परिवार हो तो ऐसा – Update 10 | Erotic Family Incest Story

परिवार हो तो ऐसा - Family Incest Saga
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राज ने दोनो लड़कियों को उनकी ड्रिंक पकड़ाए और अपना बियर का मग लेकर प्रीति के पास बैठ गया.. उसका दिल तो कर रहा था कि वो अभी प्रीति की चुचियों को अपने मुँह मे ले चूसने लगे.. लेकिन वो ऐसा शमा के सामने नही कर सकता था… स्वीटी राज के सामने बैठी थी और वो बार बार अपनी टाँगे चौड़ी कर अपनी नंगी चूत उसे दीखा चिढ़ा रही थी.. राज बेचारा अपने लंड को संभाल नही पा रहा था…

तभी मैन डोर की बेल बज़ी तो स्वीटी और शमा दरवाज़े की ओर बढ़ी और अपने मेहमआनो का स्वागत करने लगी.. पार्टी बहोत ही अछी गुज़री बस इक्का दुक्का बार स्वीटी राज को छेड़ देती थी… जब भी उसे मौका मिलता वो अपने गंद को राज के खड़े लंड पर रगड़ देती… एक बार तो जब उसने देखा कि राज अकेला खड़ा है तो उसने अपना हाथ अपनी स्कर्ट के अंदर कुछ देर के लिए डाला और फिर हाथ को बाहर निकाल अपनी उंगली को चटकारे ले कर चूसने लगी.. राज था कि उसे स्वीटी की इन हरकतों मे मज़ा आ रहा था.. और जब वो दोनो अकेले मे कुछ देर के लिए मिले तो वो अपनी उंलगी को उसकी नाक के पास रख अपने ही चूत की महक उसे सूँघाने लगी.. और खिलखिला कर उससे दूर चली गयी.. यही छेड़ छाड़ उन दोनो के बीच होती रही… राज स्वीटी और प्रीति तीनो कुछ नशे मे भी हो गये थे…..

स्वीटी पूरी पार्टी मे आए हुए मर्दों को चिढ़ाती रही उकसाती रही आख़िर रात भी काफ़ी हो चुकी थी.. धीरे हीरे सभी मेहमान अपने घर जाने लगे… पूरी पार्टी के दौरान प्रीति पार्टी मे आए लड़कों से बात करती रही…. शमा अपने मेहमआनो का ख़याल रखने मे लगी रही…. और स्वीटी अपनी हरकतों से मर्दों को चिढ़ाती रही… जब रात काफ़ी हो गयी और करीब करीब सभी मेहमान जा चुके थे.. तो स्वीटी थक कर सोफे पर बैठ गयी…

“हे भगवान… स्वीटी ये क्या है? तुम्हारी पॅंटी कहाँ है” शमा अचानक अपनी छोटी बेहन पर चिल्लाई.. हुआ क्या स्वीटी अपनी दोनो टाँगों की पालती मार सीट पर बैठ गयी थी..

और उसे ध्यान नही रहा.. उसकी स्कर्ट उठ गयी थी और उसकी नंगी चूत नज़र आ रही थी… और शमा की नज़रे उसकी नंगी चूत पर ही टिकी हुई थी… राज भी उसके बगल मे ही खड़ा था…

“अरे दीदी कुछ नही है…. आज मेने तो पॅंटी पहनी ही नही थी…” स्वीटी ने हंसते हुए कहा.. उसकी आवाज़ लड़खड़ा रही थी.. और वो कुछ नशे मे भी लग रही थी… “हे भगवान.. तुम्हे कुछ शरम लिहाज़ नही है.. तुम्हे दीखाई नही देता कि कैसे राज की नज़रे तुम्हारी नंगी चूत पर गढ़ी हुई है? शमा ने गुस्से मे कहा. “दीदी राज की ही नज़रे गढ़ी हुई है ना… अगर राज मेरी चूत को देख

रहा है तो कोई डर नही हां अगर मुझे ये देखने को मिल जाए कि उसने अपनी पॅंट मे क्या छुपा रखा है तो मुझे किसी की परवाह नही..” स्वीटी ने जवाब दिया.

स्वीटी का कहना था कि शमा की नज़रे राज की जाँघो के बीच उठ गयी…. उसे राज के खड़े लंड का उभार सॉफ दीख रहा था… और अब तीनो बहने उसके लंड के आकार को देख हैरत मे खड़ी थी…

“भगवान के लिए स्वीटी ये तुम्हारा भाई है” शमा ने कहा. “हां दीदी भाई तो है.. लेकिन आपने नहीं देखा… देखो ना इसका लंड कितना बड़ा है? स्वीटी कहकर राज की ओर देखकर मुस्कुराने लगी… राज अपने आप मे शरमा रहा था..

“क्या दीदी आप नही देखना चाहोगी?” शमा दुविधा मे फँस चुकी थी… उसे लगा कि उसकी बेहन सही कह रही है.. वो सच मे राज का लंबा और मोटा लंड देखना चाहती थी… पर वो डर भी रही थी और शर्मा भी रही थी.. उसकी छोटी बेहन के सामने वो भी जब राज की भी छोटी बेहन उसके साथ थी.. उसकी हिम्मत नही पड़ी… “में तो अपने लिए ड्रिंक लेने जा रही हूँ” प्रीति ने उठते हुए

कहा.. तभी शमा ने अपनी टांग उसकी टांग मे फँसा दी.. और वो ठीक स्वीटी की गोद मे गिर पड़ी और उसकी खुली चूत ढक गयी…. “सिर्फ़ राज तुम्हारी चूत को घूर रहा है इसका ये मतलब नही कि बाकी

बची रात में तुम्हारी चूत को देखती रहूं” शमा ने स्वीटी से कहा..

इसके जवाब मे स्वीटी अपनी जगह से खड़ी हुई और उसने अपनी स्कर्ट पूरी तरह से उप्पर उठा दी…

“राज क्या तुम्हे भी मेरी चूत देखनी अछी नही लगती? स्वीटी खिलखिलाते हुए बोली…

“देखना अछा लगता है.. लेकिन तुम्हे तो पता ही है कि सिर्फ़ देखने से दिल तो नही भरता? ”

“भगवान के लिए.. राज उसे उक्साओ मत..” शमा ने कहा. “अरे क्या बुराई है इसमे… शाम से एक यही तो चूत देखने को मिली है.. और सही मे बहोत प्यारी है इसकी चूत” राज ने मुस्कुराते हुए

जवाब दिया..

“बड़े शैतान हो तुम दोनो” शमा ने कहा.

“अरे भाई कौन शैतान है.. मुझे भी तो कुछ बताओ? प्रीति अपनी ड्रिंक लाते हुए बोली.

“तुम्हारे भाई और तुम्हारी इस बेहन की बात कर रही हूँ” शमा ने दोनो की ओर इशारा करते हुए कहा, ” इस स्वीटी की बच्ची ने क्या किया पता है.. ये अपनी स्कर्ट उठा अपनी चूत हम दोनो को दीखा रही थी.”

“ओह्ह्ह स्वीटी कुछ देर के लिए रुक नही सकती थी.. मेने तो देखी ही

नही.. प्लीज़ मुझे भी दीखा दो ना? प्रीति हंसते हुए उसके सामने बैठ गयी.

“एक ही शर्त पर.. अगर तुम अपनी चुचियों को दीखाओ तो ही में अपनी

चूत दिखाउन्गि” स्वीटी खड़े हो अपनी स्कर्ट उठाते हुए बोली….

प्रीति ने अपने टॉप को उतार दिया और फिर अपनी ब्रा को भी निकाल दिया..

उसकी दोनो चुचियाँ फड़फदा कर आज़ाद हो गयी…. राज ताली बजाकर

अपनी बेहन की तारीफ करने लगा कि उसकी चुचियों कितनी सुन्दर थी…

शमा गुस्से मे उठी और बोली, “तुम तीनो के तीनो बड़े बेशरम हो..तुम सब कुछ भी कर सकते हो.. में तो सोने जा रही हूँ”

“राज इसे रोको इसने हमारा सब कुछ देख लिया और अपना कुछ भी

दिखाया ही नही” स्वीटी ज़ोर से चिल्लाई.”

इसे अपना लंबा और मोटा

लंड दीखाओ.. जिससे ये रुक जाए..”

शमा स्वीटी की बात सुनकर रुक गयी और राज की तरफ घूम देखने

लगी…. उसके लंबे और मोटे लंड को देखने की उसकी जिग्यासा बढ़

गयी… जैसे ही राज ने अपनी पॅंट को पैरों मे गिराया उसकी सांस उपर

की उपर ही रह गयी… वो अपने गधे जैसे लंड को लेकर उसके सामने

खड़ा था..

“मेने कहा था ना इसका लंड बहोत बड़ा है” स्वीटी चहकते हुए

बोली… “राज अपने लंड को और मस्लो और बड़ा करो.. दीखाओ शमा को

की तुम्हारा लंड सही मे कितना लंबा है”

स्वीटी की बात सुन कर शमा सोच मे पड़ गयी वो सोचने लगी कि उसकी

बेहन को राज के लंड के बारे मे कैसे पता है… वो हैरत अंगेज़

नज़रों से राज को अपना लंड मसालते हुए देखने लगी… उसके बदन

गरमाने लगा था.. उसकी चूत मे खुजली मचने लगी थी.. निपल तन

कर खड़े हो गये थे.. “इसे छू कर देखो शमा सही मे अछा लगेगा” स्वीटी ने आगे बढ़ कर

उसके लंड को पकड़ते हुए अपनी बड़ी बेहन से कहा… राज थोड़ा आगे

चल कर आ गया ताकि शमा के नज़दीक आ सके. शमा ने अपना हाथ

उसके लंड पर रख अपनी मुट्ठी मे कस लिया… राज अपनी कमर को हिला

उसके हाथों मे मूठ मारने लगा…

शमा तो जैसे मन्त्र मुग्ध हो गयी थी.. वो अपनी छोटी बेहन के कहे

अनुसार करती जा रही थी.. उसे विश्वास नही हो रहा था कि इतना बड़ा

और मोटा लंड उसके हाथो मे है…

“शमा नीचे घुटनो के बल बैठ जाओ और इस लंड को चूसो” स्वीटी ने

अपनी छोटी बेहन से कहा… और अपनी स्कर्ट उतार दी.. उसकी चूत पूरी

तरह गीली हो रस छुआ रही थी… शमा अपने चचेरे भाई के सामने घुटनो के बल बैठ गयी और उसके लंबे लंड को मुँह खोल अंदर लिया.. अपनी जीब और मुँह की गिरफ़्त मे

ले वो उसे चूसने लगी… वो उस लंड को अपने गले तक लेने की कोशिश करने लगी… वो सोचने लगी कि क्या प्रीति को ये सब अछा लग रहा है कि वो उसके भाई का लंड चूस रही है.. तभी उसे अपने पीछे किसी के होने का एहसास हुआ… तभी पीछे से किसी ने अपनी चुचियों को उसकी

पीठ से रगड़ मसलना शुरू कर दिया.. वो समझ गयी कि ये प्रीति ही

हो सकती है.. प्रीति ने अपने हाथ आगे कर उसके टॉप के नीचे से अंदर डाल उसकी

चुचियों को पकड़ लिया और मसल्ने लगी… शमा राज के लंड को

चूस्ति रही… प्रीति का हाथ अब उसकी चुचियों से नीचे खिसक उसके

सपाट पेट के सहलाने लगे…

और फिर उसने अपने हाथ उसकी जीन्स के किनारे पर टीका दिए… तभी स्वीटी अपनी बड़ी बेहन के नज़दीक आई और उसकी जीन्स के बटन खोलने मे प्रीति की मदद करने लगी.. दोनो ने मिलकर उसकी जीन्स

नीचे खिसका दी.. दोनो ने देखा कि राज ने शमा के सिर को पकड़ लिया था और अपने लंड को अब उसके मुँह के अंदर बाहर कर रहा था… स्वीटी थी कि वो शमा को उकसा रही थी… वो वहीं उनके सामने अपने टाँगे फैलाए बैठी थी और अपनी तीन उंगलिया चूत मे डाल अंदर

बाहर कर रही थी… वो बड़े प्यार भरी नज़रों से अपनी बड़ी बेहन को अपने ही चचेरे भाई का लंड चूस्ते देख रही थी…प्रीति अब शमा के टॉप को उतार रही थी और शमा थी कि उत्तेजना मे वो प्रीति को उसकी मन मानी करने दे रही थी..

प्रीति ने फिर शमा की ब्रा के हुक खोल दिए और उसे उसकी बाहों से खींच कर उतार दी… अब वो उपर से पूरी तरह नंगी राज के सामने बैठी उसके लंड को चूस रही थी… प्रीति उसकी चुचियों को अपने

दोनो हाथों मे भर ज़ोर ज़ोर से मसल्ने लगी… उसके निपल को पकड़ खींच लेती काट लेती.. और शमा के मुँह से सिसकारियाँ निकलने लगी…

राज अपने लंड को शमा के मुँह के अंदर बाहर होते देख रहा था और साथ ही देख रहा था कि किस तरह उसकी बेहन शमा के शरीर से खेल रही थी… फिर उसने अपनी नज़रे स्वीटी पर डाली जो अपनी चूत मे तेज़ी से उंगली अंदर बाहर कर रही थी…. उसका लंड उबाल खाने लगा था… उसकी नसें तन रही थी… उसने शमा को बताया कि उसका लंड पानी छोड़ने वाला है.. शमा और तेज़ी से उसके लंड को चूसने लगी.. उसने मुँह को उपर नीचे कर उसने अपनी रफ़्तार बढ़ा दी….

प्रीति भी अब शमा के नज़दीक आ कर उसे अपने भाई के लंड को चूस्ते हुए देखने लगी… वो अपनी बेहन के मुँह को राज के वीर्य से भरा हुआ देखना चाहती थी… स्वीटी भी उन दोनो के नज़दीक आ गयी…उसने अपना बयाँ हाथ शमा की चुचि पर रखा और उसे मसल्ने लगी.. साथ ही

अपने दाएँ हाथ को उसकी पीछे से उसकी जीन्स के अंदर डाल उसकी फूले चूतदों को पकड़ भींचने लगी…

तभी राज ने लंड ने पानी छोड़ना शुरू किया… शमा उसके लंड को अपने मुँह मे ले उसके पानी को पीने की कोशिश करने लगी… लेकिन वो सारा पानी पी नही पाई.. उसने अपना मुँह लंड पर से हटा लिया… और राज के लंड से फिर एक पिचकारी छूटी और सीधी गालों पर गीरी.. फिर

दूसरी उसकी नंगी चुचियों पर गिर पड़ी..

“ओह शमा” राज बस इतना ही कह पाया… तभी स्वीटी ने अपना मुँह उसकी चूंचियो पर रख दिया और उस पर गीरे वीर्य को चाटने लगी… और प्रीति उसके चेहरे को अपनी ओर खींच उसके होठों को चूसने लगी… शमा का बदन और उत्तेजना मे भर उठा… पूरा बदन कांप उठा.. उसने अपने आप को इन दोनो से छुड़ाया और अपने कमरे की ओर भाग गयी. राज शमा के पीछे पीछे जाना चाहता लेकिन स्वीटी ने उसे रोक दिया… “राज जाने दो इसे…वो थोड़ा घबरा गयी है..बस उसे थोड़ा वक्त लगेगा संभालने मे”

“ठीक है” राज ने धीरे से कहा..

“लेकिन एक बात बताओ तुमने ये कैसे सोच लिया कि तुम मुझे चोदे बिना यहाँ से जा सकते हो? ” इतना कहकर स्वीटी ने उसके लंड को पकड़ लिया और अपने मुँह मे ले चूसने लगी… थोड़ी ही देर मे उसका लंड फिर से खड़ा हो गया.. वो उसके सूपदे पर अपनी जीब फिराने लगी…

“और अभी तो में भी बाकी हूँ.. में तुम्हे ऐसे ही नही जाने दूँगी” प्रीति ने कहा और वो नीचे स्वीटी के पास बैठ कर उसकी चुचियों को ज़ोर ज़ोर से चूसने लगी… .स्वीटी ने अपना टॉप उतार दिया और राज के सामने नंगी खड़ी हो गयी..और उसे बेतहाशा चूमने लगी… फिर वहीं

दीवान पर लेट गयी और अपनी टाँगे फैला दी….

“आओ राज और चोदो मुझे…. आज फाड़ दो मेरी चूत को.. बहोत खुजलाती रहती है.” स्वीटी ने अपनी चूत को उंगलियों से फैलाते हुए कहा… प्रीति खिसक कर अपनी बेहन के बगल मे आ गयी और देखने लगी कि राज अब स्वीटी की टाँगो के बीच आ कर अपने खड़े लंड को उसकी चूत

मे घुसा रहा था… प्रीति ने आगे बढ़ स्वीटी के होठों को चूम लिया.. और उसके हाथ उसकी चुचि को सहलाने लगे… उसने अपन हाथ उसकी टाँगों के बीच डाल राज के लंड को पीछे से पकड़ लिया….

“अब में तुम दोनो को अपनी नयी पॅंटी दीखाती हूँ जो मेने आज ही खरीदी है..” कहकर प्रीति ने अपनी डेनिम की स्कर्ट उठा दी.. उसकी एक छोटी सी पॅंटी दीखने लगी जिसमे मुश्किल से उसकी चूत छुप पा रही थी.. “प्रीति बहोत ही अछी पॅंटी है.. पहले क्यों नही दीखाई? कहकर राज ने एक ज़ोर का धक्का स्वीटी की चूत मे मारा… प्रीति ने अपनी स्कर्ट उतार दी और स्वीटी के बगल मे बैठ उन दोनो की चुदाई देखने लगी…

राज अब ज़ोर ज़ोर के धक्के मार स्वीटी को चोद रहा था.. “हां राज ऐसे ही कस के चोदो …ऑश हां और ज़ोर ज़ोर से चोदो… ओह घुसा दो अपना पूरा लंड मेरी चूत मे ” स्वीटी अपनी आँखे बंद किए सिसक रही थी.. राज ने थोड़ी देर बाद अपने लंड को स्वीटी की चूत से बाहर निकाल अपनी बेहन को उसे चूस कर सॉफ करने के लिए कहा… प्रीति उसके लंड को

अपने मुँह मे ले उसे चूसने लगी… अब उसका लंड थोड़ा फिर खड़ा हो गया तो उसने एक बार फिर स्वीटी की चूत मे घुसा दिया..

प्रीति ने अपनी नयी पॅंटी उतार दी.. राज उसे लेना चाहता था लेकिन उसने राज को ना देकर अपनी पॅंटी स्वीटी के मुँह पर रख दी… “स्वीटी मेरी पॅंटी पर लगे मेरे रस चॅटो.. और राज को दीखाओ.. और उसे जी भर के चिढ़ाओ..” प्रीति ने अपनी पॅंटी को उसके मुँह मे तूस्टे हुए कहा.

प्रीति एक बार फिर स्वीटी की चुचियों को चूसने लगी और साथ ही उसने अपनी उंगली राज के लॉंड एक साथ साथ उसकी चूत मे घुसा अंदर बाहर करने लगी.. थोड़ी ही देर मे स्वीटी सिसकने लगी..

‘ओह हां ओह और ज़ोर से श हाँ और ज़ोर से चोदो ओह.. मेरा तो छूटाआआ.”

और वो झाड़ गयी… स्वीटी की सिसक्रियाँ सुन राज ने अपने लंड को जितना हो सकता था अंदर

घुसा अपना पानी छोड़ दिया… “ओह्ह राज तुम्हारा लंड कितना अछा लग रहा है.. ” स्वीटी ने अपनी गंद

को घूमाते हुए कहा… “प्रीति में तो कहती हूँ तुम्हे भी लंड का मज़ा अपनी चूत मे लेना चाहिए.. राज तुमने अपनी बेहन को इस भीमकया लंड का मज़ा नही दिया.. बड़े बदमाश हो तुम?

राज और प्रीति का शरम का मारे लाल हुआ चेहरा और झुकी हुई नज़रों ने स्वीटी को सब कुछ बता दिया….”वो क्या है ना स्वीटी मेने एक बार कोशिश की थी.. लेकिन सही मे बहोत दर्द हुआ था.. फिर मेरी हिम्मत ही नही पड़ी” प्रीति ने सफाई मे कहा. “क्या तुमने सिर्फ़ एक ही बार चुदवाया? ” स्वीटी असचर्या से उछलती हुई बोली “अगर मैं तुम्हारी जगह इस विशाल लंड के साथ ही घर मे रहती

होती तो कसम से दिन मे चार चार बार चुदाई करती..” स्वीटी ने कहा, “अब काम करो यहाँ मेरे बगल मे लेटो और में देखना चाहती हूँ कि ये तुम्हारी बिना बालों की चूत को कैसे चोद्ता है?”

प्रीति तो पहले से ही राज से चुदवाने का प्रोग्राम बना कर ही आई

थी.. इसलिए वो खुशी खुशी दीवान पर पीठ के बल लेट गयी और

अपनी टाँगो को फैला दिया… स्वीटी ने राज के लंड को पकड़ पहेले अपने मुँह मे लेकर उसे चूस कर

सॉफ करने लगी… राज का लंड एक बार फिर तन कर खड़ा होने लगा… “हां अब ये तय्यार है.. चोदो प्रीति को अपने इस विशाल लंड से” कहकर स्वीटी ने उसके लंड को अपने मुँह से निकाल दिया..

राज अपनी बेहन की टाँगो के बीच आ गया और थोड़ी देर अपने लंड को उसकी चूत पर घिसने लगा.. जब उसका लंड प्रीति की चूत से बहते रस अछी तरह गीला हो गया तो वो अपने लंड को धीरे धीरे अंदर घुसने लगा… उसकी चूत इतनी कसी हुई थी कि राज को अंदर घुसने मे ज़ोर लगाना पड़ रहा था… लेकिन प्रीति ने उसे बताया कि आज उसे दर्द नही हो रहा है… राज की हम्मत बढ़ गयी.. वो और ताक़त लगाकर अपने लंड को अंदर घुसने लगा… राज का लंड जब अछी तरह से प्रीति की चूत मे घुस गया तो वो धीमे धीमे धक्के लगा उसे चोदने लगा.. थोड़ी ही देर मे दोनो

उत्तेजना की चरम सीमा तक पहुँच गये.. दोनो की चुदाई के देख स्वीटी फिर से गरमा उठी…वो प्रीति एक चेहरे पर चढ़ि और अपनी चूत उसके मुँह पर रख दी..

“श प्रीति मुझसे नही रहा जा रहा मेरी चूत को चूसो और मेरी चूत मे भरे अपने भाई के वीर्य को पी जाओ ” प्रीति ने उसके दोनो कुल्हों को पकड़ा और अपनी जीब बाहर निकाल उसकी चूत मे घुसा दी.. अब वो उसकी चूत मे भरे अपने भाई के रस को चाटने लगी..

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