नेहा का परिवार – Update 90 | Erotic Family Saga

नेहा का परिवार - Pariwarik Chudai Ki Kahani
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पापा ने शांत स्वाभाव से कहा ,”पहले तो मम्मी और मैं तुम दोनों से क्षमाप्रार्थी हैं की तुम दोनों के बंद कमरे में में हम बिना तुम्हारी आज्ञा के प्रवेश हो गए। पर मम्मी बहुत देर से तुम दोनों को पुकार रहीं थीं। जब हम दोनों दरवाज़ा खटखटा ही रहे थी की सुशी की उम … कैसे कहूँ ……. सुशी के चीख सुन कर हमसे रुका नहीं गया … और … ” पापा का सुंदर मुंह शर्म से लाल हो चूका था और मुझे पापा और भी सुंदर लगे। मैं किसी और समय लपक कर उनसे लिपट काट चूम लेती पर उस दिन तो मेरा हलक रेत की तरह सूखा हो गया था।
” हमें यह तो पता है की तुम क्या कर रहे थे। पर शायद तुम दोनों हमें कुछ समझा सको की यह सब कब से …. कैसे ,” मम्मी भी पापा की तरह अवाक अवस्था में शर्म से लाल और शब्द विहीन हो गयीं।
अक्कू ने उस दिन मुझे अपनी समझदारी से कायल कर दिया ,”मम्मी यह सब मेरे दीदी के प्यार के वजह से मेरे शरीर में हुए प्रभावों से शुरू हुआ। मैं गलती से दीदी को दूर करना शुरू कर दिया। दीदी का मेरे लिए .. मेरी तरफ प्यार इतना प्रबल था कि उन्होंने मेरे लिए मेरे लं …… सॉरी पीनिस को सहलाना…., ” अक्कू भी घबरा और शर्मा रहा था।
“मम्मी मैं बड़ी हूँ और सारी ज़िम्मेदारीमेरी है। मैं अक्कू को अपना प्यार पूरी तरह से देना चाहती हूँ। और मुझसे उसके शरीर में मेरी वजह से होते बदलाव की वजह से अपने से दूर नहीं जाने दे सकती। और फिर मैंने सोचा की आपको और पापा को देख कर मैं शायद अक्कू की देखभाल और भी अच्छे से कर सकूँ और फिर जो हम दोनों ने आपको देख कर सीखा उस से अक्कू और मैं बहुत खुश हैं। क्या हमें यह नहीं करना चाहिए था ?” मेरा सूखा गला मुश्किल से इतना कुछ बोल पाया।
मम्मी और पापा ने एक दुसरे को देर तक एक तक देखा। मम्मी ने हमेशा की तरह शीघ्र ही गलतियों के ऊपर फैसला अपने दिमाग में बैठा लिया था। मैं अब परेशान थी की मम्मी हमें क्या सज़ा देंगी?
“तो तुम दोनों चोरी से हमारी एकान्तता का उल्लंघन भी कर रहे हो ,” मम्मी के शांत शब्द हमें, चिल्लाने और गुस्से से भी ज़्यादा डराते थे।
अक्कू ने जल्दी से कहा ,”मम्मी सिर्फ एक बार। उस रात के बाद हमने कभी भी वैसा नहीं ……बस उस दिन,” अक्कू भी डर से बहुत विचलित था।
मम्मी ने धीरे से पूछा ,”सुशी क्या अक्कू तुम्हारी सिर्फ गांड मारता है ?”
मम्मी से मुंह से निकले उन शब्दों में से मानों मम्मी की शिष्टता से उनकी अश्लीलता गायब हो गयी।
“मम्मी उसके अलावा मैं उसके लं लं लंड को चूसती हूँ और अक्कू भी मेरी चू चू चु चूत चूसता है ,” मैंने हकला कर जवाब दिया।
“इसका मतलब है की अक्कू ने तुम्हारी अब तक चूत नहीं मारी?” मम्मी ने बिना स्वर ऊंचा किये मुझसे पूछा।
अक्कू और मेरे चेहरे पर अनभिग्यता का भौंचक्कापन साफ़ साफ़ दिखाई दे रहा होगा।
मैंने धीरे से हकलाते हुआ कहा ,” मुझे पता ही था की अक्कू से अपनी चू चूत भी मरवा सकती थी। पापा ने उस दिन सिर्फ आपकी गांड ही मारी थी। ”
मम्मी ने अपना मुंह नीचे कर उसे अपने सुडौल हांथों में छुपा लिया। पापा के शर्म से लाल चेहरे पर एक अजीब सी तिरछी मुस्कान का आभास सा होने लगा।
मम्मी का शरीर काम्पने लगा मानों वो रोने लगीं हों। मैं और अक्कू दौड़ कर मम्मी से लिपट गए ,” सॉरी मम्मी। सॉरी। ”
ममी ने अपने सुंदर हँसते मुंह से हम दोनों के सिरों को चूमा ,”अरे पागलो तुम दोनों ने पापा और मुझसे क्यों नहीं बात की ?”
“सॉरी, हमें पता नहीं यह क्यों नहीं ध्यान आया ,” वास्तव में पापा और मम्मी हमारे किसी भी सवाल को नज़रअंदाज़ नहीं करते थे।
“अंकु, इन दोनों को तो अभी बहुत कुछ सीखना है ,” मम्मी ने पापा से हमें अपने से लिपटाते हुए कहा ,”क्या तुम दोनों पापा और मुझसे सब कुछ सीखना चाहते हो। हम तुम दोनों को रोक तो नहीं सकते पर एक दुसरे के शरीर को और अच्छी तरह से उपभोग करने में सहायता ज़रूर दे सकतें हैं। ”
अक्कू और मैं बच्चों की तरह खुशी से चीखने उछलने लगे।
पापा ने नाटकीय अंदाज़ से अपने दोनों कानों को अपने हाथों से धक लिया।
“अच्छा अब शांत हो जाओ। चलो पहले खाना खाने आ जाओ फिर हम सब इकट्ठे निर्णय लेंगें,” पापा ने हम दोनों के बालों को सहलाया।
अक्कू ने जल्दी से अपनी निक्कर ढूडनी शुरू कर दी। मम्मी ने उसे रोक कर कहा ,”अक्कू क्या तुम अपनी बड़ी बहन को अधूरा ही छोड़ दोगे ? पापा और मैं कुछ देर और प्रतीक्षा कर सकते हैं। तुम पहले अपनी दीदी को अच्छे से संतुष्ट करो,” मम्मी के चेहरे पर एक रहस्मयी मुस्कान थी। मम्मी का दैव्य रूप किसी को भी चकाचौंध कर सकने में सक्षम था।
अक्कू और मैं जब अकेले हुए तो कई क्षण किंकर्तव्यविमूढ़ स्थिर खड़े रहे फिर अचानक एक दुसरे से लिपट कर पागलों की तरह एक दुसरे को चूमने लगे।
मैंने अक्कू के तेज़ी से खड़े होते लंड को सहलाना शुरू कर दिया। अक्कू मुझे पलंग पर पेट के बल लिटा कर बेदर्दी से मेरे गांड में अपना लंड ठूंसने लगा। मेरी चीखें उसे और भी उकसाने लगीं। अक्कू ने उस शाम मेरी गांड की हालत ख़राब कर दी। पापा और मम्मी को एक घंटे से भी ज़्यादा इंतज़ार करना पड़ा।

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