“प्रीति तुम्हे बुरा तो नही लगेगा ना अगर मैं तुम्हारे भाई का लंड
अपनी प्यारी सोनिया को दिखाऊ तो इसे तो विश्वास ही नही हो रहा कि
कोई लंड इतना मोटा और लंबा भी हो सकता है” स्वीटी ने कहा.
“मुझे भला क्यों ऐतराज़ होगा.. अगर वो अपनी ममेरी बेहन को अपना
लंड दिखाने को तय्यार हो जाए तो मैं मना करने वाली कौन होती
हूँ” प्रीति ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया.. और स्वीटी की टाँगो के
बीच अपनी पैर के अंगूठे से उसकी चूत को कुरेदने लगी…
“हे प्लीज़ ऐसा मत करो नही तो मैं पागल हो जाउन्गी” स्वीटी
लगबघ चिल्ला पड़ी और सोनिया और प्रीति जोरों से हँसने लगे…
तभी राज टेबल पर वापस आया और उसने सभी को ड्रिंक पकड़ाई..
सोनिया ने देखा कि राज के हाथों मे सिर्फ़ पानी का ग्लास है तो वो बोल
पड़ी,
“राज तुम ड्रिंक नही ले रहे हो?”
“नही सोनिया मेने पहले ही काफ़ी पी ली है. और फिर कोई तो होश मे
रहना चाहिए जिससे कि वो गाड़ी ड्राइव कर सके” राज ने जवाब दिया..
“हां तुम सही कह रहे हो.. मुझे तो लगता है कि अभी से नशा हो
रहा है” सोनिया ने कहा.
“नशा हो रहा है या चूत मे खुजली मच रही है” सोनिया ने उसकी
चुचियों को मसल्ते हुए कहा..
रवि की तो हालत खराब थी और उसे अब पक्का यकीन हो गया था कि
उसकी बेहन सोनिया प्रीति के साथ सेक्स का खेल चुकी है..
थोड़ी देर बाद जब रवि टाय्लेट के लिए टेबल से उठा तो स्वीटी ने राज
से कहा, “राज
तुम्हे पता है जब मेने सोनिया से कहा कि तुम्हारा लंड काफ़ी मोटा और
लंबा है तो इसे मेरी बात पर विश्वास ही नही हुआ तो क्या तुम इसे
अपना लंड दीखा कर यकीन दिला सकते हो?”
स्वीटी की बात सुनकर सोनिया तो शरम के मारे झेंप गयी और प्रीति
को हँसी छूट पड़ी..
“स्वीटी तुम भी ना…” सोनिया ने झेंपटे हुए कहा.
“अरे सोनिया मैं सच कह रही हूँ… तुम क्या कहते हो राज?”
“अगर जब सोनिया की देखने की इच्छा है तो भला मुझे क्या ऐतराज़ हो
सकता है..” राज ने जवाब दिया… उसका लंड और बुरी तरह से पॅंट
मे तन गया था..
“देखा सोनिया अब सिर्फ़ तुम्हारे कहने की देर है इधर तुम्हने कहा
दीखाओ और उधर राज ने अपना लंड बाहर निकाला.. क्यों क्या ख़याल
है सोनिया.. ” स्वीटी ने फिर उसे उकसाया..
“पागल तो नही हो गयी हो… यहाँ भूल से भी ना कहना आख़िर हम
शरीफ खानदान से है. ” राज ने बीच मे स्वीटी को टोकते हुए कहा.
“बड़े बदमाश हो तुम सारे खेल का मज़ा खराब कर दिया.. ” स्वीटी ने
अपनी जीब निकाल राज को चिढ़ाते हुए कहा..
“ठीक है जैसा तुम कहो.. हम बाद मे देखेंगे..क्यों सही है ना
सोनिया?” स्वीटी ने कहा.
तभी रवि बाथरूम से लौट आया और सभी बाहर आ गये.. राज गाड़ी
चला रहा था.. सोनिया उसके बगल मे बैठी थी… प्रीति राज के
पीछे स्वीटी उसके बगल मे और रवि स्वीटी के बगल मे पीछे की
सीट पर बैठे थे…
स्वीटी का हाथ तो रवि के लंड पर था और वो उसे उसकी पॅंट के उपर
से मसल रही थी फिर उसने तो उसकी पॅंट के बटन खोल दिए और उसके
खड़े लंड को बाहर निकालने लगी… रवि की तो हालत खराब थी..
उसे विश्वास नही था कि प्रीति के सामने चलती गाड़ी स्वीटी ऐसा भी
कर सकती है..
रिव्यू मिरर मे राज को सभी दीखाई दे रहा था और उसे हँसी आ
रही थी…
स्वीटी ने अब रवि की पॅंट को नीचे खिसकना शुरी किया तो रवि ने
थोड़ा अपने आप को अड्जस्ट कर उसकी मदद की.. फिर स्वीटी उसके खड़े
लंड पर झुक गयी और उसके लंड को अपने मुँहे मे ले चूसने लगी..
उसके चूतड़ प्रीति की ओर उठ गये थे.. राज मुस्कुराते हुए सब
मिरर मे देखता रहा..
जब काफ़ी देर तक पिछली सीट से कोई आवाज़ नही आई तो सोनिया ने
अपने चेहरे को पीछे घुमाया देखने के लिए.. गाड़ी मे अंधेरा होने
की वजह से उसे सॉफ सॉफ तो नही दीखा कि स्वीटी क्या कर रही
है.. लेकिन जिस तरह से वो झुकी हुई थी तो उसे कुछ शक हुआ तो
उसने अपनी सीट बेल्ट को खोला और थोड़ा अच्छी तरह घूम देखने
लगी…
“स्वीटी बड़ी छीनाल हो क्या घर तक पहुँचने का इंतेज़ार नही कर
सकती थी” सोनिया ने पूछा.
“हां नही रुक सकती थी..तुम्हे पता है मेरी चूत मे जब खुजली
मचती है तो में नही रुक सकती.. ” स्वीटी ने थोड़ी देर के लिए
रवि के लंड को अपने मुँह से बाहर निकाल कर जवाब दिया..
सोनिया ने अपना चेहरा वापस सामने की ओर घुमा लिया.. राज ये सब देख
धीरे से मुस्कुराता रहा.. सोनिया ने फिर पीछे पलट प्रीति की ओर
देखा तो उसे भी मुस्कुराते पाया…और उसने देखा कि प्रीति ने अपना
एक हाथ स्वीटी की स्कर्ट मे घुसा रखा था और शायद उसकी चूत मे
उंगली कर रही थी…
रवि तो जैसे पागल हो गया था… उसका लंड पानी छोड़ने ही वाला
था.. इतने परिवार के लोगों के सामने आज पहली बार कोई लड़की चलती
गाड़ी मे उसका लंड चूस रही थी.. कि तभी राज ने गाड़ी को स्वीटी
के घर के सामने रोका..
“अब अपने मुँह को खाली करो और इसके लंड को बाहर निकालो हम घर
पहुँच गये है” राज ने स्वीटी से कहा.
“सत्यानाश हो तुम्हारा” स्वीटी ने झूठे गुस्से मे कहा.. “ऐसा करो
तुम लोग इसे यहाँ मेरे पास छोड़ दो”
“और तुम्हारे मम्मी पापा से क्या कहें कि हमने रवि को कहाँ छोड़ा
है या फिर ये कहें कि वो तुम्हारे साथ है ?” राज ने कहा,.
“राज तुम भी समझते नही हो… देखो ना बेचारे का लंड किस तरह
तना हुआ है.. और ये अभी थोड़ी देर मे ही झाड़ जाएगा.. क्या तुम
यहाँ थोड़ी देर के लिए रुक नही सकते?” स्वीटी ने गिड़गिदते हुए
कहा.. “वैसे भी मम्मी पापा घर पर नही है.. ऐसा करो तुम लोग
भी अंदर आ जाओ शमा भी अपनी सहेली के घर पर है और में
अकेली घर मे नही रहना चाहती…
थोड़ी देर बाद स्वीटी फिर बोल पड़ी.. “प्रीति तुम जानती हो कि तुम खुद
अंदर आना चाहती हो फिर सोनिया को भी मौका मिल जाएगा राज का लंड
देखने का.. ”
तभी स्वीटी ने गाड़ी का दरवाज़ा खोला और रवि को धक्का देकर बाहर
निकालने लगी… रवि अपनी पॅंट को उपर चढ़ाते हुए बाहर
निकला.. “अब जल्दी से घर मे चलो.. फिर तो उन्हे भी आना ही
पड़ेगा” स्वीटी ने उसे धक्का देते हुए कहा.
रवि समझ चुका था कि स्वीटी उसे घर के अंदर लेजाकार उससे
चुदवाना चाहती है इसलिए वो तुरंत गाड़ी के बाहर निकला जिससे
स्वीटी भी बाहर निकल घर का दरवाज़ा खोल सके…
“लगता है कि अब तो हमे भी अंदर जाना ही पड़ेगा” प्रीति ने गाड़ी से
बाहर उतरते हुए कहा..उसके कदमों मे नशे की हल्की लड़खड़ाहट
थी.. उसने अंदर घुस कर देखा..कि लिविंग रूम मे स्वीटी अपने कपड़े
उतार रही थी और रवि भी अपने कपड़े उतारने मे लगा हुआ था..
“चलो प्रीति तुम भी साथ मे आ जाओ.. आज हम दोनो मिलकर इसके लंड
का सारा रस नोचोड़ लेंगे” स्वीटी ने प्रीति को लिव्निग रूम मे आते
देखा तो बोली.
रवि तो हैरत भरी नज़रों से दोनो को देख रहा था.. उसे तो विश्वास
नही हो रहा था कि कोई लड़की इतनी बिंदास भी हो सकती है..
“नही स्वीटी मैने इससे कहा था कि इसे जलाने के लिए में इसकी
बेहन की चुदाई करूँगी और अगर आज अगर वो तय्यार नही है तो में
इसके सामने तुम्हारी चूत का मज़ा लूँगी” प्रीति ने जवाब दिया.
तब तक स्वीटी ने रवि के लंड को अपने मुँह मे ले लिया था.. रवि ने
देखा कि प्रीति अब स्वीटी के पीछे आ गयी और पीछे से उसके
निपल को भींचने लगी और साथ ही उसकी गर्दन को चूम रही थी..
घर के बाहर खड़े राज ने सोनिया से कहा, “क्यों ना हम भी घर के
अंदर चलते है.. बाहर कुछ ठंड ज़्यादा है”
सोनिया को भी राज की बात माननी पड़ी और वो उसके पीछे पीछे घर के
अंदर चली आई… दोनो लिविंग रूम मे पहुँचे और देखा कि रवि
ज़मीन पर चित लेटा हुआ था और स्वीटी उसकी टाँगो के बीच झुकी
उसके लंड को अपने मुँह मे ले जोरों से चूस रही थी…. और प्रीति
उसके पीछे बैठी थी..उसने अपना चेहरा स्वीटी के चूतदों मे दबा
रखा था और उसकी चूत को चूस रही थी और चाट रही थी.. साथ
ही वो एक हाथ से अपनी चूत मे दो उंगलियाँ अंदर घुसा अंदर बाहर
कर रही थी…
तभी स्वीटी अपनी जगह से थोड़ा उठी और रवि की टाँगो पर चढ़
गयी.. उसके खड़े लंड को पकड़ उसने पहले तो अपनी चूत पर घिसा
फिर उसे चूत के मुँह से लगा उस पर बैठती गयी.. रवि का लंड जड़
तक उसकी चूत मे घुस गया… प्रीति स्वीटी के सामने आ गयी और
दोनो लड़कियाँ एक दूसरे को चूमने लगी… चुचियाँ मसल्ने लगी…
अपनी बेहन और चचेरी बेहन को इस तरह एक दूसरे के साथ खेलते
देख राज का लंड किसी लोहे की रोड की तरह तन कर खड़ा हो गया..
सोनिया की निगाहें राज के खड़े लंड पर टिकी हुई थी… उसके लंड को
देखने की उसकी जिग्यासा और बढ़ गयी.. राज तो उनके साथ शामिल होना
चाहता था लेकिन वो सोनिया की वजह से चुप खड़ा था और उसकी ओर से
इशारा मिले इसका इंतेज़ार करने लगा…
सोनिया चुप चुप खड़ी दोनो लड़कियों को एक दूसरे को चूमते और
खेलते देख रही थी.. उसे अस्चर्य हो रहा था कि स्वीटी सब लाज़
शरम छोड़ सबके सामने उसके भाई के लंड पर उछल उछल कर चुदाई
कर रही थी… वो देख रही थी कि किस तरह स्वीटी और प्रीति एक
दूसरे की निपल को दाँतों के बीच पकड़ काट रहे थे तो कभी एक
दूसरे की चुचियों को मसल रहे थे.. वो दोनो के साथ ये खेल
खेल चुकी और उनके साथ शामिल होना चाहती थी…
तभी स्वीटी की नज़रे सोनिया पर पड़ी जो ललचाई नज़रों से उन्हे देख
रही थी.. “राज तुम अपना लंड सोनिया को क्यों नही दिखाते.. ये भी
तो देखे कि वास्तव मे तुम्हारा लंड कितना लंबा और मोटा है” स्वीटी
ने जोरों से रवि के लंड पर उछलते हुए कहा..
सोनिया ने पलट कर राज को देखा, “क्या तुम सही मे मेरा लंड देखना
चाहती हो?” राज ने पूछा…
सोनिया ने शर्मा कर अपनी गर्दन हां मे हिला दी… वो तो खुद मरी
जा रही थी राज का लंड देखने की लिए.. कि क्या सही मे उसका लंड
उतना ही मोटा और लंबा है जितना स्वीटी ने उसे इशारे से बताया था…
राज ने मुस्कुराते हुए अपनी पॅंट की बेल्ट को खोला और फिर जीन्स के
बटन खोल अपनी जींस को नीचे खिसकाने लगा… वहीं स्वीटी और
प्रीति दोनो सोनिया की प्रतिक्रिया जानने के लिए के लिए थोड़ा रुक
गयी….
जैसे ही राज ने अपनी शॉर्ट्स भी नीचे खिसकाई सोनिया कि तो जैसे
सांस ही हलक मे अटक गयी.. राज का अर्ध मुरझाया लंड भी किसी
घोड़े के लंड से कम नज़र नही आ रहा था.. उसने इतना मोटा और
लंबा लंड आज से पहले कभी नही देखा था..
“हे भगवान इतना मोटा और लंबा” सोनिया अस्चर्य से बोल पड़ी..
“है ना मस्ताना लंड” स्वीटी ने सोनिया से पूछा,, “अभी तो ये और
बड़ा होगा.. इसे मेरे पास लाओ राज में चाहती हूँ कि सोनिया इसकी
पूरी लंबाई और मोटाई देखे”
राज स्वीटी के पास आ गया.. स्वीटी ने उसके लंड को पहले तो मुट्ठी
मे भर उसे चूमा फिर अपनी जीब को उस लंड के छेद पर छुआ थोड़ा
कुरेदा… फिर उसकी लंबाई को सहलाते हुए उसने अपना पूरा मुँह खोला
और उसे मुँहे मे ले चूसने लगी.. पास ही मे बैठी प्रीति अपने
भाई की गोलैईयों को अपनी मुट्ठी मे भर खेलने लगी….
सोनिया ने प्रीति को थोड़ा खड़ा होने को कहा जिससे दोनो के चेहरे आमने सामने हो गये.. और दोनो एक दूसरे को चूमने लगे तभी स्वीटी ने
राज के लंड को दोनो के होठों के बीच कर दिया और दोनो अपनी जीब
बाहर निकाल उसके खड़े लंड को चाटने लगी… दोनो ने अपने होठों को
लंड पर रख दिया और राज अपनी कमर को हिला अपने लंड को आगे पीछे
करने लगा….
“यहाँ आओ सोनिया और महसूस करो इस मस्ताने लंड को” स्वीटी ने अपने
होठों को राज के लंड पर से हटाते हुए कहा.. प्रीति राज के लंड
चूस्ति रही और जब उसने देखा कि सोनिया उसके नज़दीक आ रही है तो
उसने अपने होठों को भी राज के लंड से हटा लिया.
सोनिया राज के नज़दीक आ गयी और अपनी हथेली को राज के लंड पर
रख दिया.. लेकिन लंड की मोटाई इतनी थी कि वो उसे अपनी मुट्ठी मे कस
नही पाई… स्वीटी और प्रीति दोनो ने अपना हाथ सोनिया की स्कर्ट के
अंदर घुसा दिया और दोनो ने उसके एक एक चूतड़ को पकड़ लिया…
“अपनी चुचियाँ राज को दीखाओ सोनिया.. राज को चुचियों बहुत पसंद
है.. और तुम्हारी तो वैसे भी बड़ी जानदार है” प्रीति ने सोनिया से
कहा..

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