प्रीति हैरत भरी नज़रों से अपनी मा को देख रही थी.. उसकी
समझ मे नही आ रहा था कि उसे बताना चाहिए कि नही.. “वो क्या
है ना मम्मी में बाद मे बता दूँगी” उसने कहा.
“कोई बात नही जैसी तुम्हारी मर्ज़ी” वासू ने कहा और फिर तीनो दुकान
मे पड़े विभिन्न प्रकार के डिल्डो देखने लगे…
“प्रीति ये लो तुम्हारे लिए है” स्वीटी ने उसे एक दो मुँही लंड वाला
डिल्डो पकड़ते हुए कहा.. “इससे तुम्हारी तमन्ना पूरी हो जाएगी”
प्रीति ने तिर्छि नज़रों से अपनी मा को देखा और शरमाते हुए वो
डिल्डो स्वीटी के हाथ से ले लिया.
“तो ये थी वो बात… तो तुम दो लंड का मज़ा साथ मे लेना चाहती हो”
वासू ने अपनी बेटी की ओर देखते हुए कहा..
“हां मम्मी मेने स्वीटी से यही कहा था कि मैं इस मज़े को ट्राइ
करना चाहती हूँ” प्रीति ने शरमाते हुए कहा.
“अरे तो इसमे शरमाने वाली क्या बात है.. गंद मे लंड लेना मुझे
भी पसंद है.. हां मेने कभी दो लंड का मज़ा साथ मे नही
लिया.. लेकिन लगता है कि अब मुझे भी ये ट्राइ करना होगा.. अगर तुम
साथ दो हम दोनो कोशिश कर सकते है” वासू ने मुस्कुराते हुए दोनो
लड़कियों से कहा.
“सच मम्मी” प्रीति तो अपनी मा की बात सुन खुश हो गयी और इस
ख्याल से ही उसकी चूत चूहने लगी..
“एम्म्म हां मेरी बच्ची”
“मम्मी अब ये मत कहना कि आप दूसरी औरत या लड़की के साथ भी सेक्स
कर चुकी है” प्रीति ने वो डिल्डो अपनी मा को पकड़ाते हुए कहा.
वासू तो खुद बहुत गरमा चुकी थी और वो खुद अपनी बेटी और भतीजी
की चूत का स्वाद चखना चाहती थी.. स्वीटी की मा की तरह वो उन
दोनो के बदन से खेलना चाहती थी. अपनी दोनो गुड़िया को खुश करना
चाहती थी..
“जब तुमने पूछ ही लिया है तो मुझे ये कहने मे कोई शरम नही की
मुझे दूसरी औरतों के साथ भी बहुत मज़ा आता है” वासू ने जवाब
दिया..
“क्या देव अंकल जानते है?” स्वीटी ने पूछा..
“नही वो सब शादी के पहले की बात है और मुझे नही लगता कि उन्हे
ये सब जानना चाहिए” वासू ने झूठ कहा. वो स्वीटी से कैसे कहती
कि वो उसी की मा के साथ सेक्स करती है.
“ऑश आंटी आप तो बड़ी छुपी रुस्तम है” स्वीटी ने चहकते हुए कहा.
“क्या तुम दोनो लड़कियों ने भी आपस मे मज़ा लिया है?” वासू ने पूछा..
प्रीति ने तो अपनी मा की ओर पीठ फेर ली उसे बहुत शरम आ रही थी..
“हां आंटी लिया है.. लेकिन जो मज़ा लंड मे है वो लड़की के साथ
कहाँ” स्वीटी ने कहा..
“में समझ सकती हूँ कि तुम क्या कहना चाहती हो” वासू ने कहा..
तीनो काफ़ी गरमा चुकी थी.. सभी अपने अपने पसंद का खिलोना
खरीदा और दुकान से बाहर आ गाड़ी मे बैठ गये..
“लगता है कि अब हम दोनो को तुम्हे तुम्हारे नये खिलोने के साथ
अकेला छोड़ देना चाहिए.. ” वासू ने स्वीटी के घर के बाहर गाड़ी
रोकते हुए स्वीटी से कहा.. “हां अगर तुम्हे मदद की ज़रूरत है तो
हम तय्यार है”
“मुंम्म्मममी” प्रीति तो मा की बात सुन उछल पड़ी थी..
“मुझे तो कोई प्राब्लम नही है बल्कि खुशी होगी.. मेरी चूत मे तो
जैसे भट्टी सुलग रही है.. में तो रोक नही पा रही हूँ अपने
आप को” स्वीटी ने कहा.
“सॉरी प्रीति में तुम्हे चौंकाना नही चाहती थी.. क्या करूँ मेरी
खुद की चूत मे जोरों की खुजली मच रही है… चींतियाँ दौड़
रही है
“सॉरी वाली कोई बात नही है मम्मी बस में चौंक पड़ी थी.. मेरी
खुद की चूत की यही हालत है.. बस मुझे उमीद नही थी कि ये
सब इतनी जल्दी हो जाएगा” प्रीति ने खुश होते हुए कहा.
“अगर तुम तय्यार हो तो फिर देर की बात की.. वैसे आंटी बुरा मत
मानना मैं और प्रीति कई बार एक दूसरे के साथ खेल चुके है”
स्वीटी ने गाड़ी से उतरते हुए कहा.
तीनो गाड़ी से उतर घर के अंदर आ गये.. घर पर कोई नही था..
स्वीटी उन्हे अपने बेडरूम मे ले आई और बॅग मे से एक हरे रंग का
लंबा डिल्डो और दूसरा वो दो मुँही लंड वाला निकाल लिया..
“सच कहूँ आंटी वहाँ स्टोर मे आपनी चुचियो को पकड़ बहुत अच्छा
लगा था..” कहकर स्वीटी अपनी ताई के नज़देक आई और वासू की चुचि
को पकड़ मसल्ने लगी..
“मुझे भी बहुत अच्छा लगा था..” कहते हुए वासू अपनी भतीजी के
कपड़े उतारने लगी..
प्रीति चुप चाप खड़ी अपनी मा और बेहन को देख रही थी जो अपनी
जीब से जीब मिला एक दूसरे को चूम रही थी.. दोनो एक दूसरे के
बदन को सहलाते हुए कपड़े उतार रही थी.. उसकी समझ मे नही आ
रहा था कि वो कैसे क्या करे वो अपनी बेहन और भाई दोनो से चुदवा
चुकी थी.. लेकिन आज उसकी सग़ी मा उसके सामने थी.. लेकिन अब वो
पीछे नही हट सकती थी..
वासू और स्वीटी एक दूसरे को नंगा कर चुकी थी.. प्रीति अपनी बेहन
की पीछे आई और उसकी गर्दन को चूमने लगी.. और उसकी गंद को
पकड़ भींचने लगी.. वासू ने अपनी भतीजी को पलंग पर चित लेटा
दिया और अपनी भारी चुचियों को उसके मुँह के सामने कर किसी घड़ी
की पेंडुलम की तरह हिलाने लगी.. स्वीटी ने अपनी आंटी की भारी
चुचि को पकड़ लिया और मुट्ठी मे भर भींचने लगी..
वासू अपनी भतीजी के बदन को चूमती हुई नीचे खिसकती हुए उसकी
बिना बालों की चूत पर आ गयी… प्रीति झुक कर अपनी बेहन की
चुचि को चूमने लगी. अपनी जीब को उसके निपल पर फिरने लगी..
वासू ने नज़रे उठा अपनी आँखे अपनी बेटी से मिली जिसमे काम अग्नि की
चमक साफ देख रही थी. वो अब स्वीटी की चूत पर अपनी जीब घुमा
चाटने लगी.. स्वीटी के बदन मे सिरहन सी दौड़ गयी..
“ऑश आंटी ओह क्या जीब की गर्मी है. श हां बहुत अच्छा लग
रहा है.. हाआँ ओह” अपनी चुचि को प्रीति के मुँह मे और
घुसेड़ते हुए स्वीटी सिसक पड़ी..
प्रीति अपनी बेहन के बगल से हट गयी और पलंग पर पड़ा हरे रंग
का डिल्डो उसने अपनी मा को पकड़ा दिया..
‘मम्मी इसकी चूत को इस नकली लंड से आज फाड़ दो.. बहुत फुदकती
रहती है इसकी चूत हरदम”
वासू ने वो नकली लंड अपनी बेटी के हाथ से लिया और पहले कुछ देर
तो उसे स्वीटी की छूत पर घिसती रही फिर उसे अपने मुँह मे किसी
छीनाल की तरह ले चूसने लगी.. फिर उसे उसकी चूत पर रख उसे
अंदर घुसाने लगी.. प्रीति भी अपनी मा के नज़दीक आ गया और उसने
अपनी दो उंलगी रब्बर के लंड के साथ उसकी चूत मे घुसा अंदर बाहर
करने लगी…
“ऑश हाआँ ऑश बहो अच्छा लग रहा है..श हाआँ आंटी और अंदर
तक घुसा के मुझे चोदो श हाआँ और थोडा ज़ोर से” स्वीटी उत्तेजना
मे सिसकने लगी..
वासू अब और तेज़ी से उस लंड को आनी भतीजी की चूत के अंदर बाहर
करने लगी..
‘प्रीति यहाँ मेरे पास आकर मेरे चेहरे पर बैठ जाओ और मुझे
तुम्हारी चूत चूसने दो” स्वीटी ने अपनी बेहन से कहा.
प्रीति उठ कर अपनी बेहन के चेहरे पर बैठ गयी और अपनी मा को
देखने लगी… स्वीटी ने अपनी जीब उसकी चूत के अंदर तक घुसा दी
और चाटने लगी.. प्रीति अपनी चूत को उसके होंठो पर रगड़ने लगी
और तभी स्वीटी की चूत ने पानी छोड़ दिया..
“प्रीति क्या तुम अपने उस खिलोने को इस्तेमाल करना चाहोगी?” वासू ने
उस दो मुँही लंड वाले डिल्डो को दीखाते हुए अपनी बेटी से पूछा. “या
फिर में तुम्हे इस्तेमाल करना सिखाऊ?”
लेकिन प्रीति को तो होश कहाँ था.. वो तो उत्तेजना मे पागल अपनी
चूत को अपनी चचेरी बेहन के मुँह पर दबा रही थी.. स्वीटी की
जीब बड़ी तेज़ी से किसी फिरकनी की तरह उसकी चूत के अंदर बाहर हो
रही थी और प्रीति अपनी चूत को उसके मुँह पर दबाए जा रही
थी…. आख़िर उसने थके हुए स्वर मे कहा, “मम्मी आप ही मुझे बता
दें कि इसे कैसे इस्तेमाल करते है”
वसुंधरा उठ कर अपनी बेटी और भतीजी के पास आई और अपनी बेटी
की गंद के छेद पर अपनी उंगली घूमाने लगी.. फिर अपनी उंलगी को
उसकी चूत मे डाल थोड़ा सा गीला किया.. और वापस अपनी उंगली उसकी
गंद मे डाल अंदर बाहर करने लगी… फिर उसने एक लोशन की बॉटल
जो उसने सेक्स शॉप से खरीदी थी निकाली थोड़ा लोशन अपनी उंगलियों
पर ले अपनी बेटी की गंद के छेद पर लगाया और थोड़ा लोशन अपनी
चूत पर लगाया
फिर वासू ने उस दो मुँही लंड वाले डिल्डो को लिया और पहले एक मुँह को
अपनी बेटी की चूत के मुँह से लगाया और दूसरा अपनी गंद के छेद
पर लगा वो अपनी गंद को पीछे कर उस दो रूपी लंड को अपनी गंद मे
लेने लगी.. वासू के पीछे होने से आगे से लंड प्रीति की चूत मे
घुसने लगा…
“प्रीति थोड़ा तुम भी पीछे हो कर इसे अंदर लो” वासू ने अपनी बेटी
से कहा… प्रीति ने अपनी कुल्हों को पीछे किया तो थोड़ा लंड और
उसकी चूत मे घुसा और साथ ही दूसरे ओर से उसकी मम्मी की गंद मे
घुस गया…
“ऑश मुझे ऐसा लग रहा है की जैसे मेरी गंद पूरी भर गयी
है” वासू ने सिसकते हुए कहा…
दोनो आगे पीछे होने लगे और थोड़ी ही देर मे वो दो मुँही लंड
प्रीति की चूत मे और दूसरी और से वासू की गंद मे घुस गया अब
दोनो के चूतड़ आपस मे सटे हुए थे..
“यार मुझे भी तो देखने दो तुम दोनो कैसे मज़ा ले रहे हो” “स्वीटी
ने प्रीति के नीचे से निकलते हुए कहा..
प्रीति उसके चेहरे से उतर गयी और उसे जगह दी.. स्वीटी उठ कर उन
दोनो के पास आ गयी.. उसने देखा कि अब दोनो अपने चूतड़ो को आगे
पीछे कर ज़्यादा से ज़्यादा से उस नकली लंड को अपने अपने छेद मे लेने
की कोशिश करने लगे…
स्वीटी अपनी ताई के और नज़दीक आ गयी और वासू के चूतदों को
सहलाते हुए उसने अपना हाथ नीचे किया और अपनी दो उंगलियाँ अब अपनी
आंटी की चूत मे घुसा अंदर बाहर करने लगी….
“ऑश स्वीटी बहुत अच्छा लग रहा है.. हाआँ और तेज़ी से मेरी चूत
को अपनी उंगलियों से चोदो ऑश हाआँ और अंदर तक घुसा इसे गोल गोल
घूमाओ… ऑश हाां ऑश” वासू अपनी भतीजी को और उकसाने लगी…
स्वीटी अपनी उंगलियों को और तेज़ी से अपनी ताई की चूत मे अंदर बाहर
करने लगी और वहीं प्रीति भी जोश मे आ गयी वो और तेज़ी से
धक्के लगाने लगी .. और थोड़ी ही देर मे वासू की चूत ने पानी छोड़
दिया और वो ढीली पड़ गयी….
“प्रीति मुझे लगता है कि घर जाने से पहले तुम्हारी चूत की प्यास
भी अच्छी तरह से बुझ जानी चाहिए” वासू ने अपनी गंद से उस नकली
लंड को बाहर निकालते हुए कहा.
“हां मम्मी बहुत जोरों से आग लगी हुई है चूत मे साली बुझती ही
नही… ऑश क्या करू मे” प्रीति ने कहा.
“एक काम करो तुम यहाँ आओ तुम इसे इस्तेमाल कर सकती हो” वासू ने
ठीक उसी तरह का लंड निकालते हुए कहा..

