रवि जिसे सब थोड़ी देर के लिए भूल गये थे ये सब बातें सुनकर
चौंक पड़ा था..उसकी बेहन जो आज तक सिर्फ़ लड़कियों मे दिलचस्पी
लेती थी आज राज के लंड को अपने हाथ मे पकड़ मसल रही थी और अब
उसे अपनी चुचियाँ दीखाने जा रही थी..उसका खुद का लंड स्वीटी
की चूत मे धंसा हुआ था… उसने अपनी कमर उठा अपने लंड को और
थोडा स्वीटी की चूत मे घुसा दिया… स्वीटी ने एक हुंकार भर फिर
उसे उसके लंड पर उछलना शुरू कर दिया..
रवि अपनी बेहन को देख रहा था जो अब अपने ब्लाउस के बटन खोल
रही थी.. उसकी सफेद सॅटिन की ब्रा दीखाई देने लगी.. उसने उसे
अपनी हाथ पीछे कर ब्रा का हुक खोल दिया…और ब्रा आगे को गिर
पड़ी…वो आज पहली बार अपनी बेहन की चुचियों को देख रहा था…
उसे ये द्रिश्य सहन नही हुआ उसने अपनी कमर को जितना हो सकता था उतना
उपर उठा अपने लंड को स्वीटी की चूत मे घुसा पानी छोड़ दिया…
रवि के लंड से छूटी वीर्य की बौछार से स्वीटी और गारन्मा गयी और
वो सिसकते हुए और जोरों से रवि के लंड पर उपर नीचे होने लगी…
राज की आँखे सोनिया की चुचियों पर गढ़ी थी.. स्वीटी ने जैसा कहा
था वैसी ही चुचियाँ थी सोनिया की. राज ने अपना हाथ आगे किया और
उसकी चुचियों को सहलाने लगा….और सोनिया उसके लंड को अब दोनो
हाथों से मसल्ने लगी.. तभी प्रीति सोनिया के पीछे आ गयी और
उसकी स्कर्ट को उठा उसकी चूत को पॅंटी के उपर से मसल्ने लगी…
और अपनी चुचियों को उसकी पीठ पर रगड़ने लगी..
“तुमने अपने ही भाई के लंड को अपनी चूत मे लिया है है ना
प्रीति… और राज ही वो लड़का है जिसके लंड के बारे मे तुम मुझे बता रही
थी… ” सोनिया ने कहा.
“हां और में तो कहूँगी कि तुम भी राज के लंड से चुदवाकर
देखो.. सही मे तुम्हे बहुत मज़ा आएगा.. ” कह कर प्रीति ने उसकी
स्कर्ट का हुक खोल उसे निकाल दिया और फिर उसकी पॅंटी को नीचे
खिसका उसे पूरी नंगी कर दिया..
प्रीति ने सोनिया का हाथ पकड़ उसे ज़मीन पर लिटा दिया.. राज भी
उसके बगल मे लेट उसे चूमने लगा फिर उसकी चुचियों को
मसल्ने लगा और चूसने लगा… और फिर नीचे खिसक उसने अपने
होंठ उसकी चूत पर रख दिए… होठों की गर्मी को महसूस कर
सोनिया सिहर उठी.. और उसके मुँह से हल्की सी सिसकारी निकल पड़ी…
“ऑश आआआः ओह ऊवू”
स्वीटी राज की टाँगों के बीच आ गयी और उसके लंड को फिर अपने
मुँह मे ले चूसने लगी.. रवि चुप चुप ये सामूहिक चुदाई देख रहा
था.. कि तभी स्वीटी ने प्रीति से कहा.. “प्रीति अब तुम मेरी चूत
चूसो”
प्रीति सोनिया की चुचियों को छोड़ स्वीटी की टाँगो के बीच आ गयी
और उसकी चूत को चाटने लगी. और चूसने लगी..रवि के वीर्य से
भरी स्वीटी की चूत ने तो उस और मज़ा दे दिया वो अपनी जीब को और
अंदर तक घुसा रवि के वीर्य को चाटने लगी..
राज अब सोनिया की टाँगो के बीच आ अपने लंड को उसकी चूत पर घिसने
लगा… साथ ही वो उसके होठों को चूस रहा था…
“ओह राज अब मत तड़पाव घुसा दो अपने लंड को मेरी चूत मे ऑश
राज प्लीज़ चोदो ना” सोनिया उसके कान मे फुसफुसा तो राज ने अपनी
उंगलियों से उसकी चूत की फांको को थोड़ा फैला अपने लंड को थोड़ा सा
अंदर घुसाया….
राज का लंड सोनिया की चूत की दीवारों को चीरता हुआ अंदर
घुसा तो एक कराहह सी निकल पड़ी उसके मुँह से. राज ने थोड़ा और ज़ोर
देकर धीमे से धक्का मारा…और धीरे धीरे अपने लंड को अंदर
घुसाने लगा…
स्वीटी ने नज़रे उठा रवि की ओर देखा जो इतने उत्तेजित द्रिश्य देख
एक बार फिर गरमा उठा था और अपने लंड को मसल रहा था..
“तुम्हे क्या अच्छा लग रहा है रवि? प्रीति का मेरी चूत से तुम्हारे
वीर्य को चाटना या फिर तुम्हारी बेहन की चूत से बाहर होता राज का
लंड? स्वीटी ने रवि से कहा.
“दोनो ही द्रिश्य जानलेवा है” रवि ने अपने लंड को जोरों से मसल्ते
हुए कहा.
“अगर ऐसा है तो फिर यहाँ मेरे पास आओ में एक बार फिर तुम्हारा
लंड चूसना चाहती हूँ” स्वीटी ने कहा और रवि उसके पास आ गया.
प्रीति स्वीटी की चूत चूस रही थी और स्वीटी रवि का लंड चूस
रही थी रवि ने अपनी जिंदगी मे ऐसी सामूहिक चुदाई ना ही देखी थी
ना सोची थी और आज तो वो जैसे उत्तेजना मे पागल सा हो रहा था…
उसने स्वीटी के सिर पर हाथ रखा और अपने लंड को उसके गले तक
घुसा बड़बड़ा उठा…
“हाआँ स्वीटी हाां चूसो मेरे लंड को और अंदर तक लेकर
चूवसो… ” बड़बड़ाते हुए वो अपने लंड को उसके गले तक ठेलने
लगा…
वहीं स्वीटी कमर उचका अपनी चूत को प्रीति के मुँह पर दबाती और
प्रीति अपनी जीब को उसकी चूत के अंदर तक घुसा देती…
उत्तेजना मे स्वीटी कांप रही थी उसने रवि के लंड को अपने मुँह से
बाहर निकाला और अपनी चूत को प्रीति के मुँह पर और दबा सिसकने
लगी…
“ऑश हाआँ प्रीति चूवस मेरी चूत को ऑश हाआँ घुसा अपनी जीब
को अंदर तक ओह ” और वो झड़ने लगी… प्रीति भी उसकी चूत
से बहते रस को पीने लगी ..
वहीं राज अब अपने धक्कों मे तेज़ी ला सोनिया को चोद रहा था..
“सोनिया कैसा लग रहा है?”
“मत पूछो राज बहुत मज़ा आ रहा ऑश हाआँ और ज़ोर से चोदो आज
फाड़ दो मेरी चूत को ऑश क्या लंड है तुम्हारा ऑश हाआना और जोरों
से ऑश चोद्द्द्द्दो” जवाब मे सोनिया सिसकने लगी..
“हां सोनिया मुझे भी बहुत मज़ा आ रहा है क्या कसी कसी चूत है
तुम्हारी हाआँ सोनिया बहुत अच्छा लग रहा है हां मेरा छूटने वाला
है”
“नही राज मेरी चूत मे पानी नही छोड़ना में कोई गोली नही लेती
हूँ… प्लीज़ अंदर ना छोड़ना” सोनिया ने आग्रह किया…
सोनिया की बात सुन स्वीटी चिल्ला पड़ी.. “राज अपना पानी मेरे मुँह मे
छोड़ दो जिससे मे सोनिया की चूत का स्वाद तुम्हारे लंड पर से चाट
सकूँ” स्वीटी ने कहा…
राज ने अपने लंड को सोनिया की चूत से निकाला और स्वीटी के पास आया
और स्वीटी ने रवि के लंड को बाहर निकाल राज के लंड को अपने मुँह
मे ले लिया और जोरों से चूसने लगी पहले तो उसने जीब से सोनिया के
रस को चटा और फिर उसके लंड को अपने गले तक ले चूसने लगी..
थोड़ी ही देर मे राज ने अपनी वीर्य की बौछार उसके गले मे कर दी..
ज़मीन पर लेटी सोनिया ने अपनी टाँगे फैला दी और चूत पर हाथ
फिराते बोली, “ऐसा लगता है कि जैसे चूत चौड़ी और फैल गयी
है.. इतना मोटा लंड मेने अपनी चूत मे कभी नही लिया”
“तुम्हारी चूत पानी छोड़ना चाहती है..” प्रीति उसके पास आकर अपने
हाथों से उसकी चूत को सहलाते हुए बोली…
“और लगता है कि तुम्हारी चूत भी यही चाहती है.. ऐसा करो मुझ
पर 69 की अवस्था मे चढ़ जाओ” सोनिया ने प्रीति को अपने उपर
खींचते हुए कहा…
प्रीति अपने चेहरे को सोनिया की चूत पर रख उस पर चढ़ गयी और
अपनी टाँगे उसकी गर्दन के अगल बगल रख उसने अपनी चूत को उसके
मुँह से लगा दिया..
सोनिया ने उसकी चूत की फांको को अपनी उंगलियों से अलग कर अपनी जीब
अंदर घुसा दी और फिर उसकी चूत को मुँह मे भर चूसने लगी…
दोनो एक दूसरे की चूत को चूस रही थी और रवि अपनी बेहन और
ममेरी बेहन को एक दूसरे की चूत चूस्ते देखता रहा…
तभी स्वीटी ने रवि के लंड को पकड़ उसे दोनो लड़कियों की ओर
खींचा.. रवि की तो समझ मे नही आया कि स्वीटी क्या चाहती है…
फिर स्वीटी ने प्रीति के चेहरे को सोनिया की चूत से हटाया और उसके
लंड को उसकी बेहन की चूत से सटा दिया..
रवि एक बार तो हिक्किचाया कि उसे ये करना चाहिए कि नही लेकिन
तभी सोनिया ने अपनी कमर उठा दी और रवि का लंड अपने आप उसकी
गीली चूत मे घुस गया.. प्रीति ने फिर अपनी जीब को सोनिया की
चूत से लगा दीआ और अब रवि का लंड उसकी जीब से रगड़ ख़ाता सोनिया
की चूत के अंदर बाहर होने लगा…
सोनिया देख रही थी और समझ रही थी कि उसका सगा भाई उसे चोद
रहा है.. दिल तो कह रहा था कि जो हो रहा है वो ग़लत है लेकिन
जिस्म की आग उसे उकसा रही थी. उसने अपनी चूत की मानी और सब कुछ
दिमाग़ से निकल रवि के लंड का आनंद अपनी चूत मे लेने लगी. और
थोड़ी ही देर मे उसकी चूत ने पानी छोड़ दिया..
सोनिया ने अपनी टाँगे हिलाकर उसके लंड को बाहर निकाल दिया.. रवि ने
अपनी बेहन को झाड़ते महसूस किया था और वो खुद झड़ने की कगार पर
था.. उसे पता था कि आज जैसा मौका शायद ही फिर मिले उसने नज़रे
घुमाई तो देखा कि स्वीटी घोड़ी बनी हुई थी और राज उसे पीछे से
चोद रहा था.. स्वीटी ने रवि को अपने पास बुलाया और उसके लंड को
अपने मुँह मे ले एक बार फिर चूसने लगी..जब भी राज पीछे से
धक्का मारता तो स्वीटी का मुँह आगे को होता और रवि का लंड उसके
गले तक घुस जाता.. थोड़ी ही देर मे रवि के लंड ने वीर्य की
पिचकारी स्वीटी के गले मे छोड़नी शुरू कर दी…
राज ने अपने लंड के साथ अपनी उंगली स्वीटी की चूत मे घुसा अच्छी
तरह गीला किया और फिर उस उंगली को स्वीटी की गंद मे घुसा
दिया…अभी उसने उंगली अंदर घुसा ही थी स्वीटी की चूत ने पानी
छोड़ना शुरू कर दिया… और उसी समय राज ने भी अपना वीर्य उसकी
चूत मे छोड़ दिया..
उस रात स्वीटी के घर से लौटने के बाद सोनिया की आँखों से नींद
कोसों दूर थी.. वो पूरी रात बिस्तर पर लेट सोचती रही… कि क्या
जो कुछ हुआ वो कहाँ तक उचित था… वो अकेली नही थी उसका अपना
सगा भाई उस सामूहिक चुदाई मे ना बल्कि उसके साथ था बल्कि रवि ने
अपने लंड को उसकी चूत मे घुसा चोदा था… उसे विश्वास नही हो
रहा था कि उसने अपने ही सगे भाई से चुदवाया था… यही सब कुछ
रवि भी राज के कमरे मे ज़मीन पर बीचे बिसतर पर लेटा सोच
रहा था.. उसे अपनी बेहन हमेशा से ही अच्छी और प्यारी लगती थी..
और आज जाकर उसे मौका मिला था अपनी ही बेहन की चुदाई करने का..
सोनिया को आत्म ग्लानि हो रही थी. वो सोच रही थी कि कल सुबह वो
अपने ही भाई से कैसे नज़रे मिला पाएगी… उसे अपने भाई का स्वाभाव
पता था अब जब कि वो एक बार उसे चोद चुका है तो वो हमेशा मौके
की ताक मे रहेगा कि कब और कैसे उसे फिर उसकी चुदाई का मौका
मिले… जो कुछ हुआ उसके लिए सोनिया पहले से तय्यार नही थी.. सब
कुछ नशे की हालत मे हो गया और राज के विशाल लंड ने उसे
आकर्षित कर सब कुछ करने पर मजबूर कर दिया. था… और
उत्तेजना मे जब रवि ने उसकी चूत मे लंड घुसाया तो वो इन सब
ख़यालों से काफ़ी दूर थी और सही मे उसे भी अपने भाई का लंड अपनी
चूत मे अच्छा लगा था..
स्वीटी के साथ सेक्स के खेल मे उसे बहुत मज़ा आया था.. और प्रीति
की तो बात ही कुछ अलग थी.. उसने इतनी गरम और चुदसी लड़की
पहले कभी नही देखी थी.. लेकिन जब वो वापस अपने घर जाएगी तो
ये तीनो यहीं रहने वाले थे लेकिन रवि उसका भाई तो उसके साथ
रहेगा और वापस घर लौट कर क्या होगा यही सोचते सोचते उसे नींद
आ गयी…
उसी रात स्वीटी की आधी रात को नींद खुली और वो पेशाब जाने के
लिए अपने कमरे से निकल बाथरूम की ओर बढ़ी.. उसने देखा कि उसके
पिताजी के स्टडी रूम की लाइट जल रही थी और उसने ठान ली कि वो
चुपके से देखेगी की आधी रात को डॅडी क्या कर रहे है..
उसने खिड़की की झिरी से देखा और उसका शक़ यकीन मे बदल गया..
उसके डॅडी मोहन अपने कंप्यूटर के सामने बैठे थे.. उनकी पॅंट
नीचे पैरों मे गीरी हुई थी और वो अपने खड़े लंड को मसल रहे
थे…स्वीटी सोचने लगी कि वो कंप्यूटर पर क्या देख रहे.. क्या
प्रीति ने अपनी नई तस्वीरें भेजी है जिसे देख वो अपने लंड को
मसल रहे है…
स्वीटी को जोरों से पेशाब लगी थी इसलिए पहले उसने बातरूम मे
जाकर पेशाब किया वो वापस अपने कमरे मे जाना चाहती थी लेकिन
उत्सुकता ने उसे वापस वहीं स्टडी रूम की खिड़की पर ही रोक दिया…
अपने पिता को इस तरह मूठ मारते देख उसके बदन मे हलचल होने
लगी.. गर्मी बढ़ने लगी और एक बार फिर उसकी चूत मे खुजली मचने
लगी..
रात की सुहानी हवा मे उसके निपल तन कर टी-शर्ट को छेड़ने लगे
और उसकी चूत के रस से उसकी पॅंटी भीग गयी..
वो सोचने लगी कि किस तरह उसकी चचेरी बेहन ने अपने ही चाच्चा
यानी कि उसके पिताजी से चुदवाया है और यहाँ तक कि वो अपने ही
डॅडी से भी चुदवा चुकी है.. इस ख़याल ने तो उसके बदन मे और
गर्मी बढ़ा दी.. अपने ही बाप से चुदवाने के ख़याल से उसकी चूत मे
हज़ारों चींतियाँ सी रेंगने लगी…
सोचते सोचते उसका हाथ खुद बा खुद पॅंटी के अंदर उसकी चूत तक
पहुँचा और वो अपनी सफ़ा चट चूत को सहलाने लगी… उत्तेजना
बढ़ने लगी और वो सोचने लगी कि क्या वो इतनी हिम्मत जूटा पाएगी
कि स्टडी रूम का दरवाज़ा खोल अंदर दाखिल हो सके.. उत्तेजना उस पर
हावी थी.. उसने हिम्मत कर दरवाज़ा खोला और अंदर दाखिल हो गयी…
“स्वीटी तुम इस समय?” मोहन अपनी बेटी को देख चौंक पड़ा..
स्वीटी तो जैसे पथरा गयी थी.. उसकी आँखे तो अपने बाप के खड़े
लंड पर ठहरी हुई थी…उसका खुद का हाथ उसकी पॅंटी मे घुसा था
और चूत मसल रहा था.. उसने झट से अपने हाथ को बाहर निकाल
लिया..
“वो क्या है….पीत….. ” स्वीटी ने कहना चाहा लेकिन उसकी आवाज़
जैसे हलक मे ही अटक गयी..
“स्वीटी क्या तुम मुझे देख रही थी?” मोहन ने अपनी बेटी से पूछा.
वो अपने हाथों से अपने लंड को ढकने की कोशिश कर रहा था..
स्वीटी ने अपनी नज़रें अपने बाप पर से हटा कंप्यूटर स्क्रीन पर डाली
तो देखा की स्क्रीन पर देखा जहाँ प्रीति की तस्वीर थी वो बिस्तर
पर नंगी चित लेटी थी.. टाँगे फैली हुई और एक डिल्डो उसकी चूत मे
घुसा हुआ था..
“उम्म हां” स्वीटी ने जवाब दिया..
मोहन ने भी देखा कि उसकी बेटी ने अपना हाथ पॅंटी से बाहर निकाला
था.. इस पोज़ मे उसकी बेटी बहुत सेक्सी लग रही थी… सफेद टी-शर्ट
और सफेद पॅंटी मे वो बहुत ही प्यारी लग रही थी.. टी-शर्ट से उसकी
चुचियों का घेराव और ताने निप्पल सॉफ दीख रहे थे… स्वीटी
को अचानक देख एक बार के लिए तो उसका खड़ा लंड तुरंत मुरझा गया
था.. लेकिन जवान बेटी को अपने कमरे मे पॅंटी मे हाथ डाले देख उसके
लंड की गर्माहट फिर लौटी और एक बार फिर उसका लंड तन कर पूरी
तरह खड़ा हो गया..
“वो क्या है ना स्वीटी में तुम्हे समझाता हूँ”
“रहने दीजिया डॅडी मुझे सब मालूम है”
“क्या मालूम है तुम्हे?” उसने झिझकते हुए पूछा… क्या उसे पता है
कि वो प्रीति को ईमेल भेजता है और प्रीति उसे अपनी नंगी
तस्वीरें भेजती है क्या स्वीटी सब कुछ जानती है
“मेने आपको प्रीति की चुदाई करते देखा है”
“हे भगवान” मोहन के मुँह से निकाला.

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