने लगती है सहलाने लगती है. प्रीति के ऐसा करने पर स्वेटी को गुदगुदी होने लगती है वह प्रीति के सर को पकड़ थोड़ा नीचे करती है और अपनी चूत पर दबा देती है. प्रीति का मुँह सीधा स्वीटी की चूत पर उसकी क्लाइटॉरिस पर लगा प्रीति के होंठ वहीं जम गये और चूसना चाटना सुरू हो गया. स्वीटी के शरीर में एक सिहरन दौड़ गयी उसके हाथों ने प्रीति के सर को अपनी चूत पर दबा दिया. प्रीति बड़े चाव के साथ स्वीटी की चूत को चूस रही थी. प्रीति ने अपना हाथ स्वीटी की चूत पर रक्खा और अपनी एक उंगली स्वीटी की चूत में थोड़ी घुस गयी.
प्रीति ने अपनी दो उंगलियों को स्वीटी की चूत में घुसा दिया और आगे पीछे करने लगी साथ ही उसकी क्लिट को भी चूसे जा रही थी. स्वीटी की उत्तेजना इस समय चरम पर पहुँच गयी थी वह बड़बड़ा उठी “श हां चूवसो और ज़ोर से चूसो ऑश हाँ खा जा मेरी चूत को में कब से तड़प रही थी ऑश” “ऑश हाआँ ऑश जबसे घर छोड़ा में इस एहसास के लिए तरस गयी.. ऑश हाआँ चॅटो मेरी चूत को ऑश चूवसो…अपनी उंगलियाँ और तेज़ी अंदर बाहर करो बहुत अच्छा लग रहा है ऐसे ही करती रहो”……. “ओह हाआँ ऐसे ही ऑश हाां” स्वीटी ने अपनी टाँगे हवा मे उठा दी और अपनी चूत को और प्रीति के मुँह पर दबा दी… उसकी चूत मे तो जैसे और आग सी लग गयी थी… और स्वीटी चरम पर पहुँच गयी. प्रीति ने भी अपने हाथ की स्पीड बढ़ा दी और तेज़ी के साथ अपनी उंगलियाँ अंदर बाहर करने लगी कुछ ही सेकेंड्स में स्वीटी एक जोरदार चीख के साथ झाड़ गयी उसका पूरा शरीर कांप उठा वो झार झार झड़ती जा रही रही थी. प्रीति का हाथ बिना रुके अपनी गति से अंदर बाहर हो रहा था. जब प्रीति को लगा की स्वीटी पूरी तरह से झाड़ गयी तो वा उठ गयी और स्वीटी के साथ ही उसकी बगल में लेट कर आराम करने लगी.
स्वीटी एक बात कहूँ तुम बुरा तो नही मनोगी कुछ देर बाद प्रीति ने स्वीटी से कहा. अगर बुरा मानने वाली बात हुई तो ज़रूर बुरा मानूँगी स्वीटी ने कहा. अरे ये तो मज़ा करने वाली बात है नकी बुरा मानने वाली प्रीति ने कहा. पहले बात तो बताओ फिर डिसाइड होगा कि इसको किस तरह से लेना है स्वीटी ने कहा. तुम्हे पता है हम अपने घर अपने देश से इतनी दूर आए हैं तो मैं सोच रही थी कि क्यो ना कुछ अलग सा किया जाए क्या पता हमे फिर ऐसा मोका मिले ना मिले. मैं इस मोके का पूरा फयडा उठना चाहती हूँ पूरा मज़ा लेना चाहती हूँ. प्रीति ने कहा. हम यहाँ मज़े ही तो कर रहे हैं तुम रात भर मेरे डॅडी के साथ चुदाई करा चुकी हो और अभी अभी हमने सेक्स का खेल खेला है और तुम अब कोन्से मज़े की बात कर रही हो सॉफ सॉफ कहो तुम कहना क्या चाहती हो स्वीटी ने प्रीति की बात से हैरान होते हुए कहा. मैं ये कहना चाहती हूँ कि हमने अभी तक अपने घरवालो से ही चुदाई की है तो मैं सोच रही थी क्यूँ बाहर भी ट्राइ किया जाए और…. प्रीति ने वाक्य अधूरा छोड़ते हुए कहा. क्या …. तुम्हारा दिमाग़ तो खराब नही हो गया है… ये तुम कैसी बाते कर रही हो … स्वीटी ने शॉक्ड होते हुए हैरानी से लगभग चिल्लाते हुए कहा. मैने तो पहले ही कहा था कि मेरी बात का बुरा मत मानना और तुम हो मेरे उपर चिल्ला रही हो मैं तो बस यही कहना चाहती हूँ कि अपने परिवार से अलग किसी दूसरे मर्द के लंड का अहसास कैसा होता है इसको ट्राइ करने में क्या जाता है प्रीति ने खुलकर अपनी बात स्वीटी को बता दी. नही मैं इसमे तुम्हारा साथ नही दे सकती ऐसा मैं कभी नही कर सकती स्वीटी ने कहा. और कमरे में एक शान्ती सी च्छा गयी दोनो बिल्कुल शांत हो गयी……..
मेरी बहुत दिनो से एक खुवहिस थी कि मैं दो तीन लंड से एक साथ चुदाई करूँ मैं फील करना चाहती हूँ कि एक साथ तीन लंड से चुद्ने पर कैसा लगता है क्या अहसास होता है जब एक लंड चूत मैं एक गांद में और एक मुँह में हो……….. थोड़ी देर शांत रहने के बाद प्रीति ने अपने दिल की बात कही. तुम पूरी रंडी बन चुकी हो चुद चुद कर तुम्हे पता भी है तुम क्या बोल रही हो अगर किसी को पता चल गया तो पता है क्या होगा स्वीटी ने कहा. हां हां जैसे तुम तो बड़ी सती सावित्री हो ना अपने चचेरे भाई से चुदवा चुकी हो अपने डॅडी से चुद चुकी हो फिर भी तुम ऐसी बातें कर रही हो अरे मैं तो सिर्फ़ एंजाय करने की बात कह रही हूँ और ऐसा मोका फिर नही मिलेगा प्रीति ने कहा. अगर राज को पता चल गया तो स्वीटी ने थोड़ा चिंतित होते हुए कहा. वो मेरा भाई है और मुझे इस बात का पूरा यकीन है के वो मुझे किसी भी बात के लिए मना नही करेगा चाहे वो बात किसी दूसरे से चुदवाने की ही क्यों ना हो प्रीति ने पूरे विस्वास के साथ स्वीटी की बात का जवाब दिया. प्रीति क्या तुम्हे सच में लगता है कि तुम जो करने जा रही हो सही है अगर ये बात बाहर फैल गयी तो सोचो कितनी बदनामी होगी स्वीटी ने फिर आशंकित होते हुए कहा.
तुम उसकी चिंता मत करो और फिर ज़रा सोचो हम एक अजनबी देश में मैं हैं यहाँ हमे देखने वाला है ही कॉन और हम ये किसी इंडियन के साथ नही करेंगे वो तो कोई विदेशी ही होंगे जिसके साथ ये सब कर सकते हैं सोचो उसके कितना मज़ा आएगा प्रीति के एग्ज़ाइटेड होते हुए कहा. फिर भी प्रीति तुम एक बार ठंडे दीमाग से सोच लो स्वीटी ने फिर अपनी शंका जाहिर की. स्वीटी मैं तो पूरी तरह ठान चुकी हूँ के जब चुदना ही है और मज़े लेने ही हैं तो फिर सोचना क्या मैं तो उस पल का बेसब्री से इंतजार कर रही हूँ प्रीति ने उत्तेजित होकेर कहा. तो तुम नही मानने वाली ठीक है जो भी करना पूरी तरह सोच समझ कर करना स्वीटी ने अपनी रज़ामंदी देते हुए कहा.(अंदर ही अंदर स्वीटी भी चाह रही थी कुछ नया करने को पर थोड़ा डर रही थी या डरने का नाटक कर रही थी). वो तो मैं करूँगी ही पर इसमे तुम्हे मेरा साथ देना होगा फिर देखना हमे कैसे मज़े करते हैं प्रीति ने खुश होते हुए कहा. ठीक है बाबा मैं सोचूँगी इस बारे में स्वीटी ने कहा. अब इसमे सोचने वाली कोन्सि बात है तुम खम्खा ऐसे ही डर रही हो डर क्या रही हो डरने का नाटक कर रही मुझे भी पता है कि तुम्हारी चूत में भी उतनी ही आग लगी है जितनी कि मेरी चूत मैं इसको अब जल्द से जल्द बुझाना ही पड़ेगा प्रीति ने हस्ते हुए कहा. अच्छा बाबा ठीक मैं तय्यार हूँ वैसे ये करना कब है स्वीटी ने पूछा. ये हुई ना बात अब देखना मैं क्या करती हूँ और कैसे हम मज़े करते हैं और दोनो खिलखिलाकर हंस पड़ी…
शाम को डोर पर दस्तक होने से प्रीति की आँख खुलती है तो देखती है कि वो और स्वीटी दोनो सेक्स क्रिया करने के बाद नंगी ही सो गयी थी. प्रीति ने जल्दी से शर्ट्स और टशहिर्त पहनी और स्वीटी के उपर एक चादर डाली और डोर खोलने चल दी. जैसे ही डोर खोला सामने राज को खड़ा पाया है राज प्रीति ने कहा और राज से पूछा तुम कब आए? हाई मैं बस अभी आया हूँ राज ने जवाब दिया और अंदर आ गया. स्वीटी कहाँ है राज ने पूछा. आक्चुयली हम दोनो सो रही थी डोर पर दस्तक होने पर मेरी आँख खुल गयी और स्वीटी अभी भी सो रही है प्रीति ने कहा. राज स्वीटी के पास बेड पर जाकर बैठ जाता है. प्रीति भी वहीं आ जाती है. राज तुम कॉफी का ऑर्डर देदो मेरा सर दर्द कर रहा है भारी भारी सा हो रहा है प्रीति ने राज से कहा और बेड पर बैठ जाती है.
राज कॉफी ऑर्डर और स्नॅक्स ऑर्डर करता है और स्वीटी को उठाने के लिए उसके उपर पड़ी चादर को उतार देता है. जैसे ही चादर उतरती है सामने स्वीटी को नंगी हालत में देख राज एक बार तो चोंक जाता है फिर प्रीति की ओर देखता है और दोनो खिलखिला कर हंस पड़ते हैं. दोनो की आवाज़ को सुनकर स्वीटी की नींद भी टूट जाती है और राज और प्रीति को हंसता हुआ देख कर उठके बैठती है और पूछती है तुम दोनो क्यों हंस रहे हो. प्रीति आँखो ही आँखो में स्वीटी की ओर इसरा करती है. स्वीटी को जब अपने नंगे होने का अहसास होता है वो भी उनके साथ हँसने लगती है और चादर से अपने शरीर क्ल ढक लेती है राज चादर को पकड़ के खींच देता है तीनो फिर से हँसने लगते है. तभी डोर पर दस्तक होती है राज दरवाजा खोलने जाता है स्वीटी उठ कर अपने कपड़े लेकर वॉशरूम में घुस जाती है.
वेटर कॉफी ओर स्ननक्स देता है और चला जाता है. स्वीटी भी वॉशरूम से बाहर आती है ओर पूछती है कॉन था फिर सामने कॉफी ट्रे देखती है ओर बोलती है अच्छा हुआ जो कॉफी ऑर्डर कर दी मेरा सर दर्द कर रहा है. क्या बात है आज तुम दोनो का सर क्यों दर्द कर रहा है राज दोनो से पूछता है. तब प्रीति राज को दोनो के बीच हुए सेक्स के खेल के बारे में बता देती है. तो तुम दोनो को अब मेरी की ज़रूरत नही है राज ने कहा और मुस्कुराने लगता है. राज को मुस्कुराता देख स्वीटी ओर प्रीति भी मुस्कुरा देती हैं और तीनो कॉफी का आनंद उठाते हुए बाते करते है.
डॅडी कहाँ हैं……. स्वीटी ने राज से पूछा? वो अपने एक बिज़्नेस फ्रेंड के साथ गये हैं कल आ जाएँगे…….. राज ने कहा. हाउ नाइस इससे अच्छा मोका नही मिलेग प्रीति……..स्वीटी ने कहा. कैसा मोका तुम क्या करना चाहती हो……… राज ने पूछा? तब स्वीटी राज को सब बता देती है और चुप हो जाती है कुछ देर के लिए कमरे में शांति च्छा जाती है………….. राज अपनी जगह से उठता है और प्रीति के पास आकर उसके होठों पर किस करता है फिर बोलता है आइ लव यू प्रीति….मी टू प्रीति कहती है. प्रीति तुम नही जानती तुम क्या करने जा रही हो… आइ मीन मैं बहुत दिनो से तुमसे एक बात कहना चाह रहा था… पर कह नही पाया कहीं तुम बुरा ना मान जाओ…. पर आज जब स्वीटी ने बताया तो एक बार मुझे अपने कानो पर विस्वास नही हुआ पर ये रियल है मेरी बहुत पुरानी फॅंटेसी पूरी होने वाली है राज ने कहा.
कॉन सी फॅंटेसी की बात कर रहे हो प्रीति और स्वीटी ने एक साथ पूछा. मेरी एक फॅंटेसी है कि मेरी बेहन का गंगबॅंग मेरी आँखो के सामने हो और मैं भी शामिल रहूं और एंजाय करूँ तुम तीन-3 लंडो से एक साथ चुदाई कराओ और एंजाय करो……. राज ने अपने दिल की बात कह दी. तुमने तो डरा ही दिया था राज…… प्रीति ने कहा मैं पता नही क्या-2 सोच रही थी कि कहीं तुम नाराज़ तो नही हो जाओगे सबसे ज़्यादा डर तो स्वीटी को लग रहा था..क्यूँ स्वीटी…. प्रीति ने कहा. हां ये सच है राज मैं तो सच में बहुत डरी हुई थी कि कहीं तुम……स्वीटी ने वाक्य अधूरा ही छोड़ दिया….. वैसे एक बात है तुम दोनो हो एक दम चुड़क्कड़… और खिलखिला कर हंस पड़ी. राज और प्रीति भी स्वीटी की बात सुनकर मुस्कुराए बिना ना रह सके.
राज तुम अपनी ये खुवहिस मुझे पहले भी बता सकते थे कुछ देर बाद प्रीति ने राज से कहा. बता तो सकता था पर मैं डरता था कि कहीं तुम बुरा ना मान जाओ मैं तुम्हे किसी भी कीमत पर खोना नही चाहता था….राज ने कहा. तुम्हे पता है राज मैं तुम्हारे लिए कुछ भी कर सकती हूँ एक बार कह के देखते प्रीति ने भावुक होते हुए कहा. अभी ज़्यादा देर नही हुई है तुम दोनो की खुवहिस भी एक जैसी है तो जल्दी से इसे पूरा कर लो और मज़े करो…….स्वीटी ने कहा. वो तो हम करेंगे ही दोनो एक साथ बोले और खिलखिला कर हंस पड़े स्वीटी ही उनका साथ देने लगी……….. तो फिर ठीक है जल्दी से तय्यार हो जाओ हम तीनो आज शाम एक क्लब में चलते हैं जो पास में ही है मैं भी तय्यार होने जा रहा हूँ…….राज ने कहा और अपने रूम के लिए चल पड़ा. स्वीटी ने राज के बाहर जाने के बाद डोर बंद किया और अंदर आकेर चेंज करने लगी…
थोड़ी देर बाद तीनो(राज, प्रीति ओर स्वीटी) क्लब के लिए निकल पड़े जो होटेल के पास ही था. रात के लगभग 8 बजे थे तीनो क्लब में अंदर गये और कॉर्नर में एक टेबल पर जाकर बैठ गये. क्लब में काफ़ी सारे लड़के लड़किया थे कुछ कपल्स भी थे. राज उठकर ड्रिंक्स लेने चला गया. प्रीति ओर स्वीटी की नज़रे चारो और घूम रही थी उन्हे अपनी फॅंटेसी को पूरा करने के लिए कुछ लड़को की तलाश थी पर वहाँ देखकर ऐसा लग रहा था कि उनकी तमन्ना यहाँ पर पूरी नही होगी. राज ड्रिंक्स लेकेर वापस टेबल पर आ गया और तीनो ड्रिंक्स का मज़ा लेने लेने लगे. तुम्हे क्या लगता है राज जिसकी हमे तलाश है वो यहाँ मिल पाएँगे…..प्रीति ने राज पूछा. आइ होप सो मिल जाने चाहिए नही आज की रात मुझ से काम चलाना पड़ेगा तुम्हे ये कहकर राज हँसने लगा. बी सीरीयस राज ये कोई मज़ाक करने का समय नही है मुझे अपनी खुवहिस जल्दी जल्दी पूरी करनी है……… प्रीति ने थोड़ा गुस्सा होते हुए कहा. प्रीति बिल्कुल सही कह रही है राज जिस काम के लिए हम यहाँ आए हैं उसको पूरा करते हैं बाकी बातें बाद में भी तो हो सकती हैं…….स्वीटी ने कहा. ठीक है बाबा मैं कुछ करता हूँ पर मुझे यहाँ पर कोई भी ऐसा नही लग रहा जो हमारी विश पूरी कर सके……राज ने कहा. तब तक तीनो की ड्रिंक ख़त्म हो चुकी थी. कुछ देर बाद प्रीति और स्वीटी दूसरा ड्रिंक लेने गयी और दोनो ने ड्रिंक लिया और वापस राज के पास जाकर बैठ गयी. राज स्वीटी और प्रीति तीनो बैठे ड्रिंक का मज़ा ले रहे थे वहीं उनसे कुछ दूरी पर डॅन्स फ्लोर था जिस पर कुछ लोग डॅन्स कर रहे थे उनमे कुछ कपल्स थे तो कुछ अकेले ही अपनी मस्ती में झूम रहे …….
तभी दो लड़के उनकी ओर आते हुए दिखाई दिए वो अभी अभी उस क्लब में आए थे जिसका राज & कंपनी. को पता ही नही चला उनमे से एक जिसका नाम हेनरी था वो प्रीति के पास आता है और हाई बोलता है और अपना हाथ आगे बढ़ा देता है. प्रीति भी हेनरी को हाई कहती और अपना हाथ आगे बढ़ाते हुए हेनरी के हाथ में दे देती है. प्रीति का नर्म मुलायम हाथ अपने हाथ में पाकर हेनरी अंदर अंदर खुस होता है और झुकते हुए प्रीति के हाथ को चूम लेता है फिर राज की ओर हाथ बढ़ाता है हाई आइ एम हेनरी & दिस ईज़ माइ फ्रेंड जॉर्ज.
राज- आइ एम राज …… नाइस टू मीट यू और जॉर्ज से भी हॅंडशेक करता है.
राज- दिस ईज़ माइ सिस्टर प्रीति & कज़िन स्वीटी.
हेनरी ऑर जॉर्ज स्वीटी ओर प्रीति से मिलते हैं और उनके साथ ही टेबल पर बैठ जाते हैं. थोड़ी देर इधर उधर की बाते करने के बाद हेनरी प्रीति को डॅन्स के लिए कहता है जिसके लिए प्रीति ख़ुसी ख़ुसी तय्यार हो जाती है ओर दोनो डॅन्स फ्लोर पर जाकर डॅन्स करने लगते है. ड्ज पर कोई रोमॅंटिक सॉंग बज रहा होता है डॅन्स फ्लोर पर मद्धम रोशनी फैली हुई थी जिसमे पूरी तरह साफ साफ नज़र आना मुस्किल था जिसके लिए पूरे ध्यान से देखना पड़ता.
कुछ देर बाद जॉर्ज भी स्वीटी को डॅन्स के लिए कहता है स्वीटी भी जॉर्ज के साथ डॅन्स करने लगती है. राज अकेला रह जाता ही और दोनो कपल्स को डॅन्स करते हुए देखता रहता है थोड़ी देर ध्यान से देखने पर राज को मालूम पड़ता है हेनरी और प्रीति के बीच बातचीत हो रही है साथ ही हेनरी का एक हाथ प्रीति की कमर से होते हुए उसकी आस तक जा रहा है उसे सहला रहा है. प्रीति भी इस पल का पूरा आनंद ले रही थी ये उसके फेस के एक्सप्रेशन से पता चल रहा था राज को पता चल गया था कि उसकी विश जल्दी ही पूरी होने वाली है. कुछ वैसा ही नज़ारा राज ने स्वीटी का भी देखा ….. जॉर्ज का एक हाथ स्वीटी की चूचियों को मसल रहा था दूसरा हाथ उसकी आस को सहला रहा था दोनो लड़किया विदेशी लंड की चुदाई को सोचकर ही गीली हो चुकी थी……
स्वीटी का एक हाथ जॉर्ज की पॅंट के उपेर से उसके लंड का जयजा ले रहा था. स्वीटी जॉर्ज के लंड की लंबाई महसूस कर एक बार के लिए तो सिहर उठी उसे लगा कि उसका लंड राज से भी बड़ा है वो सोच में पड़ गयी क्या उसे ये लंड ट्राइ करना चाहिए …….? क्या वो ये लंड झेल पाएगी…..? या उसकी चूत जॉर्ज के लंड से फॅट जाएगी…….? तरह तरह के ख़याल स्वीटी के मॅन में आ रहे थे वो हैरान भी थी और खुस भी उसकी समझ नही आ रहा था कि वो क्या करे…..

