सोनिया ने पहले कभी ऐसा किया नही था इसलिए वो थोड़ा हिच किचा
रही थी लेकिन प्रीति के उकसाने पर उसने उस नकली लंड के दूसरे
सिरे को उसकी गंद के छेद से लगाया और अंदर घुसाने लगी… और
थोड़ी ही देर मे वो नकली लंड अब प्रीति के दोनो छेदों मे पूरी तरह
धंसा हुआ था….
“ऑश सोनिया हाआँ अब मेरी गंद और चूत को इस नकली लंड से चोदो
और थोड़ा तेज़ी से करना बड़ी खुजली मची हुई है अंदर ” प्रीति
सिसक कर बोली…
सोनिया अब उस लंड को पकड़ उसकी गंद मे घुसाती तो दूसरे सिरे से
लंड चूत से बाहर निकलता और जब गंद से बाहर खींचती तो लंड
चूत के अंदर घुस जाता.. इस तरह लंड को अंदर बाहर करते हुए
सोनिया प्रीति की गंद और चूत को चोद्ने लगी…
‘”ऊऊऊओह हााना ऐसे ही…ऑश बहुत मज़ा आ रहा है सोनिया
हाआँ लंड को गंद के और अंदर तक घुसाओ…..”
सोनिया अपनी बेहन की सिसकियों को सुनती रही और उसकी गंद के अंदर
बाहर लंड को करती रही…
“तुम्हे सही मे बहुत मज़ा आ रहा है न?” सोनिया ने उत्सुकता मे
पूछा..
“हाआँ सोनिया बहुत अच्छा लग रहा है.. हाआँ थोड़ा और तेज़ी से अंदर
बाहर करो… क्या तुम ट्राइ करना चाहोगी”
“नही फिलहाल तो नही” सोनिया ने तेज़ी से उसकी गंद मे लंड को अंदर
बाहर करते हुए कहा..
“मेरी चूत की पंखुड़ियों से खेलो सोनिया अपनी उंगली को भी मेरी
चूत मे घुसा कर खेलो मेरा पानी छुड़ा दो… ” प्रीति और सियक
पड़ी.
सोनिया उसकी चूत को मसल्ने लगी और तेज़ी से लंड चलाने लगी…
प्रीति ने अपने सिर को पलंग पर टिका दिया और अपनी चुचियों को
पलंग पर रगड़ने लगी.. और तभी वो जोरों से सिसक पड़ी…
“हाआँ सोनिया हाआँ हाां और तेज़ी से मेरा चूओटने वाला है… ऑश
हाां” और उसकी चूत ने पानी छोड़ दिया…
प्रीति निढाल होकर पालग कर लेट गयी… सोनिया की निगाहे उसकी भारी
चुचियों पर टिकी हुई थी.. उसका दिल तो कर रहा था कि चुचियों
को पकड़ मसल दे… लेकिन शरम की वजह से वो ऐसा कर ना सकी…
प्रीति उसकी भावनाओं को समझ चुकी थी… “मुझे लगता है कि अब
तुम्हारी बारी है” प्रीति ने कहा..
“मेने तुमसे पहले ही कहा कि आज तक मेने गंद मे कुछ भी नही
घुसाया है.. ”
“अरे पगली में तो तुम्हारी चूत मे घुसाने की बात कर रही हूँ”
प्रीति ने हंसते हुए कहा..
सोनिया भी मुस्कुरा दी और गर्दन हिला कर प्रीति को हरी झंडी दे
दी…
“ठीक है अब तुम घोड़ी बन जाओ और में तुम्हारे पीछे आ जाती
हूँ” प्रीति ने कहा..
सोनिया बिस्तर पर घोड़ी बन गयी और प्रीति ने पीछे से उस नकली
लंड को उसकी चूत के छेद से लगा अंदर घुसाने लगी…
“ऑश बहुत मोटा है… कितना वक्त हो गया कि मेने ऐसा कुछ मेरी
चूत मे लिया है” सोनिया ने अपनी टाँगो को थोड़ा फैलाते हुए कहा..
“सच कह रही हो?” प्रीति ने अस्चर्य से पूछा…
“हां मुझे जीभ और लड़कियों की उंगलियों से ही मज़ा आता है”
“सोनिया मुझे तो मोटे और लंबे लंड बहुत पसंद है.. जब कोई मोटा
लंड मेरी चूत के दीवारों को छेड़ते हुए अंदर तक घुसता है तो
सही मे जन्नत का मज़ा आ जाता है…” प्रीति ने उसे और उकसाते हुए
कहा…
“सच मे” अब सोनिया और चौंक पड़ी….
“सच कहती हूँ सोनिया जो मज़ा मोटा और लंबा लंड चूत मे लेने मे
आता है उतना किसी मे नही” प्रीति अपने राज के लंड का ख़याल करते हुए
बोली.
“इस नकली लंड के मुक़ाबले वो कैसे रहेता है?” सोनिया ने नकली लंड
की ओर इशारा करते हुए पूछा…
प्रीति ने सोनिया की चूत से डिल्डो बाहर निकाला और उसकी लंबाई और
मोटाई मापने लगी….
“प्रीति इस नकली लंड से मोटा और लंबा असली लंड तो हो ही नही
सकता…” सोनिया ने कहा.
“एक लंड है जो इस नकली लंड से भी मोटा और लंबा है.. और अगर
तुम एक अच्छी लड़की की तरह साथ दोगि तो में तुम्हे ये बात साबित कर
दूँगी” प्रीति ने जवाब दिया…
प्रीति की बात सुनकर सोनिया तो ख़यालों मे खो गयी कि उतना मोटा
लंड उसकी चूत मे कैसा महसूस होगा और तभी प्रीति ने उस नकली
लंड को वापस उसकी चूत मे घुसा अंदर बाहर करने लगी… तभी
उसे महसूस हुआ कि की प्रीति ने वो लंड वापस उसकी चूत से निकाल
लिया है.. उसने अपनी नज़रे उठा कर प्रीति की ओर उठा कर देखा तो
पाया कि प्रीति उस नकली लंड को चूस रही थी..
“सॉरी” प्रीति ने सोनिया से कहा.. “वो ऐसा है ना मेरी चूत के रस
को चखने से अपने आप को रोक ना सकी.. ”
प्रीति ने फिर उस डिल्डो को सोनिया की चूत मे घुसा कर तेज़ी से अंदर
बाहर करने लगी..
“हां प्रीति थोड़ा और तेज़ी से करो.. ऑश हाआँ ऑश और ज़ोर से
ऑश में तो गयी… ” सोनिया जोरों से सिसकी और अपनी गंद को थोड़ा
हवा मे उठा दिया और उसकी चूत ने पानी छोड़ दिया..
कामुकता मे सोनिया की आँखे बंद हो चुकी थी और वो खुद के झड़ने का
मज़ा ले रही थी की तभी उसे अपनी चुचियों पर किसी के हाथ का
स्पर्श महसूस हुआ… उसने आँखे खोली तो देखा कि प्रीति उसपर
झुकी हुई थी और प्रीति ने अपने होंठ उसके होठों पर रख दिए…
सोनिया ने भी अपने मुँह को खोला और उसके होठों को अपने मुँहे मे ले
चूमने लगी… तभी प्रीति सोनिया के उपर चढ़ गयी और अपने नंगे
बदन को उसके बदन से रगड़ने लगी….
सोनिया के नंगे बदन को चूमते हुए प्रीति नीचे खिसकने लगी…
और फिर उसके एक निपल को अपने मुँह मे ले चूसने लगी साथ ही उसकी
दूसरी चुचि को मसल्ने लगी… थोड़ी देर दोनो चुचियों और निपल
को चूसने के बाद प्रीति और नीचे को बढ़ी उसकी नाभि को चूमते
हुए वो उसकी जाँघो के अन्द्रुनि हिस्सों पर जीब फिराने लगी…सोनिया के
बदन मे एक बार फिर उत्तेजना की लहर दौड़ गयी…
थोड़ी ही देर मे प्रीति किसी भूकि बिल्ली की तरह सोनिया की चूत पर
टूट पड़ी.. जोरों से उसकी चूत को चूसने लगी.. चाटने लगी..
अपनी जीब के साथ उसने अपनी दो उंगलियों उसकी चूत मे घुसा दी और
अब जीब और उंगलियों को अंदर बाहर करने लगी….
“ऑश प्रीएटी ये क्या कर डाला तुमने मुझे ऑश हाआँ चूसो मेरी
चूत को ऑश हाआँ घुसा दो अपनी जीएब अंदर तक…” सिसकत हुए
सोनिया ने अपने हाथो से प्रीति के सिर को और अंपनी चूत पर दबा
दिया…
प्रीति और जोरों से उसकी चूत को चूसने लगी और सोनिया की चूत ने
एक बार फिर पानी छोड़ा तो प्रीति चटकारे ले कर बहते रस को चूसने
लगी….
सोनिया की उत्तेजना थोड़ी शांत हू तो उसका भी दी करने लगा प्रीति की
चूत को चूसने का… उसने प्रीति को चित लिटा दिया और ठीक
प्रीति की तरह उसके बदन को चूस्ते हुए वो उसकी टाँगों के बीच आ
गयी और उसकी चूत को चूसने लगी..
एक बार फिर प्रीति की चूत ने पानी छोड़ा जिसे बड़े स्वाद लेकर सोनिया
ने चाता और फिर दोनो बहने एक दूसरे को बाहों मे भर सो गयी…
“तुमने प्रीति से ऐसा क्या कहा?” सोनिया ने दूसरे दिन अपने भाई रवि
से पूछा.
“तुम पूछना क्या चाहती हो?” रवि ने पलट कर सवाल किया.
“कल रात उसने मुझसे कहा कि तुम्हे लड़कियों से अच्छी तरह बात करना
नही आता ज़रूर तुमने उसे कुछ ऐसा वैसा कहा होगा जो उसे बुरा लग
गया” सोनिया ने कहा.
लिए में उससे माफी माँग लूँगा… तुम चिंता मत करो” रवि ने
जवाब दिया..
“याद रख कर माफी माँग लेना में नही चाहती कि वो तुमसे नाराज़
रहे.. हम उसके मेहमान है… ये याद रखना” सोनिया ने कहा.
“ठीक है” रवि ने कहा.
रवि राज के साथ एक पब में बैठा था.. टेबल की दूसरी ओर स्वीटी
सोनिया और प्रीति बैठी थी.. तीनो ही लड़किया बड़ी सुंदर दीखाई
दे रही थी… तीनो किसी भी मर्द को बहका सकती थी और उसे खुद
पर अस्चर्य हो रहा था कि अपने ही परिवार की
लड़कियों को देख उसका लंड पूरी तरह पॅंट के अंदर तन कर खड़ा
था..
रवि ने बड़ी हिम्मत जुटा कर दिन मे प्रीति से माफी माँग ली थी और
प्रीति ने एक बार फिर इशारा किया था कि अगर वो अच्छी तरह बर्ताव
करेगा तो उसे शायद मज़ा लेने का मौका मिल जाए… और जिस तरह
उसकी अपनी बेहन प्रीति का पक्ष ले रही थी उसे शक हो रहा था कि
प्रीति ने अपनी धमकी को कहीं हक़ीकत का रूप दे सोनिया के साथ
चुदाई का खेल तो नही खेल लिया..
जिस तरह सोनिया और प्रीति एक दूसरे के साथ सत कर बैठी थी उसे जलन
हो रही थी और अपनी बियर की घूँट भरते हुए वो सोच रहा था कि
काश सोनिया की जगह वो प्रीति के बगल मे उससे सत कर बैठा
होता…
तभी टेबल के नीचे स्वीटी ने अपना हाथ राज के खड़े लंड पर रख
दिया.. लंड को अच्छी तरह सहलाते हुए उसने रवि की ओर देखा… जो
उसे ही घूर रहा था.. तभी प्रीति ने अपना हाथ भी राज के लंड
पर रखा तो दोनो का हाथ एक दूसरे से टकराया.. दोनो को ज़ोर की
हँसी छूट गयी…. रवि तो अचम्भे मे बैठा दोनो को देखता
रहा…
तभी स्वीटी टेबल से खड़ी हुई… “में तो डॅन्स करना चाहती हूँ”
उसने कहा.. “रवि क्या तुम मेरे साथ डॅन्स करना पसंद करोगे?”
“अगर तुम्हे कोई ऐतराज़ ना हो तो” रवि ने कहा.”मुझे नाचना कुछ
अच्छा नही आता”
“तुम इसकी चिंता मत करो थोड़ी देर मे मैं तुम्हे नाचना सीखा
दूँगी” स्वीटी ने हंसते हुए कहा और उसका हाथ पकड़ उसे डॅन्स
फ्लोर पर ले गयी.
राज अपनी जगह से उठ ड्रिंक्स लाने चला गया.. पीछे सोनिया और
प्रीति अकेली रह गयी.. रवि और स्वीटी डॅन्स फ्लोर पर डॅन्स करने
लगे…
तभी प्रीति ने अपना हाथ सोनिया की गरम चूत पर रख दिया और
देखा कि उसकी पॅंटी थोड़ी भीगी हुई थी.. सोनिया प्रीति से कुछ
कहना चाहती थी की तभी राज ड्रिंक लेकर वापस आ गया और सोनिया
चुप हो गयी.. अब तीनो ड्रिंक सीप करते हुए स्वीटी और रवि को डॅन्स
करते देखते रहे…
स्वीटी ने रवि को अपने और नज़दीक खिच अपनी बाहों मे भर
लिया…रवि की हालत बुरी हो गयी.. एक तो पहले से वो उत्तेजित
था..उसका लंड परेशान किए जा रहा था और स्वीटी के गरम बदन
की गर्मी ने तो उसे उत्तेजना मे झुलसा के रख दिया.. उसकी समझ मे
नही आया कि वो क्या करे…
“पता नही मुझे क्यों ऐसा लग रहा है कि आज स्वीटी को किसी लंबे
मोटे लंड की ख्वाइश हो रही है” प्रीति ने हंसते हुए कहा… “और
शायद उसने ये सोच लिया है कि वो लंड किसका होगा”
“क्या तुम्हे पता है वो किसका होगा?” सोनिया ने पूछा.
“काश मुझे पता होता” प्रीति ने कहा…
“तभी स्वीटी और रवि हंसते हुए टेबल की ओर आने लगे… और
स्वीटी ने रवि के चेहरे को अपनी ओर खींच उसके कान मे बोली.. “आज
तो में तुम्हारे लंड का मज़ा लेकर रहूंगी”
स्वीटी की बात सुन रवि का लंड और पॅंट मे उछल पड़ा.. बड़ी
मुश्किल से वो अपने आपको रोक पाया..
रवि और स्वीटी टेबल की दूसरी ओर बैठ गये.. प्रीति ने देखा कि
स्वीटी ने अपना हाथ रवि की जांघों पर रखा हुआ था.. और वो पॅंट
के उपर से उसके लंड को मसल रही थी.. और साथ ही वो अपने पैर को
टेबल के सामने की ओर बैठे तीनो के पावं के बीच घूमा उन्हे छेड़
रही थी…
की चूत पर रख उसे भींचती… सब अपने अपने खेल खेलने मे लगे
हुए थे..
तभी ड्रिंक लाने के लाए रवि टेबल से उठा तो राज भी बाथरूम के
जाने के लिए उठा.. राज का तना हुआ लंड तीनो लड़कियों की निगाह से
छिपा ना रह सका.. जैसे ही वो टाय्लेट की ओर बढ़ा तो बार में
बैठी सभी औरतों की निगाह उसके पॅंट मे उभरे उभार पर ज़रूर
पड़ी होगी..
प्रीति ने सोनिया की ओर देख मूड कर उसे इशारे से बताया कि देखा
कितना बड़ा लंड था मेरे भाई को तो सोनिया झेंप पड़ी और स्वीटी
हस्ने लगी…
“अरे इतना सोचो मत अगर विश्वास ना हो तो तुम खुद अपनी आँखों से
देख सकती हो” स्वीटी ने हंसते हुए कहा.. सोनिया बेचारी क्या जवाब
देती…

