परिवार हो तो ऐसा – Update 48 | Erotic Family Incest Story

परिवार हो तो ऐसा - Family Incest Saga
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मोहन अपनी पत्नी नेहा से नेहा चलो हमे भी पॅकिंग करनी है ओर उठ कर अपने कमरे मे चला जाता है.

हां यही ठीक रहेगा आप चलो मैं किचन का काम निबटा कर आती हूँ.. नेहा ने कहा.

मैं भी पॅकिंग सुरू कर देती हूँ. दी क्या आप मेरी मदद करेंगी स्वीटी ने शमा से कहा.

हां ज़रूर शमा से जवाब दिया ऑर दोनो उठ कर स्वीटी के कमरे में चली गये.

कमरे में आकर दोनो पॅकिंग सुरू कर देती हैं

दी आप भी हमारे साथ चलो ना बड़ा मज़ा आएगा स्वीटी ने शमा से एक बार फिर कहा.

नही स्वीटी मैं नही आ सकती शमा ने जवाब दिया.

पर मैं तुम्हे बहुत मिस करूँगी. शमा ने आगे कहा.

मैं आपको बहुत मिस करूँगी स्वीटी ने कहा ओर शमा की एक चुचि टॉप के उप्पेर से दबा दी.

शमा ने भी आगे बढ़ कर स्वीटी को गले लगा लिया और दोनो एक दूसरे की कमर को सहलाने लगी.

थोड़ी ही देर में दोनो गरम हो गयी. तभी स्वीटी ने सर पीछे करते हुए अपने होत शमा के होंठो पर रख कर चूसने लगी.

शमा भी स्वीटी का पूरा साथ से रही थी दोनो ने कब एक दूसरे के कपड़े उतार दिए पता ही नही चला.

स्वीटी ने 69 पोज़िशन लेते हुए शमा की चूत को चूसना सुरू किया साथ ही अपना हाथ आगे बढ़ा कर शमा के सर को अपनी चूत पर दबा दिया.

शमा ने भी स्वीटी की चूत को चूसना सुरू कर दिया.

दोनो एक दूसरे की सफ़ा चट चूत को बड़े चाव से चूस रही थी.

हाआँ ऐसे ही चूसू बाअदाअ माअजाआा आ रहा है. अपना मुँह शमा की चूत से हटा कर हानफते हुए स्वीटी ने लगभग चिल्लाते हुए कहा.

शमा भी और जोश के साथ स्वीटी की चूत को चूसने लगी.

थोड़ी ही देर में स्वीटी चूत से ढेर सारा रस छूट पड़ा जिसे शमा चट चट कर साफ कर दिया.

स्वीटी ने थोड़ी देर बाद शमा की चूत को चूस कर उसका पानी छुड़ा दिया और दोनो निढाल होकेर सो गयी.

मैं इतने दिन आपके बिना कैसे रहूंगी कमरे में आते ही नेहा ने अपने पति मोहन से पूछा.

क्या करे मजबूरी है और इतना बड़ा बिज़्नेस टूर है इसको मैं मिस नही करना चाहता मोहन ने बेड से उठते हुए जवाब दिया.

जानू मुझे तुम्हारी बहुत याद आएगी कहकर मोहन ने नेहा को अपनी बाँहो मे भर लिया.

नेहा भी आगे बढ़ कर मोहन की बाँहो मे समा गयी.

मुझे भी तुम्हारी बहुत याद आएगी नेहा ने कहा ओर मोहन के होंठो पर अपने हॉट रख के चोसने लगी.

मोहन भी नेहा का पूरा साथ दे रहा था और एक दम से अपनी जीभ नेहा के मुँह मे घुसा दी जिसे नेहा बड़े चाव से चूसने लगी.

किस के दोरान मोहन नेहा की कमर को सहला रहा था जिससे नेहा की उत्तेजना लगातार बढ़ती जा रही थी.

अब रहा नही जाता नेहा ने किस ब्रेक करते हुए कहा और मोहन की शर्ट के बटन खोलने लगी.

मोहन भी नेहा के कपड़े उतारने मे मदद करने लगा.

थोड़ी ही देर मे दोनो ने एक दूसरे को नंगा कर दिया.

नेहा ने नीचे बैठ कर मोहन के लंड को अपने मुँह मे ले जोरो से चूसने लगी.

मोहन भी नेहा के सर को पकड़ के धक्के लगाते हुए नेहा के मुँह को चोद्ने लगा.

कभी कभी तो लंड पूरा का पूरा मुँह मे चला जाता जिससे नेहा को बहुत तकलीफ़ भी हो जाती थी पर नेहा ने लंड चूसना बंद नही किया.

“और ज़ोर से हाआँ ऐसे ही चूसो मेरे लंड को मोहन ने धक्को की स्पीड को बढ़ाते हुए कहा.

दस मिनट की चुसाइ में ही मोहन के लंड ने नेहा के मुँह में पानी छोड़ दिया.

नेहा भी सारा का सारा पानी पी गयी साथ साथ लंड को चूसना भी जारी रक्खा.

नेहा ने लंड को चूस चूस कर साफ किया और बेड पर लेट गयी.

मोहन भी बेड पर आकेर नेहा की टाँगो के बीच आ गया ओर नेहा चूत पर मुँह रख कर चूसने लगा.

नेहा की चूत पहले से ही गीली हो चुकी थी उसकी चूत से भी पानी बह रहा था.

नेहा भी मोहन के बालो में हाथ फिराते हुए उसके सर को अपनी चूत पर दबाने लगी.

जिससे मोहन जोश में आ गया और तेज़ी से चूत को चूसने लगा.

थोड़ी ही देर में नेहा की उत्तेजना चरम पर पहुँच गयी और उसकी चूत ने पानी छोड़ दिया. नेहा कुछ सेकेंड के लिए बिल्कुल निढाल हो गयी.

मोहन ने भी नेहा की चूत को चाट कर साफ किया और नेहा के बगल मे आकेर लेट गया.

नेहा ने उठकर मोहन को किस किया और मोहन के लंड को हाथ मे लेकर सहलाने लगी.

थोड़ी ही देर मे मोहन ले लंड मे उत्तेजना आने लगी.

नेहा नीचे होते हुए लंड को पाने मुँह मे ले चूसने लगी.

मोहन नेहा के सर को पकड़ उसके सर को अपने लंड पर तेज़ी से दबाने लगा.

कुछ देर बाद लंड को चूसने के बाद नेहा मोहन के उप्पेर आ गयी और लंड पर बैठते हुए लंड को पूरा अपनी चूत मे समा लिया.

मोहन ने नेहा की कमर को पकड़ कर उसे उप्पेर नीचे कर चोद्ने लगा.

नेहा ने आगे झुकते हुए मोहन के होंठो को चूसने लगी साथ ही साथ लंड पर तेज़ी से उप्पेर नीचे होने लगी.

मोहन भी नेहा का पूरा साथ दे रहा था और नीचे से धक्के लगा रहा था और एक हाथ से नेहा की कमर को सहला रहा था, दूसरे हाथ की उंगलियों को नेहा की आस पर फिरा रहा था.

नेहा भी ओर तेज़ी के साथ धक्के लगाने लगी उसकी उत्तेजना जल्दी ही चरम पर पहुँच गयी और उसकी चूत ने एक बार फिर पानी छोड़ दिया.

नेहा के झाड़ते ही मोहन ने नेहा करवट से लेते हुए लिटाया और खुद नेहा के उपर आ गया साथ ही ये ध्यान भी रक्खा कि लंड चूत से बाहर निकलने ना पाए ये सब कुछ ही सेकेंड के अंदर हुआ.

मोहन पोज़िशन ने लेते ही धक्के लगाने सुरू किए और अपने हाथो से उसकी चूचियों को सहलाने लगा, भीचने लगा.

मोहन धीरे धीरे अपनी स्पीड बढ़ाता जा रहा था बढ़ाता जा रहा था.

नेहा ने अपने पैरो को मोहन की कमर पर मोड़ते हुए जाकड़ लिए और लंड के धक्को को अंदर तक महसूस करने लगी.

दोनो बहुत थक चुके थे पर कोई भी रुकने का नाम नही ले रहा था.

दोनो की उत्तेजना चरम पर थी कि तभी दोनो एक साथ झाड़ गये ओर सो गये.

दो दिन बाद मोहन, राज, प्रीति ऑर स्वीटी चारो लंडन के लिए रवाना हो गये. कुछ घंटों के सफ़र के बाद चारो एरपोर्ट पर उतरे वहाँ से एक टॅक्सी मैं होटेल 41 के लिए रवाना हुवे.

अबौट होटेल 41 लंडन : होटेल 41 इस फाउंड ओं बकिंगहॅम पॅलेस रोड, मीनिंग गेस्ट्स अरे वर्चूयली नेक्स्ट डोर टू दा क्वीन’स रेसिडेन्स.

ये लग्षुरी होटेल मोहन ने बुक किया था यहाँ आने से पहले जिसने एक लग्षुरी सूट 2 रूम वाला प्रीटी ओर स्वीटी के लिए ओर एक एक सूट अपने ओर राज के लिए बुक किए थे.

होटेल पहुँचने पर सब ने चेक इन किया और अपने अपने कमरे मे आ गये. प्रीति ऑर स्वीटी जिस सूट मे थी उसके बरबेर वाले रूम में मोहन और मोहन के सामने वाले रूम राज ठहरा था. 3नो ही कमरे बहुत ही अच्छे से डेकरेट किए हुए थे. तमाम सुविधाए उनमे उपलब्ध थी.

अपने कमरों में आकेर सभी फ्रेश होने के लिए चले गये.

थोड़ी देर बाद मोहन ने ब्रेकफास्ट को ऑर्डर किया जो स्वीटी ओर प्रीति के रूम में माँगाया था. सभी ने एक साथ ब्रेकफास्ट किया सभी के चेहरो पर सफ़र की थकावट सॉफ झलक रही थी.

नाश्ता करने के बाद चारो अपने अपने कमरे में आकेर आराम करने लगे.

शाम को सभी इकट्ठा हुए आज शाम का क्या प्रोग्राम है चाच्चा जी. प्रीति ने मोहन से पूछा.

मैं और राज बिज़्नेस एग्ज़िक्युटिव से मिलने जा रहे हैं एक छोटा सा गेट टुगेदर है तुम दोनो चाहो तो यहाँ आराम कर सकती हो या फिर कहीं घूमना चाहो तो घूम सकते हो किसी डिस्को क्लब में जाना चाहो या कहीं और तुम जा सकती. मोहन ने जवाब दिया.

या फिर हमारे साथ आना चाहो तो आ सकती राज ने कहा.

मेरे ख़याल से यही ठीक रहेगा प्रीति ने कहा तुम क्या कहती हो स्वीटी .

जैसा तुम चाहो जहाँ चाहो ले चलो स्वीटी ने कहा.

तो ठीक है हम भी आप दोनो के साथ चलेंगी प्रीति ने कहा.

थोड़ी ही देर चारो तैय्यार होकेर उस जगह के लिए निकल पड़े जहाँ मीटिंग होनी थी थोड़ी ही देर में सब वहाँ पहुँच गये.

जैसे ही चारो ने अंदर प्रवेश किया तो देखा वहाँ बहुत सारे लोग पहले से ही जमा थे सभी एक दूसरे से मिल रहे थे पहचान बढ़ा रहे थे कुछ अकेले थे कुछ कुछ कपल्स थे कोई अपनी वाइफ के साथ आया था कोई गर्ल फ्रेंड के साथ.कुछ जोड़े बहुत ही खूबसूरत थे कुछ आफ्रिकन्स भी थे.

राज और मोहन भी सबसे घुलने मिलने का यत्न करने लगे. हाई हेलो करने लगे. प्रीति और स्वीटी भी हाई हेलो करने लगी.

तभी राज ने देखा कि एक कपल उसकी ओर ही आ रहा है आते ही हॅंडशेक किया राज भी गरम्जोशी के साथ उनसे मिला और आपस में बातें करने लगे एक दूसरे का इंट्रोडक्षन किया.

हाई आइ आम राज – राज ने कहा और अपना हाथ बढ़ाया.

हेलो आइ म माइक & दिस ईज़ माइ ग/फ डाइना.

हेलो राज नाइस टू मीट यू डाइना ने कहा.

सेम हियर राज ने जवाब दिया.

कम वित मी आइ वॉंट 2 मीट यू वित माइ फॅमिली(मेरे साथ आओ मैं आपको अपनी फॅमिली से मिलाता हूँ) राज ने कहा.

राज उनको लेकर मोहन, प्रीति ओर स्वीटी के पास गया और उनसे परिचय कराया.

प्रीति की आँखे इस हॅंडसम कपल को देखकर चमक उठी वही चमक स्वीटी की आँखो में राज ने देखी.

बातो ही बातो में पता चला कि माइक & डाइना भी उसी होटेल में ठहरे है जिसमे वी चारो ठहरे है. राज ने माइक से उसका रूम नंबर पूछा माइक ने बता दिया राज ने अपना, मोहन चाच्चा का, और प्रीति & स्वीटी का रूम नंबर भी बता दिया जो पास पास ही थे. ऐसे ही सब बाते करते रहे और दूसरे लोगों से भी मिलते रहे फिर सबने एक साथ डिन्नर किया और होटेल के लिए निकल पड़े साथ में माइक और डाइना भी थे कुछ ही देर में सब होटेल पहुँचे और अपने अपने रूम में जाकर आराम करने लगे.

पार्टी में कितने हॅंडसम हॅंडसम लोग थे मैं तो कब से उत्तेजित हो रही थी सबको देख कर प्रीति ने स्वीटी से कहा और अपना टॉप उतार दिया. मेरा भी हाल तुम्हारे जैसे ही स्वेती ने जवाब दिया. अरे तुनहरी चूत तो बहुत गीली हो रहे रही प्रीति ने स्वीटी की पॅंटी में हाथ डालते हुए कहा. हां क्योंकि इसे अब लंड सख़्त ज़रूरत है स्वीटी ने कहा. तो क्यूँ हम राज को बुला लें और मज़ेकर. नही अगर पापा को पता चल गया तो. अरे कुछ नही होगा और वैसे भी तुम मेरे और अंकल के बारे में तो जानती ही हो प्रीति ने कहा.

बात तो सही है और मैने भी तुमसे कुछ छिपाया है स्वीटी ने कहा. क्या छुपाया है प्रीति ने पूछा. यही कि मैने और पापा ने चुदाई की है स्वीटी ने जवाब दिया क्या!! तुम तो छुपी रुस्तम निकली और मुझे अब बता रही हो अब तो डरने की कोई ज़रूरत ही नही है प्रीति ने कहा. तुमने ये सब कब और कैसे किया प्रीति ने पूछा. फिर स्वीटी ने प्रीति को वो सब बताया जो मोहन और स्वीटी के बीच हुआ. स्वीटी की बात सुनकर प्रीति उत्तेजित हो गयी और स्वीटी से कहा तो एक काम करते हैं तुम राज के कमरे जाओ और एंजाय करो राज भी तुम्हे देख कर खुश हो जाएगा और मैं अंकल के कमरे में जाती हूँ उन्हे सर्प्राइज़ करती हूँ क्योंकि मुझसे अब बर्दास्त नही हो रहा है.

फिर दोनो कमरे से निकली और स्वीटी राज के कमरे में और प्रीति मोहन के कमरे जाने के लिए डोर पर दस्तक दी. दुस्तक सुनते ही मोहन ने दरवाजा खोला और सामने प्रीति को देखकर सर्प्राइज़ होते हुए पूछा तुम यहाँ स्वीटी कहाँ है. बताती हूँ पहले अंदर तो आने दो प्रीति ने कहा. था हां आओ और प्रीति कमरे में आ जाती है और मोहन भी डोर लॉक करके प्रीति के पास आता है फिर से पूछता है स्वीटी सो गयी क्या. क्यूँ स्वीटी की बड़ी याद आ रही क्या मुझमे अब इंटेरेस्ट नही रहा जो स्वीटी को याद कर रहे हो प्रीति ने मोहन को लगभग चिढ़ाने के अंदाज में कहा. ये तुम क्या कह रही तुम्हे होश तो है मोहन ने कहा. बस बस ज़्यादा बनने की कॉसिश मत करो मुझे सब मालूम है स्वीटी और मेरे बीच कोई भी बात छुपी नही है प्रीति नेकहा. ये सुनकर मोहन चोंक गया और प्रीति से पूछा क्या तुम्हे सब पता है पर कैसे. मुझे खुद स्वीटी ने बताया है प्रीति ने जबाब दिया और उठकर मोहन के होठों को किस करने लगी.

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