देव फिर नीचे खिसका और इस बार उसने अपनी पत्नी की टाँगो को अपने
कंधों पर रख लिया जिससे उसकी चूत थोड़ी हवा मे उठ गयी.. फिर
अपने लंड को चूत से भिड़ा अंदर बाहर करने लगा…
“हाआँ देव ऐसे ही अंदर तक घुसा के धक्के मारो.. ऑश हाां अया
आज तो मज़ा आ गया ऑश हाँ और तेज़ी से मारो.. ओह और ज़ोर ज़ोर से
चोदो… ” उसके लंड के साथ साथ अपनी उंगलियों को भी चूत के
अंदर बाहर करते हुए वो जोरों से सिसक जहड़ गयी..
देव ने जब अपनी बीवी को झाड़ता महसूस किया तो उसने दो तीन ज़ोर के
धक्के मारे और अपने लंड को पूरी तरह अंदर तक घुसा उसने भी
उसके रस के साथ अपना रस मिला दिया…..
करीब दो हफ्ते बाद देव को अपने काम से टूर पर जाना पड़ा और
शाम को वासू प्रीति और राज के कमरे मे इकट्ठा हुए….
“प्रीति तुम मम्मी की ये फोटो देखो जो मैने दो दिन पहले खींची
थी… ” कहकर राज प्रीति को वासू की फोटो दीखाने लगा जिसमे वासू
पूरी तरह नंगी होकर एक कुर्सी पर बैठी थी और अपनी दोनो टाँगो
को फैलाए एक डिल्डो अपनी चूत मे घुसा रखा था…
“मम्मी क्यों ना हम आज के दिन को यादगार बना दें और जो कुछ हम
तीनो के बीच होने वाला है उसे वेब कॅमरा के ज़रिए कंप्यूटर मे
क़ैद कर लें” राज ने अपने वेब कमेरे को सेट करते हुए कहा….
“जो तुम कहो बेटा मैं सभी बात के लिए तय्यार हूँ” वासू ने
कहा…
“तब तो फिर बहुत मज़ा आ जाएगा” कहकर राज अपनी मम्मी के ब्लाउस के
बटन को खोलने लगा… वासू की सॅटिन की ब्रा में क़ैद चुचियों दीखाई
देने लगी… वासू कॅमरा की तरफ मुँह किए हुए थी.. राज ने पीछे
से उसकी दोनो चुचियों को पकड़ लिया और धीरे धीरे मसल्ने
लगा… फिर उसने ब्रा का हुक खोल दिया.. स्ट्रॅप को कंधों से अलग
कर उसने ब्रा को निकाल दिया.. अब वासू की दोनो चुचियों फड़फदा कर
आज़ाद हो गयी..
राज को इस तरह मम्मी की चुचियों के साथ खेलते देख प्रीति से
रहा नही गया वो अपनी मम्मी के नज़दीक आई और उसके एक निपल को
भींचने लगी…. फिर अपने सिर को उसकी छाती पर रख उसके निपल
को अपने मुँहे मे ले चूसने लगी…
वासू कमरे के बीच खड़ी थी और उसके दोनो बच्चे उसकी एक एक चुचि
को चूस रहे थे…. वो अब अपने दोनो हाथों से उसके बदन को
सहलाने लगी…
अब राज ने अपनी मम्मी को घुमा दिया जिससे उसकी गंद कमेरे के सामने
हो गयी.. उसने उसे अब झुका दिया और और अपनी उंगलियों को उसकी गंद
की दरार मे फिराने लगा..
प्रीति ने ये देख कॅमरा को उठा थोड़ा और नज़दीक किया और राज को
कहा कि वो अपनी जीब का इस्तेमाल करे… राज कपड़े के उपर से अपनी
जीब वासू की गंद और चूत की दरार के बीच फिराने लगा… राज ने
फिर अपनी मम्मी के स्कर्ट को खोल उतार दिया.. वासू अब सिर्फ़ पॅंटी
पहने दोनो बच्चो के बीच खड़ी थी…
राज ने अब प्रीति के हाथों से कॅमरा ले लिया और प्रीति से कहा कि
अब उसकी बारी है.. प्रीति अपनी मा के सामने की ओर बैठ गयी और
उसकी पॅंटी को नीचे खिसकाने लगी.. फिर उसने वासू की टाँगो को थोड़ा
फैलाया और अपनी जीब उसकी साफा चट चूत पर फिराने लगी.. एक
सिसकारी सी उसकी मा के मुँह से फुट पड़ी…
“ओह ओाआहह हाां ऊहह”
वासू से सहन नही हो रहा था और वो वहीं रखी एक कुर्सी पर बैठ
गयी और राज को अपने पास खींच लिया फिर उसकी पॅंट के बटन को
खोल उसने उसके लंड को आज़ाद कर दिया.. राज का लंड पूरी तरह से तन
कर खड़ा था… वासू ने पहले तो लंड को अपनी मुट्ठी मे भर थोड़ी
देर मसला फिर उसे अपने मुँहे मे ले चूसने लगी..
वासू जोरों से अपने ही बेटे के लंड कोचूस्ति रही और उसकी अपनी बेटी
नीचे उसके सामने बैठी उसकी चूत चूस रही थी.. उत्तेजना वासू
पर हावी होती जा रही थी उसने प्रीति को अपनी चूत से अलग किया
और खड़ी हो कुर्सी को पकड़ घोड़ी बन गयी…
राज अब नही रहा जाता तुम पीछे से मेरी चूत मे अपना लंड घुसा
मुझे चोदो” वासू ने कहा.
राज अपनी मा के पीछे आया और अपने लंड को उसकी चूत से सटा थोड़ी
देर घिसने लगा.. फिर उसके दोनो चूतदों को पकड़ उसने एक ज़ोर का
धक्का मारा और उसका लंड वासू की गीली चूत मे घुसता चला
गया… प्रीति ने कॅमरा उठाया और उस द्रिश्य को फ़िल्माने लगी….
प्रीति ने एक हाथ से कॅमरा को पकड़ा हुआ था और दूसरे हाथ की
उंगली को राज के लंड के साथ साथ अपनी मा की चूत मे घुसा दी.. अब
राज का लंड और प्रीति की उंगली वासू की चूत के अंदर बाहर हो रही
थी..
“ऑश राज ओमेरा बेटे ऑश हाआँ ऐसे ही अपना लंड अंदर तक
मेरी चूत मे घुसा मुझे चूओडू ऑश बेटी तुम पीछे क्या कर रही
हूओ यहाँ मेरे सामने आआओ में तुम्हारी चूत को चूसना चाहती
हूओ” वासू ने सिसकते हुए कहा..
प्रीति अपनी मा की आवाज़ सुन वासू के सामने आ गयी और कुर्सी पर
बैठ गयी और अपनी टाँगो को फैला अपनी चूत चौड़ी कर दी…. वासू
ने झुक कर अपना चेहरा उसकी चूत से सताया और उसकी चूत को अपनी
जीब से चाटने लगी.. प्रीति ने अपनी चूत को दोनो हाथों से फैला
दिया और वासू ने अपनी जीब को त्रिकोण का आकार दे दिया.. अब जब भी
राज पीछे से ढकका मारता तो वासू की जीब तेज़ी से प्रीति की चूत
के अंदर घुस जाती.
उत्तेजना मे तीनो पागल हो गये थे.. राज अपनी मा के चूतड़ पकड़
ज़ोर ज़ोर से धक्के मार रहा था और वासू अपनी जीब से अपनी बेटी की
चूत को चोद रही थी.. प्रीति की भी चूत मे गर्मी ज़ोर पकड़ने
लगी थी.. वो अपनी कमर को उठा अपनी मा की जीब को और अंदर तक
ले लेती.. वो भी अपनी मा की तरह सिसक रही थी….
“ऑश माआ हाां ऑश हाआँ और जोरों से चोदो मुझे श हाआँ मा
अपनी जीब को और अंदर तक घुसा दो.. हाआँ चॅटो मेरी चूत को
चूसू”
थोड़ी देर बाद राज ने सभी को आसान बदलने को कहा.. वो अब आकर
कुर्सी पर बैठ गया और उसने प्रीति को उसके लंड पर चढ़ने को कहा…
प्रीति राज की गोद मे चढ़ उसके लंड को अपनी चूत से लगा नीचे
बैठ गयी.. राज का लंड उसकी चूत पूरी तरह समा गया.. फिर उसने
अपनी मा से कहा कि वो अब नीचे आकर प्रीति की चूत के साथ साथ
उसके लंड को भी चाटने को कहा..
वासू अपने बेटे के कहे अनुसार उसकी टाँगो के बीच आ गयी और प्रीति
की चूत से अपनी जीब लगा दी..अब प्रीति उपर को होती तो राज का लंड
वासू के जीब से लगता.. इस तरह वासू अब अपने बेटे के लंड के साथ
साथ अपनी बेटी के चूत को चाट रही थी..
प्रीति ने कॅमरा उठाया और उसे अपनी छाती के पास इस अंदाज़ से रख
दिया कि वासू की जीब और उसकी चूत मे अंदर बाहर होता राज का लंड
सॉफ दीख रहा था..वो उस द्रिश्य को फ़िल्माने लगी..
वासू ने राज के लंड को पकड़ उसे प्रीति की चूत से बाहर निकाला और
अपने मुँह मे ले चूसने लगी.. अपनी ही बेटी के चूत के रस से
भीगे अपने ही बेटे के लंड को वो चटकारे ले कर चूसने लगी….
उसे अपने बेटी की चूत के रस का स्वाद इतना अच्छा लगा कि एक बार फिर
उसने राज के लंड को प्रीति की चूत मे घुसाया और फिर उसे बाहर
निकाल चाटने लगी…
वासू की हालत खराब हो रही थी उसे भी अपनी चूत मे कुछ चाहिए
था…. अपनी ही चूत को अपने हाथों से रगड़ते हुए वो खड़ी हो गयी
राज को और प्रीति को उठने को कहा… प्रीति अपने भाई की गोद से उठ
गयी और राज भी खड़ा हो गया… और वासू जाकर कुर्सी पर बैठ
गयी और अपनी टाँगे फैला दी….
“आआूओ बेटी और अपनी मा की चूओत को अछी तरह चूवसो…ओह देखो
ना कैसे तड़प रही है ये…हां बेटी एयेए जाओ और घुसा दो अपनी
जीएब मेरी चूत मे” वासू उत्तेजना मे सिसक अपनी बेटी से बोली.
प्रीति तो जैसे इसी चीज़ का इंतेज़ार कर रही त.. वो अपनी मा की
टाँगो के बीच आ गयी और उसकी चूत पर अपना चेहरा झुका अपनी
जीभ फिराने लगी.. फिर अपनी उंगलियों से वासू की चूत को फैला उसने
अपनी जीब अंदर घुसा उसे गोल गोल घूमाने लगी.. एक अजीब सी
सनसनी मच गयी वासू की चूत मे वो अपनी कमर उठा अपनी चूत को
और अपनी ही बेटी के मुँह पर दबाने लगी..
राज अपनी मा के पास आ गया और अपने लंड को उसके मुँह के सामने कर
दिया.. वासू एक बार फिर अपने बेटे के लंड को मुँह मे ले चूसने
लगी…
प्रीति ने महसूस किया कि उसकी मा की चूत अकड़ रही है और तभी
रस की धारा बहने लगी जिसे प्रीति खुशी खुशी पी गयी और फिर
अपनी मा के चेहरे से हट वो अपने चेहरे को उठा राज के अंडकोषों को
मुँह मे ले चूसने लगी.. अब मा और बेटी राज के लंड को ज़ोर ज़ोर से
चूस रहे थे..
“ऑश हाआअँ अऊूऊ हाा ओह ” एक हुंकार भरते हुए राज के
लंड ने ज़ोर की पिचकारी वासू के गले तक छोड़ी जिसे वासू गीटक
गयी.. वासू उसके लंड को भींच एक एक बूँद निचोड़ निचोड़ कर पीने
लगी…
राज का लंड ढीला पड़ा तो उसने अपने लंड को अपनी मा के मुँह से
बाहर निकाला जिसे प्रीति ने चाट कर सॉफ कर दिया….तीनो पसीने
से लत पथ थके थके वहीं बैठ गये…
पर वासू का दिल अभी कहाँ भरा था वो तो राज के लंड से और
चुदना चाहती थी वो राज के लंड फिर मुँह मे ले चूस कर खड़ा
करने लगी.. थोड़ी ही देर मे राज का लंड फिर खूँटे के तरह तन
गया…
राज ने अपनी मा को कुर्सी के सहारे घोड़ी बना दिया और ठीक वैसे
ही उसने दूसरी कुर्सी पर प्रीति को बना दिया…
“अब में तुम दोनो की गंद मे लंड घुसा चोदुन्गा.” राज ने कहा..
प्रीति भी घोड़ी बन गयी तो राज ने एक क्रीम की ट्यूब से ढेर सारी
क्रीम ले दोनो के गंद के छेद पर लगा उसे अच्छी तरह चिकना कर
दिया… फिर अपने लंड को प्रीति की चूत मेघुसा उसे भी अच्छी
तरह गीला कर लिया फिर पहले उसने अपने लंड को अपनी बेहन की गंद
मे घुसा अंदर किया…. एक दर्द की मीठी लहर दौड़ गयी और उसने
अपनी गंद को थोड़ा पीछे कर उसके धक्के का साथ दिया..
“मम्मी तब तक तुम अपनी गंद मे इस डिल्डो को घुसा मज़ा लो” राज ने
कंप्यूटर के बगल मे पड़े डिल्डो को उठा कर देते हुए कहा…
वासू ने अपने बेटे के हाथ से उस नकली लंड को लिया और उसे पीछे से
अपनी गंद के छेद मे घुसा अंदर बाहर करने लगी…
थोड़ी देर अपनी बेहन की गंद मारने के बाद राज अपनी मा के पीछे आ
गया.. वासू ने अपनी गंद से डिल्डो को बाहर निकाला और राज ने उसकी
जगह अपने लंड को घुसा दिया..और अब उसके चूतदों पर ज़ोर ज़ोर के
थप्पड़ मारते हुए ज़ोर ज़ोर के धक्के मारने लगा….
“ऑश हाआँ बेटा ऐसे ही मेरी गंद मे लंड घुसा इसे फाड़ दो.. ओह
साली बहुत तंग करती है हाां फाड़ दो मेरी गंद को ऑश हाां”
नीचे से अपनी चूत मे उंगली करते हुए वासू सिसक पड़ी…
राज अब जगह बदल बदल अपनी बेहन और मा की गंद मार रहा था..
बीच बीच मे वो दोनो की चूत मे भी लंड घुसा धक्के मार
देता….
“हाआँ भैया मेरी भी गंद ऐसे ह्िउ मारो… आज तो मज़ा आ गया….
ऑश हाआँ भैया और अंदर तक घुसा के मारो…” प्रीति भी अपनी
कमर को आगे पीछे कर राज के धक्कों का साथ देते हुए सिसकी..
“हाआँ प्रीति आज तुम्हारी गंद ने तो मज़ा दे दिया… ऑश हाआँ आज
तुम्हारी गंद को मेरे रस से भर दूँगा… ” अपने लंड को उसकी गंद
की जड़ तक घुसाते हुए उसने अपना वीर्य अपनी बेहन की गंद मे छोड़
दिया…
वासू और प्रीति अपनी अपनी चूत मे जोरों से उंगली करते हुए झाड़
गयी….
अगले दिन स्वीटी अपने ताऊ जी के घर पहुँची तो प्रीति ने उसे बाहों
मे भर उसका स्वागत किया.. उसके होठों को चूम उसने उसकी लाइक्रा की
टी-शर्ट के उपर से उसकी चुचियों को मसल दिया..
“क्या बात है आज कैसे आना हुआ?” प्रीति ने पूछा…
“सच कहूँ तो आज सुबह से ही चूत मे आग लगी हुई थी.. राज को तो
मेरी चूत का खेहाल रहता नही इसलिए सोचा कि यहाँ आकर देखूं
शायद कोई मेरी चूत की गर्मी को शांत कर सके” स्वीटी ने घर के
अंदर कदम रख हंसते हुए कहा.
“फिर तो तुम सही समय पर आई हो… आज में और राज घर पर
अकेले ही हैं… ” प्रीति ने जवाब दिया..
दोनो घर के अंदर आ गये और प्रीति ने दरवाज़ा बंद किया तो उसकी
आवाज़ सुन राज बाहर आ गया….
“हाई स्वीटी कैसी हो?”
“बिल्कुल भी अच्छी नही हूँ…. चूत मे मानो आग लगी हुई है”
स्वीटी ने हंसते हुए कहा..
“तुम्हारी यही अदा तो मुझे पागल कर देती है.. हमेशा चुदवाने को
तय्यार रहती हो”
“ये तो हमेशा चुदास रहती है लेकिन तुम भी तो इनपर पागल हुए
रहते हो” कहकर प्रीति ने स्वीटी के टॉप को उतार दिया.. उसकी दोनो
चुचियाँ फड़ फडा कर आज़ाद हो गयी… उसने आज कोई ब्रा नही पहन
रखी थी.
“हां ये तो है लेकिन तुम जानती हो कि में तुम्हारी इन मस्त गेंदों का
भी कितना दीवाना हूँ” राज ने उनके पास आकर दोनो की चुचियों को
मसल्ते हुए कहा.
प्रीति ने स्वीटी का हाथ पकड़ उसे सोफे पर बिठा दिया… और उसके
एक निपल को मुँह मे ले चूसने लगी.. वहीं राज भी दूसरी ओर से
उसके दूसरे को निपल को मुँह मे ले चुलबुलाने लगा…
“राज आज क्यों ना हम एक खेल खेलते हैं” प्रीति ने स्वीटी की चुचि
को जोरों से मसल्ते हुए कहा..
“ऐसा क्या खेल है?” राज ने पूछा.
“आज इस स्वीटी की बच्ची को पलंग से बाँध देते है और इसके बदन
से खेल इतना उत्तेजित कर देंगे कि ये तड़पने लगेगी चिल्लाने लगेगी..
लेकिन कुछ कर नही पाएगी” प्रीति ने हंसते हुए कहा..
“नही………. तुम दोनो ऐसा नही कर सकते” स्वीटी ने विरोध करते
हुए कहा. “मुझसे ऐसी ज़्यादती सहन नही होगी.. तुम्हे पता है मेरी
चूत मे कितनी बुरी तरह खुजली मच रही है…”
“अरे क्यों घबरा रही है.. मुझे लगता है कि तुम्हे खूब मज़ा
आएगा” राज ने कहा.
“प्लीज़ राज ऐसा मत करो ना”
“मान भी जाओ स्वीटी हम वादा करते है जब तुम हमे रुकने को कहोगी
हम रुक जाएँगे” प्रीति ने कहा.
“म्म्म्ममम प्लीज़ रुक जाना हां”

