बड़े मामा ने धीरे-धीरे अपना लंड मेरी चूत से बाहर निकलना. मेरी सांस मेरे गले में फंसने लगी. मामा जी ने बहुत सावधानी से धीरे-धीरे अपना मूसल लंड मेरी कुंवारी चूत में जड़ तक डाल दिया. मुझे बहुत ही कम दर्द हुआ. इस दर्द को मैं चूत की चुदाई के लिए कभी भी बर्दाश्त कर सकती थी. बड़े मामा ने उसी तरह अहिस्ता-अहिस्ता मेरी चूत को, अपने महाकाय लंड की अत्यंत मोटी लम्बाई से धीरे-धीरे परिचित कराया. क़रीब दस मिनट के बाद मेरी सिसकारी छूटने लगीं. इस बार मैं दर्द से नहीं कामवासना की मदहोशी से सिसक रही थी.
“बड़े मामा, अब मेरी चूत में दर्द नहीं हो रहा. हाय,अब तो मुझे अच्छा लग रहा है, “मैं कामुकता से विचलित हो, बड़े मामा से अपनी चूत की चुदाई की प्रार्थना करने लगी, “बड़े मामा, अब आप मेरी चूत मार सकते हैं. आह..आपका लंड कितना मोटा..आ.. है.”
मैं वासना की आग में जलने लगी. बड़े मामा ने उसे प्रकार धीरे-धीरे मेरी चूत अपने लंड से चोदते रहे. पांच मिनट के अंदर मेरे गले में मानो कोई गोली फँस गयी. मेरे दोनों उरोंज़ दर्द से सख्त हो गए. मेरी चूत में अब जो दर्द उठा उसका इलाज़ मामा का लंड ही था. मैंने बड़े मामा की गर्दन पर अपने बाहें डाल दीं और अपना चेहरा उनकी घने बालों से ढके सीने में छुपा लिया. मैं अब गहरी-गहरी सांस ले रही थी.
बड़े मामा ने मेरीस्थिति भांप ली. मेरे यौन-चरमोत्कर्ष के और भी जल्दी परवान चढ़ाने के लिए बड़े मामा अपना लंड थोड़ी तेज़ी से मेरी चूत में अंदर बाहर करने लगे. बड़े मामा जब अपना विशाल लंड जड़ तक अंदर घुसेड़ कर अपने कुल्हे गोल-गोल घुमाते थे तो उनका सुपाड़ा मेरी चूत की बहुत भीतर मेरी गर्भाशय की ग्रीवा को मसल देता था. मेरी किशोर शरीर थोड़े दर्द और बहुत तीव्र कामेच्छा से तन जाता था. बड़े मामा का विशाल लंड मेरी चूत में ‘चपक-चपक’ की आवाज़ करता हुआ सटासट अंदर बाहर जा रहा था.
“बड़े मामा, मैं अब आने वाली हूँ. मेरी चूत झड़ने वाले है. मेरी चूत को झाड़िए, मामाजी..ई..ई..अँ अँ..अँ..आह्ह.”
मैं जैसे ही मेरा यौन-स्खलन हुआ मैं बड़े मामा के विशाल शरीर से चुपक गयी. मारी सांस रुज-रुक गर मेरी वासना की तड़प को और भी उन्नत कर रही थी. मेरी चूत मानो आग से जल उठी. अब मेरे चूत की तड़पन मेरी बड़े मामा के महाविशाल लंड की चुदाई के लिए आभारी थी.
मेरे रति-निष्पत्ति से मेरा सारा शरीर थरथरा उठा. मुझे कुछ क्षण संसार की किसी भी वस्तु का आभास नहीं था. मैं कामंगना की देवी की गोद में कुछ क्षणों के लिए निश्चेत हो गयी.
बड़े मामा ने मेरे मुंह को चुम्बनों से भर दिया. बड़े मामा ने अब अपना लंड सुपाड़े को छोड़ कर पूरा बाहर निकाला और दृढ़ता से एक लम्बी शक्तिशाली धक्के से पूरा मेरी चूत में जड़ तक पेल दिया. मेरे मुंह से ज़ोर की सित्कारी निकल पड़ी. पर इस बार मेरी चूत में दर्द की कराह के अलावा उस दर्द से उपजे आनंद की सिसकारी भी मिली हुई थी.
बड़े मामा अपने वृहत्काय लंड की पूरी लम्बाई से मेरी कुंवारी चूत को चोदने लगे. मैं अगले दस मिनटों में फिर से झड़ गयी.
बड़े मामा ने मेरी चूत का मंथन संतुलित पर दृढ़तापूर्वक धक्के लगा कर निरंत्रण करते रहे. बड़े मामा ने मेरी चूत को अगले एक घंटे तक चोदा. मैं वासना की उत्तेजना में अंट-शंट बक रही थी. मेरी चूत बार-बार मामाजी के लंड के प्रहार के सामने आत्मसमर्पण कर के झड़ रही थी. मेरे बड़े मामा ने अपने विशाल लंड से मेरी चूत का मंथन कर मेरी नाबालिग, किशोर शरीर के भीतर की स्त्री को जागृत कर दिया.
“बड़े मामा, मेरी चूत को फाड़ दीजिये. मुझे और चोदिये.मुझे आपका लंड कितना दर्द करता है पर और दर्द कीजिये.” मेरी बकवास मेरे बड़े मामा के एक कान में घुस कर दूसरे कान से निकल गयी. बड़े मामा ने हचक-हचक अपने अत्यंत मोटे-लम्बे लौहे की तरह सख्त लंड से मेरी चूत का लतमर्दन कर के मुझे लगातार आनंद की पराकाष्ठा के द्वार पर ला के पटकते रहे. मैं भूल गयी कि उस दिन मेरी पहली चुदाई के दौरान, मेरी चूत, बड़े मामा के लंड की चुदाई से कितनी बार झड़ी थी.
बड़े मामा ने ने मेरे ऊपर लेट कर मेरे होंठों पर अपने होंठ जमा लिए और उपने मज़बूत चूतड़ों से मेरी चूत को और भी तेज़ी से चोदने लगे, “नेहा बेटी, मुझे अब तुम्हारी चूत में आना है. मेरा लंड तुम्हारी चूत में झड़ने वाला है,” बड़े मामा कामोन्माद के प्रभाव में फुसफुसाये.
मैंने अपनी बाँहों से इनकी पीठ सहलायी, “बड़े मामा आप अपना लंड मेरी चूत में खोल दीजिये. मेरी चूत को अपने मोटे लंड के वीर्य से भर दीजिये.”
बड़े मामा ने अपना पूरा लंड बाहर निकल कर पूरे शक्ति से मेरी चूत में जड़ तक घुसेड़ कर मेरे मुंह के अंदर ज़ोर से गुर्राए. उनके लंड ने मेरी चूत के अंदर थरथरा कर बहुत दबाव के साथ गरम, लसलसे वीर्य की पिचकारी खोल दी. मेरी चूत इतनी उत्तेजना के प्रभाव से फिर झड़ गयी. बड़े मामा का लंड बार बार मेरी चूत के भीतर बार बार विपुल मात्रा में वीर्य स्खलन कर रहा था. मुझे लगा कि बड़े मामा के लंड का वीर्य स्खलन कभी रुकेगा ही नहीं.

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