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एक बड़ा कमरा जो एक सुनसान जगह पर था राहुल उसपर टहल रहा था ,वो बड़ा ही बेचैन लग रहा था,विक्की और नानू भी किसी का बेसब्री से इन्तजार कर रहे थे,लेकिन वो एक टेबल पर बैठे सिगरेट पी रहे थे ,

‘अबे कब आएगी तेरी वो item साला इतनी देर हो गए और उसे करेंगे कहा यार,यहाँ तो बिस्तर भी नहीं है .’नानू ने अपने हाथो से सिगरेट फेकते हुए कहा,राहुल ने बस एक नजर उन्हें देखा और चुप ही रहा …

इधर मैं उस जगह पर पहुच चूका था और मैंने दरवाजा खटखटाया राहुल दरवाजा खोलते ही उन दोनों के तरफ इशारा करते हुए एक कातिल मुस्कान में मुस्काया..मुझे देख कर वो दोनों सकते में आ गए

‘आकाश तुम यहाँ ‘विक्की ने कहा

‘हा मैं ‘मैं हस्ते हुए उनके पास जाता हु और हाथ मिलाता हु ,विक्की जैसे ही हाथ आगे बढाया मैंने उसे अपनी ओर खीच लिया और बड़ी जोरो से एक लात उसके टांगो के बीच लगा दि,वो तिलमिलाता हुआ बैठ जाता है ,और मुझे आश्चर्य से देखने लगता है ,उसका चहरा देखकर मेरे सर में खून चढ़ गया,मुझे वो सभी दृश्य दिखाई पड़ने लगे जो दीदी के साथ हुए थे ,इससे पहले की नानू कुछ समझ पता मैं नानू पर भी झपटा और उसके गर्दन को दबाते हुए उसका सर टेबल पर दे मारा,एक ही वार दोनों के लिये काफी थी पर मुझे देख कर राहुल को ना जाने कौन सा जोश आ गया की उसने पास रखे एक लोहे के सरिये से नानू के सर पर एक वार कर दिया ,नानू का सर फटा और वो जमीन में बेहोश हो पद गया ,इधर विक्की ने कुछ होश सम्हाला और खड़े होने की कोसीसी की पर राहुल ने लगातार कुछ वार उस सरिये से कर दिए..मैंने राहुल को रोका और इशारा किया ,हमने दोनों को खुर्सियो में बांध दिया,पास में ही पानी से भरी एक बाल्टी राखी थी ना जाने कब से उसे भरकर रखा गया हो ,मैंने उसे अपने पास ले लिया …और नानू के सर पर उधेल दिया ,नानू को होश आने लगा और विक्की ने हमें सवाल भरे निगाहों से देखा,,

‘ये सब क्या है ,’मैंने उसे गुस्से दे देखने लगा ,मेरे अंदर की जवाला इतनी बढ़ रही थी मुझे नहीं पता था की मैं कितने देर में अपना आप खो दूंगा

‘तम्हारी सच्चाई हमें पता चल चुकी है ,अब तुम्हरे पास एक ही आप्शन है की तुम हमें बताओ की वो दवाई तुम्हे कहा से मिली,’मेरी बात सुनकर विक्की का चहरा लाल हो गया ,वो डर से कुछ बोल नहीं पा रहा था पर उसने उसने थोड़ी हिम्मत जुटाई,,

‘हमें नहीं पता वो परमिंदर जानता था,’मेरे चहरे पर एक अजीब सी मुस्कान आई और राहुल ने अपना हाथ चलाया और कई घुसे एक साथ जड़ दिए ,विकी बोखला गया पर कुछ कह ना सका मैं पास ही पड़े सरिये को पकड़ कर आया और विक्की के गले में रख दिया ,

‘तुमने जो किया मन तो कर रहा है की तुम्हारे शारीर से तुम्हारी चमड़ी भी नोच लू ,पर तुम्हारे पास बचने का एक रास्ता है ,एक नाम और तुम आजाद ,बताओ जो भी पता है ,’मेरी आँखों में दीदी का चहरा घूम गया पर मैंने अपने को खोने से रोका …विक्की जानता था की मेरे सर पर खून चढ़ा हुआ

‘प्रफुल्ल ,एक फार्मसिस्ट है ,उसने ये दवाई बनायीं है पर उसका भी कुछ दिन पहले क़त्ल हो चूका है ,आगे का मुझे नहीं पता ,उन लडकियों को परमिंदर को तैयार करने कहा गया था,ताकि उन्हें हाई क्लास के लिए तैयार किया जाय ,हम लोग एक दो बार प्रफुल्ल के लेब गए थे पर ये उससे या परमिंदर से कोण करता था ये किसी को नहीं पता ,प्लीज् भाई अब हमें छोड़ दो ‘राहुल और मैं एक दुसरे को देखते है,

‘अच्छा एक बात और बता की प्रीति को तो तुमने धंधा कराया था ना ,तो ग्राहक कहा से लाते थे और कहा ले जाते थे ,’प्रीति का नाम सुन मैं थोडा हैरान तो हुआ पर मुझे पता था की राहुल को हो पता है वो मुझे नहीं पता ,

‘वो वो परमिंदर ही सब करता था हमें कुछ नहीं पता ,’मैंने सरिया उसके गले में धकेल दिया

‘जब तुझे कुछ नहीं पता तो तू जी कर क्या करेगा ,’एक खून की फुहार फूटी और मेरे चहरे पर आ लगी ,

ये मंजर देख नानू का तो पेसाब निकल गया ,राहुल उसे लात घुसे से मारने लगा और आख़िरकार तब तक मेरे हाथ से सरिया लेकर उसने उसका काम भी खत्म कर दिया …

लेकिन राहुल का गुस्सा शांत नहीं हुआ उसने अपने जेब से एक चाकू निकला और उन्दोनो के चमड़े को उनके शरीर से उधेड़ने लगा ,राहुल को देख मुझे लगा जैसे वो विक्षिप्त हो चूका है ,मैंने उसे उसके मन की भड़ास निकलने से नहीं रोका और आश्चर्य जनक रूप से मेरा मन बहुत ही शांत हो चूका था,मैंने डॉ चुतिया को कॉल किया और पूरी कहानी बताई ,उन्होंने हमें वह से जल्दी निकलने और लाश को वही छोड़ देने को कहा ,,…मैंने फिर एक बार मुड़कर राहुल को देखा वो अब अपना सर पकडे बैठा था उसके कपडे तक खून से रंग चुके थे ,मैंने फिर डॉ को कॉल लगाया

‘डॉ वाश रूम कहा है ,’

‘मकान के पीछे वाले हिस्से में देखना ‘

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