ऋतु मौसी अपनी चूत के दोहरे-भेदन के दर्द भरे आनन्द के अतिरेक से कसमसा उठीं। धीरे-धीरे नाना और राज मौसा के लंड एक साथ ऋतु मौसी की चूत में अंदर-बाहर होने लगे।
हमारी तो आँखे फट पड़ीं , इस आश्चर्यजनक दृश्य को देख कर। जब हमने दो वृहत लंडों को उनकी चूत को पूरे लम्बाई से चोदते हुए देखा तो हमारा अविश्विश्नीय आश्चर्य भौचक्केपन में बदल गया। स्त्री का लचीलापन, वात्सल्य , प्रेम और सम्भोग-इच्छा अथाह है। ऋतु मौसी स्त्री की इस शक्ति को सजीवता से चरितार्थ कर रहीं थीं।
बड़े मामा ने अपना लंड सुबकती सिसकती ऋतु मौसी के खुले मुँह में ठूंस दिया। गंगा बाबा और बड़े मामा उनके विशाल थिरकते उरोज़ों को मसलने और मडोड़ने लगे।
संजू ने मौका देख कर निम्बलता दिखाते हुए राज मौसा के सामने ऋतु मौसी के ऊपर घुड़सवार की तरह चढ़ कर अपने गोरे चिकने पर मोटे लम्बे लंड को नीचे मड़ोड़ कर अपने सुपाड़े को ऋतु मौसी की गांड के ऊपर लगा दिया।
यदि बड़े मामा का लंड ऋतु मौसी के मुंह में नहीं ठूंसा होता तो वो ज़रूर चीख कर बिलबिलातीं। संजू ने ज़ोर लगा कर तीन चार धक्कों से अपना लंड अपनी प्यारी मौसी की गांड में धकेल दिया।
अब ऋतु मौसी तिहरे-भेदन के आनंद-दर्द से मचल गयीं।
तीन लंड उनकी चूत और गांड का मंथन तीव्र शक्तिशाली धक्कों से कर रहे थे। बड़े मामा और गंगा बाबा उनके मुंह को मिल जुल कर अपने लंड से भोग रहे थे।
ऋतू मौसी के चुदाई की चोटी और भी उन्नत हो चली।
ऋतु मौसी चरमानन्द की कोई सीमा नहीं थी। उनकी रति-निष्पति अविरत हो रही थी।
पहले की तरह इस बार भी ऋतु मौसी के शरीर का भोग तुक-बंदी [टैग] के अनुरूप ही हो रहा था।
संजू ने अपना मोहक अविकसित अपनी मौसी के मलाशय के रस से लिप्त लंड को उनके मुंह में ठूंस दिया। बड़े मामा और सुरेश चाचा ने ऋतु मौसी की चूत अपने लंडों से भर दी। गंगा बाबा ने अपना विकराल लंड उनकी गांड में ठूंस दिया।
एक बार फिर रस-रंग की महक और संगीत के लहर हाल के वातावरण में समा गयी।
ऋतू मौसी के तिहरे-भेदन की चुदाई के लय बन गयी। जो भी लंड को उनकी मादक मोहक महक से भरी गांड को चोदने का सौभाग्य पता था उसे उनके गरम लार से भरे मुंह का सौभाग्य भी प्राप्त होता। ऋतु मौसी सिसक सुबक रहीं थीं पर वो अपने गांड से निकले गांड के रस से चमकते लंड को नादिदेपन से चूस चाट कर अपने थूक से नहला देतीं।
नेहा का परिवार – Update 72 | Erotic Family Saga

Leave a Reply
You must be logged in to post a comment.